डिंडोरी जिले में कलेक्टर अंजु पवन भदौरिया के निर्देशानुसार खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन पर रोक लगाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, खनिज विभाग की टीम ने डिंडोरी तहसील और थाना क्षेत्र के ग्राम छांटा बैगानटोला में कार्रवाई की। इस दौरान, एक जेसीबी (क्रमांक MP52DA0254) को अवैध रूप से मुरुम का उत्खनन करते हुए पकड़ा गया और उसे तत्काल जब्त कर लिया गया। जब्त की गई जेसीबी को पुलिस थाना कोतवाली डिंडोरी में सुरक्षा के लिए खड़ा कराया गया है। जानकारी के अनुसार, इस जेसीबी का चालक रामचरण मरावी है, जो मदन सिंह मरावी का पुत्र और देवरी समनापुर, तहसील व जिला डिंडोरी का निवासी है। जेसीबी का मालिक ठाकुर सिंह है, जो भी देवरी समनापुर का ही निवासी है। उक्त वाहन पर खनिज नियमों के प्रावधानों के तहत आगामी कार्रवाई की जाएगी और प्रकरण पंजीबद्ध कर न्यायालय कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
डिंडोरी जिले में कलेक्टर अंजु पवन भदौरिया के निर्देशानुसार खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन पर रोक लगाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, खनिज विभाग की टीम ने डिंडोरी तहसील और थाना क्षेत्र के ग्राम छांटा बैगानटोला में कार्रवाई की। इस दौरान, एक जेसीबी (क्रमांक MP52DA0254) को अवैध रूप से मुरुम का उत्खनन करते हुए पकड़ा गया और उसे तत्काल जब्त कर लिया गया। जब्त की गई जेसीबी को पुलिस
थाना कोतवाली डिंडोरी में सुरक्षा के लिए खड़ा कराया गया है। जानकारी के अनुसार, इस जेसीबी का चालक रामचरण मरावी है, जो मदन सिंह मरावी का पुत्र और देवरी समनापुर, तहसील व जिला डिंडोरी का निवासी है। जेसीबी का मालिक ठाकुर सिंह है, जो भी देवरी समनापुर का ही निवासी है। उक्त वाहन पर खनिज नियमों के प्रावधानों के तहत आगामी कार्रवाई की जाएगी और प्रकरण पंजीबद्ध कर न्यायालय कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
- डिंडौरी जिले के आनाखेड़ा गाँव में जामुन तोड़ने के दौरान 13 वर्षीय किस्मत मरावी करंट की चपेट में आकर झुलस गया। परिजन उसे निजी वाहन से जिला अस्पताल ले गए, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे जबलपुर रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि रेफर किए जाने के बावजूद उन्हें 108 एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। बच्चे के बड़े भाई ने बताया कि उन्हें लगभग डेढ़ से दो घंटे तक एम्बुलेंस का इंतजार करना पड़ा, लेकिन वाहन नहीं मिला। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर 108 एम्बुलेंस मिल जाती तो बच्चे को जल्द इलाज के लिए जबलपुर भेजा जा सकता था। उन्होंने एम्बुलेंस सेवा की अनुपलब्धता को लेकर अपनी नाराजगी जताई है।1
- जिला कलेक्टर अंजु पवन भदौरिया के निर्देश पर अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, खनिज विभाग ने 31 मई 2026 को डिंडौरी जिले के ग्राम छांटा (बैगानटोला) में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की। इस दौरान, मुरुम का अवैध रूप से उत्खनन करते हुए एक जेसीबी मशीन, जिसका क्रमांक MP52DA0254 है, को जब्त कर लिया गया। इस मामले में वाहन चालक रामचरण मरावी और वाहन मालिक ठाकुर सिंह के विरुद्ध खनिज नियमों के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। जब्त की गई जेसीबी को कोतवाली थाना डिंडौरी में खड़ा कर दिया गया है और आगामी वैधानिक कार्यवाही के लिए उसे कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।2
