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राजस्थान के जयपुर में ट्रैफिक पुलिस के एक अधिकारी और एक वाहन चालक के बीच हुई बहस का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने काफी चर्चा बटोरी है। इस वीडियो में कथित तौर पर पुलिसकर्मी यह कहते हुए सुना जा सकता है कि, "जब भी आप इधर से आओगे, आपका चालान काटूंगा चाहे गलती हो या नहीं हो।" इस बयान के बाद वाहन चालकों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है और कई लोग पुलिस के इस व्यवहार पर सवाल उठा रहे हैं। यदि वीडियो की सत्यता और कथित बयान सही पाए जाते हैं, तो यह मामला निष्पक्ष कार्रवाई और आम नागरिकों के अधिकारों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकता है।

8 hrs ago
user_Just Jaipur Live
Just Jaipur Live
Journalist जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
8 hrs ago

राजस्थान के जयपुर में ट्रैफिक पुलिस के एक अधिकारी और एक वाहन चालक के बीच हुई बहस का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने काफी चर्चा बटोरी है। इस वीडियो में कथित तौर पर पुलिसकर्मी यह कहते हुए सुना जा सकता है कि, "जब भी आप इधर से आओगे, आपका चालान काटूंगा चाहे गलती हो या नहीं हो।" इस बयान के बाद वाहन चालकों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है और कई लोग पुलिस के इस व्यवहार पर सवाल उठा रहे हैं। यदि वीडियो की सत्यता और कथित बयान सही पाए जाते हैं, तो यह मामला निष्पक्ष कार्रवाई और आम नागरिकों के अधिकारों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकता है।

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  • राजधानी जयपुर में सोमवार देर रात पत्रिका चौराहे के पास एक तेज रफ्तार थार की टक्कर से 25 वर्षीय फूड डिलीवरी बॉय राकेश की मौत हो गई। राकेश हाल ही में अपने परिवार के साथ जयपुर आया था और फूड डिलीवरी का काम करके जीवनयापन कर रहा था। पुलिस के अनुसार, हादसे में शामिल थार में चार युवक सवार थे, जिनमें से एक एमबीबीएस छात्र बताया जा रहा है। टक्कर इतनी भीषण थी कि राकेश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि थार का सिर्फ अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ। मृतक अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि घटनास्थल के पास अस्पताल होने के बावजूद घायल राकेश को वहां नहीं ले जाया गया। वहीं, कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि वाहन में शराब की बोतलें और केन मौजूद थीं, जिसकी जांच पुलिस ने शुरू कर दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर थार को जब्त कर लिया है और वाहन में सवार लोगों से पूछताछ की जा रही है। इस हादसे ने राजधानी में ओवरस्पीडिंग और लापरवाह ड्राइविंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि दुर्घटनाओं का कारण कोई विशेष वाहन नहीं, बल्कि तेज रफ्तार, यातायात नियमों की अनदेखी और गैर-जिम्मेदाराना ड्राइविंग है, जिसके लिए सख्त कार्रवाई और जागरूकता दोनों की आवश्यकता है। हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि आखिर सड़कों पर रफ्तार का यह आतंक कब थमेगा और आम लोगों की जान की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।
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    राजधानी जयपुर में सोमवार देर रात पत्रिका चौराहे के पास एक तेज रफ्तार थार की टक्कर से 25 वर्षीय फूड डिलीवरी बॉय राकेश की मौत हो गई। राकेश हाल ही में अपने परिवार के साथ जयपुर आया था और फूड डिलीवरी का काम करके जीवनयापन कर रहा था।

पुलिस के अनुसार, हादसे में शामिल थार में चार युवक सवार थे, जिनमें से एक एमबीबीएस छात्र बताया जा रहा है। टक्कर इतनी भीषण थी कि राकेश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि थार का सिर्फ अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ। मृतक अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि घटनास्थल के पास अस्पताल होने के बावजूद घायल राकेश को वहां नहीं ले जाया गया। वहीं, कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि वाहन में शराब की बोतलें और केन मौजूद थीं, जिसकी जांच पुलिस ने शुरू कर दी है।

