डीग में हिंदी दिवस पखवाड़ा एवं अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर विचार संगोष्ठी का आयोजन जनोपयोगी सेवाओं व विधिक साक्षरता पर दी गई महत्वपूर्ण जानकारी अमर दीप सेन डीग, 08 सितंबर 2026: राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) के मासिक एक्शन प्लान, राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर के पत्रांक 1537 एवं जिला एवं सत्र न्यायालय, डीग के पत्रांक 2249 की अनुपालना में आज जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, डीग के तत्वाधान में श्री हिंदी पुस्तकालय समिति, डीग के सभागार में एक विचार संगोष्ठी एवं विधिक जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, डीग के अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री हेमराज गौड़ द्वारा की गई। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए अध्यक्ष श्री हेमराज गौड़ ने हिंदी दिवस पखवाड़ा के अवसर पर कहा कि आमजन तक सुलभ और त्वरित न्याय पहुँचाने के लिए न्यायिक प्रक्रियाओं व संवाद में सरल हिंदी भाषा का उपयोग अत्यंत आवश्यक है। जब व्यक्ति अपनी भाषा में कानून और न्याय को समझता है, तभी वह सशक्त महसूस करता है। उन्होंने सभी से दैनिक व आधिकारिक कार्यों में हिंदी को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, डीग के सचिव श्री राम किशन शर्मा ने 8 सितंबर 'अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस' के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सामान्य साक्षरता के साथ-साथ 'विधिक साक्षरता' होना भी प्रत्येक नागरिक के सशक्तिकरण के लिए अनिवार्य है। उन्होंने शिक्षा के अधिकार (RTE) और बुनियादी कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की बात कही। इसके साथ ही, सचिव श्री राम किशन शर्मा द्वारा जनोपयोगी सेवाओं की स्थाई लोक अदालत (Permanent Lok Adalat for Public Utility Services) के क्षेत्राधिकार व कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि बिजली, पानी, स्वास्थ्य/अस्पताल, डाक, टेलीफोन, परिवहन, सड़क और बीमा जैसी आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं से संबंधित विवादों का स्थाई लोक अदालत के माध्यम से बिना किसी अदालती शुल्क के, आपसी सुलह-समझौते के आधार पर त्वरित एवं स्थाई समाधान कराया जा सकता है। इसके अतिरिक्त नालसा व रालसा की जनकल्याणकारी योजनाओं, निःशुल्क विधिक सहायता, मध्यस्थता (Mediation) एवं पीड़ित प्रतिकर योजना की भी विस्तृत जानकारी दी गई। उपस्थिति एवं मंच संचालन: कार्यक्रम में पुस्तकालय समिति की ओर से मंच संचालन सुरेंद्र सार्थक द्वारा किया गया तथा श्री हिंदी पुस्तकालय समिति के अध्यक्ष मान सिंह व सुरेन्द बग्गी उपस्थित रहे। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री नमो नारायण मीणा, विधिक सहायता रक्षा परामर्श प्रणाली (LADCS) के चीफ लीगल डिफेंस काउंसिल श्री विनोद कुमार शर्मा, डिप्टी चीफ लीगल डिफेंस काउंसिल श्री राजेंद्र शर्मा तथा सीनियर अधिवक्ता श्री रमाकांत शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त पैनल अधिवक्तागण, पैरा लीगल वालंटियर्स (PLVs), श्री हिंदी पुस्तकालय समिति के सदस्य, स्थानीय प्रबुद्ध नागरिक एवं छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
डीग में हिंदी दिवस पखवाड़ा एवं अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर विचार संगोष्ठी का आयोजन जनोपयोगी सेवाओं व विधिक साक्षरता पर दी गई महत्वपूर्ण जानकारी अमर दीप सेन डीग, 08 सितंबर 2026: राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) के मासिक एक्शन प्लान, राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर के पत्रांक 1537 एवं जिला एवं सत्र न्यायालय, डीग के पत्रांक 2249 की अनुपालना में आज जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, डीग के तत्वाधान में श्री हिंदी पुस्तकालय समिति, डीग के सभागार में एक विचार संगोष्ठी एवं विधिक जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, डीग के अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री हेमराज गौड़ द्वारा की गई। संगोष्ठी को संबोधित करते
