दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए कथित लाठीचार्ज, मारपीट और अभद्र व्यवहार के विरोध में शनिवार को आगरा में भीम आर्मी ने जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। जिले भर से पहुंचे सैकड़ों कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जिला कलेक्ट्रेट पर एकत्र होकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष रिंकू सेठ के आह्वान पर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पहुंचे। प्रदर्शन की प्रमुख झलक धनौली क्षेत्र से देखने को मिली, जहां भीम आर्मी के वरिष्ठ साथी एवं आज़ाद समाज पार्टी के संस्थापक सदस्य छत्रपति सोनी के नेतृत्व में समर्थकों ने धनौली से जिला कलेक्ट्रेट तक विशाल पैदल मार्च निकाला। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए प्रदर्शनकारी पूरे रास्ते सरकार की नीतियों के विरोध में नारे लगाते हुए आगे बढ़े। जिला कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद भीम आर्मी के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी आगरा को सौंपा। ज्ञापन में जंतर-मंतर की घटना की निष्पक्ष जांच कराने, छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेने की मांग की गई है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए कथित लाठीचार्ज, मारपीट और अभद्र व्यवहार के विरोध में शनिवार को आगरा में भीम आर्मी ने जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। जिले भर से पहुंचे सैकड़ों कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जिला कलेक्ट्रेट पर एकत्र होकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष रिंकू सेठ के आह्वान पर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पहुंचे। प्रदर्शन की प्रमुख झलक धनौली क्षेत्र से देखने को मिली, जहां भीम आर्मी के वरिष्ठ साथी एवं आज़ाद समाज पार्टी के संस्थापक सदस्य छत्रपति सोनी के नेतृत्व में समर्थकों ने धनौली से जिला कलेक्ट्रेट तक विशाल पैदल मार्च निकाला। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए प्रदर्शनकारी पूरे रास्ते सरकार की नीतियों के विरोध में नारे लगाते हुए आगे बढ़े। जिला कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद भीम आर्मी के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी आगरा को सौंपा। ज्ञापन में जंतर-मंतर की घटना की निष्पक्ष जांच कराने, छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेने की मांग की गई है।
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए कथित लाठीचार्ज, मारपीट और अभद्र व्यवहार के विरोध में शनिवार को आगरा में भीम आर्मी ने जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। जिले भर से पहुंचे सैकड़ों कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जिला कलेक्ट्रेट पर एकत्र होकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष रिंकू सेठ के आह्वान पर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पहुंचे। प्रदर्शन की प्रमुख झलक धनौली क्षेत्र से देखने को मिली, जहां भीम आर्मी के वरिष्ठ साथी एवं आज़ाद समाज पार्टी के संस्थापक सदस्य छत्रपति सोनी के नेतृत्व में समर्थकों ने धनौली से जिला कलेक्ट्रेट तक विशाल पैदल मार्च निकाला। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए प्रदर्शनकारी पूरे रास्ते सरकार की नीतियों के विरोध में नारे लगाते हुए आगे बढ़े। जिला कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद भीम आर्मी के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी आगरा को सौंपा। ज्ञापन में जंतर-मंतर की घटना की निष्पक्ष जांच कराने, छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेने की मांग की गई है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 36 दिनों से चल रहा प्रदर्शन सीजेपी (CJP) ने आधिकारिक रूप से समाप्त कर दिया है। सरकार के साथ हुई सकारात्मक बातचीत के बाद सीजेपी के प्रवक्ताओं ने 25 जुलाई 2026 को इस आंदोलन को वापस लेने का ऐलान किया। सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास के अनुसार, सरकार के साथ हुई तीन दौर की बैठकों के बाद उनकी सभी मुख्य माँगें मान ली गई हैं। नीट (NEET) पेपर लीक और अन्य परीक्षा अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है। सहमति के तहत नीट विवाद के कारण मानसिक तनाव से आत्महत्या करने वाले पीड़ित छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा दिया जाएगा। इसके साथ ही दिल्ली और अन्य बीजेपी शासित राज्यों में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर (FIR) वापस ली जाएंगी।1
