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विपक्ष के लोग जो आज हाय-तौबा मचा रहे हैं, ये वही लोग हैं जिन्होंने कभी महिलाओं के उत्थान के बारे में नहीं सोचा। इन्होंने सिर्फ महिलाओं को एक वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है। लेकिन आज जब देश में आधी आबादी को उनका हक मिल रहा है, उनको उचित मान-सम्मान मिल रहा है, तो इनका पेट क्यों दर्द कर रहा है? इन्हें डर है कि अगर महिलाएं सशक्त हो गईं, आगे बढ़ गईं, तो इनका जो पुराना ढर्रा है, वो बंद हो जाएगा। ये वही पार्टियां हैं जो आज सदन में नारी शक्ति का विरोध कर रही हैं, लेकिन जनता सब देख रही है। जनता इनको पहचान चुकी है कि कौन सच में महिलाओं के साथ है और कौन सिर्फ राजनीति कर रहा है। - श्रीमती Annapurna Devi जी, केंद्रीय मंत्री
Sapna thakur
विपक्ष के लोग जो आज हाय-तौबा मचा रहे हैं, ये वही लोग हैं जिन्होंने कभी महिलाओं के उत्थान के बारे में नहीं सोचा। इन्होंने सिर्फ महिलाओं को एक वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है। लेकिन आज जब देश में आधी आबादी को उनका हक मिल रहा है, उनको उचित मान-सम्मान मिल रहा है, तो इनका पेट क्यों दर्द कर रहा है? इन्हें डर है कि अगर महिलाएं सशक्त हो गईं, आगे बढ़ गईं, तो इनका जो पुराना ढर्रा है, वो बंद हो जाएगा। ये वही पार्टियां हैं जो आज सदन में नारी शक्ति का विरोध कर रही हैं, लेकिन जनता सब देख रही है। जनता इनको पहचान चुकी है कि कौन सच में महिलाओं के साथ है और कौन सिर्फ राजनीति कर रहा है। - श्रीमती Annapurna Devi जी, केंद्रीय मंत्री
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- विपक्ष की ओछी मानसिकता से सिर्फ नारी शक्ति का ही नहीं, बल्कि पूरे देश का बड़ा नुकसान हुआ है1
- ali4
- लखनऊ : बीजेपी को एक बयान से खुश करने के चक्कर में रवि किशन, खुद के पहले विवाह के विवाद में फंसे। 📌अपर्णा ठाकुर ने कहा उनकी शादी रवि किशन तिवारी से 1996 में हुई थी। 📌रवि किशन से जुड़ा एक विवाद जहां अपर्णा ठाकुर द्वारा खुद को उनकी पहली पत्नी बताने और अपनी बेटी को उनकी संतान घोषित करने की मांग से जुड़ा है। आरोप लगाया जा रहा है कि अपर्णा ठाकुर ने रवि किशन से 20 करोड़ रुपये की मांग करते सबके सामने बेपर्दा करने की धमकी दी, जिसके बाद रवि किशन की दूसरी पत्नी, जिन्हें रवि किशन सात फेरों वाली पत्नी घोषित किया है। अब इनकी इस पत्नी प्रीति शुक्ला ने अपर्णा ठाकुर के खिलाफ #FIR दर्ज करवाई है। 💢आईए इस विवाद के मुख्य बिंदु पर नजर डाले जो इस प्रकार हैं: अपर्णा ठाकुर का दावा है कि उनकी शादी 1996 में रवि किशन से हुई थी। मगर अब इस पर रवि किशन जिसे पत्नी मानते हैं यानि प्रीति शुक्ला ने आरोप लगाया है कि अपर्णा ठाकुर और उनके साथियों ने रवि किशन को अंडरवर्ल्ड से संबंध होने की धमकी देकर 20 करोड़ रुपये मांगे हैं। और फिर प्रीति शुक्ला ने लखनऊ में अपर्णा ठाकुर और अन्य लोगों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग और साजिश का मामला दर्ज कराया है। लेकिन अपर्णा ठाकुर की बेटी, शिनोवा ने इस विवाद को सुलझाने के लिए रवि किशन से #DNA टेस्ट कराने की मांग कर प्रीति शुक्ला को निरुत्तर कर दिया है। वहीं दूसरी और रवि किशन का एक बयान सुर्खियों में है जिसके चलते उनका मजाक बनना जारी है। लोग उंगली उठा रहे जो अपनी पहली पत्नी को धोखा दिया बेटी पैदा कर छोड़ दी वो आज राजनीति केलिए दूसरों पर उंगली उठा रहा। #BreakingNews #LatestUpdates #BollywoodGossip #FirstWife Vs #SecondWife #highlightseveryone #zerogroundreport #RakeshPandey1
- pasi1
- आगरा से बड़ी खबर सामने आ रही है।मलपुरा थाना क्षेत्र के जारुआ कटरा गांव में विभाग की कथित लापरवाही से किसान को भारी नुकसान हुआ है।बताया जा रहा है कि 33 हज़ार हाई टेंशन लाइन से निकली चिंगारी के कारण किसान के खेत में रखा करीब दो बीघा गेहूं का भूसा जलकर राख हो गया।ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले भी इसी खेत में दो बार आग लग चुकी है, लेकिन शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।घटना के बाद किसान के सामने पशुओं के चारे का संकट खड़ा हो गया है।पीड़ित किसान ने थाना मलपुरा में शिकायत दर्ज कराते हुए प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।1