हुए अध्यक्ष श्री हेमराज गौड़ ने हिंदी दिवस पखवाड़ा के अवसर पर कहा कि आमजन तक सुलभ और त्वरित न्याय पहुँचाने के लिए न्यायिक प्रक्रियाओं व संवाद में सरल हिंदी भाषा का उपयोग अत्यंत आवश्यक है। जब व्यक्ति अपनी भाषा में कानून और न्याय को समझता है, तभी वह सशक्त महसूस करता है। उन्होंने सभी से दैनिक व आधिकारिक कार्यों में हिंदी को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, डीग के सचिव श्री राम किशन शर्मा ने 8 सितंबर 'अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस' के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सामान्य साक्षरता के साथ-साथ 'विधिक साक्षरता' होना भी प्रत्येक नागरिक के सशक्तिकरण के लिए अनिवार्य
है। उन्होंने शिक्षा के अधिकार (RTE) और बुनियादी कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की बात कही। इसके साथ ही, सचिव श्री राम किशन शर्मा द्वारा जनोपयोगी सेवाओं की स्थाई लोक अदालत (Permanent Lok Adalat for Public Utility Services) के क्षेत्राधिकार व कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि बिजली, पानी, स्वास्थ्य/अस्पताल, डाक, टेलीफोन, परिवहन, सड़क और बीमा जैसी आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं से संबंधित विवादों का स्थाई लोक अदालत के माध्यम से बिना किसी अदालती शुल्क के, आपसी सुलह-समझौते के आधार पर त्वरित एवं स्थाई समाधान कराया जा सकता है। इसके अतिरिक्त नालसा व रालसा की जनकल्याणकारी योजनाओं, निःशुल्क विधिक सहायता, मध्यस्थता (Mediation) एवं पीड़ित
प्रतिकर योजना की भी विस्तृत जानकारी दी गई। उपस्थिति एवं मंच संचालन: कार्यक्रम में पुस्तकालय समिति की ओर से मंच संचालन सुरेंद्र सार्थक द्वारा किया गया तथा श्री हिंदी पुस्तकालय समिति के अध्यक्ष मान सिंह व सुरेन्द बग्गी उपस्थित रहे। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री नमो नारायण मीणा, विधिक सहायता रक्षा परामर्श प्रणाली (LADCS) के चीफ लीगल डिफेंस काउंसिल श्री विनोद कुमार शर्मा, डिप्टी चीफ लीगल डिफेंस काउंसिल श्री राजेंद्र शर्मा तथा सीनियर अधिवक्ता श्री रमाकांत शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त पैनल अधिवक्तागण, पैरा लीगल वालंटियर्स (PLVs), श्री हिंदी पुस्तकालय समिति के सदस्य, स्थानीय प्रबुद्ध नागरिक एवं छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
- राधाकुंड में 84 कोसीय परिक्रमा करने आए श्रद्धालु का स्नान के दौरान बैग चोरी मथुरा के राधाकुंड में 84 कोसीय परिक्रमा करने आए श्रद्धालु का स्नान के दौरान बैग चोरी हो गया। बैग में आधार कार्ड, पैन कार्ड, मोबाइल फोन और करीब 25 से 30 हजार रुपये की नकदी बताई जा रही है। घटना के बाद श्रद्धालु ने डायल 112 और राधाकुंड चौकी पुलिस को सूचना दी। वहीं, लगातार सामने आ रही चोरी की घटनाओं ने राधाकुंड में श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पश्चिम बंगाल के बालूरघाट निवासी राधा रमन पाल अपनी पत्नी के साथ 84 कोसीय परिक्रमा करने के लिए आए थे। मंगलवार, 8 सितंबर की सुबह करीब 5:30 बजे वह राधाकुंड पहुंचे और स्नान करने लगे। पीड़ित के मुताबिक, स्नान के दौरान उनका बैग चोरी हो गया। बैग में आधार कार्ड, पैन कार्ड, एमआई कंपनी का मोबाइल फोन और करीब 25 से 30 हजार रुपये की नकदी रखी हुई थी। चोरी की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पीड़ित ने राधाकुंड चौकी पर भी घटना की जानकारी दी। अब सवाल यह है कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ वाले राधाकुंड में आखिर उनकी सुरक्षा के लिए पुलिस की क्या व्यवस्था है? बाहर से आने वाले श्रद्धालु अपने साथ जरूरी सामान और नकदी लेकर पहुंचते हैं, ऐसे में अगर स्नान के दौरान ही उनका सामान सुरक्षित नहीं है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? वहीं, इसी