बड़ोद नगर में 13 जून को आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का समापन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के साथ हुआ। कथावाचक संत अभिराम दास महाराज ने अपने उद्बोधन में परिवार के प्रेम, आपसी विश्वास और संस्कारों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। कथा के दौरान, महाराज श्री ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का मार्मिक प्रसंग सुनाया। कृष्ण-सुदामा के अटूट प्रेम, त्याग और समर्पण की यह कथा सुनकर अनेक श्रद्धालुओं की आँखें नम हो गईं, जिससे कथा पंडाल भक्तिमय माहौल से गूँज उठा और सभी श्रद्धालु भाव-विभोर होकर कथा का आनंद लेते रहे। इस समापन अवसर पर क्षेत्रीय विधायक मधु गहलोत भी कथा स्थल पर पहुँचीं और कथा श्रवण कर आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने धार्मिक आयोजनों को समाज में संस्कार एवं सद्भावना बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। कथा के समापन के उपरांत महाआरती का आयोजन किया गया और बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई, जिससे सभी ने धर्मलाभ प्राप्त किया।
बड़ोद नगर में 13 जून को आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का समापन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के साथ हुआ। कथावाचक संत अभिराम दास महाराज ने अपने उद्बोधन में परिवार के प्रेम, आपसी विश्वास और संस्कारों के महत्व पर जोर देते हुए
कहा कि यही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। कथा के दौरान, महाराज श्री ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का मार्मिक प्रसंग सुनाया। कृष्ण-सुदामा के अटूट प्रेम, त्याग और समर्पण की यह कथा सुनकर अनेक श्रद्धालुओं की आँखें नम
हो गईं, जिससे कथा पंडाल भक्तिमय माहौल से गूँज उठा और सभी श्रद्धालु भाव-विभोर होकर कथा का आनंद लेते रहे। इस समापन अवसर पर क्षेत्रीय विधायक मधु गहलोत भी कथा स्थल पर पहुँचीं और कथा श्रवण कर आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने
धार्मिक आयोजनों को समाज में संस्कार एवं सद्भावना बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। कथा के समापन के उपरांत महाआरती का आयोजन किया गया और बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई, जिससे सभी ने धर्मलाभ प्राप्त किया।
- बड़ौद में क्षत्रिय भावसार समाज द्वारा मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के उपलक्ष्य में 14 जून को नगर में एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस अवसर पर समाज की महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में अपने सिर पर कलश धारण कर अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ इस यात्रा में भाग लिया। यह यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए मंदिर परिसर पहुंची, जहाँ विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का विधिवत शुभारंभ किया गया। कलश यात्रा के दौरान, बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन किए और भगवान के जयघोष लगाए, जिससे पूरा नगर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। इस भव्य आयोजन में समाज के वरिष्ठजनों के साथ-साथ युवा, महिलाएं और बच्चे भी उत्साहपूर्वक शामिल हुए। समाजजनों ने बताया कि यह कलश यात्रा पाँच दिवसीय मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके अंतर्गत विभिन्न प्रकार के धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। कलश यात्रा के सफल आयोजन में समाज के सभी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने मंदिर में सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली के लिए विशेष प्रार्थनाएँ कीं।4
- Post by Sarvan Savita1
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- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया को संबोधित करते हुए एमएसएमई उद्यमियों, स्टार्ट-अप्स और अन्य हितग्राहियों को लाभान्वित करने से संबंधित विस्तृत जानकारी साझा की।1
- बड़ोद नगर में 13 जून को आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का समापन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के साथ हुआ। कथावाचक संत अभिराम दास महाराज ने अपने उद्बोधन में परिवार के प्रेम, आपसी विश्वास और संस्कारों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। कथा के दौरान, महाराज श्री ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का मार्मिक प्रसंग सुनाया। कृष्ण-सुदामा के अटूट प्रेम, त्याग और समर्पण की यह कथा सुनकर अनेक श्रद्धालुओं की आँखें नम हो गईं, जिससे कथा पंडाल भक्तिमय माहौल से गूँज उठा और सभी श्रद्धालु भाव-विभोर होकर कथा का आनंद लेते रहे। इस समापन अवसर पर क्षेत्रीय विधायक मधु गहलोत भी कथा स्थल पर पहुँचीं और कथा श्रवण कर आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने धार्मिक आयोजनों को समाज में संस्कार एवं सद्भावना बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। कथा के समापन के उपरांत महाआरती का आयोजन किया गया और बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई, जिससे सभी ने धर्मलाभ प्राप्त किया।4
- सुसनेर नगर में एक घटना सामने आई है जहाँ मोड़ी चौराहे पर खड़े एक ट्रक में अचानक आग लग गई। यह घटना एक रुके हुए वाहन में हुई, जिससे आग लगने की स्थिति उत्पन्न हो गई।1