- शिवपुरी में नशामुक्ति अभियान 2.0 के तहत कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मनियर ईटमा रेलवे अंडर ब्रिज के पास से एक व्यक्ति को अवैध स्मैक के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से 21.80 ग्राम स्मैक बरामद की है, जिसकी कुल कीमत ₹4,20,000 बताई गई है। पकड़ा गया आरोपी सहराना मनियर निवासी मनोज कुचवंदिया (38 वर्ष), पिता रतनलाल कुचवंदिया है, जो स्मैक बेचने की नीयत से वहां खड़ा था। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया के निर्देशों पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री रामदास प्रजापति और नगर पुलिस अधीक्षक श्री सचिन कुमार धुर्वे के मार्गदर्शन में कोतवाली टीआई रोहित दुबे द्वारा गठित टीम ने अंजाम दी। सूचना की तस्दीक के लिए पहुंची पुलिस टीम को देखकर आरोपी भागने लगा, जिसे स्टाफ की मदद से घेरकर पकड़ा गया। तलाशी लेने पर उसकी लोअर की बायीं जेब से पारदर्शी पन्नी में स्मैक पाई गई। आरोपी को मौके पर गिरफ्तार कर उसके खिलाफ अपराध क्रमांक 564/26 धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी आपराधिक किस्म का व्यक्ति है और पूर्व में भी कई अपराध कर चुका है। फिलहाल उससे स्मैक के मुख्य स्रोत के संबंध में पूछताछ की जा रही है। शहर को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से कोतवाली पुलिस द्वारा अन्य जिलों और राज्यों से आकर मादक पदार्थों का परिवहन करने वाले तत्वों की भी जानकारी एकत्रित की जा रही है, जिन पर आगे एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।3
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने आगरा स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर (शिवाजी मंडपम) में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान "मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना" का विधिवत शुभारंभ किया है। इस योजना के तहत राज्य के उच्च शिक्षा विभाग के 7.50 लाख शिक्षकों और उनके आश्रितों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान एंकर अनूप चौहान द्वारा शुरुआत किए जाने के बाद सीएम योगी ने योजना का शुभारंभ किया, शिक्षकों को कार्ड का वितरण किया और अपना संबोधन दिया। योजना के नियमों के तहत सूचिबद्ध निजी अस्पतालों में ₹5 लाख तक का मुफ़्त व कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि सरकारी अस्पतालों में इलाज के खर्च पर कोई ऊपरी सीमा तय नहीं की गई है। इस सुविधा के लिए राज्य विश्वविद्यालय, अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालय और स्ववित्त पोषित कॉलेजों के शिक्षक एवं उनके आश्रित परिवार पात्र होंगे। इस योजना को प्रभावी बनाने के लिए उच्च शिक्षा विभाग और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के बीच एमओयू (MoU) भी किया गया है।1
- आगरा के सूर सदन में 2 अगस्त 2026 को दावत-ए-इस्लामी इंडिया के सामाजिक सेवा विभाग गरीब नवाज़ रिलीफ फाउंडेशन (GNRF) द्वारा पर्यावरण संरक्षण और देशभक्ति पर आधारित एक विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन के जरिए संस्था देश की आज़ादी और हरियाली का संदेश जन-जन तक पहुँचाने का काम करेगी। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पौधारोपण को बढ़ावा देना और लोगों को देश की आज़ादी के महत्व के प्रति जागरूक करना है। इसके साथ ही, GNRF इस मंच से देश और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करेगा।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा प्रोटेस्ट खत्म होने के बाद सीजेपी (CJP) के चीफ अभिजीत दीपके ने एक वीडियो जारी किया है। वीडियो में उन्होंने बताया कि पिछले 37 दिनों में जो कुछ भी हुआ वह आसान नहीं था। 37 दिनों के बाद आज वह अपने बेडरूम में बिना किसी घबराहट और इस सोच के कि शाम को क्या होगा, चैन से सो पाए हैं। अभिजीत ने बताया कि टाइफाइड होने और तापमान 110 तक पहुंच जाने के कारण वह उन लोगों से मिलकर धन्यवाद भी नहीं कह पाए जो 37 दिनों से उनके साथ जुड़े हुए थे। उन्होंने सीजेपी के सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। इसके अलावा, उन्होंने उन लोगों को भी धन्यवाद दिया जिन्होंने उन पर संदेह जताया था और कहा था कि वे प्रोटेस्ट को लेकर गंभीर नहीं हैं या प्रदर्शन करना नहीं जानते। उन्होंने कहा कि अगर लोग आलोचना नहीं करते, तो उन्हें खुद में और सुधार करने का मौका नहीं मिलता।1
- राजस्थान के बालोतरा जिले के एक स्कूल में दो शिक्षिकाओं के बीच जमकर मारपीट का मामला सामने आया है। यह पूरी घटना स्कूल के बच्चों और ग्रामीणों की मौजूदगी में हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दोनों शिक्षिकाएं एक-दूसरे के साथ हाथापाई करती हुई दिखाई दे रही हैं। किसी शिक्षण संस्थान में इस तरह का हंगामा होने पर स्थानीय लोगों ने भारी नाराजगी जताई है। ग्रामीणों ने घटना का विरोध करते हुए दोनों शिक्षिकाओं के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में अब शिक्षा विभाग की ओर से जांच और आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।1