खूंटी जिला के कर्रा प्रखंड अंतर्गत पतरा टोली कच्चाबारी में शुक्रवार को 12 परधिया पड़हा जेठ जतरा संचालन समिति ने एक ऐतिहासिक जतरा का आयोजन किया। पारंपरिक संस्कृति, नृत्य और लोक परंपराओं से सजा यह जतरा लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा। कार्यक्रम में पूर्व पंचायती राज निदेशक सह भारत सरकार की इनकम टैक्स कमिश्नर निशा उरांव मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित थीं, जबकि खूंटी विधायक राम सूर्या मुंड़ा और चाला अखड़ा खोड़हा के अध्यक्ष बंदी उरांव विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे। मुख्य अतिथि निशा उरांव ने अपने संबोधन में आदिवासियों के मुख्य दो मुद्दों पर जोर दिया: पहला आदिवासियों की अपनी पहचान और दूसरा जल, जंगल, जमीन पर उनका अधिकार। उन्होंने यह भी कहा कि आदिवासियों की पहचान में उनकी परंपरा, धार्मिक आस्था और सामाजिक अधिकार शामिल हैं, जिन पर दूसरे धर्मों के लोग कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। निशा उरांव ने पेसा कानून, सरना धर्म कोड, ग्राम सभा के अधिकार और परंपरागत व्यवस्था पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इस जतरा में कांग्रेस खूंटी जिला अध्यक्ष रवि मिश्रा, सांसद प्रतिनिधि बिक्रम नाग, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष अल्बर्ट तिग्गा, डहरू पाहन, तेम्बा उरांव, संजीव परधिया, बमरजा पंचायत मुखिया अनूप कुजूर, झिरगा खलखो, सुमित धनवार, राम प्रताप देव बिरसा धान समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पड़हा जतरा में कच्चाबारी, पतरा टोली, बांदू, चंदा पारा, चियूर, हेसला, तुमना, चांपी, करमटोली, सिरका चांपी टोली सहित 12 मौजा के खोड़हा मंडली के लोग पारंपरिक वेशभूषा में ढोल-मांदर की थाप पर नृत्य करते हुए जतरा स्थल पहुँचे, जिससे पारंपरिक गीत-संगीत और आदिवासी संस्कृति की झलक ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया। बच्चों और ग्रामीणों के मनोरंजन के लिए जतरा में झूला, रंग-बिरंगी मिठाइयों, चाट-गुपचुप, चौमीन, चिली होटल, खिलौने, मनिहारी तथा फल-सब्जियों की कई दुकानें भी लगाई गई थीं, जहाँ लोगों ने खरीदारी के साथ-साथ व्यंजनों का भी खूब आनंद लिया। मेले को सफल बनाने में सं अध्यक्ष रूपेश बाखला, सचिव समीर संगा, कोषाध्यक्ष सुमित तिर्की, अर्जुन बाखला, सालीम बाखला, राजेश बाखला, गोला देमता तथा कच्चाबारी पंचायत के 12 मौजा के ग्रामीणों का सराहनीय योगदान रहा।
खूंटी जिला के कर्रा प्रखंड अंतर्गत पतरा टोली कच्चाबारी में शुक्रवार को 12 परधिया पड़हा जेठ जतरा संचालन समिति ने एक ऐतिहासिक जतरा का आयोजन किया। पारंपरिक संस्कृति, नृत्य और लोक परंपराओं से सजा यह जतरा लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा। कार्यक्रम में पूर्व पंचायती राज निदेशक सह भारत सरकार की इनकम टैक्स कमिश्नर निशा उरांव मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित थीं, जबकि खूंटी विधायक राम सूर्या मुंड़ा और चाला अखड़ा खोड़हा के अध्यक्ष बंदी उरांव विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे। मुख्य अतिथि निशा उरांव ने अपने संबोधन में आदिवासियों के मुख्य दो मुद्दों पर जोर दिया: पहला आदिवासियों की अपनी पहचान और दूसरा जल, जंगल, जमीन पर उनका अधिकार। उन्होंने यह भी कहा कि आदिवासियों की पहचान में उनकी परंपरा, धार्मिक आस्था और सामाजिक अधिकार शामिल हैं, जिन पर दूसरे धर्मों के लोग कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। निशा उरांव ने पेसा कानून, सरना धर्म कोड, ग्राम सभा के अधिकार और परंपरागत व्यवस्था पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इस जतरा में कांग्रेस खूंटी जिला अध्यक्ष रवि मिश्रा, सांसद प्रतिनिधि बिक्रम नाग, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष अल्बर्ट तिग्गा, डहरू पाहन, तेम्बा उरांव, संजीव परधिया, बमरजा पंचायत मुखिया अनूप कुजूर, झिरगा खलखो, सुमित धनवार, राम प्रताप देव बिरसा