पुलिस ने मामला दर्ज कर थार को जब्त कर लिया है और वाहन में सवार लोगों से पूछताछ की जा रही है। इस हादसे ने राजधानी में ओवरस्पीडिंग और लापरवाह ड्राइविंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि दुर्घटनाओं का कारण कोई विशेष वाहन नहीं, बल्कि तेज रफ्तार, यातायात नियमों की अनदेखी और गैर-जिम्मेदाराना ड्राइविंग है, जिसके लिए सख्त कार्रवाई और जागरूकता दोनों की आवश्यकता है। हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि आखिर सड़कों पर रफ्तार का यह आतंक कब थमेगा और आम लोगों की जान की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।
    user_Dainik Chaupal Samachar
    Dainik Chaupal Samachar
    आंधी, जयपुर, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) ने राज्य कर्मचारियों की लंबित मांगों और उनके हितों की सुरक्षा के लिए एक प्रदेशव्यापी 'कर्मचारी जागृति यात्रा' की घोषणा की है। इस यात्रा का शुभारंभ जयपुर के मोती डूंगरी गणेश मंदिर में पूजा-अर्चना और आशीर्वाद के साथ किया गया। महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने यात्रा के पीछे सरकार की कथित कर्मचारी विरोधी नीतियों, लंबित 25 सूत्री मांगों की अनदेखी और संवादहीनता को मुख्य कारण बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इसके साथ ही, राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) के निजीकरण की आशंकाओं को लेकर भी कर्मचारियों में व्यापक नाराजगी बढ़ रही है। राठौड़ ने बताया कि 8 जून से शुरू हुई यह यात्रा प्रदेश के सभी संभागों और जिलों में पहुंचेगी, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों को उनके अधिकारों, लंबित मांगों और संगठन की आगामी रणनीति से अवगत कराना है। महासंघ की प्रमुख मांगों में RGHS के निजीकरण का विरोध, समर्पित अवकाश का नगद भुगतान, 8, 16, 24 और 32 वर्ष पर चयनित वेतनमान, मंत्रालयिक कर्मचारियों को द्वितीय पदोन्नति पर ग्रेड पे 4200 प्रदान करना, संविदा व ठेका कर्मियों का नियमितीकरण, वेतन विसंगतियों का समाधान, और लंबित पदोन्नतियों के लिए अनुभव में दो वर्ष की अतिरिक्त छूट देना शामिल है। यात्रा के शुभारंभ पर महासंघ के कई प्रदेश पदाधिकारी और कर्मचारी प्रतिनिधि उपस्थित रहे। महासंघ ने सरकार से अपील की है कि वह कर्मचारियों की इन लंबित मांगों पर उच्चस्तरीय वार्ता कर शीघ्र समाधान निकाले।
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    अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) ने राज्य कर्मचारियों की लंबित मांगों और उनके हितों की सुरक्षा के लिए एक प्रदेशव्यापी 'कर्मचारी जागृति यात्रा' की घोषणा की है। इस यात्रा का शुभारंभ जयपुर के मोती डूंगरी गणेश मंदिर में पूजा-अर्चना और आशीर्वाद के साथ किया गया।

महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने यात्रा के पीछे सरकार की कथित कर्मचारी विरोधी नीतियों, लंबित 25 सूत्री मांगों की अनदेखी और संवादहीनता को मुख्य कारण बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इसके साथ ही, राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) के निजीकरण की आशंकाओं को लेकर भी कर्मचारियों में व्यापक नाराजगी बढ़ रही है।

राठौड़ ने बताया कि 8 जून से शुरू हुई यह यात्रा प्रदेश के सभी संभागों और जिलों में पहुंचेगी, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों को उनके अधिकारों, लंबित मांगों और संगठन की आगामी रणनीति से अवगत कराना है। महासंघ की प्रमुख मांगों में RGHS के निजीकरण का विरोध, समर्पित अवकाश का नगद भुगतान, 8, 16, 24 और 32 वर्ष पर चयनित वेतनमान, मंत्रालयिक कर्मचारियों को द्वितीय पदोन्नति पर ग्रेड पे 4200 प्रदान करना, संविदा व ठेका कर्मियों का नियमितीकरण, वेतन विसंगतियों का समाधान, और लंबित पदोन्नतियों के लिए अनुभव में दो वर्ष की अतिरिक्त छूट देना शामिल है।

