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यूजीसी रोलबैक की मांग के समर्थन में पल्लवी पटेल ने प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन से सरकार पर दबाव बढ़ने की उम्मीद है।
Udnews chief editor In
यूजीसी रोलबैक की मांग के समर्थन में पल्लवी पटेल ने प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन से सरकार पर दबाव बढ़ने की उम्मीद है।
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- फतेहपुर के कोरवा गाँव में एक आम के बगीचे में करीब 50 वर्षीय व्यक्ति का शव मिलने से हड़कंप मच गया। पुलिस शव की शिनाख्त के प्रयास कर रही है, पर अब तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए रखवा दिया गया है और पहचान के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया जा रहा है।1
- फतेहपुर के नरवा संग्रामपुर गांव में जमीन विवाद को लेकर 40 वर्षीय फूल सिंह लोधी की लाठी-डंडों व धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। मृतक का विवाद ग्राम प्रधान मदन लोधी से चल रहा था और हत्या के बाद मुख्य आरोपी समेत सभी फरार हो गए हैं। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें गठित की हैं।1
- यूजीसी रोलबैक की मांग के समर्थन में पल्लवी पटेल ने प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन से सरकार पर दबाव बढ़ने की उम्मीद है।1
- फतहपुर के हथगांव में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। परिजनों ने इसे हत्या करार देते हुए पुलिस से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में ऊंचाहार से डॉ. मनोज कुमार पांडे को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। उनके मंत्री बनने पर रायबरेली और ऊंचाहार क्षेत्र में समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जमकर जश्न मनाया। लोगों को उम्मीद है कि अब क्षेत्र में विकास कार्यों को और गति मिलेगी।1
- रायबरेली के हरचंदपुर में एक तेज रफ्तार ट्रक ने रोडवेज बस को टक्कर मार दी, जिससे एक कार बस में जा घुसी। इस भीषण हादसे में कार के परखच्चे उड़ गए, लेकिन उसमें सवार एक मासूम बच्चे और महिला सहित चार लोग चमत्कारिक रूप से सुरक्षित बच निकले। पुलिस बल मौके पर मौजूद है।1
- फतेहपुर के मिहवापुर गांव में खनन माफिया पुलिस की कथित सरपरस्ती में उपजाऊ खेतों की मिट्टी बेच रहे हैं। आरोप है कि यह अवैध धंधा मात्र ₹400-₹500 प्रति ट्रॉली में चल रहा है, जिससे कृषि भूमि बंजर होने का खतरा है। स्थानीय प्रशासन की चुप्पी से ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है।1
- मदर्स डे पर भी फतेहपुर की महिला पुलिसकर्मी अपने बच्चों से दूर रहकर समाज की सुरक्षा में डटी हैं। वे एक तरफ अपने बच्चों की मां हैं, तो दूसरी तरफ घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को न्याय और बेटियों को सुरक्षा का भरोसा देती हैं। खाकी वर्दी उनके लिए सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि सेवा और सुरक्षा का संकल्प है, जिसे वे दिन-रात निभा रही हैं।1