धान समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पड़हा जतरा में कच्चाबारी, पतरा टोली, बांदू, चंदा पारा, चियूर, हेसला, तुमना, चांपी, करमटोली, सिरका चांपी टोली सहित 12 मौजा के खोड़हा मंडली के लोग पारंपरिक वेशभूषा में ढोल-मांदर की थाप पर नृत्य करते हुए जतरा स्थल पहुँचे, जिससे पारंपरिक गीत-संगीत और आदिवासी संस्कृति की झलक ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया। बच्चों और ग्रामीणों के मनोरंजन के लिए जतरा में झूला, रंग-बिरंगी मिठाइयों, चाट-गुपचुप, चौमीन, चिली होटल, खिलौने, मनिहारी तथा फल-सब्जियों की कई दुकानें भी लगाई गई थीं, जहाँ लोगों ने खरीदारी के साथ-साथ व्यंजनों का भी खूब आनंद लिया। मेले को सफल बनाने में सं अध्यक्ष रूपेश बाखला, सचिव समीर संगा, कोषाध्यक्ष सुमित तिर्की, अर्जुन बाखला, सालीम बाखला, राजेश बाखला, गोला देमता तथा कच्चाबारी पंचायत के 12 मौजा के ग्रामीणों का सराहनीय योगदान रहा।
- खूंटी के माहिल गाँव की बेटी श्रुति कुमारी ने जापान में आयोजित अंडर-18 एशिया कप हॉकी प्रतियोगिता में भारतीय महिला टीम के साथ कांस्य पदक जीतकर अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया है। भारतीय टीम ने इस प्रतियोगिता में कोरिया को 3-0 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया, जिससे क्षेत्र में गौरव का माहौल है। श्रुति के गाँव आगमन को लेकर ग्रामीणों में भारी उत्साह है, और उनके सोमवार के आगमन के लिए एक भव्य स्वागत समारोह की तैयारियाँ जोरों पर हैं। रविवार को आयोजित ग्राम सभा में भी श्रुति के सम्मान समारोह के आयोजन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई और इस पर निर्णय लेने की अपील की गई। ग्रामीणों का मानना है कि श्रुति की यह उत्कृष्ट उपलब्धि माहिल गाँव और आसपास के क्षेत्र की अन्य बेटियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा बनेगी।1
- रांची में आयोजित एक सिलाई मशीन वितरण कार्यक्रम के दौरान लाभार्थी महिलाओं ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए इसे आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। महिलाओं के अनुसार, यह मशीन सिर्फ एक उपकरण नहीं, बल्कि उन्हें घर बैठे रोजगार करने और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का एक सशक्त माध्यम प्रदान करती है। यह महत्वपूर्ण पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित की गई। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़कर सशक्त बनाना है। वीडियो में महिलाओं ने इस योजना और सिलाई मशीन वितरण के प्रति अपना आभार व्यक्त किया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह कार्यक्रम उनके लिए कितना लाभदायक सिद्ध हो रहा है। कार्यक्रम में संजय सेठ की भी उपस्थिति रही।1
- रांची के धुरवा इलाके से 21 वर्षीय अमन कुमार नामक एक युवक लापता हो गया है। लापता अमन कुमार के कपड़े और चप्पल बरामद हुए हैं। हालांकि, अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि अमन कुमार जीवित है या नहीं।1
- कांग्रेस पार्टी ने 2026 में होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए झारखंड में अपने प्रत्याशी उतारे हैं। यह जानकारी झारखंड राज्य से संबंधित है।1
- चुटिया थाना क्षेत्र में होमगार्ड गणेश राम पर चाकू से हमला कर उनकी स्कूटी लूटने वाले सुखदेव गंझू और अभिषेक मुंडा को अब जेल भेज दिया गया है।1
