सुलतानपुर जनपद के कादीपुर थाना क्षेत्र में बुधवार को एक साइकिल और मोटरसाइकिल के बीच हुई भीषण टक्कर में एक वृद्ध व्यक्ति की दुखद मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दामोदरपुर निवासी श्री रामपूजन पुत्र बैजनाथ साइकिल से कहीं जा रहे थे, तभी उनकी मोटरसाइकिल से टक्कर हो गई। इस हादसे में रामपूजन गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें उपचार के लिए ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं, दुर्घटना में घायल दूसरे व्यक्ति की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। उसे प्राथमिक उपचार के बाद सीएचसी कादीपुर से एंबुलेंस द्वारा जिला अस्पताल सुलतानपुर रेफर किया गया है, जहाँ उसका इलाज जारी है। पुलिस ने घटना स्थल पर पहुँचकर आवश्यक जाँच-पड़ताल शुरू कर दी है और मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी कादीपुर श्री विनय गौतम ने बताया कि सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है तथा एक अन्य घायल है, जिसे उपचार हेतु जिला अस्पताल भेजा गया है। पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
सुलतानपुर जनपद के कादीपुर थाना क्षेत्र में बुधवार को एक साइकिल और मोटरसाइकिल के बीच हुई भीषण टक्कर में एक वृद्ध व्यक्ति की दुखद मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दामोदरपुर निवासी श्री रामपूजन पुत्र बैजनाथ साइकिल से कहीं जा रहे थे, तभी उनकी मोटरसाइकिल से टक्कर हो गई। इस हादसे में रामपूजन गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें उपचार के लिए ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं, दुर्घटना में घायल दूसरे व्यक्ति की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। उसे प्राथमिक उपचार के बाद सीएचसी कादीपुर से एंबुलेंस द्वारा जिला अस्पताल सुलतानपुर रेफर किया गया है, जहाँ उसका इलाज जारी है। पुलिस ने घटना स्थल पर पहुँचकर आवश्यक जाँच-पड़ताल शुरू कर दी है और मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी कादीपुर श्री विनय गौतम ने बताया कि सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है तथा एक अन्य घायल है, जिसे उपचार हेतु जिला अस्पताल भेजा गया है। पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
- मौलाना मदनी ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की जो बात कही है, उसे सत्य बताया गया है। इस बात पर जोर दिया गया है कि यही मांग बाबा जयगुरुदेव और भारत के तमाम संतों ने भी की है। एक प्रश्न उठाया गया है कि जब केंद्र में और प्रदेश में 'हमारी सरकार' है, तो फिर समस्या कहाँ है कि मौलाना मदनी को यह वक्तव्य देना पड़ा।1
- भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में सप्तऋषियों का विशेष महत्व बताया गया है, जिन्होंने भारत देश की सांस्कृतिक संरचना, ज्ञान-विज्ञान और जनजीवन को दिशा देने का महान कार्य किया। महर्षि कश्यप, अत्रि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि और भरद्वाज जैसे इन सप्तऋषियों ने पुराणों और शास्त्रों के अनुसार समाज को धर्म, नीति, शिक्षा और मानव जीवन के आदर्शों से परिचित कराया। पुराणों में यह भी वर्णित है कि इन ऋषि-मुनियों ने भारत भूमि को तप, साधना और ज्ञान की पवित्र भूमि बनाया। उन्होंने वेद, उपनिषद और शास्त्रों के माध्यम से जनमानस को सत्य, अहिंसा, सेवा और धर्म का मार्ग दिखाया। इसके अतिरिक्त, गांवों की व्यवस्था, खेती-बाड़ी, जल संरक्षण, शिक्षा और सामाजिक जीवन की नींव भी ऋषि परंपरा से जुड़ी मानी जाती है। भारतीय जनजीवन में आज भी सप्तऋषियों की परंपरा की झलक स्पष्ट रूप से देखने को मिलती है, जहाँ पूजा-पाठ, संस्कार, त्योहार और जीवन के हर महत्वपूर्ण अवसर पर उनके बताए गए मार्ग का अनुसरण किया जाता है। विद्वानों का मत है कि भारत की आत्मा उसकी सनातन संस्कृति में बसती है, जिसकी मजबूत नींव सप्तऋषियों ने ही रखी थी। आज भी इन ऋषियों के विचार समाज को एकता, भाईचारा और मानवता का संदेश देते हैं, और सनातन धर्म की यह गौरवशाली विरासत भारत को विश्वगुरु बनने की प्रेरणा देती है।1