यात्रा के शुभारंभ पर महासंघ के कई प्रदेश पदाधिकारी और कर्मचारी प्रतिनिधि उपस्थित रहे। महासंघ ने सरकार से अपील की है कि वह कर्मचारियों की इन लंबित मांगों पर उच्चस्तरीय वार्ता कर शीघ्र समाधान निकाले।
    user_Isha sharma
    Isha sharma
    Jaipur, Rajasthan•
    13 hrs ago
  • 6 जून से 11 जून तक के लिए मौसम को लेकर एक बड़ी चेतावनी जारी की गई है। इस अवधि के दौरान सभी को विशेष रूप से सावधान रहने और सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
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    6 जून से 11 जून तक के लिए मौसम को लेकर एक बड़ी चेतावनी जारी की गई है। इस अवधि के दौरान सभी को विशेष रूप से सावधान रहने और सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
    user_Naresh kumar
    Naresh kumar
    Farmer आंधी, जयपुर, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • टैक्सी चालकों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं, एक ओर जहाँ उन पर गाड़ी की किस्तें, इंश्योरेंस, परमिट, फिटनेस, डीजल-पेट्रोल जैसे बढ़ते खर्चों का बोझ है, वहीं दूसरी ओर मामूली गलतियों पर ₹5000 के भारी चालानों से उनकी परेशानियाँ और बढ़ गई हैं। चालकों का कहना है कि न तो सरकार और न ही बड़ी कंपनियाँ उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुन रही हैं। दिन-रात मेहनत करके अपने परिवार का पालन-पोषण करने वाले ये टैक्सी चालक आज गहरे आर्थिक दबाव में हैं। आरटीओ प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई ने उनकी परेशानियों को और भी बढ़ा दिया है, जिससे उनकी कमाई लगातार घट रही है और खर्चे बढ़ते जा रहे हैं। इस गंभीर स्थिति में, टैक्सी ड्राइवर यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कहाँ जाएँ। वे संबंधित विभागों और सरकार से अपनी मुश्किलों पर ध्यान देने की अपील कर रहे हैं, क्योंकि टैक्सी चालक केवल ड्राइवर नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की रोजी-रोटी का सहारा हैं, और उनकी समस्याओं का समाधान उतना ही महत्वपूर्ण है।
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    टैक्सी चालकों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं, एक ओर जहाँ उन पर गाड़ी की किस्तें, इंश्योरेंस, परमिट, फिटनेस, डीजल-पेट्रोल जैसे बढ़ते खर्चों का बोझ है, वहीं दूसरी ओर मामूली गलतियों पर ₹5000 के भारी चालानों से उनकी परेशानियाँ और बढ़ गई हैं।

चालकों का कहना है कि न तो सरकार और न ही बड़ी कंपनियाँ उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुन रही हैं। दिन-रात मेहनत करके अपने परिवार का पालन-पोषण करने वाले ये टैक्सी चालक आज गहरे आर्थिक दबाव में हैं। आरटीओ प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई ने उनकी परेशानियों को और भी बढ़ा दिया है, जिससे उनकी कमाई लगातार घट रही है और खर्चे बढ़ते जा रहे हैं।

इस गंभीर स्थिति में, टैक्सी ड्राइवर यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कहाँ जाएँ। वे संबंधित विभागों और सरकार से अपनी मुश्किलों पर ध्यान देने की अपील कर रहे हैं, क्योंकि टैक्सी चालक केवल ड्राइवर नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की रोजी-रोटी का सहारा हैं, और उनकी समस्याओं का समाधान उतना ही महत्वपूर्ण है।
    user_Just Jaipur Live
    Just Jaipur Live
    Journalist जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    23 hrs ago
  • जयपुर के जगतपुरा में स्थित सक्षम ड्राइविंग स्कूल, सुरक्षित, आसान और आत्मविश्वासपूर्ण ड्राइविंग प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है। यह स्कूल नए और अनुभवी दोनों तरह के शिक्षार्थियों को अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में कार ड्राइविंग सिखाता है। सक्षम ड्राइविंग स्कूल महिलाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण सुविधा प्रदान करता है, जिसमें एक्टिवा चलाने का प्रशिक्षण भी शामिल है। प्रशिक्षण के दौरान ट्रैफिक नियमों, रोड सेफ्टी और प्रैक्टिकल ड्राइविंग पर विशेष ध्यान दिया जाता है, ताकि शिक्षार्थी एक जिम्मेदार चालक बन सकें। स्कूल सुविधाजनक समय, व्यक्तिगत मार्गदर्शन और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण को अपनी विशेषता बताता है। इच्छुक शिक्षार्थियों से आत्मविश्वास के साथ ड्राइविंग सीखने के लिए आज ही नामांकन कराने का आग्रह किया गया है। अधिक जानकारी के लिए 9983135755 पर संपर्क किया जा सकता है।
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    जयपुर के जगतपुरा में स्थित सक्षम ड्राइविंग स्कूल, सुरक्षित, आसान और आत्मविश्वासपूर्ण ड्राइविंग प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है। यह स्कूल नए और अनुभवी दोनों तरह के शिक्षार्थियों को अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में कार ड्राइविंग सिखाता है।

