शाहजहाँपुर के कलान थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत हरेली नेकपुर के मजरा मिलकिया में रविवार सुबह मधुमक्खियों के झुंड ने अचानक ग्रामीणों पर हमला बोल दिया। खेतों में अपनी फसल देखने गए दर्जनों महिला, पुरुष और बच्चे इस हमले में घायल हो गए, जिससे चारों तरफ चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ग्रामीण रोज की तरह खेतों में काम कर रहे थे जब मधुमक्खियों का झुंड उन पर टूट पड़ा। लोग जान बचाने के लिए खेतों में इधर-उधर भागते दिखे, लेकिन दर्जनों लोग मधुमक्खियों के डंक का शिकार हो गए, जिनमें कई बच्चे भी शामिल थे। घायलों में आदेश, जयवीर, अभिषेक और राजन समेत कई ग्रामीण बताए जा रहे हैं। सभी घायलों को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कलान ले जाया गया, जहाँ उनका प्राथमिक उपचार किया गया। घायलों में शामिल एक बच्चे जयवीर की हालत उस वक्त बिगड़ गई जब उसके कान में एक मधुमक्खी घुस गई। कलान के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उचित व्यवस्था न होने के कारण जयवीर के परिजन उसे एक निजी चिकित्सक के पास ले गए। इसी तरह, कई अन्य घायल भी निजी अस्पतालों में अपना इलाज करवा रहे हैं। कुछ गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल बदायूं रेफर किया गया है। इस घटना के बाद से पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।
शाहजहाँपुर के कलान थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत हरेली नेकपुर के मजरा मिलकिया में रविवार सुबह मधुमक्खियों के झुंड ने अचानक ग्रामीणों पर हमला बोल दिया। खेतों में अपनी फसल देखने गए दर्जनों महिला, पुरुष और बच्चे इस हमले में घायल हो गए, जिससे चारों तरफ चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ग्रामीण रोज की तरह खेतों में काम कर रहे थे जब मधुमक्खियों का झुंड उन पर टूट पड़ा। लोग जान बचाने के लिए खेतों में इधर-उधर भागते दिखे, लेकिन दर्जनों लोग मधुमक्खियों के डंक का शिकार हो गए, जिनमें कई बच्चे भी शामिल थे। घायलों में आदेश, जयवीर, अभिषेक और राजन समेत कई ग्रामीण बताए जा रहे हैं। सभी घायलों को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कलान ले जाया गया, जहाँ उनका प्राथमिक उपचार किया गया। घायलों में शामिल एक बच्चे जयवीर की हालत उस वक्त बिगड़ गई जब उसके कान में एक मधुमक्खी घुस गई। कलान के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उचित व्यवस्था न होने के कारण जयवीर के परिजन उसे एक निजी चिकित्सक के पास ले गए। इसी तरह, कई अन्य घायल भी निजी अस्पतालों में अपना इलाज करवा रहे हैं। कुछ गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल बदायूं रेफर किया गया है। इस घटना के बाद से पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।
- फर्रुखाबाद जिले में गंगा नदी में डूबने से एक युवक की मौत हो गई।1
- फर्रुखाबाद के थाना कादरीगेट क्षेत्र स्थित साईं मंदिर अमेठी कोहना पर उस समय हड़कंप मच गया जब रामाश्रय राठौर की जेब से मोबाइल फोन चोरी करते हुए दो युवकों को मौके पर ही रंगे हाथ पकड़ लिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही रामाश्रय राठौर को अपनी जेब से मोबाइल निकाले जाने का आभास हुआ, उन्होंने शोर मचाया और चोरों का पीछा किया, जिसके बाद साईं मंदिर परिसर में मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों युवकों को पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान निर्दोष पुत्र लल्ला निवासी लकूला, फर्रुखाबाद और कन्हैया पुत्र राकेश निवासी लकूला, फर्रुखाबाद के रूप में हुई है। यह भी बताया जा रहा है कि आरोपी कन्हैया केवल 2-4 दिन पहले ही फर्रुखाबाद जिला जेल से बाहर आया था। पूछताछ के दौरान, इन आरोपियों ने अपने अन्य नौ साथियों के नाम पिनया, सजन, ललुआ, मनुआ, उदय, बेहरा, प्रांशु, कोयला और मोटा बताए हैं, जो घटना स्थल से भागने में सफल रहे। तलाशी लेने पर पकड़े गए युवकों के पास से एक चोरी का मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है। घटना की जानकारी साईं धाम निवासी भूपेंद्र सिंह भदौरिया ने तत्काल सीओ सिटी को फोन करके दी। सूचना मिलने के लगभग एक घंटे बाद थाना कादरीगेट पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर अपने साथ थाने ले गई। क्षेत्र में बढ़ती चोरी की घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। निवासियों का कहना है कि साईं मंदिर में पहले भी दो बार चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं और साईं धाम कॉलोनी के कई घर भी चोरों के निशाने पर आ चुके हैं। क्षेत्रवासी लगातार हो रही चोरी की वारदातों के कारण भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर हैं। लोगों ने पुलिस प्रशासन से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और फरार हुए अन्य आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।2
- एटा जिले के कस्बा सकीट के भगवंतपुर गाँव में चल रहे भागवत कार्यक्रम के दौरान गौ रक्षक टीम सकीट के सदस्यों का ग्रामीणों ने भावपूर्ण स्वागत किया। यह स्वागत जय श्री राम और जय गौ माता के उद्घोष के साथ किया गया, जिससे कार्यक्रम स्थल पर भक्तिमय और उत्साहपूर्ण माहौल बन गया।1
