logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

डिंडोरी जिले के मेहदवानी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सुखलोडी के वनग्राम खमरिया में ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। पंचायत विभाग की बड़ी लापरवाही और उदासीनता के कारण गांव में जल संकट विकराल रूप ले चुका है, जबकि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर जल पहुंचाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है। गांव के कुएं, बावड़ी और अन्य जल स्रोत पूरी तरह सूख चुके हैं, जिससे ग्रामीणों को रोजाना करीब 2 किलोमीटर दूर पहाड़ी और घाट चढ़कर पानी ढोना पड़ रहा है। इस स्थिति से महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे बच्चे विशेष रूप से परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत विभाग ने समय रहते कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की। उन्होंने कई बार पंचायत सचिव और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिले। ग्रामीणों के अनुसार, न तो पानी के टैंकरों की समुचित व्यवस्था की गई और न ही खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत कराई गई। पंचायत की इस उदासीनता से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। जल संकट से परेशान सैकड़ों ग्रामीण जनपद पंचायत मेहदवानी पहुंचे और पंचायत विभाग के खिलाफ नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल पानी की व्यवस्था करने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो वे एक बड़ा आंदोलन करेंगे। यह स्थिति पंचायत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है, खासकर तब जब हर साल गर्मियों में ऐसे जल संकट की स्थिति बनती है और करोड़ों की योजनाएं कागजों पर होने के बावजूद ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधा पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों को राहत कब मिलेगी और लापरवाह जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी, यह एक बड़ा प्रश्न बना हुआ है।

2 hrs ago
user_Ishwar prasad Sahu
Ishwar prasad Sahu
शाहपुरा, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

डिंडोरी जिले के मेहदवानी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सुखलोडी के वनग्राम खमरिया में ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। पंचायत विभाग की बड़ी लापरवाही और उदासीनता के कारण गांव में जल संकट विकराल रूप ले चुका है, जबकि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर जल पहुंचाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है। गांव के कुएं, बावड़ी और अन्य जल स्रोत पूरी तरह सूख चुके हैं, जिससे ग्रामीणों

को रोजाना करीब 2 किलोमीटर दूर पहाड़ी और घाट चढ़कर पानी ढोना पड़ रहा है। इस स्थिति से महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे बच्चे विशेष रूप से परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत विभाग ने समय रहते कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की। उन्होंने कई बार पंचायत सचिव और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिले। ग्रामीणों के अनुसार, न तो पानी के

टैंकरों की समुचित व्यवस्था की गई और न ही खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत कराई गई। पंचायत की इस उदासीनता से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। जल संकट से परेशान सैकड़ों ग्रामीण जनपद पंचायत मेहदवानी पहुंचे और पंचायत विभाग के खिलाफ नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल पानी की व्यवस्था करने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो वे एक बड़ा

आंदोलन करेंगे। यह स्थिति पंचायत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है, खासकर तब जब हर साल गर्मियों में ऐसे जल संकट की स्थिति बनती है और करोड़ों की योजनाएं कागजों पर होने के बावजूद ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधा पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों को राहत कब मिलेगी और लापरवाह जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी, यह एक बड़ा प्रश्न बना हुआ है।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • डिंडोरी में एसडीएम राम बाबू देवआंगन ने अतिक्रमण और अनाधिकृत निर्माण कार्यों को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी व्यवस्था को भंग करेगा, उसे सीधे जेल भेजा जाएगा। यह चेतावनी विशेष रूप से बस स्टैंड और नर्मदा तट के आसपास मनमाने ढंग से हो रहे निर्माण कार्यों, जैसे बिना अनुमति के दर्जनो मंदिर निर्माण या अन्य निर्माण कार्यों के संदर्भ में दी गई है। एसडीएम देवआंगन ने निर्देश दिया है कि अब तक जो भी निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, उन्हें एक ही स्थान पर लाइन में लगाकर अपनी भक्ति भाव और आस्था को आश्रम तक सीमित रखा जाए। उन्होंने लोगों से जिला प्रशासन के सहयोगी बनकर योगदान देने की अपील की, अन्यथा कड़ी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि जो व्यवस्था बिगाड़ेगा, उसे जेल भेजा जाएगा।
    4
    डिंडोरी में एसडीएम राम बाबू देवआंगन ने अतिक्रमण और अनाधिकृत निर्माण कार्यों को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी व्यवस्था को भंग करेगा, उसे सीधे जेल भेजा जाएगा। यह चेतावनी विशेष रूप से बस स्टैंड और नर्मदा तट के आसपास मनमाने ढंग से हो रहे निर्माण कार्यों, जैसे बिना अनुमति के दर्जनो मंदिर निर्माण या अन्य निर्माण कार्यों के संदर्भ में दी गई है।

