Shuru
Apke Nagar Ki App…
रोजगार की मांग को लेकर जिंदल कंपनी को मांग पत्र सौंपने जा रहे ग्रामीणों पर बुढींडीह के कुछ ग्रामीणों ने कोल वाशरी मोड़ के समीप अचानक हमला कर दिया। यह घटना तब हुई जब ग्रामीण जिंदल कंपनी की ओर आगे बढ़ रहे थे।
Churaman Thakur Press
रोजगार की मांग को लेकर जिंदल कंपनी को मांग पत्र सौंपने जा रहे ग्रामीणों पर बुढींडीह के कुछ ग्रामीणों ने कोल वाशरी मोड़ के समीप अचानक हमला कर दिया। यह घटना तब हुई जब ग्रामीण जिंदल कंपनी की ओर आगे बढ़ रहे थे।
More news from झारखंड and nearby areas
- रोजगार की मांग को लेकर जिंदल कंपनी को मांग पत्र सौंपने जा रहे ग्रामीणों पर बुढींडीह के कुछ ग्रामीणों ने कोल वाशरी मोड़ के समीप अचानक हमला कर दिया। यह घटना तब हुई जब ग्रामीण जिंदल कंपनी की ओर आगे बढ़ रहे थे।1
- धनबाद जिले की राजनीति इन दिनों विकास के दावों को छोड़कर बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप के दौर से गुजर रही है। बड़े-बड़े वादों के साथ सत्ता में आए जनप्रतिनिधि अब एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं, जिससे ऐसा प्रतीत होता है मानो राजनीतिक मुकाबला केवल जुबानी जंग से ही जीता जा रहा हो। इस सियासी गहमागहमी के केंद्र में धनबाद सांसद ढुल्लू महतो हैं, जिनकी बयानबाजी धनबाद मेयर संजीव सिंह, धनबाद विधायक राज सिन्हा, झरिया विधायक रागिनी सिंह, बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो, डुमरी विधायक जयराम महतो और बेरमो विधायक अनूप सिंह जैसे नेताओं के साथ सुर्खियां बटोर रही है। इस राजनीतिक खींचतान के बावजूद, जनता आज भी अपनी बुनियादी समस्याओं जैसे कोयलांचल में भू-धंसान का खतरा, पानी और बिजली की कमी, जर्जर सड़कें, गड्ढों से भरी राहें और शिक्षा व्यवस्था की बदहाली से जूझ रही है। लोग सवाल कर रहे हैं कि चुनाव के समय विकास के वादे करने वाले जनप्रतिनिधि कब इन मुद्दों पर गंभीरता से काम करेंगे, क्योंकि जनता को आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति नहीं, बल्कि धरातल पर वास्तविक बदलाव और समाधान की आवश्यकता है।1
- धनबाद सांसद ढुल्लू महतो द्वारा अपने स्वर्गीय पिता पर की गई टिप्पणी से नाराज़ होकर, निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने मोर्चा खोल दिया है। धनबाद परिसदन में एक प्रेस वार्ता कर विधायक चटर्जी ने सांसद के बयान की कड़ी निंदा की और उन पर कोयला कारोबार, फ्लाईओवर के श्रेय विवाद और ज़मीन से जुड़े कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पिता ने हमेशा मजदूरों के हित के लिए संघर्ष किया और आज भी उनके शहादत दिवस पर बड़ी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने आते हैं। विधायक अरूप चटर्जी ने सांसद ढुल्लू महतो पर सीधे निशाना साधते हुए कहा कि सांसद खुद को 'हरिश्चंद्र' बताते हैं और दूसरों को 'माफिया' कहते हैं, जबकि उनके खुद के कई मामलों की जांच होनी चाहिए। चटर्जी के अनुसार, धनबाद में कोयले के अवैध कारोबार में सांसद की बड़ी भूमिका है और उनके बेटे भी इसी धंधे में शामिल हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सांसद हार्डकोक उद्योग को बर्बाद करने में लगे हैं और खुद कई हार्डकोक भट्ठों का संचालन कर चोरी के कोयले को खपा रहे हैं। चटर्जी ने दावा किया कि धनबाद में सांसद से बड़ा माफिया कोई नहीं है। उन्होंने सांसद के सीबीआई और ईडी जांच वाले बयानों पर भी हमला करते हुए कहा कि अगर सांसद खुद को बेदाग मानते हैं तो जांच से क्यों डरते हैं। विधायक ने यह भी चुनौती दी कि अगर सांसद सच में गरीबों के मसीहा हैं, तो उनके नाम पर कब्जे वाली ज़मीन गरीबों को दान कर देनी चाहिए। फ्लाईओवर विवाद पर भी अरूप चटर्जी ने सांसद पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने बताया कि गोविंदपुर-निरसा एलिवेटेड फ्लाईओवर की मांग क्षेत्र की जनता की थी और यह योजना सांसद के विधायक बनने से पहले ही स्वीकृत हो चुकी थी। चटर्जी ने आरोप लगाया कि सांसद केवल श्रेय लेने