बीच बीती रात राधाकुंड में एक इलेक्ट्रिकल दुकान को भी चोरों ने निशाना बनाने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि दुकानदार को भनक लगने पर मौके पर पहुंचकर एक संदिग्ध को पकड़ लिया गया, जबकि दो अन्य मौके से भागने में कामयाब रहे। पकड़े गए युवक को पुलिस के हवाले किए जाने की बात सामने आई है। राधाकुंड में लगातार चोरी की घटनाएं सामने आने से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि श्रद्धालुओं के साथ चोरी की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन इन घटनाओं पर प्रभावी रोक कब लगेगी, यह बड़ा सवाल बना हुआ है। अब देखना होगा कि राधा रमन पाल के बैग चोरी के मामले में पुलिस कब तक चोरों तक पहुंचती है और श्रद्धालु का चोरी हुआ सामान बरामद हो पाता है या नहीं। साथ ही, पुलिस राधाकुंड में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर क्या ठोस कदम उठाती है, इस पर भी सभी की नजरें टिकी हुई हैं।1
- मथुरा में 41 वें नेत्रदान पखवाड़े के तहत नेत्रदान की महत्ता पर दिया गया जोर डॉक्टरों ने की अपील उत्तर प्रदेश भर में 25 अगस्त से 8 सितंबर तक राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है इसी कड़ी में डॉ श्रॉफ चैरिटी आई हॉस्पिटल की ओर से जागरूकता कार्यक्रम और प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया जिसमें आई विशेषज्ञों ने नेत्रदान के महत्व और इसकी प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी दी कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि यह पखवाड़ा आम जनमानस को नेत्रदान के प्रति जागरूक और प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है उन्होंने कहा कि नेत्रदान एक महादान है जिसकी उपयोगिता वही समझ सकता है जो दृष्टिहीनता का सामना कर रहा है मानव शरीर का कोई भी अंग मृत्यु के पश्चात किसी काम नहीं आता लेकिन मृत्यु के 6 से 8 घंटे के भीतर यदि डॉक्टरों की टीम को सूचित किया जाए तो कॉर्निया का छोटा सा हिस्सा सुरक्षित निकालकर किसी दृष्टिहीन व्यक्ति को नई रोशनी दी जा सकती है अस्पताल की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ निधि राघव ने बताया कि भारत में 32 लाख से अधिक लोग कॉर्निया संबंधी अंधापन Corneal Blindness से पीड़ित हैं उन्होंने कहा कि ऐसे मरीजों को केवल कॉर्निया ट्रांसप्लांट के माध्यम से पुन दृष्टि प्रदान की जा सकती है डॉ राघव ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि नेत्रदान केवल एक चिकित्सकीय प्रक्रिया नहीं बल्कि एक बड़ा सामाजिक हित का कार्य है समाज में जितनी अधिक जागरूकता फैलेगी उतने ही अधिक दृष्टिहीन लोगों के जीवन में अंधेरा दूर कर नया उजाला लाया जा सकेगा कार्यक्रम के अंत में आयोजन से जुड़े सभी डॉक्टरों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया4
- श्री स्वामी हरिदास महाराज का 546वां आविर्भाव महोत्सव 13 से 19 सितंबर तक, सप्त दिवसीय आयोजन में होंगे विविध कार्यक्रम मथुरा। ब्रज की पावन धरा पर संगीत, भक्ति और साधना की अनुपम परंपरा के प्रतीक श्री स्वामी हरिदास महाराज के 546वें आविर्भाव महोत्सव का भव्य आयोजन 13 सितंबर से 19 सितंबर तक किया जाएगा। सप्त दिवसीय इस महोत्सव को लेकर श्री स्वामी हरिदासीय राधा प्रसाद सेवा ट्रस्ट, मथुरा द्वारा सोमवार को प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता का मुख्य उद्देश्य महोत्सव की तैयारियों एवं कार्यक्रमों की जानकारी आमजन और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं तक पहुंचाना रहा। प्रेस वार्ता में बताया गया कि श्री स्वामी हरिदास महाराज के आविर्भाव महोत्सव के दौरान सात दिनों तक धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक श्रद्धालु इस पावन उत्सव में शामिल होकर श्री स्वामी हरिदास महाराज की भक्ति, साधना एवं संगीत परंपरा से जुड़ सकें और महोत्सव का आनंद ले सकें। आयोजकों के अनुसार 13 सितंबर से महोत्सव का शुभारंभ होगा, जिसके बाद 19 सितंबर तक