एसडीएम देवआंगन ने निर्देश दिया है कि अब तक जो भी निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, उन्हें एक ही स्थान पर लाइन में लगाकर अपनी भक्ति भाव और आस्था को आश्रम तक सीमित रखा जाए। उन्होंने लोगों से जिला प्रशासन के सहयोगी बनकर योगदान देने की अपील की, अन्यथा कड़ी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि जो व्यवस्था बिगाड़ेगा, उसे जेल भेजा जाएगा।
    user_Santosh Ahirwar
    Santosh Ahirwar
    Voice of people डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • शहडोल जिले के ग्राम पोस्ट पटासी में पिछले दो दिनों से एक हैंडपंप खराब पड़ा है। बताया गया है कि हैंडपंप की चेन टूट जाने के कारण वह बंद हो गया है और काम नहीं कर रहा है। इस संबंध में अधिकारियों से जल्द से जल्द हैंडपंप की मरम्मत कराने का अनुरोध किया गया है, ताकि पानी की समस्या का समाधान हो सके।
    2
    शहडोल जिले के ग्राम पोस्ट पटासी में पिछले दो दिनों से एक हैंडपंप खराब पड़ा है। बताया गया है कि हैंडपंप की चेन टूट जाने के कारण वह बंद हो गया है और काम नहीं कर रहा है। इस संबंध में अधिकारियों से जल्द से जल्द हैंडपंप की मरम्मत कराने का अनुरोध किया गया है, ताकि पानी की समस्या का समाधान हो सके।
    user_Sonu Baiga
    Sonu Baiga
    Doctor सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • बुढ़ार के वार्ड क्रमांक 1 स्थित रेस्ट हाउस परिसर के पास सूर्य नमस्कार की विभिन्न मुद्राओं को दर्शाती आकर्षक प्रतिमाओं की स्थापना की गई है। इस पहल को केवल सौंदर्यीकरण का कार्य नहीं बताया गया है, बल्कि इसे बुढ़ार नगरवासियों को स्वास्थ्य, योग और भारतीय संस्कृति के साथ जोड़ने की एक सुंदर पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया है। उम्मीद जताई गई है कि आने वाले समय में यह स्थान नगर की एक नई पहचान और आकर्षण का केंद्र बनेगा। योग को प्राचीन संस्कृति की अमूल्य धरोहर मानते हुए, इन मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए नगर को सुंदर, प्रेरणादायी और aesthetic रूप देने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
    1
    बुढ़ार के वार्ड क्रमांक 1 स्थित रेस्ट हाउस परिसर के पास सूर्य नमस्कार की विभिन्न मुद्राओं को दर्शाती आकर्षक प्रतिमाओं की स्थापना की गई है। इस पहल को केवल सौंदर्यीकरण का कार्य नहीं बताया गया है, बल्कि इसे बुढ़ार नगरवासियों को स्वास्थ्य, योग और भारतीय संस्कृति के साथ जोड़ने की एक सुंदर पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

