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उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में एक पुलिस स्टेशन के अंदर हुई घटना को लेकर सवाल उठ रहे हैं, जहाँ एक महिला कांस्टेबल और एक पुरुष कांस्टेबल के बीच Kiss करने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद दोनों पर की गई कार्रवाई में असमानता का आरोप लगाया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस मामले में महिला कांस्टेबल पर केवल जांच बैठाने का निर्णय लिया गया है, जबकि पुरुष कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है। इस तरह की कार्रवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि यह कैसा न्याय है, जहाँ एक ही घटना के लिए दो अलग-अलग मानक अपनाए गए हैं।
K. Kumar Mathur
उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में एक पुलिस स्टेशन के अंदर हुई घटना को लेकर सवाल उठ रहे हैं, जहाँ एक महिला कांस्टेबल और एक पुरुष कांस्टेबल के बीच Kiss करने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद दोनों पर की गई कार्रवाई में असमानता का आरोप लगाया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस मामले में महिला कांस्टेबल पर केवल जांच बैठाने का निर्णय लिया गया है, जबकि पुरुष कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है। इस तरह की कार्रवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि यह कैसा न्याय है, जहाँ एक ही घटना के लिए दो अलग-अलग मानक अपनाए गए हैं।
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- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में एक पुलिस स्टेशन के अंदर हुई घटना को लेकर सवाल उठ रहे हैं, जहाँ एक महिला कांस्टेबल और एक पुरुष कांस्टेबल के बीच Kiss करने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद दोनों पर की गई कार्रवाई में असमानता का आरोप लगाया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस मामले में महिला कांस्टेबल पर केवल जांच बैठाने का निर्णय लिया गया है, जबकि पुरुष कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है। इस तरह की कार्रवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि यह कैसा न्याय है, जहाँ एक ही घटना के लिए दो अलग-अलग मानक अपनाए गए हैं।1
- उत्तर प्रदेश के आगरा में बीजेपी पार्षद किशन नायक ने नाले में खड़े होकर अपना जन्मदिन मनाया, जिसने सभी का ध्यान खींचा। उन्होंने अपने वार्ड में नाले की सफाई न होने और नागरिक सुविधाओं की अनदेखी के विरोध में गंदे पानी से भरे नाले में केक काटा। इस दौरान कई स्थानीय लोग भी घुटनों तक पानी में खड़े होकर उनके समर्थन में नारे लगाते हुए दिखाई दिए। पार्षद किशन नायक का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में इसी नाले में गिरने से तीन लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन इस समस्या का अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। उनका यह भी कहना था कि यह विरोध प्रदर्शन प्रशासन का ध्यान जनता की समस्याओं की ओर आकर्षित करने के लिए किया गया था। यह घटना जनप्रतिनिधियों द्वारा विरोध दर्ज कराने के तरीके पर एक सवाल खड़ा करती है, जिस पर लोगों से अपनी राय कमेंट में साझा करने की अपील की गई है।1
- पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाह के निर्देशन में, जनपद मैनपुरी के महिला थाना परिसर में इस सप्ताह भी हर शुक्रवार की तरह परिवार परामर्श केंद्र का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 22 प्रकरणों पर सुनवाई हुई और 2 फॉलोअप मामलों की भी समीक्षा की गई। परामर्श के माध्यम से, 2 जोड़ों के आपसी मतभेद समाप्त होने पर दोनों पक्षों की सहमति से उनकी विदाई कराई गई, और उन्हें फिर से साथ रहने के लिए भेजा गया, जिससे टूटते रिश्तों को एक नई शुरुआत मिली। परिवार परामर्श केंद्र के सदस्य पति-पत्नी के बीच के छोटे-छोटे विवादों को बातचीत और समझाइश के जरिए सुलझाने का प्रयास करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप कई परिवारों में खुशियां लौट रही हैं। इस अवसर पर, परिवार परामर्श केंद्र की सदस्य ममता चौहान ने भी केंद्र की कार्यप्रणाली और परिवारों को जोड़ने के प्रयासों के बारे में जानकारी दी।1
