Shuru
Apke Nagar Ki App…
नीमच जिले के जीरन तहसील अंतर्गत ग्राम चीताखेड़ा से एक बेहद मार्मिक मामला सामने आया है, जहां करीब 80 वर्षीय दिव्यांग महिला कला बाई न्याय की आस में लोट लगाते हुए कलेक्टर कार्यालय तक पहुंचीं। इस 80 साल की दिव्यांग महिला के पीएम आवास पर संकट मंडरा रहा है। इसी दर्दभरी गुहार के साथ वे लोट लगाकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं और प्रशासन के सामने अपनी पीड़ा रखी।
मुकेश शर्मा पत्रकार नीमच
नीमच जिले के जीरन तहसील अंतर्गत ग्राम चीताखेड़ा से एक बेहद मार्मिक मामला सामने आया है, जहां करीब 80 वर्षीय दिव्यांग महिला कला बाई न्याय की आस में लोट लगाते हुए कलेक्टर कार्यालय तक पहुंचीं। इस 80 साल की दिव्यांग महिला के पीएम आवास पर संकट मंडरा रहा है। इसी दर्दभरी गुहार के साथ वे लोट लगाकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं और प्रशासन के सामने अपनी पीड़ा रखी।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- मन्दसौर में एक बुजुर्ग महिला के साथ हुई मारपीट के मामले में अफजलपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस वारदात के आरोपी गुर्जर भाइयों पर अपना शिकंजा कस दिया है।1
- नीमच में एसपी कार्यालय के पास तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है। यहां एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने मोटरसाइकिल पर सवार दो मजदूरों को टक्कर मार दी। इस हादसे के बाद स्कॉर्पियो का चालक मौके से फरार हो गया।1
- मध्य प्रदेश के नीमच जिले के रामपुरा में प्रदेश के सबसे बड़े पावर प्रोजेक्ट 'ग्रीन को कंपनी, खिमला' से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- राजस्थान में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से 15 जुलाई से 5 दिवसीय सघन स्क्रीनिंग अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत प्रत्येक गर्भवती महिला की प्रसवपूर्व स्वास्थ्य जांच, नियमित निगरानी और हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (HRP) की समय पर पहचान सुनिश्चित की जाएगी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक गर्भवती महिला का पहले 12 सप्ताह में पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही कम से कम 4 गुणवत्तापूर्ण एएनसी जांच और सभी आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य रूप से किए जाएं। उन्होंने एचआरपी मामलों की निगरानी के लिए एक अलग ट्रैकिंग सिस्टम विकसित करने का निर्देश दिया है ताकि नियमित फॉलोअप और विशेषज्ञ समीक्षा सुनिश्चित हो सके। इस विशेष अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आशा वर्कर, एएनएम और सीएचओ को लगाया गया है। प्रमुख शासन सचिव ने लेबर रूम और ऑपरेशन थियेटर की गाइडलाइंस का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने तथा मातृ मृत्यु की प्रत्येक घटना की समयबद्ध समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय की जाएगी। यह कदम सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ राजस्थान की ओर एक और सशक्त कदम है।1
- चिकारड़ा की ग्राम पंचायत भाटोली बागरियान में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर आमजन के लिए राहत का बड़ा केंद्र बना। शिविर प्रभारी एवं नायब तहसीलदार भूपेंद्र वसी की उपस्थिति में आयोजित इस शिविर का शुभारंभ 'एक पौधा मां के नाम' कार्यक्रम से किया गया, जिसके तहत वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जामुन सहित फलदार व छायादार पौधे लगाए गए। इस दौरान ब्लॉक नोडल अधिकारी डॉ. बी.