- झारखंड के बुढ़मू थाना क्षेत्र के उमेडंडा गांव में शनिवार रात लगभग आठ बजे एक विद्युतकर्मी, राहुल (28 वर्ष, पिता स्व. विष्णु साहू), को गांव के ही एक उपभोक्ता और उसके साथियों ने बुरी तरह पीट दिया। इस घटना में राहुल के माथे सहित शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर चोटें आई हैं। उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए बुढ़मू सीएचसी ले जाया गया, जहाँ से उन्हें बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर कर दिया गया है। घायल विद्युतकर्मी राहुल ने बताया कि वे पावर हाउस से ऑफिस जा रहे थे, तभी ग्राम नाउज के समीप बमने पंचायत के डुंडु गांव निवासी रवि कुमार (पिता महजु महतो) ने उन्हें रोका। रवि ने राहुल पर आरोप लगाया कि उसके घर पर ₹9,10,663 का भारी-भरकम बिजली बिल आया है और इसकी जिम्मेदारी राहुल की है। विवाद बढ़ने पर रवि ने अपने गांव के अन्य लोगों को बुलाकर राहुल पर लाठियों से हमला कर दिया। राहुल के यह कहने पर भी कि आवेदन देने पर बिजली बिल में सुधार हो जाएगा, आरोपियों पर कोई असर नहीं हुआ। आरोपी ने राहुल को जान से मारने की धमकी भी दी, जिसमें उसने कहा कि “जेल भी जाना पड़े तो जाएंगे, पर तेरा हत्या के पश्चात जाएंगे।” घटना की सूचना मिलते ही बुढ़मू पुलिस मौके पर पहुँची, लेकिन तब तक आरोपी वहां से भाग चुके थे। पुलिस ने घायल राहुल को सीएचसी पहुंचाया। पीड़ित राहुल ने बुढ़मू थाना में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए एक आवेदन दिया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है और कहा है कि आरोपियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में स्मार्ट मीटर के कारण ‘अनाप-शनाप’ बिजली बिल आने से ग्रामीणों में अत्यधिक नाराजगी है, जिसका गुस्सा अक्सर स्थानीय विद्युतकर्मियों पर उतर जाता है। पीड़ित राहुल ने भी इस हिंसा को इसी नाराजगी का परिणाम बताया है, जबकि बिलों के सुधार के लिए उचित आवेदन और तकनीकी जांच की व्यवस्था मौजूद है।1
- आम जनता चैनल के माध्यम से लोहरदगा जिले की सभी खबरें आम जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। चैनल का उद्देश्य है कि वे दर्शकों तक लोहरदगा से जुड़ी हर जानकारी पहुंचा सकें।1
- झारखंड के खुंटी जिले के मुरहू स्थित महर्षि मेंही आश्रम शबरी कुटिया शांतिपुरी में दो दिवसीय सत्संग कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के पहले दिन कुप्पाघाट, भागलपुर सहित अन्य स्थानों से पधारे संतों का ढोल नगाड़े और गीत गाकर पारंपरिक तरीके से भव्य स्वागत किया गया। आश्रम में ईश स्तुति, गुरु वंदना और रामचरितमानस पाठ के साथ प्रवचन सत्र शुरू हुए। इस अवसर पर स्वामी प्रमोद जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि मनुष्य की सद्गति सत्संग के बिना संभव नहीं है, और संतों का सान्निध्य बड़े भाग्य से प्राप्त होता है। उन्होंने मनुष्य के जीवन पर संगति के गहरे प्रभाव को स्पष्ट करते हुए उदाहरण दिया कि कैसे साफ़ पानी भी कीचड़ में मिलकर गंदा हो जाता है, जबकि गंदा पानी भी गंगा में मिलकर गंगाजल बन जाता है। उन्होंने शाकाहारी भोजन अपनाने का आह्वान करते हुए तर्क दिया कि गाय जैसे शाकाहारी पशु कभी मांस नहीं खाते, उन्हें इस बात का ज्ञान होता है, लेकिन मनुष्य अपनी जीभ के स्वाद में भटक जाता है। स्वामी जी ने यह भी कहा कि सच्चा और उत्तम जीवन अच्छे कर्मों से ही मिलता है। वहीं, स्वामी डॉ. निर्मलानंद जी महाराज ने बताया कि गंगा स्नान से शरीर की शुद्धि होती है, जबकि सत्संग से मन के विकार और बुराइयाँ दूर होती हैं, जिससे जीवन में सुधार आता है और अंततः उद्धार होता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि संत मन की बातों को समझते हैं और सत्संग के माध्यम से हर समस्या का निवारण प्रदान करते हैं। स्वामी लक्ष्मण जी महाराज ने जीवन को ईश्वर का वरदान बताते हुए कहा कि इसे सत्संग से मिले ज्ञान से सुखमय बनाया जा सकता है। स्वामी नरेंद्रानंद जी महाराज ने संतों की संगति को पारस मणि के समान बताया, जो मानव रूपी लोहे को सोना बना देती है। स्वामी सत्यानंद, स्वामी राजेंद्र सहित अन्य संतों ने भी सत्संग को जीवन के लिए अत्यंत कल्याणकारी बताया। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में डॉ. डीएन तिवारी, सगुन दास, संजय सत्संगी, बीरु कुमार, जूरन मुंडा, सूरजमल प्रसाद, डॉ. रमेश वर्मा, रामहरि साव, हरिद्वार ठाकुर, सुनील रजक, संतोष गुप्ता, राजकुमार, ध्रुवेन्द्र भास्कर, अमर सिंह, अजय गुप्ता, ज्ञान कुमार सहित कई श्रद्धालु और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।1