अटरिया में अज्ञात जंगली जानवर का आतंक: घर में घुसकर तीन बकरियों पर हमला, एक को आधा नोचा, दूसरी को मार डाला अटरिया में अज्ञात जंगली जानवर का आतंक: घर में घुसकर तीन बकरियों पर हमला, एक को आधा नोचा, दूसरी को मार डाला मिश्रिख में किसान की मौत के बाद अब टिकौली गांव में दहशत, ग्रामीणों में भय का माहौल; वन विभाग और पुलिस की निष्क्रियता पर उठे सवाल अटरिया सीतापुर। मिश्रिख क्षेत्र में जंगली जानवर के हमले से किसान की मौत का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब सिधौली कोतवाली क्षेत्र के अटरिया थाना अंतर्गत टिकौली गांव में अज्ञात जंगली जानवर के हमले की एक और घटना सामने आई है। इस घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल व्याप्त है। जानकारी के अनुसार टिकौली गांव निवासी रामदास के घर में बंधी पालतू बकरियों पर बीती रात किसी अज्ञात जंगली जानवर ने हमला कर दिया। हमले में एक बकरी को मारकर उसका कुछ हिस्सा खाया गया, जबकि दूसरी बकरी का पीछे का आधा हिस्सा नोचकर खा लिया गया। सुबह जब परिवार के लोग पशुओं को देखने पहुंचे तो भयावह दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। ग्रामीणों का कहना है कि हाल के दिनों में क्षेत्र में किसी जंगली जानवर की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। मिश्रिख इलाके में किसान की जान लेने के बाद अब अटरिया क्षेत्र में पालतू पशुओं पर हमला होने से लोग अपने परिवार और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। रात होते ही ग्रामीण घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद न तो वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और न ही पुलिस प्रशासन ने कोई विशेष रुचि दिखाई। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अज्ञात जानवर की पहचान कर उसे पकड़ने की कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में किसी बड़ी जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने वन विभाग और स्थानीय प्रशासन से तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच कराने, क्षेत्र में गश्त बढ़ाने तथा अज्ञात जंगली जानवर को पकड़ने के लिए प्रभावी अभियान चलाने की मांग की है, ताकि गांव में फैले भय के माहौल को समाप्त किया जा सके।
अटरिया में अज्ञात जंगली जानवर का आतंक: घर में घुसकर तीन बकरियों पर हमला, एक को आधा नोचा, दूसरी को मार डाला अटरिया में अज्ञात जंगली जानवर का आतंक: घर में घुसकर तीन बकरियों पर हमला, एक को आधा नोचा, दूसरी को मार डाला मिश्रिख में किसान की मौत के बाद अब टिकौली गांव में दहशत, ग्रामीणों में भय का माहौल; वन विभाग और पुलिस की निष्क्रियता पर उठे सवाल अटरिया सीतापुर। मिश्रिख क्षेत्र में जंगली जानवर के हमले से किसान की मौत का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब सिधौली कोतवाली क्षेत्र के अटरिया थाना अंतर्गत टिकौली गांव में अज्ञात जंगली जानवर के हमले की एक और घटना सामने आई है। इस घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल व्याप्त है। जानकारी के अनुसार टिकौली गांव निवासी रामदास के घर में बंधी पालतू बकरियों पर बीती रात किसी अज्ञात जंगली जानवर ने हमला कर दिया। हमले में एक बकरी को मारकर उसका कुछ हिस्सा खाया गया, जबकि दूसरी बकरी का पीछे का आधा हिस्सा नोचकर खा लिया गया। सुबह जब परिवार के लोग पशुओं को देखने पहुंचे तो भयावह दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। ग्रामीणों का कहना है कि हाल के दिनों में क्षेत्र में किसी जंगली जानवर की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। मिश्रिख इलाके में किसान की जान लेने के बाद अब अटरिया क्षेत्र में पालतू पशुओं पर हमला होने से लोग अपने परिवार और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। रात होते ही ग्रामीण घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद न तो वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और न ही पुलिस प्रशासन ने कोई विशेष रुचि दिखाई। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अज्ञात जानवर की पहचान कर उसे पकड़ने की कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में किसी बड़ी जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने वन विभाग और स्थानीय प्रशासन से तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच कराने, क्षेत्र में गश्त बढ़ाने तथा अज्ञात जंगली जानवर को पकड़ने के लिए प्रभावी अभियान चलाने की मांग की है, ताकि गांव में फैले भय के माहौल को समाप्त किया जा सके।
