लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र स्थित एक कोचिंग सेंटर की इमारत में हुए भीषण अग्निकांड ने बाराबंकी के दो परिवारों की खुशियाँ छीन ली हैं। इस हादसे में बाराबंकी के दो युवकों, मोहम्मद अम्मार (24) और मो. शहजान (19), की मौत हो गई, जिसकी सूचना मिलते ही उनके घरों और मोहल्लों में गहरा मातम पसर गया है। नगर कोतवाली क्षेत्र के लखपेड़ाबाग मोहल्ले में हनफिया मस्जिद के पास रहने वाले मोहम्मद अम्मार पुत्र मंसूर आलम की आग की चपेट में आने से मौत हुई। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि अम्मार लखनऊ में उसी इमारत में ग्राफिक्स डिजाइनर के रूप में काम करता था, जहाँ कोचिंग सेंटर संचालित हो रहा था। आग लगने के समय वह भवन के अंदर मौजूद था और गंभीर रूप से झुलस गया था। हादसे की सूचना मिलने पर परिजन लखनऊ के लिए रवाना हुए, लेकिन बाद में अम्मार की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। उनके मित्र फैज अहमद खान ने बताया कि हादसे से कुछ देर पहले ही उनकी बात हुई थी। फैज के अनुसार, अम्मार तीन भाइयों और एक बहन में सबसे बड़ा था, और उसके पिता मंसूर आलम की कुरौली में वेल्डिंग की दुकान है। पड़ोसियों ने अम्मार को एक मेहनती और मिलनसार युवक बताया, जिनकी मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। इसी अग्निकांड में तहसील फतेहपुर के मोहल्ला काजीपुर निवासी मो. शहजान पुत्र मो. इमरान की भी जान चली गई। आग लगने के बाद शहजान ने अपनी माँ नसरीन फातिमा को फोन कर बताया था कि बिल्डिंग में आग लग गई है और वह अंदर फंसा हुआ है। यह सूचना मिलते ही जानकीपुरम में रह रही उनकी माँ रिश्तेदारों के साथ मौके पर पहुँचीं, जहाँ उन्हें अपने बेटे का शव ही मिल सका। शहजान उस इमारत के दूसरे तल पर संचालित 'हेड हॉपर्स स्टूडियो' में बतौर प्रशिक्षु प्रशिक्षण ले रहा था, जहाँ 3डी आर्ट प्रोडक्शन और गेम आउटसोर्सिंग का काम होता है। उनके चचेरे भाई मो. फैसल ने बताया कि शहजान परिवार में तीन बहनों के बीच इकलौता पुत्र था। उसके पिता मो. इमरान दुबई में नौकरी करते हैं, और उन्होंने बच्चों की बेहतर शिक्षा और परवरिश के लिए परिवार को फतेहपुर से लखनऊ के जानकीपुरम क्षेत्र में शिफ्ट कर दिया था। दोनों युवकों की दुखद मौत से बाराबंकी के इन परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, और उनके घरों व मोहल्लों में गहरा शोक व्याप्त है।
लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र स्थित एक कोचिंग सेंटर की इमारत में हुए भीषण अग्निकांड ने बाराबंकी के दो परिवारों की खुशियाँ छीन ली हैं। इस हादसे में बाराबंकी के दो युवकों, मोहम्मद अम्मार (24) और मो. शहजान (19), की मौत हो गई, जिसकी सूचना मिलते ही उनके घरों और मोहल्लों में गहरा मातम पसर गया है। नगर कोतवाली क्षेत्र के लखपेड़ाबाग मोहल्ले में हनफिया मस्जिद के पास रहने वाले मोहम्मद अम्मार पुत्र मंसूर आलम की आग की चपेट में आने से मौत हुई। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि अम्मार लखनऊ में उसी इमारत में ग्राफिक्स डिजाइनर के रूप में काम करता था, जहाँ कोचिंग सेंटर संचालित हो रहा था। आग लगने के समय वह भवन के अंदर मौजूद था और गंभीर रूप से झुलस गया था। हादसे की सूचना मिलने पर परिजन लखनऊ के लिए रवाना हुए, लेकिन बाद में अम्मार की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। उनके मित्र फैज अहमद खान ने बताया कि हादसे से कुछ देर पहले ही उनकी बात हुई थी। फैज के अनुसार, अम्मार तीन भाइयों और एक बहन में सबसे बड़ा था, और उसके पिता मंसूर आलम की कुरौली में वेल्डिंग की दुकान है। पड़ोसियों ने अम्मार को एक मेहनती और मिलनसार युवक बताया, जिनकी मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। इसी अग्निकांड में तहसील फतेहपुर के मोहल्ला काजीपुर निवासी मो. शहजान पुत्र मो. इमरान की भी जान चली गई। आग लगने के बाद शहजान ने अपनी माँ नसरीन फातिमा को फोन कर बताया था कि बिल्डिंग