आपदा में भी VIP कल्चर! ग्रामीण पानी में जूझता रहा, नेताजी साइकिल पर बैठे रहे बाढ़ में जनता पानी में उतरी, नेताजी साइकिल पर सवार! ग्रामीण से साइकिल खिंचवाते दिखे जिला पंचायत सदस्य के पति, वीडियो वायरल होने के बाद उठे सवाल मुरैना/अम्बाह-दिमनी। बाढ़ और जलभराव से जूझ रहे ग्रामीण इलाकों में एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में जिला पंचायत वार्ड क्रमांक-5 की सदस्य रेशमा देशराज कुशवाह के पति बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में एक ग्रामीण की साइकिल पर पीछे बैठे नजर आ रहे हैं। वीडियो में ग्रामीण पानी से भरे रास्ते पर साइकिल लेकर आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है, जबकि साइकिल पर पीछे बैठे जनप्रतिनिधि के पति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी सामने आ रही है। लोगों का कहना है कि जब ग्रामीण खुद पानी और खराब रास्ते के बीच संघर्ष कर रहे थे, तब बाढ़ पीड़ितों का हाल जानने पहुंचे प्रतिनिधि को भी उनके साथ उतरकर परेशानी महसूस करनी चाहिए थी। बाढ़ में ग्रामीण खींचता रहा साइकिल, साहब बैठे रहे पीछे! वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग इसे जनप्रतिनिधियों की संवेदनशीलता और वीआईपी संस्कृति से जोड़कर सवाल उठा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आपदा के समय उनसे सहयोग और सहानुभूति की उम्मीद होती है, न कि ऐसा व्यवहार जिससे उन्हें अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़े। हालांकि, वीडियो की पूरी परिस्थितियां और यह स्पष्ट नहीं है कि उस समय साइकिल पर बैठने की वास्तविक वजह क्या थी। इसलिए संबंधित जनप्रतिनिधि पक्ष का स्पष्टीकरण सामने आना भी जरूरी है। फिलहाल वीडियो को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है और सवाल यही है—जब जनता बाढ़ के पानी में उतरकर रास्ता पार कर रही थी, तो जनप्रतिनिधि के प्रतिनिधि को साइकिल पर सवार होने की जरूरत क्यों पड़ी? #reelsviralシ #MPNews #Morena
आपदा में भी VIP कल्चर! ग्रामीण पानी में जूझता रहा, नेताजी साइकिल पर बैठे रहे बाढ़ में जनता पानी में उतरी, नेताजी साइकिल पर सवार! ग्रामीण से साइकिल खिंचवाते दिखे जिला पंचायत सदस्य के पति, वीडियो वायरल होने के बाद उठे सवाल मुरैना/अम्बाह-दिमनी। बाढ़ और जलभराव से जूझ रहे ग्रामीण इलाकों में एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में जिला पंचायत वार्ड क्रमांक-5 की सदस्य रेशमा देशराज कुशवाह के पति बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में एक ग्रामीण की साइकिल पर पीछे बैठे नजर आ रहे हैं। वीडियो में ग्रामीण पानी से भरे रास्ते पर साइकिल लेकर आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है, जबकि साइकिल पर पीछे बैठे जनप्रतिनिधि के पति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी सामने आ रही है। लोगों का कहना है कि जब ग्रामीण खुद पानी और खराब रास्ते के बीच संघर्ष कर रहे थे, तब बाढ़ पीड़ितों का हाल जानने पहुंचे प्रतिनिधि को भी उनके साथ उतरकर परेशानी महसूस करनी चाहिए थी। बाढ़ में ग्रामीण खींचता रहा साइकिल, साहब बैठे रहे पीछे! वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग इसे जनप्रतिनिधियों की संवेदनशीलता और वीआईपी संस्कृति से जोड़कर सवाल उठा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आपदा के समय उनसे सहयोग और सहानुभूति की उम्मीद होती है, न कि ऐसा व्यवहार जिससे उन्हें अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़े। हालांकि, वीडियो की पूरी परिस्थितियां और यह स्पष्ट नहीं है कि उस समय साइकिल पर बैठने की वास्तविक वजह क्या थी। इसलिए संबंधित जनप्रतिनिधि पक्ष का स्पष्टीकरण सामने आना भी जरूरी है। फिलहाल वीडियो को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है और सवाल यही है—जब जनता बाढ़ के पानी में उतरकर रास्ता पार कर रही थी, तो जनप्रतिनिधि के प्रतिनिधि को साइकिल पर सवार होने की जरूरत क्यों पड़ी? #reelsviralシ #MPNews #Morena
