झारखंड के खुंटी जिले के मुरहू स्थित महर्षि मेंही आश्रम शबरी कुटिया शांतिपुरी में दो दिवसीय सत्संग कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के पहले दिन कुप्पाघाट, भागलपुर सहित अन्य स्थानों से पधारे संतों का ढोल नगाड़े और गीत गाकर पारंपरिक तरीके से भव्य स्वागत किया गया। आश्रम में ईश स्तुति, गुरु वंदना और रामचरितमानस पाठ के साथ प्रवचन सत्र शुरू हुए। इस अवसर पर स्वामी प्रमोद जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि मनुष्य की सद्गति सत्संग के बिना संभव नहीं है, और संतों का सान्निध्य बड़े भाग्य से प्राप्त होता है। उन्होंने मनुष्य के जीवन पर संगति के गहरे प्रभाव को स्पष्ट करते हुए उदाहरण दिया कि कैसे साफ़ पानी भी कीचड़ में मिलकर गंदा हो जाता है, जबकि गंदा पानी भी गंगा में मिलकर गंगाजल बन जाता है। उन्होंने शाकाहारी भोजन अपनाने का आह्वान करते हुए तर्क दिया कि गाय जैसे शाकाहारी पशु कभी मांस नहीं खाते, उन्हें इस बात का ज्ञान होता है, लेकिन मनुष्य अपनी जीभ के स्वाद में भटक जाता है। स्वामी जी ने यह भी कहा कि सच्चा और उत्तम जीवन अच्छे कर्मों से ही मिलता है। वहीं, स्वामी डॉ. निर्मलानंद जी महाराज ने बताया कि गंगा स्नान से शरीर की शुद्धि होती है, जबकि सत्संग से मन के विकार और बुराइयाँ दूर होती हैं, जिससे जीवन में सुधार आता है और अंततः उद्धार होता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि संत मन की बातों को समझते हैं और सत्संग के माध्यम से हर समस्या का निवारण प्रदान करते हैं। स्वामी लक्ष्मण जी महाराज ने जीवन को ईश्वर का वरदान बताते हुए कहा कि इसे सत्संग से मिले ज्ञान से सुखमय बनाया जा सकता है। स्वामी नरेंद्रानंद जी महाराज ने संतों की संगति को पारस मणि के समान बताया, जो मानव रूपी लोहे को सोना बना देती है। स्वामी सत्यानंद, स्वामी राजेंद्र सहित अन्य संतों ने भी सत्संग को जीवन के लिए अत्यंत कल्याणकारी बताया। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में डॉ. डीएन तिवारी, सगुन दास, संजय सत्संगी, बीरु कुमार, जूरन मुंडा, सूरजमल प्रसाद, डॉ. रमेश वर्मा, रामहरि साव, हरिद्वार ठाकुर, सुनील रजक, संतोष गुप्ता, राजकुमार, ध्रुवेन्द्र भास्कर, अमर सिंह, अजय गुप्ता, ज्ञान कुमार सहित कई श्रद्धालु और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
झारखंड के खुंटी जिले के मुरहू स्थित महर्षि मेंही आश्रम शबरी कुटिया शांतिपुरी में दो दिवसीय सत्संग कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के पहले दिन कुप्पाघाट, भागलपुर सहित अन्य स्थानों से पधारे संतों का ढोल नगाड़े और गीत गाकर पारंपरिक तरीके से भव्य स्वागत किया गया। आश्रम में ईश स्तुति, गुरु वंदना और रामचरितमानस पाठ के साथ प्रवचन सत्र शुरू हुए। इस अवसर पर स्वामी प्रमोद जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि मनुष्य की सद्गति सत्संग के बिना संभव नहीं है, और संतों का सान्निध्य बड़े भाग्य से प्राप्त होता है। उन्होंने मनुष्य के जीवन पर संगति के गहरे प्रभाव को स्पष्ट करते हुए उदाहरण दिया कि कैसे साफ़ पानी भी कीचड़ में मिलकर गंदा हो जाता है, जबकि गंदा पानी भी गंगा में मिलकर गंगाजल बन जाता है। उन्होंने शाकाहारी भोजन अपनाने का आह्वान करते हुए तर्क दिया कि गाय जैसे शाकाहारी पशु कभी मांस नहीं खाते, उन्हें इस बात का ज्ञान