जुन्नारदेव नगर पालिका की लापरवाही से नलों से पीला पानी!! आमजनों के स्वास्थ्य संकट से खिलवाड़ ! दूषित जल की आशंका से दहशत में वार्ड- 16 वार्डवासी गोपाल मालवीय बिंध्यसत्ता -जुन्नारदेव) - नगर के वार्ड क्रमांक 16 में पेयजल आपूर्ति को लेकर गंभीर स्थिति सामने आई है, जहां रविवार को नल जल सप्लाई के दौरान लोगों को पीला और गंदा पानी मिलने की शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय रहवासियों के अनुसार, यह समस्या एक दिन की नहीं बल्कि लगातार बनी हुई है, जिससे अब लोगों में जलजनित बीमारियों का डर बढ़ने लगा है। खास बात यह है कि इसी पानी का उपयोग पीने के लिए भी किया जा रहा है, जिससे स्थिति और चिंताजनक हो गई है। समस्या को लेकर अधिकारियो के जवाब रहे नदारद!! ••, दूषित जल की चल रही गंभीर समस्याओ को लेकर जब नगर पालिका के जबाबदेह अधिकारियो को समाधान हेतु फ़ोन लगाया गया लेकिन समस्या का समाधान करने के पूर्व ही अधिकारियो द्वारा लगाई कॉल को नजरंदाज किया गया जिससे मामला साफ पानी की तरह झलकता नजर आया जिसमे दूषित मानसिकता और जबाबदेही से बच निकलने का समाधान इन अधिकारियो द्वारा किया गया.। वार्डवासियो ने लगाई स्वच्छ जल सप्लाई की गुहार!! •• वार्डवासियों ने नगर प्रशासन से साफ और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। गर्मी के इस मौसम में दूषित पानी की आपूर्ति सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती है। कानूनी सवालों के घेरे में व्यवस्था:: ••• विशेषज्ञों के अनुसार, नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसमें लापरवाही गंभीर विषय माना जाता है।यह मामला निम्न प्रावधानों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण हो जाता है— ••भारतीय संविधान अनुच्छेद 21 •• सुरक्षित जीवन का अधिकार, जिसमें स्वच्छ पानी शामिल है •• जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1974 – जल प्रदूषण रोकने की जिम्मेदारी •• पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 ••• यदि पेयजल की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं है, तो संबंधित विभागों की जवाबदेही तय की जा सकती है। जनता में आक्रोश, जवाबदेही की मांग! •• वार्डवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद यदि ऐसी स्थिति बनी रहती है, तो यह प्रशासनिक लापरवाही की ओर संकेत करता है। लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने को मजबूर होंगे। अब सबकी नजर प्रशासन पर •• मामला सामने आने के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नगर पालिका इस गंभीर समस्या को कितनी प्राथमिकता से हल करती है और क्या जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं। या मामला राजनीति और सत्ता के बल पर आम नागरिकों के हक़ को छीन कर पीले जहर को पिलाकर मामला हमेशा के लिए ठंडे बस्ते मे दबा दिया जायेगा.।
जुन्नारदेव नगर पालिका की लापरवाही से नलों से पीला पानी!! आमजनों के स्वास्थ्य संकट से खिलवाड़ ! दूषित जल की आशंका से दहशत में वार्ड- 16 वार्डवासी गोपाल मालवीय बिंध्यसत्ता -जुन्नारदेव) - नगर के वार्ड क्रमांक 16 में पेयजल आपूर्ति को लेकर गंभीर स्थिति सामने आई है, जहां रविवार को नल जल सप्लाई के दौरान लोगों को पीला और गंदा पानी मिलने की शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय रहवासियों के अनुसार, यह समस्या एक दिन की नहीं बल्कि लगातार बनी हुई है, जिससे अब लोगों में जलजनित बीमारियों का डर बढ़ने लगा है। खास बात यह है कि इसी पानी का उपयोग पीने के लिए भी किया जा रहा है, जिससे स्थिति और चिंताजनक हो गई है। समस्या को लेकर अधिकारियो के जवाब रहे नदारद!! ••, दूषित जल की चल रही गंभीर समस्याओ को लेकर जब नगर पालिका के जबाबदेह अधिकारियो को समाधान हेतु फ़ोन लगाया गया लेकिन