प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रमों में संत-महात्माओं का सानिध्य, भजन-संकीर्तन, धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन एवं श्री स्वामी हरिदास महाराज की भक्ति परंपरा से जुड़े आयोजन प्रमुख आकर्षण रहेंगे। प्रेस वार्ता के दौरान ट्रस्ट पदाधिकारियों ने बताया कि श्री स्वामी हरिदास महाराज का ब्रजभूमि से गहरा आध्यात्मिक संबंध रहा है। उनकी भक्ति और संगीत साधना ने भारतीय शास्त्रीय संगीत एवं ब्रज की भक्ति परंपरा को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। ऐसे में उनके आविर्भाव महोत्सव का आयोजन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है। सप्त दिवसीय महोत्सव को लेकर आयोजकों द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ट्रस्ट की ओर से सभी श्रद्धालुओं, धर्मप्रेमियों एवं ब्रजवासियों से महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सहभागिता करने की अपील की गई। आयोजकों ने कहा कि यह महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि ब्रज की भक्ति, संगीत, संस्कृति और संत परंपरा को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है। सात दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में श्रद्धालुओं को भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव प्राप्त होगा। ट्रस्ट पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि श्री स्वामी हरिदास महाराज के 546वें आविर्भाव महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे और पूरा ब्रज क्षेत्र भक्ति एवं आध्यात्मिकता से सराबोर नजर आएगा।1
- मथुरा के राधाकुंड में 84 कोसीय परिक्रमा करने आए श्रद्धालु का स्नान के दौरान बैग चोरी हो गया। बैग में आधार कार्ड, पैन कार्ड, मोबाइल फोन और करीब 25 से 30 हजार रुपये की नकदी बताई जा रही है। घटना के बाद श्रद्धालु ने डायल 112 और राधाकुंड चौकी पुलिस को सूचना दी। वहीं, लगातार सामने आ रही चोरी की घटनाओं ने राधाकुंड में श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पश्चिम बंगाल के बालूरघाट निवासी राधा रमन पाल अपनी पत्नी के साथ 84 कोसीय परिक्रमा करने के लिए आए थे। मंगलवार, 8 सितंबर की सुबह करीब 5:30 बजे वह राधाकुंड पहुंचे और स्नान करने लगे। पीड़ित के मुताबिक, स्नान के दौरान उनका बैग चोरी हो गया। बैग में आधार कार्ड, पैन कार्ड, एमआई कंपनी का मोबाइल फोन और करीब 25 से 30 हजार रुपये की नकदी रखी हुई थी। चोरी की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पीड़ित ने राधाकुंड चौकी पर भी घटना की जानकारी दी। अब सवाल यह है कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ वाले राधाकुंड में आखिर उनकी सुरक्षा के लिए पुलिस की क्या व्यवस्था है? बाहर से आने वाले श्रद्धालु अपने साथ जरूरी सामान और नकदी लेकर पहुंचते हैं, ऐसे में अगर स्नान के दौरान ही उनका सामान सुरक्षित नहीं है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? वहीं, इसी बीच बीती रात राधाकुंड में एक इलेक्ट्रिकल दुकान को भी चोरों ने निशाना बनाने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि दुकानदार को भनक लगने पर मौके पर पहुंचकर एक संदिग्ध को पकड़ लिया गया, जबकि दो अन्य मौके से भागने में कामयाब रहे। पकड़े गए युवक को पुलिस के हवाले किए जाने की बात सामने आई है। राधाकुंड में लगातार चोरी की घटनाएं सामने आने से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि श्रद्धालुओं के साथ चोरी की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन इन घटनाओं पर प्रभावी रोक कब लगेगी, यह बड़ा सवाल बना हुआ है। अब देखना होगा कि राधा रमन पाल के बैग चोरी के मामले में पुलिस कब तक चोरों तक पहुंचती है और श्रद्धालु का चोरी हुआ सामान बरामद हो पाता है या नहीं। साथ ही, पुलिस राधाकुंड में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर क्या ठोस कदम उठाती है, इस पर भी सभी की नजरें टिकी हुई हैं।1