होता है, लेकिन मनुष्य अपनी जीभ के स्वाद में भटक जाता है। स्वामी जी ने यह भी कहा कि सच्चा और उत्तम जीवन अच्छे कर्मों से ही मिलता है। वहीं, स्वामी डॉ. निर्मलानंद जी महाराज ने बताया कि गंगा स्नान से शरीर की शुद्धि होती है, जबकि सत्संग से मन के विकार और बुराइयाँ दूर होती हैं, जिससे जीवन में सुधार आता है और अंततः उद्धार होता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि संत मन की बातों को समझते हैं और सत्संग के माध्यम से हर समस्या का निवारण प्रदान करते हैं। स्वामी लक्ष्मण जी महाराज ने जीवन को ईश्वर का वरदान बताते हुए कहा कि इसे सत्संग से मिले ज्ञान से सुखमय बनाया जा सकता है। स्वामी नरेंद्रानंद जी महाराज ने संतों की संगति को पारस मणि के समान बताया, जो मानव रूपी लोहे को सोना बना देती है। स्वामी सत्यानंद, स्वामी राजेंद्र सहित अन्य संतों ने भी सत्संग को जीवन के लिए अत्यंत कल्याणकारी बताया। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में डॉ. डीएन तिवारी, सगुन दास, संजय सत्संगी, बीरु कुमार, जूरन मुंडा, सूरजमल प्रसाद, डॉ. रमेश वर्मा, रामहरि साव, हरिद्वार ठाकुर, सुनील रजक, संतोष गुप्ता, राजकुमार, ध्रुवेन्द्र भास्कर, अमर सिंह, अजय गुप्ता, ज्ञान कुमार सहित कई श्रद्धालु और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
- सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पानी के तेज बहाव को एक भारी लोहे के बक्से को अपनी ओर खींचते हुए देखा जा सकता है। यह रहस्यमयी दृश्य लोगों को हैरत में डाल रहा है और सोशल मीडिया पर इसकी खूब चर्चा हो रही है। वीडियो में दिख रही इस घटना को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर यह कोई नाला है, सुरंग है, गुफा है या किसी पुल के नीचे का रास्ता है। वीडियो साझा करने वाले दर्शक अपनी राय और संभावित स्पष्टीकरण कमेंट बॉक्स में बताने के लिए प्रेरित किए जा रहे हैं। हालांकि, इस वीडियो की जगह, समय और प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है, और इसे केवल सूचना तथा जन-जागरूकता के उद्देश्य से साझा किया जा रहा है।1
- झारखंड के बुढ़मू थाना क्षेत्र के उमेडंडा गांव में शनिवार रात लगभग आठ बजे एक विद्युतकर्मी, राहुल (28 वर्ष, पिता स्व. विष्णु साहू), को गांव के ही एक उपभोक्ता और उसके साथियों ने बुरी तरह पीट दिया। इस घटना में राहुल के माथे सहित शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर चोटें आई हैं। उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए बुढ़मू सीएचसी ले जाया गया, जहाँ से उन्हें बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर कर दिया गया है। घायल विद्युतकर्मी राहुल ने बताया कि वे पावर हाउस से ऑफिस जा रहे थे, तभी ग्राम नाउज के समीप बमने पंचायत के डुंडु गांव निवासी रवि कुमार (पिता महजु महतो) ने उन्हें रोका। रवि ने राहुल पर आरोप लगाया कि उसके घर पर ₹9,10,663 का भारी-भरकम बिजली बिल आया है और इसकी जिम्मेदारी राहुल की है। विवाद बढ़ने पर रवि ने अपने गांव के अन्य लोगों को बुलाकर राहुल पर लाठियों से हमला कर दिया। राहुल के यह कहने पर भी कि आवेदन देने पर बिजली बिल में सुधार हो जाएगा, आरोपियों पर कोई असर नहीं हुआ। आरोपी ने राहुल को जान से मारने की धमकी भी दी, जिसमें उसने कहा कि “जेल भी जाना पड़े तो जाएंगे, पर तेरा हत्या के