- प्रतापगढ़ जिले के पट्टी क्षेत्र की ग्राम सभा निर्वाचन क्षेत्र में सहायक अध्यापक राघवेंद्र यादव लोगों में जनगणना कार्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से घर-घर जाकर जनगणना का कार्य कर रहे हैं। पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ चल रहे इस अभियान में ग्रामीणों से सही जानकारी देने की अपील की जा रही है, ताकि सरकार की योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुँच सके। यह अभियान भारत की 16वीं जनगणना कार्यक्रम का हिस्सा है। कंपोजिट विद्यालय रमईपुर नेवादा के सहायक अध्यापक राघवेंद्र यादव ने बताया कि जनगणना केवल आँकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि गाँव के विकास की मजबूत नींव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसंख्या, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक स्थिति की सही जानकारी से ही भविष्य की योजनाएँ तय होती हैं। इस जनगणना कार्य के दौरान ग्राम सभा में लोगों का भी अच्छा सहयोग मिल रहा है, और ग्रामीणों ने इस अभियान को गाँव के विकास व बेहतर सुविधाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया है। राघवेंद्र यादव ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना टीम को सही एवं पूर्ण जानकारी दें, जिससे शासन की योजनाएँ सही लोगों तक पहुँचें और गाँव का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।3
- रामपुर खास में चल रहे कार्यों को जनता द्वारा पहचान मिली है और उन्हें पूरा सम्मान दिया जा रहा है, जहाँ सभी वादे निभाए गए हैं तथा बाकी बचे कार्यों को भी पूरा करने का संकल्प लिया गया है। मा. प्रमोद भैया और मा. मोना दीदी के संयुक्त प्रयासों के परिणामस्वरूप, रामपुर खास आज विकास, विश्वास और जनसेवा की एक नई मिसाल कायम कर रहा है, और इस विकास यात्रा को निरंतर जारी रखने का आश्वासन दिया गया है।3
- जौनपुर में रवि यादव के एनकाउंटर के मामले में उनकी बुआ ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट रूप से मांग की है कि शोले, भोले और प्रदीप बिंद का भी एनकाउंटर होना चाहिए। यह बयान रवि यादव से संबंधित एनकाउंटर के बाद सामने आया है।1
- 2014 में गाया गया एक गीत, जो महंगाई के विषय पर आधारित था, अब कहीं भी सुनाई नहीं देता। इस स्थिति पर सवाल उठाया गया है कि क्या देश से महंगाई वास्तव में खत्म हो चुकी है, या फिर इस गाने को गाने वाले लोगों को ही 'नजरबंद' कर दिया गया है।1
- भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में सप्तऋषियों का अत्यंत विशेष महत्व बताया गया है। पुराणों और शास्त्रों के अनुसार, महर्षि कश्यप, अत्रि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि और भरद्वाज जैसे इन सप्तऋषियों ने ही भारत देश की सांस्कृतिक संरचना, ज्ञान-विज्ञान और जनजीवन को दिशा देने का महान कार्य किया। उन्होंने समाज को धर्म, नीति, शिक्षा और मानव जीवन के आदर्शों से परिचित कराया। पुराणों में यह भी वर्णित है कि इन्हीं ऋषि-मुनियों ने भारत भूमि को तप, साधना और ज्ञान की पवित्र भूमि बनाया। उन्होंने वेद, उपनिषद और शास्त्रों के माध्यम से जनमानस को सत्य, अहिंसा, सेवा और धर्म का मार्ग दिखाया। गांवों की व्यवस्था, खेती-बाड़ी, जल संरक्षण, शिक्षा और सामाजिक जीवन की नींव भी ऋषि परंपरा से ही जुड़ी हुई मानी जाती है। भारतीय जनजीवन में आज भी सप्तऋषियों की परंपरा की स्पष्ट झलक देखने को मिलती है। पूजा-पाठ, संस्कार, त्योहार और जीवन के हर महत्वपूर्ण अवसर पर ऋषियों द्वारा बताए गए मार्ग का ही अनुसरण किया जाता है। विद्वानों का मानना है कि भारत की आत्मा उसकी सनातन संस्कृति में बसती है, जिसकी सुदृढ़ नींव इन सप्तऋषियों ने ही रखी थी। उनके विचार वर्तमान दौर में भी समाज को एकता, भाईचारा और मानवता का संदेश दे रहे हैं। सनातन धर्म की यह गौरवशाली विरासत भारत को विश्वगुरु बनने की प्रेरणा देती है।1
- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में भूमाफियाओं द्वारा अवैध रूप से जमीन पर कब्जा करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर मामला सामने आया है। एक प्रार्थी ने जिलाधिकारी महोदय, प्रतापगढ़ से इस संबंध में शिकायत करते हुए त्वरित और उचित कार्रवाई की गुहार लगाई है। शिकायत के अनुसार, यह मामला प्रतापगढ़ कुंडा राजमार्ग के बगल तिलोरी विक्रमपुर के अंतर्गत आता है। प्रार्थी की बैनामे की जमीन, जिसके गाटा संख्या 497, 498 और 539 सहित अन्य भूमियाँ भी शामिल हैं, उस पर कुछ दबंग लोगों ने फर्जी तरीके से अपना बताकर कब्जा कर लिया है। इन भूमाफियाओं में अधिवक्ता संजय कुमार मौर्य (पुत्र राजेंद्र कुमार, कटरा गढ़ी मानिकपुर, तहसील कुंडा), मनोज कुमार (पुत्र छेदीलाल, गढ़ी मानिकपुर), मनोज कुमार (पुत्र छेदीलाल, काछी पट्टी कुंडा, प्रतापगढ़), लल्लन पटेल (पुत्र स्वर्गीय राम प्रसाद, बाबू का पुरवा रैयापुर, परगना बिहार, तहसील कुंडा, जिला प्रतापगढ़), प्रेमनाथ (पुत्र देवनारायण, काछी पट्टी कुंडा, प्रतापगढ़) और राकेश कुमार (पुत्र श्रीनाथ पटेल, गिस्था बदगवां, कुण्डा, प्रतापगढ़) शामिल हैं। आरोप है कि जब पीड़ित अपनी जमीन पर जाते हैं, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी जाती है और कहा जाता है कि वे जहाँ शिकायत करना चाहें, कर लें। ये लोग लगातार निर्माण कार्य भी कर रहे हैं। प्रार्थी ने जिलाधिकारी से विनम्र निवेदन किया है कि इस विषय पर ध्यान देते हुए इन भूमाफियाओं पर यथोचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने तत्काल प्रभाव से जारी निर्माण कार्य को रुकवाने और उन्हें इन लोगों से संरक्षण प्रदान करने की भी मांग की है।1
- जौनपुर के सुजानगंज थाना क्षेत्र के ढीलमपुर निवासी एक परिवार के साथ मंगलवार रात गंगा एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दुर्घटना सलोन और प्रतापगढ़ सीमा के पास मिर्जहांपुर गांव के समीप उस समय हुई जब उनकी एसयूवी सड़क पर खड़ी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। यह परिवार दिल्ली से जौनपुर के ढीलमपुर में बुधवार को होने वाले रामचरित मानस पाठ में शामिल होने आ रहा था। मंगलवार दोपहर गुरुचरन सिंह (35) पुत्र राजेंद्र सिंह, नीरज सिंह (42), सरोज (58) पत्नी राजेंद्र सिंह, संगीता (22) पुत्री नीरज सिंह, समृद्धि (7) पुत्री गुरुचरन, प्रतिभा (30) पत्नी गुरुचरन, सविता सिंह (40) पत्नी नीरज और समर्थ पुत्र गुरुचरन सिंह एसयूवी से दिल्ली से जौनपुर के लिए रवाना हुए थे। मेरठ से गुरुचरन सिंह ने एसयूवी को गंगा एक्सप्रेसवे पर एंट्री कराई थी। रात करीब 9:30 बजे हुए इस हादसे में टक्कर इतनी भीषण थी कि एसयूवी पलट गई, जिससे सरोज सिंह, संगीता सिंह और समृद्धि ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, गुरुचरन सिंह, प्रतिभा, सविता सिंह, समर्थ और नीरज सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही यूपीसीडा की टीम ने सलोन पुलिस को जानकारी दी, जिसके बाद सीओ यादुवेंद्र पाल सिंह, इंस्पेक्टर बालेंदु गौतम और दरोगा राम भवन पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। सभी घायलों को एंबुलेंस की मदद से संग्रामगढ़ सीएचसी भेजा गया, जहां से नीरज और समर्थ को आगे रेफर कर दिया गया। परिजनों ने घायल गुरुचरन सिंह, प्रतिभा और सविता सिंह को संग्रामगढ़ सीएचसी से एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने जब घायलों से बात की, तो पता चला कि वे सभी दिल्ली से जौनपुर के ग्राम ढीलमपुर, थाना सुजानपुर में रामचरित मानस पाठ में हिस्सा लेने आ रहे थे। सीओ यादुवेंद्र पाल सिंह ने बताया कि सड़क पर खड़े वाहन से एसयूवी के टकराने के कारण यह हादसा हुआ है, जिसमें तीन लोगों की मौत हुई है और पांच लोग घायल हुए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।1