- नगर निगम सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से मथुरा नगरी मैं लगे जगह-जगह कूड़े के ढेर नगर निगम सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से मथुरा नगरी मैं लगे जगह-जगह कूड़े के ढेर1
- पीड़ित महिला ने न्याय न मिलने को लेकर प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप मथुरा जनपद के कोसी कलां के ग्राम गिढ़ोह की रहने वाली पीड़ित महिला ने न्याय न मिलने को लेकर प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप बताया जान का खतरा1
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को योगी सरकार का बड़ा तोहफा मानदेय बढ़कर 12 हजार हुआ मिलेंगे स्मार्टफोन और कैशलेस इलाज मथुरा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के हित में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है अयोध्या धाम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदेश भर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए की गई घोषणाओं और सौगातों के क्रम में जनपद मथुरा में भी भव्य कार्यक्रम का आयोजन कर नवचयनित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र साड़ी तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाली कार्यकर्ताओं को प्रशस्ति पत्र वितरित किए गए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 8 हजार से बढ़ाकर 12 हजार प्रति माह कर दिया गया है आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहायिकाओं और उनके परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख तक के नि:शुल्क एवं कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान की गई है विभागीय योजनाओं की पारदर्शी व ऑनलाइन मॉनिटरिंग और डेटा फीडिंग के लिए कार्यकर्ताओं सहायिकाओं को स्मार्ट फोन उपलब्ध कराए जा रहे हैं पहले मिलने वाली 2 साड़ियों के स्थान पर अब प्रतिवर्ष 3 साड़ियों का प्रावधान किया गया है जिसकी धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जा रही है ताकि बिचौलियों की गुंजाइश खत्म हो सके कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया जनपद मथुरा में नवचयनित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र एवं साड़ी का वितरण किया गया अनाथ बच्चों की संपूर्ण शिक्षा व देखभाल की जिम्मेदारी सरकार उठा रही है जिसके तहत पात्र बच्चों और बालिकाओं को स्वीकृत पत्र व प्रमाण पत्र दिए गए अति कुपोषित श्रेणी से सामान्य श्रेणी में आए 11 बच्चों की माताओं को पोषण पोटली एवं सम्मान प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर एनआरसी में भर्ती कराकर स्वस्थ बनाने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी विशेष प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि 0 से 6 वर्ष के बच्चों के पोषण संस्कार और गर्भवती महिलाओं की देखभाल में आंगनबाड़ी बहनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है सरकार द्वारा दी गई इन सुविधाओं से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और अधिक मनोयोग समर्पण एवं गंभीरता से जमीनी स्तर पर योजनाओं को लागू करेंगी जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में अभूतपूर्व सुधार होगा4
- मथुरा के राधाकुंड में 84 कोसीय परिक्रमा करने आए श्रद्धालु का स्नान के दौरान बैग चोरी हो गया। बैग में आधार कार्ड, पैन कार्ड, मोबाइल फोन और करीब 25 से 30 हजार रुपये की नकदी बताई जा रही है। घटना के बाद श्रद्धालु ने डायल 112 और राधाकुंड चौकी पुलिस को सूचना दी। वहीं, लगातार सामने आ रही चोरी की घटनाओं ने राधाकुंड में श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पश्चिम बंगाल के बालूरघाट निवासी राधा रमन पाल अपनी पत्नी के साथ 84 कोसीय परिक्रमा करने के लिए आए थे। मंगलवार, 8 सितंबर की सुबह करीब 5:30 बजे वह राधाकुंड पहुंचे और स्नान करने लगे। पीड़ित के मुताबिक, स्नान के दौरान उनका बैग चोरी हो गया। बैग में आधार कार्ड, पैन कार्ड, एमआई कंपनी का मोबाइल फोन और करीब 25 से 30 हजार रुपये