- खबर देने के लिए संपर्क करें 7607030472 स्टेट क्राइम ब्यूरो चीफ उत्तर प्रदेश अरुन कुमार यादव के साथ अशोक कुमार की खास रिपोर्ट कांवड़ यात्रा में बवाल: महिला ने लगाया अभद्रता का आरोप, चौकी प्रभारी पर धमकी देने का दावा; पुलिस ने आरोपों को बताया निराधार सीतापुर/बिसवां। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के साथ कथित अभद्रता और मारपीट का मामला अब प्रशासनिक जांच तक पहुंच गया है। बिसवां क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर गांव के कुछ लोगों तथा भोलागंज नहर चौकी प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं पुलिस ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए पूरे प्रकरण को झूठी शिकायत करार दिया है। पीड़िता का आरोप अलीबकसपुरवा मजरा पुरैनी निवासी श्रीमती गोल्डी पत्नी शिवनन्दन का आरोप है कि 4 अगस्त 2026 को वह अपने पति के साथ कांवड़ यात्रा पर जा रही थीं। इसी दौरान गांव के सिराज, तफ्फजुल, फैयाज और इमरान ने रास्ता रोककर धार्मिक आस्था पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, गाली-गलौज की और उनके साथ मारपीट व अभद्र व्यवहार किया। पीड़िता का कहना है कि घटना से जुड़ी ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उसके पास मौजूद है। चौकी प्रभारी पर गंभीर आरोप शिकायत में कहा गया है कि घटना के बाद जब पति शिवनन्दन न्याय की उम्मीद लेकर भोलागंज नहर चौकी पहुंचे, तो कार्रवाई करने के बजाय चौकी प्रभारी महेश प्रताप गंगवार ने कथित रूप से उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, धमकाया और झूठे मुकदमे में फंसाने की चेतावनी दी। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उन्हें जान से मारने और जीवन बर्बाद करने जैसी धमकियां भी दी गईं। प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, उपलब्ध ऑडियो रिकॉर्डिंग सहित सभी साक्ष्यों की जांच करने तथा आरोप सही पाए जाने पर संबंधित आरोपितों और पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का पक्ष भोलागंज नहर चौकी प्रभारी महेश प्रताप गंगवार ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान उनकी ड्यूटी पुरैनी नहर पुल पर लगी थी। पूछताछ के दौरान शिवनन्दन के खिलाफ उपलब्ध रिकॉर्डिंग के आधार पर कार्रवाई की गई और उन्हें धारा 170 बीएनएसएस के तहत पाबंद किया गया। चौकी प्रभारी का दावा है कि इसी कार्रवाई से नाराज होकर उनकी पत्नी से झूठा प्रार्थना पत्र दिलाया गया है। जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई मामले में एक ओर श्रद्धालु परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं, तो दूसरी ओर पुलिस ने उन्हें पूरी तरह निराधार बताया है। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं। जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और किस पक्ष की बात सही है।4
- श्री राम जन्मभूमि अयोध्या आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ जय जय श्री राम3
- लखनऊ में ठेला हटाओ अभियान से मुख्य सड़क खाली, कॉलोनी का रास्ता जाम गुडंबा थाना क्षेत्र में कुर्सी रोड पर चौराहे से चार नंबर चौराहे तक सड़क किनारे अतिक्रमण कर सब्जी बेचने वाले ठेला दुकानदारों के खिलाफ बृहस्पतिवार शाम गुडंबा पुलिस ने अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान पुलिस को देखते ही ठेला दुकानदार अपने ठेले हटाकर इधर-उधर निकलने लगे। इस दौरान कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। अभियान के बाद मुख्य सड़क तो अतिक्रमण मुक्त हो गई, लेकिन अधिकांश ठेला दुकानदार खोया मंडी से आशीष नगर जाने वाले मार्ग पर पहुंचकर ठेले लगाने लगे। इससे कॉलोनी की ओर आने-जाने वाला रास्ता संकरा हो गया और लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।1
- Post by Abhishek Maurya1
- 5L के कलश में 4.5L और 10L के कलश में सिर्फ 7.5L.........1
- 25 शादियों का आरोप: सीतापुर में आरोपी पर शिकंजा कसने की मांग, पीड़ित महिलाओं ने डीएम से संपत्ति कुर्क करने की लगाई गुहार 25 शादियों का आरोप: सीतापुर में आरोपी पर शिकंजा कसने की मांग, पीड़ित महिलाओं ने डीएम से संपत्ति कुर्क करने की लगाई गुहार महिला आयोग में भी पहुंचा मामला, करोड़ों की ठगी के आरोपों से घिरा आरोपी संवाददाता,, नरेश गुप्ता सीतापुर। जिले के मिश्रिख क्षेत्र के चंद्रावल निवासी अनुज त्रिवेदी पर कई महिलाओं से शादी कर कथित रूप से करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोपों का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। गुरुवार को कई पीड़ित महिलाओं ने जिला