समस्या का समाधान करने के पूर्व ही अधिकारियो द्वारा लगाई कॉल को नजरंदाज किया गया जिससे मामला साफ पानी की तरह झलकता नजर आया जिसमे दूषित मानसिकता और जबाबदेही से बच निकलने का समाधान इन अधिकारियो द्वारा किया गया.। वार्डवासियो ने लगाई स्वच्छ जल सप्लाई की गुहार!! •• वार्डवासियों ने नगर प्रशासन से साफ और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। गर्मी के इस मौसम में दूषित पानी की आपूर्ति सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती है। कानूनी सवालों के घेरे में व्यवस्था:: ••• विशेषज्ञों के अनुसार, नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसमें लापरवाही गंभीर विषय माना जाता है।यह मामला निम्न प्रावधानों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण हो जाता है— ••भारतीय संविधान अनुच्छेद 21 •• सुरक्षित जीवन का अधिकार, जिसमें स्वच्छ पानी शामिल है •• जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम
1974 – जल प्रदूषण रोकने की जिम्मेदारी •• पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 ••• यदि पेयजल की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं है, तो संबंधित विभागों की जवाबदेही तय की जा सकती है। जनता में आक्रोश, जवाबदेही की मांग! •• वार्डवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद यदि ऐसी स्थिति बनी रहती है, तो यह प्रशासनिक लापरवाही की ओर संकेत करता है। लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने को मजबूर होंगे। अब सबकी नजर प्रशासन पर •• मामला सामने आने के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नगर पालिका इस गंभीर समस्या को कितनी प्राथमिकता से हल करती है और क्या जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं। या मामला राजनीति और सत्ता के बल पर आम नागरिकों के हक़ को छीन कर पीले जहर को पिलाकर मामला हमेशा के लिए ठंडे बस्ते मे दबा दिया जायेगा.।
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- 15 दिन से सूखा छिंदवाड़ा में मटके थामे भूखे-प्यासे लोग, मेयर-कमिश्नर का मांगा इस्तीफा! छिंदवाड़ा शहर में जलसंकट ने मचाया हाहाकार। वार्ड 29 सहित तीन वार्डों में 15 दिनों से पानी का नामोनिशान नहीं। नाराज ग्रामीणों ने रविवार सुबह खाली मटके थामे पानी की टंकी पर धरना दिया। वार्ड 29 के पार्षद राहुल मालवीय के नेतृत्व में लोगों ने मेयर और निगम कमिश्नर का इस्तीफा मांगा। निगम कर्मियों को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी सोमवार तक पानी नहीं आया तो मंगलवार को कलेक्टर के सामने 'हल्ला बोल' आंदोलन होगा!प्रदर्शन सुबह 10 से 11:30 बजे तक चला।1