- जनपद बदायूँ के उसहैत थाना क्षेत्र में ककराला रोड स्थित रूपापुर चौराहे पर जनसुविधा के लिए शीतल जल प्याऊ मशीन स्थापित की गई है, लेकिन यह मशीन आज तक चालू नहीं हो पाई है। भीषण गर्मी के इस दौर में राहगीरों और स्थानीय लोगों को ठंडे पेयजल की सुविधा नहीं मिल पा रही है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने मशीन तो लगवा दी, पर उसे शुरू कराने की कोई व्यवस्था नहीं की गई। इस गर्मी के मौसम में पीने के पानी के लिए लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आमजन को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से, लोगों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से जल्द से जल्द इस शीतल जल प्याऊ मशीन को चालू कराने की मांग की है।2
- बदायूं जिले के उसावां थाना क्षेत्र के ग्राम मरौरी में एक घर में अज्ञात कारणों से आग लग गई। इस घटना में घर का लाखों रुपये का दैनिक उपयोगी सामान और चार भेड़ के बच्चे जलकर राख हो गए। पीड़ित परिवारों ने बताया कि संजू पुत्र परमेश्वरी और परमेश्वरी पुत्र झम्मनलाल इस घर में रहते थे, और आग लगने से उनका काफी नुकसान हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया गया, जिसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर आग बुझाने में सहयोग किया। थानाध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस टीम ने भी मौके पर पहुंचकर आग बुझाने में मदद की। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि संबंधित अधिकारियों को घटना की सूचना दे दी गई है। हालांकि, आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।1
- एक व्यक्ति ने अपने पालतू तोते को अनार खिलाते हुए दिखाया है। इस दृश्य को साझा करते हुए, उन्होंने दर्शकों से टिप्पणी करके यह बताने का आग्रह किया है कि क्या उन्हें यह अच्छा लग रहा है। इसके साथ ही, उन्होंने लोगों से अपने पेज को फॉलो करने का भी अनुरोध किया है।1
- बाराबंकी के फतेहपुर के झांसा गांव में सुबह चार बजे एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां बिजली न होने के कारण घर के बाहर सो रहे एक परिवार को ट्रक ने कुचल दिया। इस भीषण घटना में एक पिता और उनके तीन बच्चों की मौत हो गई, जिससे पूरे गांव में मातम छा गया। इस हृदय विदारक हादसे के बाद, पिता और उनके तीन बच्चों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया, जिससे गांव में गम का माहौल गहरा गया और लोग रो पड़े। अंतिम संस्कार के मौके पर सांसद तनुज पुनिया सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।1
- फर्रुखाबाद के शमशाबाद स्थित नगलानान में चिंतामणि तालाब पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का रविवार, 24 मई 2026 को विधिवत विश्राम हुआ। इस धार्मिक आयोजन की शुरुआत सोमवार, 18 मई 2026 को कलश यात्रा के साथ हुई थी, जिसका नेतृत्व ब्रह्मचारी पाठक जी ने किया। कथा व्यास आचार्य श्री हरिकरन शास्त्री जी ने सात दिनों तक श्रद्धालुओं को श्रीमद् भागवत महापुराण का रसपान कराया, जबकि वेदपाठी श्री शिवाकांत पांडे जी ने मंत्रोच्चार के साथ पाठ किया। आचार्य हरिकरन शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, गीता के उपदेशों और भक्त प्रह्लाद, ध्रुव व अजामिल जैसे प्रसंगों का वर्णन करते हुए बताया कि कलियुग में भवसागर से पार उतरने के लिए भागवत कथा श्रवण सर्वोत्तम साधन है। कथा विश्राम के अगले दिन, सोमवार, 25 मई 2026 को चिंतामणि तालाब परिसर में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। सुबह हवन-पूजन के बाद दोपहर से प्रसाद वितरण शुरू हुआ, जो देर शाम तक चलता रहा। इस भव्य भंडारे में आसपास के गांवों से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पंगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन समिति ने सभी सहयोगियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया, और इस दौरान सुरक्षा तथा व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी स्थानीय युवाओं ने संभाली।2
- प्रदेश या देश में किसी भी दुखद घटना के घटित होने पर, एक व्यक्ति को "बहन मायावती जी का शासन और उनकी सरकार" की याद आती है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो को देखकर गहरा सदमा और खामोशी महसूस हुई है, जिसमें उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री आदित्यनाथ जी के कार्यकाल के दौरान एक पिता को अपनी बच्ची को गोद में लिए अस्पतालों का चक्कर लगाते देखा गया, जिसका कारण अस्पतालों की कमी बताई गई है। इस घटना के संदर्भ में, देश और प्रदेश की जनता से कई सवाल उठाए गए हैं कि आखिर क्यों वे देश में एक अच्छा शासन लागू करना नहीं चाहते। सवाल है कि क्यों भारत देश की जनता धर्म और जाति के आधार पर वोट करती है। व्यक्ति पूछता है कि क्या देश के इन हालातों को देखकर जनता को दुख नहीं होता और क्या उन्हें यह महसूस नहीं होता कि आज देश में महंगाई चरम सीमा पर है। यह भी पूछा गया है कि क्या सस्ती कीमतों पर कोई भी चीज नहीं खरीदी जा सकती है। विपक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाया गया है, कि वह इन "तानाशाही नेताओं" का मुकाबला करने और उन्हें प्रदेश व देश की सत्ता से दूर करने के लिए मजबूती से आगे क्यों नहीं आ रहा है। अंत में, यह गंभीर प्रश्न उठाया गया है कि जनता देश का नेतृत्व अच्छे हाथों में क्यों नहीं सौंपती, जिससे जनता की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके।1