- Post by गोविन्द शर्मा1
- आगरा संवाददाता बहादुर सिंह आगरा.20.04.2026.आज जिलाधिकारी श्री अरविंद मल्लप्पा बंगारी जी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में प्रत्येक सोमवार को आयोजित होने वाली आईजीआरएस पोर्टल की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों में दर्ज शिकायतों के निस्तारण, फीडबैक की गुणवत्ता और शिकायतों की संख्या की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने असंतुष्ट फीडबैक और डिफॉल्टर श्रेणी में आने वाले विभागों पर कड़ी नाराजगी जताई तथा कहा कि आईजीआरएस पोर्टल की मॉनिटरिंग शासन स्तर पर प्रतिदिन की जाती है और उसी के आधार पर जनपद की रैंकिंग तय होती है। इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि शिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए ताकि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिल सके। जिलाधिकारी ने कहा कि अधिकारी शिकायतकर्ता से फोन पर वार्ता कर उनकी समस्या का समाधान करें और निर्धारित समय सीमा में जवाब देना सुनिश्चित करें। साथ ही, अपने कार्यालय में प्रतिदिन पोर्टल की मॉनिटरिंग स्वयं करें। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन श्री आजाद भगत सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रोटोकॉल श्री प्रशांत तिवारी , अपर जिलाधिकारी नगर श्री यमुनाधर चौहान, सीएमओ डॉ अरुण कुमार श्रीवास्तव, उपनिदेशक कृषि श्री मुकेश कुमार, बीएसए जितेंद्र कुमार गोंड, डीपीआरओ मनीष कुमार सहित जनपद के सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।2
- तो उनका क्या होगा। उनकी रातों की नींद और दिन का चैन छिन गया है। वो सदैव की तरह भूमिगत होकर बिलबिला रहे हैं। इन नकारात्मक लोगों ने आज़ादी से पहले भी देश से ग़द्दारी की और अंडरग्राउंड रहकर देश को ग़ुलाम बनानेवालों की ग़ुलामी की, स्वतंत्रता सेनानियों के ख़िलाफ़ चंद पैसों और वज़ीफ़े के लालच में मुख़बिरी का तुच्छ काम किया। इन्होंने पहले भी देश को धोखा देकर अकूत दौलत इकट्ठा की और अब भी कर रहे हैं। न इन्होंने तब हिसाब दिया था और न अब दे रहे हैं। देश और समाज के लिए एक गिरोह के रूप में ये एक विशाल ‘विषग्रंथी’ है। भाजपाइयों का जैसा संस्कार है, वैसा ही उनका शब्दकोश है और वैसी ही अभिव्यक्ति। भाजपाइयों की वर्चस्ववादी सोच पीडीए को सदैव अपशब्दों से संबोधित करती आई है, इसमें कुछ नया नहीं है। भाजपा ने अपनी पार्टी के आधिकारिक हैंडल से जो अपमानजनक बात पोस्ट की है वो राजनीतिक नैतिक पतन का ऐसा दस्तावेज़ है जो देश के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज़ हो गया है। भाजपाइयों की घृणित मानसिकता से इसके अतिरिक्त कुछ और अपेक्षा भी नहीं की जानी चाहिए। ऐसे विषैली मानसिकता वाले लोगों को देखकर तो आस्तीन का साँप भी ख़ुद को डसकर आत्महत्या कर लेता है। दरअसल जब-जब पीडीए समाज के किसी भी व्यक्ति का ऐसा अपमान होता है, पीडीए एकता और संकल्प उतना ही दृढ़ होकर उभरता है। पीडीए की एकता और एकजुटता को इससे और भी बल मिला है। आज भाजपा ने एक ऐसी लकीर खींच दी है कि भाजपा में शामिल पीडीए समाज के सांसद, विधायक, पार्षद, पदाधिकारी और सामान्य सदस्य तक का राजनीतिक भविष्य शून्य हो गया है। अब वो किस मुँह से अपने-अपने समाजों के सामने जाएंगे। पीडीए ने तो 2024 के आम चुनाव में ही भाजपा में शामिल ऐसे नेताओं का चुनावी बहिष्कार करके उन्हें हार का और बाहर का रास्ता दिखा दिया था, अब तो पीडीए समाज के बीच उनकी हमेशा के लिए मानसिक नाकाबंदी हो जाएगी। भाजपा की ये गहरी चाल है कि वो पीडीए समाज के अपने सभी नेताओं की सियासत की नींव खोद दे और उनकी राजनीति हमेशा के लिए ख़त्म कर दे। भाजपा का भ्रष्टाचार और आपसी मतभेद ही उसे अंतिम चरण में ले आया है, जहाँ ये खलनायक आपस की गैंगवार में एक-दूसरे का काला चिट्ठा खोलकर, एक-दूसरे को ही ख़त्म कर देंगे। इतिहास गवाह है कि जैसे ही नकारात्मक शक्तियां हारने लगती हैं वो टूटने लगती हैं, इनके साथ भी ऐसा ही होना शुरू हो गया है और आख़िरकार ये होगा भी क्योंकि इन जैसे अवांछित लोगों के लिए इतिहास अपनी चाल नहीं बदलेगा। देखना ये है कि ये दग़ाबाज़ लोग देश छोड़कर भागते हैं या अपने काले अतीत को दोहराते हुए भूमिगत होते हैं, डरपोकों के पास वैसे भी ज़्यादा विकल्प नहीं होते हैं।1