- 👉दिमनी स्वास्थ्य केंद्र में इमरजेंसी डॉक्टर नदारद, मरीजों की सुरक्षा पर उठे सवाल स्टाफ नर्स से डॉक्टर की मौजूदगी को लेकर पूछा गया तो जवाब—“मुझे कुछ नहीं पता” इमरजेंसी ड्यूटी में डॉक्टर की अनुपस्थिति की शिकायत, स्वास्थ्य विभाग से जांच और कार्रवाई की मांग 👉अम्बाह/दिमनी। आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दिमनी में इमरजेंसी सेवा के दौरान डॉक्टर के मौजूद नहीं मिलने का मामला सामने आया है। डॉक्टर की गैर मौजूदगी को लेकर स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं और मरीजों को मिलने वाली आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं। 👉बताया गया कि इमरजेंसी के समय जब डॉक्टर की मौजूदगी को लेकर स्टाफ नर्स से जानकारी ली गई तो कथित तौर पर उन्होंने जवाब दिया—“मुझे कुछ नहीं पता।” ऐसे में सवाल उठता है कि आपात स्थिति में आने वाले मरीजों को तत्काल चिकित्सकीय उपचार और विशेषज्ञ परामर्श कैसे उपलब्ध कराया जा रहा है। 👉इमरजेंसी सेवा में डॉक्टर की अनुपस्थिति गंभीर विषय माना जा रहा है, क्योंकि स्वास्थ्य केंद्र पर आने वाले मरीजों को किसी भी समय तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता पड़ सकती है। यदि निर्धारित ड्यूटी के दौरान डॉक्टर मौजूद नहीं थे, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है और ड्यूटी व्यवस्था की निगरानी कौन कर रहा था? 👉बड़े सवाल इमरजेंसी ड्यूटी के दौरान डॉक्टर स्वास्थ्य केंद्र पर मौजूद क्यों नहीं थे? क्या डॉक्टर की अनुपस्थिति की जानकारी उच्च अधिकारियों को थी? इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की जिम्मेदारी किसके पास थी? ड्यूटी रोस्टर और उपस्थिति की नियमित निगरानी कौन करता है? क्या स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करेगा? #nonfollowers #follower #followerseveryone #friendship #Facebook #facebookpost #facebookreels #viralvideo #FacebookPage1
- जरा सी बारिश में नदी बन जाती है गली, घरों में घुस रहा पानी वार्ड 4 के जोटई रोड से नागाजी तालाब तक जलभराव, रहवासी बोले- अब नाव ही मंजूर करा दो पोरसा। नगर के वार्ड क्रमांक 4 में जोटई रोड स्थित नागाजी गौशाला के पास से नागाजी तालाब तक जाने वाली गली बारिश के दिनों में रहवासियों के लिए मुसीबत बन गई है। जरा सी बारिश होते ही पूरी गली पानी से लबालब हो जाती है। हालात यह हैं कि सड़क और नाली का अंतर तक दिखाई नहीं देता और पानी घरों में घुसने लगता है। जलभराव के कारण लोगों को घरों से निकलने और आने-जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रहवासियों का कहना है कि क्षेत्र में पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर बारिश में यही स्थिति बनती है। कई बार नगर पालिका प्रशासन से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो सका है। बारिश के दौरान बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है। क्षेत्र निवासी राम शर्मा ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि थोड़ी सी बारिश होते ही मोहल्ले की गली नदी में तब्दील हो जाती है। प्रशासन से अब मांग है कि यदि पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं हो पा रही है तो कम से कम मोहल्ले के लिए नाव ही मंजूर करा दी जाए, ताकि लोग बारिश के दिनों में सुरक्षित तरीके से आ-जा सकें। रहवासियों ने नगर पालिका से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराई जाए, ताकि हर साल बारिश के दौरान बनने वाली जलभराव की समस्या से निजात मिल सके।1