सक्षम ड्राइविंग स्कूल महिलाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण सुविधा प्रदान करता है, जिसमें एक्टिवा चलाने का प्रशिक्षण भी शामिल है। प्रशिक्षण के दौरान ट्रैफिक नियमों, रोड सेफ्टी और प्रैक्टिकल ड्राइविंग पर विशेष ध्यान दिया जाता है, ताकि शिक्षार्थी एक जिम्मेदार चालक बन सकें। स्कूल सुविधाजनक समय, व्यक्तिगत मार्गदर्शन और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण को अपनी विशेषता बताता है। इच्छुक शिक्षार्थियों से आत्मविश्वास के साथ ड्राइविंग सीखने के लिए आज ही नामांकन कराने का आग्रह किया गया है। अधिक जानकारी के लिए 9983135755 पर संपर्क किया जा सकता है।
    user_Saksham Driving School9352238141
    Saksham Driving School9352238141
    Teacher सांगानेर, जयपुर, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • संसद में राहुल गांधी को बोलने से मना कर दिया गया है। इस घटना को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह कार्रवाई सही थी।
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    संसद में राहुल गांधी को बोलने से मना कर दिया गया है। इस घटना को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह कार्रवाई सही थी।
    user_Naresh kumar
    Naresh kumar
    Farmer आंधी, जयपुर, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • जोधपुर से जयपुर पहुंची एक युवती नेहा एक दुखद सड़क हादसे का शिकार हो गईं। यह हादसा तब हुआ जब नेहा अपना जॉइनिंग लेटर लेने के उद्देश्य से जयपुर आई थीं और गाड़ी से उतरते ही एक तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें कुचल दिया।
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    जोधपुर से जयपुर पहुंची एक युवती नेहा एक दुखद सड़क हादसे का शिकार हो गईं। यह हादसा तब हुआ जब नेहा अपना जॉइनिंग लेटर लेने के उद्देश्य से जयपुर आई थीं और गाड़ी से उतरते ही एक तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें कुचल दिया।
    user_Yogesh Kumar Gupta
    Yogesh Kumar Gupta
    पत्रकार बस्सी, जयपुर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • दौसा जिले के कुण्डल तहसील मुख्यालय क्षेत्र के कालोता गांव में पानी की गंभीर समस्या को लेकर आज ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। उन्होंने जलदाय विभाग और पंचायत प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए खाली बर्तन लहराकर अपना विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में पिछले 15 दिनों से हैंडपंप खराब पड़े हैं, जिससे पेयजल संकट गहरा गया है। स्थानीय ग्रामीण राजेंद्र तिवाड़ी ने बताया कि 15 दिन से हैंडपंप खराब है, जिसकी शिकायत ग्राम पंचायत के जन प्रतिनिधियों और जलदाय विभाग के उच्च अधिकारियों से कई बार की गई, लेकिन इसे ठीक नहीं किया गया। उन्होंने आगे बताया कि कालोता-कुण्डल बायपास सड़क मार्ग पर एक अन्य हैंडपंप भी था, जिस पर आधे गांव की निर्भरता थी, लेकिन वह भी 15 दिन पहले खराब हो गया। दीपा राजपूत ने शिकायत की कि खराब हैंडपंप की शिकायत बार-बार 181 हेल्पलाइन पर करने के बावजूद उसे ठीक नहीं किया जा रहा है, बल्कि शिकायत का निस्तारण दर्शा दिया जाता है, जबकि मौके पर जलदाय विभाग का कोई ठेकेदार या कर्मचारी नहीं पहुंचता। चंचल शर्मा नामक ग्रामीण ने बताया कि सरपंच और जलदाय विभाग के अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी हैंडपंप ठीक नहीं किए जा रहे हैं। पेयजल संकट के कारण ग्रामीण और उनके मवेशी पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। उन्हें 2 से 3 किलोमीटर दूर से पानी लाकर अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है, और परिवार के सभी सदस्य दिनभर पानी लाने की जुगत में लगे रहते हैं। करिश्मा कंवर ने बताया कि पानी की मजबूरी के चलते उन्हें 500 रुपए में पानी का टैंकर मंगवाकर प्यास बुझानी पड़ रही है, फिर भी पंचायत प्रशासन और जलदाय विभाग के उच्च अधिकारियों ने आज तक कोई सुध नहीं ली। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले तीन दिनों में गांव के सभी खराब हैंडपंपों को ठीक नहीं किया गया, तो वे मजबूरन सड़क पर बैठकर धरना प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसकी समस्त जिम्मेदारी ग्राम पंचायत प्रशासन और जलदाय विभाग की होगी। इस विरोध प्रदर्शन में तारा देवी शर्मा, चंचल शर्मा, प्रभाती देवी कुम्हार, रेखा देवी प्रजापत, रीना देवी, मोना देवी, पुष्पा देवी, नीरज देवी शर्मा, सरोज देवी, सीमा देवी शर्मा, सुनीता देवी, कृपा देवी, उर्मिला देवी, काजल प्रजापत, लाली शर्मा, संती देवी, राजेंद्र कुमार शर्मा, कमोद देवी बैरवा, विमला देवी, मोनिका शर्मा, रचित शर्मा, विष्णु शर्मा सहित कई ग्रामीण मौजूद थे।
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    दौसा जिले के कुण्डल तहसील मुख्यालय क्षेत्र के कालोता गांव में पानी की गंभीर समस्या को लेकर आज ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। उन्होंने जलदाय विभाग और पंचायत प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए खाली बर्तन लहराकर अपना विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में पिछले 15 दिनों से हैंडपंप खराब पड़े हैं, जिससे पेयजल संकट गहरा गया है।