मुख्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा और आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। महिलाओं का आरोप है कि आरोपी ने अलग-अलग महिलाओं से शादी या शादी का झांसा देकर विश्वास हासिल किया और फिर नकदी, सोने-चांदी के जेवर, कीमती सामान तथा अन्य संपत्ति लेकर फरार हो गया। पीड़िताओं का कहना है कि इस कथित धोखाधड़ी से उन्हें आर्थिक ही नहीं बल्कि मानसिक और सामाजिक रूप से भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है। संपत्ति कुर्क कर नुकसान की भरपाई की मांग शिकायती पत्र में महिलाओं ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी की चल-अचल संपत्तियों को तत्काल कुर्क किया जाए, ताकि उनसे ठगी गई रकम, जेवर और अन्य सामान की भरपाई कराई जा सके। उनका कहना है कि यदि समय रहते संपत्ति पर कार्रवाई नहीं हुई तो आरोपी अपनी संपत्ति इधर-उधर कर सकता है, जिससे पीड़ितों को न्याय मिलने में कठिनाई होगी। महिला आयोग से भी लगाई न्याय की गुहार पीड़ित महिलाओं ने बताया कि उन्होंने मामले की शिकायत राज्य और राष्ट्रीय महिला आयोग के समक्ष भी दर्ज कराई है। आयोग से अनुरोध किया गया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए संबंधित एजेंसियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं। महिला आयोग महिलाओं के अधिकारों से जुड़े मामलों में शिकायतों की जांच और संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर कार्रवाई सुनिश्चित कर सकता है। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में पीड़ित महिलाएं प्रशासन से न्याय की मांग करते हुए आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अपील करती दिखाई दे रही हैं। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग पीड़ित महिलाओं ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच कर दोषी पाए जाने पर आरोपी के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, ठगी से प्रभावित सभी महिलाओं को उनका धन और सामान वापस दिलाने के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए। नोट: आरोपी पर लगाए गए आरोप शिकायतकर्ताओं के दावे हैं। मामले की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही है और अंतिम सत्यापन जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।1
- अटरिया में अज्ञात जंगली जानवर का आतंक: घर में घुसकर तीन बकरियों पर हमला, एक को आधा नोचा, दूसरी को मार डाला अटरिया में अज्ञात जंगली जानवर का आतंक: घर में घुसकर तीन बकरियों पर हमला, एक को आधा नोचा, दूसरी को मार डाला मिश्रिख में किसान की मौत के बाद अब टिकौली गांव में दहशत, ग्रामीणों में भय का माहौल; वन विभाग और पुलिस की निष्क्रियता पर उठे सवाल अटरिया सीतापुर। मिश्रिख क्षेत्र में जंगली जानवर के हमले से किसान की मौत का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब सिधौली कोतवाली क्षेत्र के अटरिया थाना अंतर्गत टिकौली गांव में अज्ञात जंगली जानवर के हमले की एक और घटना सामने आई है। इस घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल व्याप्त है। जानकारी के अनुसार टिकौली गांव निवासी रामदास के घर में बंधी पालतू बकरियों पर बीती रात किसी अज्ञात जंगली जानवर ने हमला कर दिया। हमले में एक बकरी को मारकर उसका कुछ हिस्सा खाया गया, जबकि दूसरी बकरी का पीछे का आधा हिस्सा नोचकर खा लिया गया। सुबह जब परिवार के लोग पशुओं को देखने पहुंचे तो भयावह दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। ग्रामीणों का कहना है कि हाल के दिनों में क्षेत्र में किसी जंगली जानवर की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। मिश्रिख इलाके में किसान की जान लेने के बाद अब अटरिया क्षेत्र में पालतू पशुओं पर हमला होने से लोग अपने परिवार और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। रात होते ही ग्रामीण घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद न तो वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और न ही पुलिस प्रशासन ने कोई विशेष रुचि दिखाई। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अज्ञात जानवर की पहचान कर उसे पकड़ने की कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में किसी बड़ी जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने वन विभाग और स्थानीय प्रशासन से तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच कराने, क्षेत्र में गश्त बढ़ाने तथा अज्ञात जंगली जानवर को पकड़ने के लिए प्रभावी अभियान चलाने की मांग की है, ताकि गांव में फैले भय के माहौल को समाप्त किया जा सके।1