Shuru
Apke Nagar Ki App…
जंतर-मंतर पर अपने बच्चों के साथ पहुँची एक माँ रो पड़ी और वहाँ अपना भारी आक्रोश और दर्द व्यक्त किया। उस माँ ने रोते हुए सीधे तौर पर आरोप लगाया, "मेरे दोनों बच्चे लाई हूँ, इनको भी मार दो। कल कितने सारे बच्चों के सर फोड़े हैं आपने।" महिला का यह रोना और उसका यह गंभीर बयान सीधे तौर पर उन लोगों के खिलाफ उसके गहरे गुस्से और हताशा को दिखाता है जिन्होंने कल बच्चों के सिर फोड़े थे।
Mulayam Singh Yadav
जंतर-मंतर पर अपने बच्चों के साथ पहुँची एक माँ रो पड़ी और वहाँ अपना भारी आक्रोश और दर्द व्यक्त किया। उस माँ ने रोते हुए सीधे तौर पर आरोप लगाया, "मेरे दोनों बच्चे लाई हूँ, इनको भी मार दो। कल कितने सारे बच्चों के सर फोड़े हैं आपने।" महिला का यह रोना और उसका यह गंभीर बयान सीधे तौर पर उन लोगों के खिलाफ उसके गहरे गुस्से और हताशा को दिखाता है जिन्होंने कल बच्चों के सिर फोड़े थे।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- जंतर-मंतर पर अपने बच्चों के साथ पहुँची एक माँ रो पड़ी और वहाँ अपना भारी आक्रोश और दर्द व्यक्त किया। उस माँ ने रोते हुए सीधे तौर पर आरोप लगाया, "मेरे दोनों बच्चे लाई हूँ, इनको भी मार दो। कल कितने सारे बच्चों के सर फोड़े हैं आपने।" महिला का यह रोना और उसका यह गंभीर बयान सीधे तौर पर उन लोगों के खिलाफ उसके गहरे गुस्से और हताशा को दिखाता है जिन्होंने कल बच्चों के सिर फोड़े थे।1
- सिद्धार्थनगर जिले के नौगढ़ क्षेत्र के कपिया रावत गांव में रास्ते बेहद खराब हालत में हैं, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गांव की सड़कों की हालत जर्जर होने के साथ-साथ यहां नाला सफाई कर्मी भी साफ-सफाई के लिए नहीं आते हैं। विशेष रूप से ढेंकनाल पेट्रोल पंप के पास से होकर जो रास्ता गांव तक आता है, वह भी पूरी तरह से खराब हो चुका है। इस बदहाली को देखते हुए गांव के सभी रास्तों की मरम्मत कराने का विनम्र निवेदन और मांग की गई है।1
- सिद्धार्थनगर :- दिल्ली में सपा प्रमुख अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में सिद्धार्थनगर के कलेक्ट्रेट गेट पर रात दस बजे प्रदर्शन करते समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता।1
- सिद्धार्थनगर जिले में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर कलेक्ट्रेट परिसर में किसान पंचायत का आयोजन किया गया। जिलाध्यक्ष उपेंद्र कुमार यादव की अगुवाई में आयोजित इस पंचायत में किसानों ने खाद, राशन वितरण, चकबंदी, बाढ़ सुरक्षा और जर्जर सड़कों जैसी कई स्थानीय समस्याओं पर गहन चर्चा की और उनके समाधान की मांग को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने अपने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि यूरिया की उपलब्धता और कीमतों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए तथा कोटेदारों द्वारा प्रति यूनिट पूरा राशन दिया जाए। साथ ही, कृषि विभाग की सभी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर पात्र किसानों तक उनका लाभ पहुंचाने की बात कही गई। किसानों ने चकबंदी प्रक्रिया में आ रही परेशानियों, विशेषकर ग्राम सभा सिकटा, पोस्ट रमवापुर, बांसी में चल रही चकबंदी से जुड़ी समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग उठाई। भाकियू नेताओं ने जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तटबंधों की समय से मरम्मत कराने और निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई। इसके अलावा, किलकिल चौराहे से रमवापुर दुबे तक क्षतिग्रस्त सड़क के जल्द निर्माण की मांग की गई, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा टल सके। इस किसान पंचायत के अवसर पर महेंद्र चौधरी, चौसूर्य प्रताप सिंह, अरविंद शुक्ला, पवन कुमार श्रीवास्तव, राम सवारे चौधरी, प्रदीप किसान, अरविंद चौधरी, राजाराम लोधी, सुदामा गुप्ता, सादिक खान, राशिद खान, संपूर्ण, बिंदा पांडे, रीता, घनश्याम चौरसिया, देवनाथ मिश्रा और हरिश्चंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।1
- देखिए यहां क्या हो रहा हैन और फिर हम लोग एक दूसरे को चूमने लगे मैं भी उसके पास जाकर कहा कि वह अपने को रोक नहीं ए1
- महराजगंज के पनियरा विद्युत उपकेंद्र की जर्जर हालत बड़ी चिंता का विषय बन चुकी है। लगातार बारिश के कारण इस भवन की छत से पानी टपक रहा है, जिससे कंट्रोल रूम, कार्यालय और विद्युत उपकरणों पर लगातार खतरा मंडरा रहा है। इस खतरनाक स्थिति के बीच कर्मचारियों को अपनी जान जोखिम में डालकर काम करना पड़ रहा है। ऐसे में अब यह गंभीर सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर जिम्मेदार विभाग कब जागेगा और इस 35 साल पुराने भवन की मरम्मत कब की जाएगी?1
- दिल्ली के बाद अब छात्र आंदोलन की आंच प्रयागराज पहुंच गई है और वहां के छात्र भी सड़कों पर निकल पड़े हैं। प्रदर्शन कर रहे इन छात्रों की बस एक ही मांग है कि शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें। इस बीच, कोलकाता में भी लोग सड़कों पर उतर आए हैं। दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए कुछेक शर्मनाक तरीके के लाठीचार्ज ने छात्रों के बीच गुस्सा भर दिया है।1
- संतकबीरनगर के मेंहदावल तहसील में नीट के मुद्दे को लेकर दिल्ली में धरने पर बैठे राहुल गांधी संग समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने के बाद सपाइयों में आक्रोश फैल गया। इसके विरोध में समाजवादी पार्टी के दर्जनों पदाधिकारी और कार्यकर्ता नगर के अस्पताल तिराहे पर एकत्र होकर धरना प्रदर्शन करने लगे। घटना की सूचना मिलते ही सीओ सर्वदवन सिंह और थानाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह की अगुवाई में भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस के जवानों ने धरनारत सपाइयों से प्रदर्शन समाप्त करने का निवेदन किया, लेकिन अनेकों बार समझाने के बाद भी जब वे नहीं माने तो पुलिस ने जबरन सपा नेताओं को गिरफ्तार कर लिया। प्रदर्शन और गिरफ्तारी देने वालों में सपा के विधानसभा अध्यक्ष ओमकार यादव, महासचिव रियाज अहमद, श्यामजी यादव, अनवारुल हक, महिला सभा की प्रदेश उपाध्यक्ष प्रिया पाठक, मोनू पांडेय, स्वामीनाथ साहनी, दीपक कन्नौजिया, इसहाक अंसारी, अशोक यादव और मनोज यादव सहित कई कार्यकर्ता शामिल रहे।4