Shuru
Apke Nagar Ki App…
भारत में स्मार्ट मीटर लगाए जाने को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। दावा किया जा रहा है कि यह एक 'बहुत बड़ी साज़िश' है, जिसके ज़रिए आम जनता को गुमराह किया जा रहा है।
RATANLAL
भारत में स्मार्ट मीटर लगाए जाने को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। दावा किया जा रहा है कि यह एक 'बहुत बड़ी साज़िश' है, जिसके ज़रिए आम जनता को गुमराह किया जा रहा है।
More news from राजस्थान and nearby areas
- मशहूर फिल्म डायरेक्टर-प्रोड्यूसर के.सी. बोकाडिया की फिल्म 'तीसरी बेगम' 29 मई 2024 को रिलीज हो गई है। यह फिल्म अपने 'जय श्री राम' डायलॉग को लेकर केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के साथ हुए विवाद के बाद चर्चा में रही थी, जिसे अंततः बॉम्बे हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद बदला गया। फिल्म एक मुस्लिम व्यक्ति की कहानी है जो अपनी पहचान छिपाकर तीन शादियां करता है: पहली पत्नी मुस्लिम, दूसरी राजपूत हिंदू और तीसरी ब्राह्मण हिंदू। विवाद तब शुरू हुआ जब क्लाइमेक्स में, अपनी तीनों पत्नियों द्वारा हमला किए जाने पर, वह व्यक्ति अपनी जान बचाने के लिए 'जय श्री राम' का नारा लगाता है। फिल्म के अंत में वह अपनी गलती स्वीकार करता है और प्रभु श्री राम की दुहाई देकर अपनी जान बचाता है। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने 'जय श्री राम' वाले इस डायलॉग पर आपत्ति जताई थी, उनका मानना था कि एक मुस्लिम किरदार द्वारा हिंदू पत्नियों से बचने के लिए इस नारे का इस्तेमाल आपत्तिजनक है। बोर्ड को फिल्म में ट्रिपल तलाक के जिक्र पर भी आपत्ति थी। शुरुआत में डायरेक्टर के.सी. बोकाडिया ने डायलॉग हटाने से इनकार करते हुए कहा था कि वह 'मर जाएंगे पर नहीं हटाएंगे'। यह मामला बॉम्बे हाईकोर्ट तक पहुंचा, जिसके बाद बोकाडिया 'जय श्री राम' की जगह 'तुमको तुम्हारे भगवान की कसम' डायलॉग रखने पर राजी हुए। इस बदलाव के बाद ही फिल्म को U/A सर्टिफिकेट के साथ रिलीज की अनुमति मिली। के.सी. बोकाडिया बॉलीवुड के एक बड़े डायरेक्टर-प्रोड्यूसर हैं, जिन्होंने अमिताभ बच्चन, रजनीकांत, सलमान और शाहरुख जैसे बड़े सितारों के साथ काम किया है। उनके खाते में _आज का अर्जुन_, _लाल बादशाह_ और _हम तुम्हारे हैं सनम_ जैसी 60 से अधिक फिल्में हैं। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह फिल्म 1966 की राज कपूर-वहीदा रहमान अभिनीत 'तीसरी कसम' से अलग है, जो फणीश्वरनाथ रेणु की कहानी पर आधारित थी।1
- पाली जिला मुख्यालय के सोजत रोड स्थित रावणा राजपूत समाज भवन में सोजत तहसील स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी दिनों में होने वाले प्रतिभावान सम्मान समारोह की तैयारियों पर विचार-विमर्श करना था। रावणा राजपूत समाज समिति सोजत तहसील अध्यक्ष किशोर सिंह सांखला ने जानकारी दी कि 28 जून को आयोजित होने वाले तहसील स्तरीय प्रतिभावान सम्मान समारोह के सफल आयोजन के लिए विभिन्न कमेटियां गठित कर उन्हें जिम्मेदारियां सौंपी गईं। बैठक में सचिव सुरेंद्र सिंह खोखरा, एडवोकेट जय सिंह सांखला और हरि सिंह भायल ने महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। इस अवसर पर पृथ्वी सिंह सोलंकी, जगदीश सिंह भायल, सोहन सिंह परिहार, भगवत सिंह चावड़ा, दलपत सिंह, दिनेश सिंह, रमेश सिंह, बलवंत सिंह, अमर सिंह, कान सिंह राठौड़, संजय सिंह और करण सिंह सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।1
- पर्दाफाश: रायपुर मारवाड़ के देव सागर में नायक समाज द्वारा गंगा प्रसादी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन नायक समाज के डगला परिवार ने किया था।1
- जोधपुर में नाबालिग से रेप मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से एक बार फिर राहत मिली है। अदालत ने मेडिकल आधार पर दी गई उनकी अंतरिम जमानत को 7 जुलाई 2026 तक बढ़ा दिया है। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगर उनकी अपील पर इससे पहले फैसला आ जाता है, तो वही प्रभावी माना जाएगा। मामले की सुनवाई एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस की डिवीजन बेंच में हुई। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत ने दलील दी कि आसाराम उम्रदराज हैं, वे कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं और लंबे समय से इलाजरत हैं, ऐसे में जमानत अवधि बढ़ाना जरूरी है। वहीं, राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता दीपक चौधरी ने इसका विरोध करते हुए कहा कि जेल प्रशासन द्वारा पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत बढ़ाने का आदेश दिया। अदालत ने यह भी साफ किया कि आसाराम किसी भी धार्मिक सभा में शामिल नहीं होंगे, भीड़ एकत्र नहीं करेंगे और देश छोड़कर बाहर नहीं जा सकेंगे। गौरतलब है कि आसाराम वर्ष 2013 से जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। वर्ष 2018 में विशेष अदालत ने आसाराम को नाबालिग से रेप के मामले में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, जिसके खिलाफ उनकी अपील राजस्थान हाईकोर्ट में लंबित है। अब इस चर्चित मामले में सबकी नजर हाईकोर्ट के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है।1