एल. शर्मा ने जामुन के औषधीय गुणों के साथ-साथ भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण से जुड़े इसके धार्मिक महत्व के बारे में भी बताया। शिविर के दौरान विभिन्न सरकारी विभागों ने मौके पर ही सैकड़ों लंबित कार्यों का त्वरित निस्तारण किया। पंचायती राज विभाग ने चार पुश्तैनी पट्टे जारी किए और आठ लोगों को व्यक्तिगत शौचालय योजना से जोड़ा। राजस्व विभाग ने आपसी बंटवारे का एक मामला सुलझाने के साथ ही 15 खातों में नाम शुद्धिकरण और 25 नामांतरण प्रकरणों का निपटारा किया। इसके अलावा परिवहन विभाग ने 10 पात्र नागरिकों को मुफ्त रोडवेज पास जारी किए, पशुपालन विभाग ने 39 पशुओं का बीमा किया, चिकित्सा विभाग ने 70 लोगों की स्वास्थ्य जांच की और आयुर्वेद विभाग ने 42 मरीजों को मुफ्त दवाइयां दीं। इस शिविर में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, पेंशन, बिजली की शिकायतों और चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने संबंधी कई अन्य मामलों का भी समाधान मौके पर ही किया गया। पंजीकरण और फॉर्म भरने में स्थानीय शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना की, जिससे उनके समय और धन दोनों की बचत हुई। इस अवसर पर प्रशासक ओंकार लाल जाट और विकास अधिकारी दुर्गा प्रसाद कुमावत सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।4
- नीमच जिले की जावद तहसील के ग्राम पालसोड़ा में खेत तक पहुंचने के रास्ते का विवाद अब एक अनोखे विरोध प्रदर्शन के कारण चर्चा का विषय बन गया है। यहां के एक पीड़ित किसान खिलौने के हेलीकॉप्टर की माला पहनकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई। रास्ते की समस्या से परेशान पीड़ित किसान ने अनोखे अंदाज में अपना विरोध दर्ज कराते हुए प्रशासन से सीधे शब्दों में कहा, "रास्ता नहीं दे सकते तो हेलीकॉप्टर दे दीजिए।"1
- मध्य प्रदेश के नीमच में दबंगों द्वारा किसानों का रास्ता रोककर हाई कोर्ट के आदेश की धज्जियां उड़ाने का मामला सामने आया है। इस गंभीर विषय को लेकर अधिकारियों को हेलीकॉप्टर पहनकर जानकारी दी गई है।1
- पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा अवैध मादक पदार्थों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत, मंदसौर के दलौदा थाना पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मंदसौर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीणा (भा.पु.से.) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तेरसिंह बघेल और एसडीओपी कीर्ति बघेल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी दलौदा उपनिरीक्षक रविन्द्र प्रताप डाँगी और उनकी टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस को 12 जुलाई को मुखबिर से सूचना मिली थी, जिसके आधार पर कार्रवाई करते हुए सहायक उपनिरीक्षक (सउनि) कैलाश बघेल ने दलौदा धुंधडका रोड पर श्मशान घाट के पास घेराबंदी की। वहां नीले रंग की एक्टिवा स्कूटी पर सवार एक पुरुष और उसके पीछे हाथ में झोला लेकर बैठी एक महिला को रोका गया। पूछताछ करने पर आरोपियों ने अपना नाम शिवा उर्फ शिवनारायण परिहार (उम्र 34 वर्ष) और उसकी पत्नी नीलू (उम्र 31 वर्ष), निवासी अंबिका नगर दलौदा बताया। तलाशी लेने पर इनके कब्जे से 3 लाख रुपये कीमत का 30 ग्राम स्मैक पाउडर और 6 हजार रुपये कीमत का 3.100 किलोग्राम डोडाचूरा बरामद किया गया। पुलिस ने मौके से मादक पदार्थों के साथ घटना में इस्तेमाल स्कूटी (क्रमांक MP ZH6438, कीमत 70 हजार रुपये) और 1 लाख रुपये कीमत के दो एंड्रॉइड मोबाइल भी जब्त किए हैं। आरोपियों के खिलाफ दलौदा थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 और 15 के तहत अपराध क्रमांक 255/26 दर्ज कर मामला विवेचना में लिया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार दोनों आरोपियों के विरुद्ध रतलाम जिले के जावरा शहर थाने में भी अवैध मादक पदार्थ तस्करी के प्रकरण दर्ज हैं। इसके अलावा, आरोपी शिवा के खिलाफ भावगढ़ थाने में अवैध शराब तस्करी और मारपीट के अपराध भी पंजीबद्ध हैं। इस सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी रविन्द्र प्रताप डाँगी, सउनि कैलाश बघेल, प्रधान आरक्षक अजीतसिंह, प्रधान आरक्षक जितेन्द्र त्रिवेदी, आरक्षक युवराजसिंह, आरक्षक सुनील और महिला आरक्षक रीना की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1