- मैनपुरी जिले के किशनी थाना क्षेत्र में एक तेज रफ्तार कार ने बाइक और साइकिल को टक्कर मार दी, जिससे एक भीषण सड़क हादसा हुआ। किशनी नगर से लगभग दो किलोमीटर दूर हरचंदपुर गांव के पास हुई इस घटना में चाचा-भतीजी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मृतकों की पहचान भिटारा निवासी 50 वर्षीय स्वदेश पाल पुत्र दयाराम और उनकी 16 वर्षीय भतीजी लवली पाल पुत्री अखिलेश पाल के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि गुरुवार शाम करीब 7 बजे दोनों बाइक से अपने गांव भिटारा में आयोजित भागवत कथा में शामिल होने जा रहे थे, तभी रास्ते में यह दुर्घटना हो गई। तेज रफ्तार कार ने पहले बाइक को और फिर साइकिल को टक्कर मारी, जिसके बाद कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक खाई में पलट गई। हादसे में घायल हुए तीनों लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। घटना की सूचना मिलते ही मृतकों के परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां उनके परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।1
- मैनपुरी जिले के बेवर थाना क्षेत्र की नवीगंज चौकी अंतर्गत ग्राम छबीलेपुर में बुधवार देर शाम एक हृदय विदारक हादसे में 42 वर्षीय किसान अशोक कुमार बाथम की करंट लगने से मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है, जबकि उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के भाई मोतीलाल ने बताया कि अशोक कुमार बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे अपने घर के सामने स्थित खेत में शौच के लिए गए थे। काफी देर तक वापस न लौटने पर परिवार के सदस्यों को चिंता हुई और उन्होंने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान, अशोक कुमार का शव खेत के पास एक झटका मशीन से जुड़े तारों के निकट पड़ा मिला। यह भयावह दृश्य देखकर परिवार में चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। जानकारी पाकर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अब इस मामले की जांच में जुट गई है। परिजनों का आरोप है कि खेत मालिक ने अपनी फसल की सुरक्षा के लिए लगाई गई झटका मशीन में निर्धारित सीमा से कहीं अधिक करंट प्रवाहित कर रखा था, जिसकी चपेट में आने से अशोक कुमार की जान चली गई। पुलिस इन आरोपों की गंभीरता से जांच कर रही है और सभी संभावित पहलुओं से साक्ष्य जुटा रही है। अशोक कुमार मेहनत-मजदूरी करके अपने पूरे परिवार का पालन-पोषण करते थे। वे अपने पीछे दो बेटे और दो बेटियां छोड़ गए हैं। उनके एक बेटे की शादी इसी साल फरवरी माह में हुई थी, जबकि उनके अन्य बच्चे अभी अपनी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। परिवार के मुखिया की इस असमय मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, जिससे उनके सामने गहरा संकट खड़ा हो गया है।2
- हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा है कि उसने अवमानना की है। कोर्ट ने पंचायत चुनावों को टालने के निर्णय को गलत बताया है और सरकार से इस संबंध में एक हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, हाईकोर्ट ने सरकार से यह भी पूछा है कि प्रधानों को प्रशासक के रूप में कैसे नियुक्त किया गया।1
- उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने बलिया में पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने आरोप लगाया कि स्वामी प्रसाद मौर्य के पास अब कोई काम नहीं बचा है और उन्होंने पाँच साल तक भाजपा के साथ मिलकर सत्ता का पूरा आनंद लिया है। राजभर ने आगे कहा कि अब जब मौर्य को कहीं राजनीतिक शरण नहीं मिल रही है, तो वे केवल मीडिया की सुर्खियों में बने रहने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं। राजभर के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है, जिससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि यह केवल एक राजनीतिक हमला है या इसमें कोई सच्चाई भी है।1
- एक दोस्त अपनी गर्लफ्रेंड को झाड़ियों में ले गया। इस घटना के बाद, दोस्त की गर्लफ्रेंड ने अपनी बड़ी बहन को बुलाया।1