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गुमला में भ्रष्टाचार अब होनहार प्रतिभाओं का सीधा कातिल बन चुका है। यहाँ लगातार योग्यता का बेरहमी से कत्ल किया जा रहा है और युवाओं के सुनहरे सपनों का खुलेआम सौदा हो रहा है, जिसने पूरे सिस्टम के काले और घिनौने चेहरे का पर्दाफाश कर दिया है।
Shivam Singh
गुमला में भ्रष्टाचार अब होनहार प्रतिभाओं का सीधा कातिल बन चुका है। यहाँ लगातार योग्यता का बेरहमी से कत्ल किया जा रहा है और युवाओं के सुनहरे सपनों का खुलेआम सौदा हो रहा है, जिसने पूरे सिस्टम के काले और घिनौने चेहरे का पर्दाफाश कर दिया है।
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- गुमला में भ्रष्टाचार अब होनहार प्रतिभाओं का सीधा कातिल बन चुका है। यहाँ लगातार योग्यता का बेरहमी से कत्ल किया जा रहा है और युवाओं के सुनहरे सपनों का खुलेआम सौदा हो रहा है, जिसने पूरे सिस्टम के काले और घिनौने चेहरे का पर्दाफाश कर दिया है।1
- गुमला के करौंदी मेला में आयोजित आर्केस्ट्रा प्रोग्राम में पहुंचे लोग जमकर मस्ती कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में भाई लोग मस्ती के माहौल का पूरा आनंद लेते हुए दिखाई दे रहे हैं।1
- गुमला के सिसई में रेफरल अस्पताल का पुराना भवन जर्जर होने और शिफ्ट किए गए स्थान पर जगह की भारी कमी के कारण मरीजों तथा स्वास्थ्य कर्मियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. ललिता कुमारी मिंज ने बताया कि अस्पताल का मुख्य भवन लगभग 50 वर्ष पुराना होने के कारण पूरी तरह जर्जर हो चुका है। भवन निर्माण विभाग से नए भवन की मंजूरी मिलने के बाद अब इस पुराने भवन को खाली कराया जा रहा है, जिससे अस्पताल के सामान को सुरक्षित रखने में काफी समस्या आ रही है। कमरों की भारी किल्लत के कारण एक्स-रे सेवा को अभी भी पुरानी जर्जर बिल्डिंग में ही चलाया जा रहा है। इसके अलावा पुराने कार्यालय वाले स्थान पर ओपीडी सेवा चलाई जा रही है। मुख्य द्वार के दाहिनी ओर स्थित बीपीएचयू (BPHU) भवन में ओपीडी पर्ची काउंटर, महिला वार्ड और प्रसव कक्ष (लेबर रूम) को शिफ्ट किया गया है, जबकि मुख्य द्वार के बाईं तरफ वाले हिस्से से दवा वितरण केंद्र और जांच घर (लैब) का संचालन किया जा रहा है। जगह की बेहद कमी होने के कारण मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने और उनकी सही ढंग से देख-रेख करने में गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। इसके साथ ही, अस्पताल के मुख्य कार्यालय को अस्पताल से लगभग 10 किलोमीटर दूर पंडरानी में शिफ्ट कर दिया गया है। कार्यालय इतनी दूर जाने की वजह से प्रखंड के 18 पंचायतों के ग्रामीणों और मरीजों को अपने जरूरी कागजी कामों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।1
- गुमला जिले के चैनपुर में 15 वर्षीय शिवानी कुमारी की मौत के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़क उठा है। बच्ची की मौत को लेकर उसके पिता ने चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। इस घटना को लेकर शुक्रवार को चैनपुर पुस्तकालय परिसर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और बुद्धिजीवियों ने एक आवश्यक बैठक की, जिसमें अस्पताल की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिला। बैठक में उपस्थित लोगों ने एकजुट होकर कहा कि अब न केवल इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बल्कि पूरे अनुमंडल क्षेत्र में फैले भ्रष्टाचार और बदहाली के खिलाफ संगठित होकर आवाज उठाने का समय आ गया है। इस बदहाली के विरोध में 'चैनपुर अनुमंडलीय जागरूक मंच' का गठन किया गया है। मंच के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि अस्पताल की अव्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं में एक सप्ताह के भीतर सुधार नहीं हुआ, तो इसके खिलाफ जोरदार जन आंदोलन किया जाएगा।1
- झारखंड के सिमडेगा जिले के ठेठईटांगर में बेहद लाजवाब और स्वादिष्ट कुसुम को देखकर मुंह में पानी आ गया है।1
- झारखंड के खूंटी स्थित कच्चा बारी पंचायत में एस आई आर को लेकर एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में पूर्व मंत्री बंधु तिर्की शामिल हुए।1
- गुमला के करौंदी में रथ यात्रा सह मेला के अवसर पर रथ मेला टाड़ में रंग मंच के बैनर तले एक भव्य और रंगारंग नागपुरी सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नागपुरी जगत के नामचीन कलाकारों ने अपनी कला का बेहतरीन प्रदर्शन कर मेला देखने आए श्रद्धालुओं और दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। जैसे ही नागपुरी लोक गीतों की धुन बजी, वैसे ही युवा कीचड़ की परवाह किए बिना उसमें जमकर झूमे और कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से पूरा समां बांध दिया। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में तेलगांव पंचायत की सरपंच सुशीला देवी और झारखंडी कलाकार क्षेत्रीय सोसायटी गुमला के अध्यक्ष व आजसू के युवा सचिव अजीत साहु उपस्थित रहे। मंच पर अतिथियों का पारंपरिक तरीके से भव्य स्वागत किया गया, जिसके बाद उन्होंने संयुक्त रूप से फीता काटकर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।1
- लोहर्दगा और झारखंड को लेकर सोशल मीडिया पर यह जानने की उत्सुकता पैदा की गई है कि आखिर इस क्षेत्र को झारखंड क्यों कहा जाता है। इस पोस्ट में लोगों से इसे देखने और समझने के लिए कहा गया है।1