पश्चात जाएंगे।” घटना की सूचना मिलते ही बुढ़मू पुलिस मौके पर पहुँची, लेकिन तब तक आरोपी वहां से भाग चुके थे। पुलिस ने घायल राहुल को सीएचसी पहुंचाया। पीड़ित राहुल ने बुढ़मू थाना में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए एक आवेदन दिया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है और कहा है कि आरोपियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में स्मार्ट मीटर के कारण ‘अनाप-शनाप’ बिजली बिल आने से ग्रामीणों में अत्यधिक नाराजगी है, जिसका गुस्सा अक्सर स्थानीय विद्युतकर्मियों पर उतर जाता है। पीड़ित राहुल ने भी इस हिंसा को इसी नाराजगी का परिणाम बताया है, जबकि बिलों के सुधार के लिए उचित आवेदन और तकनीकी जांच की व्यवस्था मौजूद है।1
- आम जनता चैनल के माध्यम से लोहरदगा जिले की सभी खबरें आम जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। चैनल का उद्देश्य है कि वे दर्शकों तक लोहरदगा से जुड़ी हर जानकारी पहुंचा सकें।1
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- NEET पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मंत्री से शाम 5 बजे तक इस्तीफा देने की मांग की थी, साथ ही चेतावनी दी थी कि ऐसा न होने पर पूरे देश में प्रदर्शन किया जाएगा। CJP को जंतर-मंतर पर शाम 5 बजे तक प्रदर्शन करने की अनुमति मिली थी, लेकिन दोपहर 3:30 बजे अभिजीत दीपके की तबीयत खराब होने के कारण यह समाप्त हो गया। इसके बाद अभिजीत सोनम वांगचुक के साथ धरनास्थल से रवाना हो गए। अभिजीत दीपके सुबह ही अमेरिका से दिल्ली लौटे थे और वे हवाई अड्डे से सीधे जंतर-मंतर पहुंचे थे। वे अपने साथ अंबेडकर की आत्मकथा और संविधान की कॉपी लेकर आए थे। पार्टी ने घोषणा की है कि अगले शनिवार, यानी 13 जून को जंतर-मंतर पर फिर से प्रदर्शन किया जाएगा।1
- खूंटी जिला के कर्रा प्रखंड अंतर्गत पतरा टोली कच्चाबारी में शुक्रवार को 12 परधिया पड़हा जेठ जतरा संचालन समिति ने एक ऐतिहासिक जतरा का आयोजन किया। पारंपरिक संस्कृति, नृत्य और लोक परंपराओं से सजा यह जतरा लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा। कार्यक्रम में पूर्व पंचायती राज निदेशक सह भारत सरकार की इनकम टैक्स कमिश्नर निशा उरांव मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित थीं, जबकि खूंटी विधायक राम सूर्या मुंड़ा और चाला अखड़ा खोड़हा के अध्यक्ष बंदी उरांव विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे। मुख्य अतिथि निशा उरांव ने अपने संबोधन में आदिवासियों के मुख्य दो मुद्दों पर जोर दिया: पहला आदिवासियों की अपनी पहचान और दूसरा जल, जंगल, जमीन पर उनका अधिकार। उन्होंने यह भी कहा कि आदिवासियों की पहचान में उनकी परंपरा, धार्मिक आस्था और सामाजिक अधिकार शामिल हैं, जिन पर दूसरे धर्मों के लोग कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। निशा उरांव ने पेसा कानून, सरना धर्म कोड, ग्राम सभा के अधिकार और परंपरागत व्यवस्था पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इस जतरा में कांग्रेस खूंटी जिला अध्यक्ष रवि मिश्रा, सांसद प्रतिनिधि बिक्रम नाग, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष अल्बर्ट तिग्गा, डहरू पाहन, तेम्बा उरांव, संजीव परधिया, बमरजा पंचायत मुखिया अनूप कुजूर, झिरगा खलखो, सुमित धनवार, राम प्रताप देव बिरसा धान समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पड़हा जतरा में कच्चाबारी, पतरा टोली, बांदू, चंदा पारा, चियूर, हेसला, तुमना, चांपी, करमटोली, सिरका चांपी टोली सहित 12 मौजा के खोड़हा मंडली के लोग पारंपरिक वेशभूषा में ढोल-मांदर की थाप पर नृत्य करते हुए जतरा स्थल पहुँचे, जिससे पारंपरिक गीत-संगीत और आदिवासी संस्कृति की झलक ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया। बच्चों और ग्रामीणों के मनोरंजन के लिए जतरा में झूला, रंग-बिरंगी मिठाइयों, चाट-गुपचुप, चौमीन, चिली होटल, खिलौने, मनिहारी तथा फल-सब्जियों की कई दुकानें भी लगाई गई थीं, जहाँ लोगों ने खरीदारी के साथ-साथ व्यंजनों का भी खूब आनंद लिया। मेले को सफल बनाने में सं अध्यक्ष रूपेश बाखला, सचिव समीर संगा, कोषाध्यक्ष सुमित तिर्की, अर्जुन बाखला, सालीम बाखला, राजेश बाखला, गोला देमता तथा कच्चाबारी पंचायत के 12 मौजा के ग्रामीणों का सराहनीय योगदान रहा।1
- रांची पुलिस को लालपुर थाना क्षेत्र से लापता हुई एक नाबालिग लड़की को सकुशल बरामद करने में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान और CCTV फुटेज की मदद से इस लड़की को पटना स्टेशन से खोज निकाला। जानकारी के अनुसार, नाबालिग लड़की अपनी मां की डांट से नाराज होकर घर छोड़कर चली गई थी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गहन जांच के परिणामस्वरूप उसे सुरक्षित वापस लाया जा सका।1
- रांची जिले के ओरमांझी प्रखंड ने जनगणना की तैयारियों और उसके कार्य निष्पादन में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए पूरे जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस सफलता को लेकर प्रखंड कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया, जिसमें प्रखंड विकास पदाधिकारी कामेश्वर बेदिया ने इस उपलब्धि के पीछे की पूरी कहानी साझा की। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी कामेश्वर बेदिया ने बताया कि यह सफलता टीम वर्क और बेहतर योजना के बल पर संभव हो सकी है। उन्होंने विस्तार से बताया कि जनगणना कार्य को लेकर अधिकारियों, कर्मचारियों और क्षेत्रीय कर्मियों ने एकजुट होकर टीम भावना के साथ काम किया। बेहतर समन्वय, नियमित मॉनिटरिंग और एक समयबद्ध कार्य योजना के कारण ही ओरमांझी प्रखंड रांची जिले में पहला स्थान प्राप्त कर सका। बीडीओ कामेश्वर बेदिया ने जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में सटीक आंकड़ों और समय पर रिपोर्टिंग की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रखंड स्तर से लेकर पंचायत स्तर तक लगातार निगरानी रखी गई और सभी कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, जिसके परिणामस्वरूप ओरमांझी ने जिले में अपनी अलग पहचान बनाई है। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्होंने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और जनगणना कार्य से जुड़े कर्मियों को बधाई दी और भविष्य में भी इसी तरह बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद जताई।1
- रांची के न्यू ए जी कॉलोनी, कडरू क्षेत्र में एक सड़क दुर्घटना में एक युवक घायल हो गया। इस घटना से स्थानीय लोग भड़क उठे और उन्होंने भारी बवाल किया। गुस्से में आए लोगों ने SIS कंपनी के चालक की जमकर पिटाई की और वहां मौजूद गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की।1