स्थानीय ग्रामीण राजेंद्र तिवाड़ी ने बताया कि 15 दिन से हैंडपंप खराब है, जिसकी शिकायत ग्राम पंचायत के जन प्रतिनिधियों और जलदाय विभाग के उच्च अधिकारियों से कई बार की गई, लेकिन इसे ठीक नहीं किया गया। उन्होंने आगे बताया कि कालोता-कुण्डल बायपास सड़क मार्ग पर एक अन्य हैंडपंप भी था, जिस पर आधे गांव की निर्भरता थी, लेकिन वह भी 15 दिन पहले खराब हो गया। दीपा राजपूत ने शिकायत की कि खराब हैंडपंप की शिकायत बार-बार 181 हेल्पलाइन पर करने के बावजूद उसे ठीक नहीं किया जा रहा है, बल्कि शिकायत का निस्तारण दर्शा दिया जाता है, जबकि मौके पर जलदाय विभाग का कोई ठेकेदार या कर्मचारी नहीं पहुंचता।

चंचल शर्मा नामक ग्रामीण ने बताया कि सरपंच और जलदाय विभाग के अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी हैंडपंप ठीक नहीं किए जा रहे हैं। पेयजल संकट के कारण ग्रामीण और उनके मवेशी पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। उन्हें 2 से 3 किलोमीटर दूर से पानी लाकर अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है, और परिवार के सभी सदस्य दिनभर पानी लाने की जुगत में लगे रहते हैं। करिश्मा कंवर ने बताया कि पानी की मजबूरी के चलते उन्हें 500 रुपए में पानी का टैंकर मंगवाकर प्यास बुझानी पड़ रही है, फिर भी पंचायत प्रशासन और जलदाय विभाग के उच्च अधिकारियों ने आज तक कोई सुध नहीं ली।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले तीन दिनों में गांव के सभी खराब हैंडपंपों को ठीक नहीं किया गया, तो वे मजबूरन सड़क पर बैठकर धरना प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसकी समस्त जिम्मेदारी ग्राम पंचायत प्रशासन और जलदाय विभाग की होगी। इस विरोध प्रदर्शन में तारा देवी शर्मा, चंचल शर्मा, प्रभाती देवी कुम्हार, रेखा देवी प्रजापत, रीना देवी, मोना देवी, पुष्पा देवी, नीरज देवी शर्मा, सरोज देवी, सीमा देवी शर्मा, सुनीता देवी, कृपा देवी, उर्मिला देवी, काजल प्रजापत, लाली शर्मा, संती देवी, राजेंद्र कुमार शर्मा, कमोद देवी बैरवा, विमला देवी, मोनिका शर्मा, रचित शर्मा, विष्णु शर्मा सहित कई ग्रामीण मौजूद थे।
    user_RIVENDRA KUMAR SHARMA
    RIVENDRA KUMAR SHARMA
    Local News Reporter बेजुपाड़ा, दौसा, राजस्थान•
    55 min ago
  • भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने एक महत्वपूर्ण राजनीतिक दांव खेलते हुए पूनिया अलका को राज्यसभा का टिकट दिया है। इस कदम को जाट और गुर्जर वोट बैंक को सीधा सियासी संदेश देने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
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    भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने एक महत्वपूर्ण राजनीतिक दांव खेलते हुए पूनिया अलका को राज्यसभा का टिकट दिया है। इस कदम को जाट और गुर्जर वोट बैंक को सीधा सियासी संदेश देने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
    user_Rakesh Kumar Swami
    Rakesh Kumar Swami
    सांगानेर, जयपुर, राजस्थान•
    4 hrs ago
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