- आगरा रेलवे ब्रेकिंग!!! अंतरराज्यीय चोरी करने वाले गिरोह का GRP पुलिस ने किया खुलासा,,, 2 शातिर चोरों को पुलिस ने किया गिरफ्तार.. एक शातिर चोर कर चुका है NEET परीक्षा पास... लग्जरी लाइफ स्टाइल जीने की चाह में करते थे चोरी... मुख्य आरोपी पुनीत चोरी की रकम से गर्लफ्रेंड की जरूरतों को भी करता था पूरी... गर्लफ्रेंड को हुआ कैंसर, तो पुनीत ने इलाज़ में खर्च कर दिए 80 लाख... आरोपी पुनीत का भाई एयरफोर्स बहन डॉक्टर और पिता है आर्मी से है रिटायर्ड... लखनऊ में हुक्का पार्लर चलाता था पुनीत... लॉकडाउन के बाद हुक्का पार्लर किया बंद फिर बन गया चोर... चोरी की घटनाओं के साथ ही NEET की तैयारी करता रहा आरोपी... जिस जिले में पुलिस ने किया गिरफ्तार, उस जिले में फिर नहीं करता था चोरी... मुख्य आरोपी पुनीत के खिलाफ 27 से ज्यादा मुकदमे पहले से है दर्ज... आरोपी पुनीत और आकाश को किया गिरफ्तार... कब्जे से लाखों की कीमत के सोने चांदी के आभूषण, और नगदी बरामद... आगरा कैंट GRP पुलिस ने की कार्रवाई... बाइट :-राजेश दीक्षित क्षेत्राधिकारी जीआरपी...1
- मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने किया फतेहाबाद सीएचसी का औचक निरीक्षण, व्यवस्थाएं परखीं, जे एस वाई की समीक्षा फतेहाबाद (आगरा): मुख्य चिकित्सा अधिकारी आगरा डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव सोमवार को फतेहाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के औचक निरीक्षण पर पहुंचे। सीएमओ के अचानक पहुंचने से स्वास्थ्य केंद्र परिसर में हड़कंप मच गया। उन्होंने सीएचसी की सभी व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा। निरीक्षण के दौरान डॉ. श्रीवास्तव ने सबसे पहले जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा की। उन्होंने योजना से संबंधित रजिस्टरों, लाभार्थियों की सूची और भुगतान की स्थिति का अवलोकन किया। सीएमओ ने निर्देश दिए कि जननी सुरक्षा योजना के कार्यों में तेजी लाई जाए और पात्र लाभार्थियों के हित में अधिक प्रयास किए जाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को समय पर योजना का लाभ मिल सके। सीएमओ ने बताया कि वर्तमान में वायरल फीवर सहित मौसमी बीमारियों को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य कर्मी सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। हर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक विशेष रजिस्टर बनाया गया है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्र की हर स्वास्थ्य समस्या की जानकारी अंकित की जाती है। इसी रजिस्टर में दर्ज समस्या के आधार पर स्वास्थ्य टीमें गांव-गांव जाकर लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं और दवाइयां उपलब्ध कराती हैं। इस दौरान सीएचसी अधीक्षक डॉ. अभिषेक चौहान सहित डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहा। सीएमओ ने स्टाफ को निर्देशित किया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर इलाज मिले, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए और सरकार की सभी स्वास्थ्य योजनाओं को ईमानदारी से धरातल पर उतारा जाए।1