उम्मीद जताई गई है कि आने वाले समय में यह स्थान नगर की एक नई पहचान और आकर्षण का केंद्र बनेगा। योग को प्राचीन संस्कृति की अमूल्य धरोहर मानते हुए, इन मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए नगर को सुंदर, प्रेरणादायी और aesthetic रूप देने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Astrologer सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • शहडोल जिले में शराब कारोबार को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ शराब की दुकानें निर्धारित समय के बाद भी रात लगभग 1:30 बजे तक खुली रहने और खुलेआम बिक्री के आरोपों के बीच अब प्रिंट रेट से अधिक कीमत वसूलने का मामला भी सामने आया है। शहर के शिव मंदिर के पास कमिश्नर बंगला रोड स्थित एक शराब दुकान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें ग्राहकों से शराब की बोतलों पर अंकित कीमत से ज्यादा रकम लेने के आरोप लगाए गए हैं। इस पूरे प्रकरण ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली और शराब ठेकेदारों को मिल रहे कथित संरक्षण पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिले में शराब की दुकानों पर नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है, लेकिन आबकारी विभाग कार्रवाई करने के बजाय मूकदर्शक बना हुआ है। उनका कहना है कि देर रात तक शराब की बिक्री और प्रिंट रेट से अधिक पैसे वसूलना कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह खेल लंबे समय से चल रहा है। आरोप है कि आबकारी अधिकारी सावित्री भगत और शराब ठेकेदार प्रिंस राय की कथित मिलीभगत के चलते नियम सिर्फ कागजों तक ही सीमित होकर रह गए हैं। वायरल वीडियो में ग्राहक कथित तौर पर शराब खरीदते समय निर्धारित मूल्य से अधिक पैसे लिए जाने की बात कहते दिख रहे हैं, जिसके सामने आने के बाद आम लोगों में खासी नाराजगी बढ़ गई है। क्षेत्रवासियों का स्पष्ट आरोप है कि बिना विभागीय संरक्षण के शराब दुकानों में इस तरह की मनमानी संभव ही नहीं है, और देर रात शराब बिक्री से लेकर ओवररेटिंग तक का पूरा खेल अधिकारियों व ठेकेदारों की सांठगांठ से संचालित हो रहा है। इस अनियमितता के कारण क्षेत्र में असामाजिक गतिविधियां बढ़ रही हैं, जैसे नशे में विवाद, गाली-गलौज और मारपीट, जिससे स्थानीय नागरिकों में भय और आक्रोश का माहौल है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि वायरल वीडियो की जांच कर यह पता लगाया जाए कि ग्राहकों से कितनी अधिक वसूली की जा रही थी और इसके पीछे कौन-कौन जिम्मेदार हैं। साथ ही, देर रात शराब बिक्री कराने वाले ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की भी मांग की गई है। अब जिले में यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि आखिर शराब कारोबारियों को किसका संरक्षण प्राप्त है, जिसके दम पर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यह देखना होगा कि क्या आबकारी विभाग इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करेगा या शराब कारोबार और विभागीय संरक्षण का यह खेल आगे भी यूं ही चलता रहेगा। फिलहाल, वायरल वीडियो और देर रात शराब बिक्री का यह मामला पूरे जिले में चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है।
    3
    शहडोल जिले में शराब कारोबार को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ शराब की दुकानें निर्धारित समय के बाद भी रात लगभग 1:30 बजे तक खुली रहने और खुलेआम बिक्री के आरोपों के बीच अब प्रिंट रेट से अधिक कीमत वसूलने का मामला भी सामने आया है। शहर के शिव मंदिर के पास कमिश्नर बंगला रोड स्थित एक शराब दुकान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें ग्राहकों से शराब की बोतलों पर अंकित कीमत से ज्यादा रकम लेने के आरोप लगाए गए हैं। इस पूरे प्रकरण ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली और शराब ठेकेदारों को मिल रहे कथित संरक्षण पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिले में शराब की दुकानों पर नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है, लेकिन आबकारी विभाग कार्रवाई करने के बजाय मूकदर्शक बना हुआ है। उनका कहना है कि देर रात तक शराब की बिक्री और प्रिंट रेट से अधिक पैसे वसूलना कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह खेल लंबे समय से चल रहा है। आरोप है कि आबकारी अधिकारी सावित्री भगत और शराब ठेकेदार प्रिंस राय की कथित मिलीभगत के चलते नियम सिर्फ कागजों तक ही सीमित होकर रह गए हैं। वायरल वीडियो में ग्राहक कथित तौर पर शराब खरीदते समय निर्धारित मूल्य से अधिक पैसे लिए जाने की बात कहते दिख रहे हैं, जिसके सामने आने के बाद आम लोगों में खासी नाराजगी बढ़ गई है। क्षेत्रवासियों का स्पष्ट आरोप है कि बिना विभागीय संरक्षण के शराब दुकानों में इस तरह की मनमानी संभव ही नहीं है, और देर रात शराब बिक्री से लेकर ओवररेटिंग तक का पूरा खेल अधिकारियों व ठेकेदारों की सांठगांठ से संचालित हो रहा है।