में आग लग गई है और वह अंदर फंसा हुआ है। यह सूचना मिलते ही जानकीपुरम में रह रही उनकी माँ रिश्तेदारों के साथ मौके पर पहुँचीं, जहाँ उन्हें अपने बेटे का शव ही मिल सका। शहजान उस इमारत के दूसरे तल पर संचालित 'हेड हॉपर्स स्टूडियो' में बतौर प्रशिक्षु प्रशिक्षण ले रहा था, जहाँ 3डी आर्ट प्रोडक्शन और गेम आउटसोर्सिंग का काम होता है। उनके चचेरे भाई मो. फैसल ने बताया कि शहजान परिवार में तीन बहनों के बीच इकलौता पुत्र था। उसके पिता मो. इमरान दुबई में नौकरी करते हैं, और उन्होंने बच्चों की बेहतर शिक्षा और परवरिश के लिए परिवार को फतेहपुर से लखनऊ के जानकीपुरम क्षेत्र में शिफ्ट कर दिया था। दोनों युवकों की दुखद मौत से बाराबंकी के इन परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, और उनके घरों व मोहल्लों में गहरा शोक व्याप्त है।
- हरदोई में क्रेन की सहायता से बीम रखने के दौरान एक गंभीर हादसा हो गया, जिसमें दो लोग घायल हो गए। इस घटना में वे 'बाल-बाल बचे', जिससे कोई बड़ी अनहोनी टल गई। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन तत्काल अलर्ट हो गया है।1
- लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र स्थित एक कोचिंग सेंटर की इमारत में हुए भीषण अग्निकांड ने बाराबंकी के दो परिवारों की खुशियाँ छीन ली हैं। इस हादसे में बाराबंकी के दो युवकों, मोहम्मद अम्मार (24) और मो. शहजान (19), की मौत हो गई, जिसकी सूचना मिलते ही उनके घरों और मोहल्लों में गहरा मातम पसर गया है। नगर कोतवाली क्षेत्र के लखपेड़ाबाग मोहल्ले में हनफिया मस्जिद के पास रहने वाले मोहम्मद अम्मार पुत्र मंसूर आलम की आग की चपेट में आने से मौत हुई। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि अम्मार लखनऊ में उसी इमारत में ग्राफिक्स डिजाइनर के रूप में काम करता था, जहाँ कोचिंग सेंटर संचालित हो रहा था। आग लगने के समय वह भवन के अंदर मौजूद था और गंभीर रूप से झुलस गया था। हादसे की सूचना मिलने पर परिजन लखनऊ के लिए रवाना हुए, लेकिन बाद में अम्मार की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। उनके मित्र फैज अहमद खान ने बताया कि हादसे से कुछ देर पहले ही उनकी बात हुई थी। फैज के अनुसार, अम्मार तीन भाइयों और एक बहन में सबसे बड़ा था, और उसके पिता मंसूर आलम की कुरौली में वेल्डिंग की दुकान है। पड़ोसियों ने अम्मार को एक मेहनती और मिलनसार युवक बताया, जिनकी मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। इसी अग्निकांड में तहसील फतेहपुर के मोहल्ला काजीपुर निवासी मो. शहजान पुत्र मो. इमरान की भी जान चली गई। आग लगने के बाद शहजान ने अपनी माँ नसरीन फातिमा को फोन कर बताया था कि बिल्डिंग में आग लग गई है और वह अंदर फंसा हुआ है। यह सूचना मिलते ही जानकीपुरम में रह रही उनकी माँ रिश्तेदारों के साथ मौके पर पहुँचीं, जहाँ उन्हें अपने बेटे का शव ही मिल सका। शहजान उस इमारत के दूसरे तल पर संचालित 'हेड हॉपर्स स्टूडियो' में बतौर प्रशिक्षु प्रशिक्षण ले रहा था, जहाँ 3डी आर्ट प्रोडक्शन और गेम आउटसोर्सिंग का काम होता है। उनके चचेरे भाई मो. फैसल ने बताया कि शहजान परिवार में तीन बहनों के बीच इकलौता पुत्र था। उसके पिता मो. इमरान दुबई में नौकरी करते हैं, और उन्होंने बच्चों की बेहतर शिक्षा और परवरिश के लिए परिवार को फतेहपुर से लखनऊ के जानकीपुरम क्षेत्र में शिफ्ट कर दिया था। दोनों युवकों की दुखद मौत से बाराबंकी के इन परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, और उनके घरों व मोहल्लों में गहरा शोक व्याप्त है।1