- गलत इलाज से अधेड़ की मौत, झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ ग्रामीणों में भारी आक्रोश। मनियां (धौलपुर)। उपखण्ड क्षेत्र के झाड़े का पुरा गांव में एक निजी डॉक्टर द्वारा गलत इलाज किए जाने के कारण 55 वर्षीय अधेड़ व्यक्ति की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मनियां सीएचसी की मोर्चरी में रखवा दिया है। मृतक की पहचान रामवीर सिंह (55) पुत्र बंगालीराम जाति कुशवाह, निवासी झाड़े का पुरा के रूप में हुई है। मृतक के पुत्र कमलसिंह तथा भाई बनवारीलाल और अशोक ने बताया कि शनिवार को रामवीर की अचानक तबीयत खराब हो गई थी। इस पर परिजन उन्हें इलाज के लिए पास के जासूपुरा गांव स्थित एक निजी क्लीनिक पर ले गए, जिसे लादूखेड़ा निवासी हरीश नामक व्यक्ति चलाता है। परिजनों का आरोप है कि क्लीनिक पर डॉक्टर द्वारा दी गई गलत दवाइयों और इलाज के दौरान रामवीर की स्थिति अचानक और ज्यादा बिगड़ गई। गंभीर हालत में परिजन उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने निजी डॉक्टर पर घोर लापरवाही और अवैध रूप से इलाज करने का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। गलत इलाज से अधेड़ की मौत, झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ ग्रामीणों में भारी आक्रोश। मनियां (धौलपुर)। उपखण्ड क्षेत्र के झाड़े का पुरा गांव में एक निजी डॉक्टर द्वारा गलत इलाज किए जाने के कारण 55 वर्षीय अधेड़ व्यक्ति की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मनियां सीएचसी की मोर्चरी में रखवा दिया है। मृतक की पहचान रामवीर सिंह (55) पुत्र बंगालीराम जाति कुशवाह, निवासी झाड़े का पुरा के रूप में हुई है। मृतक के पुत्र कमलसिंह तथा भाई बनवारीलाल और अशोक ने बताया कि शनिवार को रामवीर की अचानक तबीयत खराब हो गई थी। इस पर परिजन उन्हें इलाज के लिए पास के जासूपुरा गांव स्थित एक निजी क्लीनिक पर ले गए, जिसे लादूखेड़ा निवासी हरीश नामक व्यक्ति चलाता है। परिजनों का आरोप है कि क्लीनिक पर डॉक्टर द्वारा दी गई गलत दवाइयों और इलाज के दौरान रामवीर की स्थिति अचानक और ज्यादा बिगड़ गई। गंभीर हालत में परिजन उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने निजी डॉक्टर पर घोर लापरवाही और अवैध रूप से इलाज करने का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।3
- आपदा में भी VIP कल्चर! ग्रामीण पानी में जूझता रहा, नेताजी साइकिल पर बैठे रहे बाढ़ में जनता पानी में उतरी, नेताजी साइकिल पर सवार! ग्रामीण से साइकिल खिंचवाते दिखे जिला पंचायत सदस्य के पति, वीडियो वायरल होने के बाद उठे सवाल मुरैना/अम्बाह-दिमनी। बाढ़ और जलभराव से जूझ रहे ग्रामीण इलाकों में एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में जिला पंचायत वार्ड क्रमांक-5 की सदस्य रेशमा देशराज कुशवाह के पति बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में एक ग्रामीण की साइकिल पर पीछे बैठे नजर आ रहे हैं। वीडियो में ग्रामीण पानी से भरे रास्ते पर साइकिल लेकर आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है, जबकि साइकिल पर पीछे बैठे जनप्रतिनिधि के पति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी सामने आ रही है। लोगों का कहना है कि जब ग्रामीण खुद पानी और खराब रास्ते के बीच संघर्ष कर रहे थे, तब बाढ़ पीड़ितों का हाल जानने पहुंचे प्रतिनिधि को भी उनके साथ उतरकर परेशानी महसूस करनी चाहिए थी। बाढ़ में ग्रामीण खींचता रहा साइकिल, साहब बैठे रहे पीछे! वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग इसे जनप्रतिनिधियों की संवेदनशीलता और वीआईपी संस्कृति से जोड़कर सवाल उठा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आपदा के समय उनसे सहयोग और सहानुभूति की उम्मीद होती है, न कि ऐसा व्यवहार जिससे उन्हें अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़े। हालांकि, वीडियो की पूरी परिस्थितियां और यह स्पष्ट नहीं है कि उस समय साइकिल पर बैठने की वास्तविक वजह क्या थी। इसलिए संबंधित जनप्रतिनिधि पक्ष का स्पष्टीकरण सामने आना भी जरूरी है। फिलहाल वीडियो को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है और सवाल यही है—जब जनता बाढ़ के पानी में उतरकर रास्ता पार कर रही थी, तो जनप्रतिनिधि के प्रतिनिधि को साइकिल पर सवार होने की जरूरत क्यों पड़ी? #reelsviralシ #MPNews #Morena1