की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि धनबाद का गया पुल विधायक राज सिन्हा के प्रयासों का परिणाम है, जिस पर भी सांसद अपना श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं। विधायक ने सांसद पर केंद्र सरकार से आज तक एक नाला तक का फंड पास न करा पाने का आरोप भी लगाया। फ्लाईओवर निर्माण में कमीशन के आरोपों पर चटर्जी ने अपनी आपत्ति दोहराई कि टेंडर लेने वाली कंपनी काम को कोयला माफियाओं के हाथों न सौंपे। उन्होंने गोपालीगंज क्षेत्र की जमीन और वसूली को लेकर भी सांसद पर आरोप लगाए, साथ ही यह भी चेतावनी दी कि निरसा में कोई धमका कर काम नहीं कर सकता। विधायक ने सांसद पर रंगदारी और अवैध कोयला कारोबार के आरोप लगाते हुए कहा कि जो व्यक्ति खुद आरोपों से घिरा है, वह दूसरों को बदनाम करने में लगा है। अंत में, अरूप चटर्जी ने भाजपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को ऐसे व्यक्ति को टिकट देने पर विचार करना चाहिए और दावा किया कि वर्ष 2029 में भाजपा ऐसे व्यक्ति को टिकट नहीं देगी। उन्होंने सांसद को चुनौती दी कि अगर उनमें दम है तो निर्दलीय चुनाव लड़कर दिखाएं। यह पूरी राजनीतिक बयानबाजी सांसद ढुल्लू महतो के उस बयान के बाद तेज़ हुई है, जिसमें उन्होंने गोविंदपुर-निरसा एलिवेटेड फ्लाईओवर मामले को लेकर विधायक अरूप चटर्जी पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा था कि वह उनके पिता के समय से विधायक हैं और अरूप चटर्जी 'अनुकंपा और दया पर' विधायक बने हैं।1
- झारखंड के धनबाद जिले में सरकारी शिक्षा व्यवस्था की अत्यंत खराब स्थिति सामने आई है। KCNTVINDIA ने अपनी एक विशेष रिपोर्ट के माध्यम से इस बदहाली पर प्रकाश डाला है, जिसमें जिले में सरकारी शिक्षा के मौजूदा हालात का ब्यौरा दिया गया है।1
- झारखंड के धनबाद स्थित ईवीएम वेयरहाउस की हाल ही में त्रैमासिक समीक्षा की गई है। इस समीक्षा के दौरान, वेयरहाउस में रखी गई सभी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (ईवीएम) और उनकी सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से दुरुस्त पाई गई हैं, जिससे उनकी अखंडता सुनिश्चित होती है।1
- हजारीबाग जिले के चानो में एक भीषण और दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। इस बड़ी खबर के मुताबिक, दुर्घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और मौके का हाल इतना भयावह था कि उसे देखकर दिल दहल उठेगा।1
- बोकारो के दुगदा क्षेत्र में रोजगार के अधिकार को लेकर दो विस्थापित गुट आपस में भिड़ गए। इस झड़प के बाद, स्थिति को संभालने के लिए कई अधिकारी मौके पर पहुँचे। मोर्चा संभालने वाले अधिकारियों में चंद्रपुरा के सीओ सह बीडीओ ईश्वर दयाल महतो, इंस्पेक्टर साहब, दुग्दा थाना प्रभारी मनीष कुमार, चंद्रपुरा थाना प्रभारी विक्रम कुमार और बोकारो झरिया ओपी प्रभारी श्री निवास सिंह शामिल थे।4
- बोकारो जिले के नवाडीह स्थित दहियारी पंचायत (टेलो रोड) में आज सुबह एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहाँ एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से एक बेजुबान सियार (इंडियन जैकाल) की दर्दनाक मौत हो गई। यह मासूम जानवर सड़क के बीचों-बीच तड़प-तड़प कर दम तोड़ गया। इस दुखद दृश्य को देख रहे एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि सड़क के बीच मृत सियार को देखकर उनका दिल दहल गया। उन्होंने तुरंत अपनी गाड़ी रोककर उस मृत जानवर को सड़क के बीच से हटाया ताकि कोई और वाहन उसके ऊपर से न गुजरे। इस घटना के मद्देनजर, उन्होंने सभी वाहन चालकों से हाथ जोड़कर निवेदन किया है कि हमारी सड़कें अक्सर इन मासूम जानवरों के घरों यानी जंगलों के बीच से होकर गुजरती हैं, इसलिए गांव और जंगली रास्तों पर गाड़ी चलाते समय गति धीमी रखें। उन्होंने लोगों से इस वीडियो को अधिक से अधिक साझा कर जागरूकता बढ़ाने की अपील की है ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं से बचा जा सके और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।1