- उत्तर प्रदेश के परिवहन आयुक्त आशुतोष रंजन ने बाराबंकी में औचक निरीक्षण कर परिवहन विभाग की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सहायक सम्भागीय परिवहन कार्यालय पहुंचकर नवागत एआरटीओ अमिताभ रॉय के कार्यों की समीक्षा की और कार्यालय की कार्यप्रणाली का भी निरीक्षण किया। इसके अतिरिक्त, परिवहन आयुक्त ने हरख क्षेत्र के भगवानीपुर स्थित स्वचलित परीक्षण स्टेशन (ATS) का भी निरीक्षण किया। इस स्टेशन पर व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस और परीक्षण संबंधी प्रमाणपत्र जारी किए जाते हैं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने समस्त व्यवस्थाओं का अवलोकन किया और आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए। निरीक्षण संपन्न होने के बाद, हमारे संवाददाता ने परिवहन आयुक्त आशुतोष रंजन से विशेष बातचीत की।1
- बाराबंकी के रामसनेहीघाट क्षेत्र स्थित ग्राम पूरे चुरई, कोटवा रोड पर श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर में सोमवार को प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के वातावरण में संपन्न हुआ। इस धार्मिक आयोजन को चौधरी विशाल सिंह वर्मा, जो जगदीश प्रसाद वर्मा (लंबरदार) के सुपुत्र हैं, और समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ बजरंगबली के विधिवत जलाभिषेक के साथ हुआ, जिसमें विभिन्न प्रकार की औषधियों और पवित्र जल से भगवान हनुमान का अभिषेक किया गया। इसके बाद ग्राम पूरे चुरई से बाबा पूरन दास मंदिर और हनुमंत वाटिका, कल्याणी तट तक एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, डीजे, ढोल-नगाड़ों और धार्मिक धुनों पर नृत्य करते हुए आगे बढ़े। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने अबीर-गुलाल उड़ाकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया, और इस दौरान "जय बजरंग बली" तथा "पवनसुत हनुमान की जय" के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। शोभायात्रा के समापन पर श्रद्धालु श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर पहुंचे, जहाँ विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ प्राण प्रतिष्ठा, पूजन और महाआरती संपन्न कराई गई। तत्पश्चात भगवान हनुमान की प्रतिमा की विधिवत स्थापना की गई। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से शिव मोहन महाराज, महाराज ललित शुक्ला, चौधरी विशाल सिंह वर्मा, हुकूम वर्मा, अमूल सिंह, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि शशिकांत वर्मा, प्रधान प्रतिनिधि सुधाकर मिश्र, पन्नालाल वर्मा, अनिल वर्मा, प्रभात वर्मा, अनुज चौधरी, आशुतोष सिंह, अभिषेक सिंह, अंश सिंह, रिहंत सिंह, हरिशचंद्र सिंह, शिव कमल पटवा, विनोद सिंह, कौशल वर्मा, संतोष वर्मा, पवन वर्मा, संजय वर्मा और रवि सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।4
- गुजरात के खेड़ा जिले में लव जिहाद का एक अत्यंत घिनौना मामला सामने आया है, जहाँ एक नाबालिग हिन्दू लड़की को तीन साल तक लगातार ब्लैकमेल कर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। यह भयावह घटना तब शुरू हुई जब एक दोस्त ने पीड़िता को पहले प्रेम जाल में फँसाया, और फिर उसे अपने 10 दोस्तों के सामने 'परोस' दिया। पुलिस ने इस प्रकरण में त्वरित कार्रवाई करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। इस गंभीर मामले में POCSO अधिनियम और अन्य सख्त धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पीड़िता को तत्काल सुरक्षा प्रदान की गई है और मामले की विस्तृत जाँच लगातार जारी है। यह घटना एक बार फिर इस बात को रेखांकित करती है कि लव जिहाद जैसी चुनौतियों का सामना करने के लिए समाज को कितना अधिक सतर्क और सख्त होने की आवश्यकता है।1
- एक घटना में, पहले बीस रुपये की बात कही गई, लेकिन फिर एक युवक से 120 रुपये लूट लिए गए। इस लूटपाट के बाद, पीड़ित युवक बिना किसी देरी के सीधा पुलिस थाने पहुंचा।1
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने की घटना सामने आई है। इस सूचना के तुरंत बाद दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है और आग बुझाने के साथ-साथ बचाव अभियान में भी सक्रिय रूप से जुटी हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने के बाद इमारत के अंदर कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।1