- डिंडौरी जिले में खनिज संपदा के संरक्षण और अवैध उत्खनन पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, खनिज विभाग की टीम ने रविवार को ग्राम छांटा बैगानटोला में अवैध मुरुम का उत्खनन करते हुए एक जेसीबी मशीन को मौके पर जब्त किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने जेसीबी मशीन क्रमांक MP52DA0254 को बिना किसी वैधानिक अनुमति के मुरुम का खनन करते हुए पाया। प्राथमिक जांच में वाहन चालक रामचरण मरावी, निवासी देवरी, समनापुर, और वाहन स्वामी ठाकुर सिंह, निवासी देवरी, समनापुर पाए गए। जब्त किए गए इस वाहन को सुरक्षा की दृष्टि से कोतवाली डिंडौरी में रखा गया है। खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में खनिज नियमों के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है, और यह प्रकरण आवश्यक कार्रवाई के लिए कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण जैसी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। खनिज विभाग की टीमों द्वारा नियमित रूप से निरीक्षण एवं कार्रवाई की जा रही है, और प्रशासन ने चेतावनी दी है कि खनिज नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई को अवैध खनन पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे जिले में खनिज संसाधनों के संरक्षण को मजबूती मिलेगी।3
- समनापुर क्षेत्र में नौतपा के दौरान हुई बारिश ने गर्मी का असर काफी कम कर दिया है। इस बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है। किसान भी इस बारिश को फायदेमंद मान रहे हैं, क्योंकि इससे खेतों में नमी बढ़ी है और आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों में भी मदद मिलेगी।1
- एक बिजली के खंभे का तार नीचे झूल रहा है, जिसके कारण उसके सुधार कार्य की आवश्यकता है।1
- डिंडोरी जिले की सीमा क्षेत्र में बसे ग्राम बुढ़न के ग्रामवासी भीषण जल संकट का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों ने अनेकों बार पंचायत के समक्ष अपनी परेशानी रखी है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने उनकी समस्या पर ध्यान देना जरूरी नहीं समझा है। बताया गया है कि आवास टोला में निवासरत बैगा जनजाति के लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए परेशान हैं। ग्राम वासियों ने जानकारी दी कि उनके यहां नल जल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने का काम अधूरा छोड़कर दिया गया है। इस वजह से बैगा जनजाति को पानी लाने के लिए एक से दो किलोमीटर तक का सफर तय करना पड़ता है। इस भीषण जल संकट का सामना कर रही बैगा जनजाति ने अब कलेक्टर डिंडोरी से गुहार लगाई है। उनकी मांग है कि कलेक्टर नल जल योजना का काम पूरा कराएं, जिससे ग्राम वासियों को पानी मिल सके।1
- डिंडोरी जिले के आनाखेड़ा में दोपहर लगभग एक बजे एक 13 वर्षीय बालक किस्मत मरावी जामुन खाने के लिए पेड़ पर चढ़ा था, तभी वह बिजली के करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। जानकारी के अनुसार, तेज हवाओं के कारण जामुन के पेड़ के पास से गुजर रही ग्रामीण सप्लाई लाइन का बिजली का तार पेड़ की शाखाओं को छू गया, जिससे किस्मत मरावी झुलस गया। घटना की सूचना मिलते ही परिवारजन तुरंत पीड़ित बच्चे को जिला अस्पताल ले गए, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इस दौरान, पीड़ित परिवार ने 108 एम्बुलेंस सेवा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि लगभग 2 बजे 108 को कॉल किया गया था, लेकिन कॉल सेंटर से एम्बुलेंस उपलब्ध न होने की जानकारी दी गई और लगभग डेढ़ घंटे बाद संपर्क करने को कहा गया। परिवार ने लगभग एक घंटे बाद दोबारा 108 कॉल सेंटर पर कॉल किया, जहाँ उन्हें फिर से डेढ़ घंटे बाद कॉल करने का जवाब मिला, क्योंकि गाड़ी उपलब्ध नहीं थी। पीड़ित परिवार ने यह सवाल उठाया है कि यदि समय पर 108 इमरजेंसी वाहन उपलब्ध नहीं होंगे, तो गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर उपचार के लिए बड़े अस्पतालों तक कैसे पहुंचाया जाएगा।1