- यमुना में डूबे 15 वर्षीय ओमकार का शव करीब 20 घंटे बाद बरामद फतेहाबाद ब्रेकिंग न्यूज़ 😭 यमुना में डूबे 15 वर्षीय ओमकार का शव करीब 20 घंटे बाद बरामद फतेहाबाद के पारौली सिकरवार गांव में यमुना नदी में नहाते समय डूबे 15 वर्षीय किशोर ओमकार का शव करीब 20 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बरामद कर लिया गया। जानकारी के अनुसार, शव ईंधोंन से नीचे पसीना वाले हनुमान मंदिर के पास से बरामद हुआ है। शव मिलने की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। घटना के बाद से ही पुलिस, पीएसी और गोताखोरों की टीम लगातार ओमकार की तलाश में जुटी हुई थी। 😭 परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ॐ शांति 🙏💐 #फतेहाबाद #आगरा #यमुना #ओमकार #ब्रेकिंगन्यूज #दुःखद_घटना1
- यमुना में नहाते समय युवक डूबा, तलाश जारी साथियों के साथ नहाने गया था ओमकार, करीब एक घंटे बाद दी घटना की सूचना फतेहाबाद : यमुना नदी में सोमवार शाम नहाते समय 22 वर्षीय युवक डूब गया। साथियों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीण गोताखोरों की मदद से युवक की तलाश शुरू करा दी। देर शाम तक उसका पता नहीं चल सका था। जानकारी के अनुसार पारौली सिकरवार फतेहाबाद निवासी सत्ता राम का 22 वर्षीय पुत्र ओमकार सोमवार शाम करीब साढ़े तीन बजे दो साथियों के साथ यमुना नदी में नहाने गया था। नहाते समय अचानक वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया। साथियों ने उसे तलाश किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। करीब एक घंटे बाद उन्होंने घटना की जानकारी पुलिस और परिजनों को दी। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर विनोद कुमार मिश्र पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीण गोताखोरों की मदद से यमुना में युवक की तलाश शुरू कराई। देर शाम तक गोताखोर युवक की तलाश में जुटे रहे। घटना की जानकारी मिलने पर स्वजन भी मौके पर पहुंच गए। उनका रो-रोकर बुरा हाल था। यमुना में नहाते समय युवक डूबा, तलाश जारी साथियों के साथ नहाने गया था ओमकार, करीब एक घंटे बाद दी घटना की सूचना फतेहाबाद : यमुना नदी में सोमवार शाम नहाते समय 22 वर्षीय युवक डूब गया। साथियों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीण गोताखोरों की मदद से युवक की तलाश शुरू करा दी। देर शाम तक उसका पता नहीं चल सका था। जानकारी के अनुसार पारौली सिकरवार फतेहाबाद निवासी सत्ता राम का 22 वर्षीय पुत्र ओमकार सोमवार शाम करीब साढ़े तीन बजे दो साथियों के साथ यमुना नदी में नहाने गया था। नहाते समय अचानक वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया। साथियों ने उसे तलाश किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। करीब एक घंटे बाद उन्होंने घटना की जानकारी पुलिस और परिजनों को दी। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर विनोद कुमार मिश्र पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीण गोताखोरों की मदद से यमुना में युवक की तलाश शुरू कराई। देर शाम तक गोताखोर युवक की तलाश में जुटे रहे। घटना की जानकारी मिलने पर स्वजन भी मौके पर पहुंच गए। उनका रो-रोकर बुरा हाल था।1