- छिंदवाड़ा में बैटरी ब्लास्ट, 7वीं का छात्र गंभीर रूप से झुलसा छिंदवाड़ा जिले के मुजावर क्षेत्र से एक झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने एक बार फिर घरों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां कक्षा सातवीं में पढ़ने वाला मानव नामक मासूम टॉर्च की बैटरी से खेलते समय हुए अचानक विस्फोट का शिकार हो गया। बताया जा रहा है कि रविवार सुबह करीब 10 बजे बच्चा घर पर अकेला था और बैटरी के साथ छेड़छाड़ कर रहा था। तभी अचानक बैटरी में तेज धमाका हुआ, जिसने पलभर में ही मासूम को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में बच्चे के हाथ और पेट बुरी तरह झुलस गए। घटना के बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई और आनन-फानन में बच्चे को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई है।यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक गंभीर चेतावनी है खासकर इस भीषण गर्मी के दौर में, जब बैटरी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में ओवरहीटिंग का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। जरा सी लापरवाही बड़े हादसे में बदल सकती है।1
- छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा जिले के अंतर्गत परमं पूज्य संत श्री आशाराम जी गोशाला खजरीं द्वारा प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी छाछ सेवा अनवरत जारी है ।यह सेवा श्री योग वेदांत सेवा समिति के माध्यम से की जा रही है । प्रति रविवार बस स्टैंड पर हजारों राहगीरों द्वारा छाछ का लाभ लिया जा रहा है ।इस सेवा में खजरीं गोशाला के संचालक जय राम भाई और समिति के अध्यक्ष मदन मोहन परसाई के अलावा बहुत से साधक भाई बहन सेवाए दे रहे है ।1
- Wcl क्वार्टर आवंटन में फर्जीवाड़ा एक कामगार को चार चार क्वार्टर एलर्ट 50-50 किलोमीटर से अरे1
- नीतू सिंह परमार ने लिया तीसरी बार नपा अध्यक्ष का प्रभार नपा अध्यक्ष नीतू सिंह परमार ने कहा अब सब मिलकर करेंगे नगर का विकास मुलताई। नपा अध्यक्ष पद कों लेकर चल रहे मामले मे आज विराम लग गया,अदालत मे चली लम्बी लड़ाई के बाद माननीय उच्च न्यायालय ने नीतू सिंह परमार कों अध्यक्ष बनाएं जाने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद मनोनीत नपा अध्यक्ष वर्षा गढ़ेकर सुप्रीम कोर्ट चले गई जहाँ वर्षा गढ़ेकर की अपील ख़ारिज होने से नीतू सिंह परमार कों अध्यक्ष बनाएं जाने का रास्ता साफ हो गया। आज पद भार ग्रहण करते ही नीतू सिंह परमार तीसरी बार नपा अध्यक्ष बन गई,नपा सभा कक्ष मे आयोजित पद भार ग्रहण समारोह मे कांग्रेसी पार्षदों सहित बड़ी संख्या मे कांग्रेस कार्यकर्ता पूर्व विधायक डॉ पी आर बोडखे, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव, नगर कांग्रेस अध्यक्ष सुमित शिवहरे, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष किशोर सिंह परिहार, कमल सोनी,विनोद बेले, शेख जाकिर,पूर्व पार्षदों सहित नपा cmo वीरेंद्र तिवारी एवं नपा अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे। जहां नपा अध्यक्ष नीतू सिंह परमार ने कहा कि सब मिलकर करेंगे नगर का विकास।1
- Post by AMLA NEWS1
- छिंदवाड़ा गोधूलि वृद्धाश्रम में जैन बंधुओं ने मनाया उपकार दिवस, बुजुर्गों को भोजन कराया छिंदवाड़ा। स्वर्णपुरी के संत कहान गुरुदेवश्री के 137वें उपकार दिवस और अक्षय तृतीया पर अहिंसा प्रेमी जैन बंधु ने आज रविवार दोपहर 2 बजे गोधूलि वृद्धाश्रम पहुंचे। दीपक राज जैन, ऊषा किरण जैन समेत जैन परिवार ने बुजुर्गों को स्वादिष्ट भोजन कराया, पंखे लगाए, पौधारोपण किया और पक्षियों के लिए घरौंदे व जलपात्र स्थापित किए। जिनशासन सेवक सन्मत जैन की पुण्य स्मृति में यह सेवा कार्य हुआ। दीपक राज जैन ने जीव रक्षा, पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया और ग्रीष्म में पशु-पक्षियों के लिए दाना-पानी रखने की अपील की। बुजुर्गों ने जैन बंधुओं को आशीर्वाद दिया।1