की नकदी रखी हुई थी। चोरी की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पीड़ित ने राधाकुंड चौकी पर भी घटना की जानकारी दी। अब सवाल यह है कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ वाले राधाकुंड में आखिर उनकी सुरक्षा के लिए पुलिस की क्या व्यवस्था है? बाहर से आने वाले श्रद्धालु अपने साथ जरूरी सामान और नकदी लेकर पहुंचते हैं, ऐसे में अगर स्नान के दौरान ही उनका सामान सुरक्षित नहीं है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? वहीं, इसी बीच बीती रात राधाकुंड में एक इलेक्ट्रिकल दुकान को भी चोरों ने निशाना बनाने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि दुकानदार को भनक लगने पर मौके पर पहुंचकर एक संदिग्ध को पकड़ लिया गया, जबकि दो अन्य मौके से भागने में कामयाब रहे। पकड़े गए युवक को पुलिस के हवाले किए जाने की बात सामने आई है। राधाकुंड में लगातार चोरी की घटनाएं सामने आने से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि श्रद्धालुओं के साथ चोरी की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन इन घटनाओं पर प्रभावी रोक कब लगेगी, यह बड़ा सवाल बना हुआ है। अब देखना होगा कि राधा रमन पाल के बैग चोरी के मामले में पुलिस कब तक चोरों तक पहुंचती है और श्रद्धालु का चोरी हुआ सामान बरामद हो पाता है या नहीं। साथ ही, पुलिस राधाकुंड में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर क्या ठोस कदम उठाती है, इस पर भी सभी की नजरें टिकी हुई हैं।1
- जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट, महिला समेत छह घायल; तहसील परिसर के बाद घर पर भी हमला मथुरा। गोवर्धन थाना क्षेत्र के जचौदा गांव में जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। आरोप है कि पहले तहसील परिसर में एक युवक के साथ मारपीट की गई और इसके बाद शाम को एक पक्ष के लोगों ने कथित रूप से उसके घर पर हमला कर दिया। मारपीट की इस घटना में एक महिला समेत परिवार के छह लोग घायल हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल मथुरा में भर्ती कराया गया है। वहीं, तहसील परिसर में हुई मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कपिल पुत्र हरीश चंद का खसरा संख्या 427 की जमीन पर कथित अवैध कब्जे को लेकर रामू उर्फ रामप्रकाश पुत्र भगवान सिंह से विवाद चल रहा है। इसी मामले को लेकर कपिल अपनी शिकायत के संबंध में तहसीलदार कार्यालय पहुंचा था। आरोप है कि इसी दौरान तहसील परिसर में रामू पुत्र भगवान सिंह, अमित पुत्र विजेंद्र सिंह सहित दो अज्ञात लोगों ने कपिल के साथ मारपीट शुरू कर दी। अचानक हुई मारपीट से तहसील परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस दौरान किसी व्यक्ति द्वारा घटना का वीडियो बना लिया गया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मामला तहसील परिसर तक ही सीमित नहीं रहा। शाम के समय रामप्रकाश, विजेंद्र, अमित, राजू, अजय, पूरन, अमन और तन्नू सहित अन्य लोग एकजुट होकर कपिल के घर पहुंचे और वहां हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने परिवार के लोगों के साथ मारपीट की, जिसमें एक महिला सहित परिवार के छह सदस्य घायल हो गए। घटना के बाद घायलों में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों के पहुंचने के बाद मामला शांत हुआ। परिजनों द्वारा सभी घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल मथुरा ले जाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। एक ही विवाद को लेकर तहसील परिसर और बाद में घर पर हुई मारपीट की घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बताया जा रहा है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, घटना को लेकर दूसरे पक्ष का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। पुलिस जांच के बाद ही विवाद की वास्तविक वजह और दोनों पक्षों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी। वायरल वीडियो की भी जांच किए जाने की बात सामने आ रही है।1