- गुलाबपुरा कस्बे में सकल जैन समाज द्वारा एक अहिंसा रैली का आयोजन किया गया। यह रैली उपखंड कार्यालय तक निकाली गई, जहाँ समाज के सदस्यों ने अपना ज्ञापन सौंपा।1
- इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की लखनऊ सुपर जायंट्स टीम के गेंदबाज आवेश खान, आईपीएल खेल समाप्त होने के तुरंत बाद, ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में जियारत करने के लिए पहुँचे। उन्होंने आईपीएल मैचों के समापन के साथ ही यह विशेष दौरा किया।1
- रतनलाल न्यूज़ ने घोषणा की है कि भारत से जुड़ी एक बहुत बड़ी ख़बर प्रसारित की जा रही है, जिसके लिए दर्शकों को इसे देखने का न्योता दिया गया है।1
- लूणी बांध पर “जलमेव जीवनं लोके, जलमेव परं धनम्” के संदेश के साथ वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026 का शुभारंभ रायपुर लूनी बांध (दीपावास) पर जल संरक्षण का दिया गया संदेश कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत एवं ओंकार सिंह लखावत ने किया संबोधित ब्यावर, 25 मई। राज्य सरकार के निर्देशानुसार आयोजित “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026” का जिला स्तरीय शुभारंभ रविवार को रायपुर लूनी बांध (दीपावास) पर उत्साह एवं जनभागीदारी के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए विभिन्न जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में यह अभियान जनजागरूकता की मिसाल बन रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में अच्छी बरसात होने से स्थानीय तालाबों एवं बांधों में जल संरक्षण की स्थिति मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि “जलमेव जीवनं लोके, जलमेव परं धनम्” अर्थात संसार में जल ही जीवन है और जल ही सबसे बड़ा धन है। उन्होंने आमजन से जल बचाने, वर्षा जल संग्रहण अपनाने एवं पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत ने विशेष उपस्थिति दर्ज कराते हुए जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में जल को देवता माना गया है तथा विभिन्न मांगलिक अवसरों पर जल की पूजा की जाती है। उन्होंने कहा कि सभी अच्छी बरसात की कामना करते हैं और वर्षा के जल का संरक्षण करना हम सभी का दायित्व है। गंगा दशहरा के शुभ अवसर पर जल स्रोतों की पूजा-अर्चना कर जल संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान जल पूजन, दीप प्रज्वलन, पीपल पूजन, पौधारोपण एवं श्रमदान जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं। महिलाओं एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा पारंपरिक वेशभूषा में निकाली गई कलश यात्रा आकर्षण का केंद्र रही। इस अवसर पर प्रभारी सचिव हिमांशु गुप्ता, प्रधान रायपुर कमला जी, पूर्व प्रधान भानाराम, प्रधान जैतारण मेघाराम सोलंकी, अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्म लाल जाट, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद गोपाल लाल, उपखंड अधिकारी मनोज कुमार मीणा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, स्काउट-गाइड, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। अभियान के अंतर्गत आगामी दिनों में जिलेभर में तालाबों एवं जल स्रोतों की साफ-सफाई, श्रमदान, पौधारोपण एवं विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।1
- वंदे गंगाजल संरक्षण जल अभियान 2026 को लेकर एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार लखावत और जिला प्रभारी सचिव हिमांशु गुप्ता ने पत्रकारों को संबोधित किया। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) ब्रह्मलाल जाट, तहसीलदार हनुत सिंह रावत और मुख्य तकनीकी अधिकारी (सीटीओ) सतीश सोनी भी उपस्थित थे। ओंकार लखावत ने इस अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसका मुख्य लक्ष्य राजस्थान में अधिक से अधिक जल संरक्षण करना है। उन्होंने जानकारी दी कि यह महत्वपूर्ण अभियान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की देखरेख में चलाया जा रहा है, जिनकी मंशा प्रदेश को हरा-भरा बनाना है। लखावत ने आशा व्यक्त की कि राजस्थान के हरा-भरा होने से राज्य में अच्छी वर्षा होने की उम्मीद है। अभियान की सफलता के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी को अत्यंत आवश्यक बताया गया।2