इस अनियमितता के कारण क्षेत्र में असामाजिक गतिविधियां बढ़ रही हैं, जैसे नशे में विवाद, गाली-गलौज और मारपीट, जिससे स्थानीय नागरिकों में भय और आक्रोश का माहौल है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि वायरल वीडियो की जांच कर यह पता लगाया जाए कि ग्राहकों से कितनी अधिक वसूली की जा रही थी और इसके पीछे कौन-कौन जिम्मेदार हैं। साथ ही, देर रात शराब बिक्री कराने वाले ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की भी मांग की गई है।

अब जिले में यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि आखिर शराब कारोबारियों को किसका संरक्षण प्राप्त है, जिसके दम पर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यह देखना होगा कि क्या आबकारी विभाग इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करेगा या शराब कारोबार और विभागीय संरक्षण का यह खेल आगे भी यूं ही चलता रहेगा। फिलहाल, वायरल वीडियो और देर रात शराब बिक्री का यह मामला पूरे जिले में चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है।
    user_सुधीर यादव
    सुधीर यादव
    Local News Reporter सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • बुधवार को लगभग 3:15 बजे जिला जनसंपर्क कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत को आत्मनिर्भर बनाने के संकल्पों को साकार करने के उद्देश्य से शहडोल जिले में एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। जनपद पंचायत सोहागपुर अंतर्गत ग्राम छतवई में संचालित संत रविदास हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम द्वारा लगभग 200 लोगों को काष्ठ शिल्प और कालीन बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे ये लोग स्वयं का रोजगार स्थापित करने में सक्षम हो सकेंगे।
    1
    बुधवार को लगभग 3:15 बजे जिला जनसंपर्क कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत को आत्मनिर्भर बनाने के संकल्पों को साकार करने के उद्देश्य से शहडोल जिले में एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। जनपद पंचायत सोहागपुर अंतर्गत ग्राम छतवई में संचालित संत रविदास हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम द्वारा लगभग 200 लोगों को काष्ठ शिल्प और कालीन बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे ये लोग स्वयं का रोजगार स्थापित करने में सक्षम हो सकेंगे।
    user_Akhilesh Mishra
    Akhilesh Mishra
    सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • डिंडोरी जिले में ईंधन खर्च रोकने और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को सुचारु बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मुख्यालय में निवास करने के निर्देश दिए थे। हालाँकि, समनापुर ब्लॉक में इन आदेशों का पालन केवल कागजों तक ही सीमित दिखाई दे रहा है, जहाँ कई अधिकारी और कर्मचारी प्रतिदिन जिला मुख्यालय से समनापुर तक आवागमन कर रहे हैं। इस स्थिति से शासन के पेट्रोल-डीजल बचत अभियान पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई विभागों के कर्मचारी सुबह देर से कार्यालय पहुंचते हैं और शाम होते ही निकल जाते हैं, जिससे आम लोगों के कार्य समय पर पूरे नहीं हो पाते। सबसे गंभीर आरोप शासकीय वाहनों के दुरुपयोग को लेकर लगाए जा रहे हैं; सूत्रों के अनुसार, कुछ कर्मचारी सरकारी गाड़ियों का इस्तेमाल निजी आवागमन और व्यक्तिगत कार्यों के लिए कर रहे हैं। यदि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होती है, तो शासन को लाखों रुपये के ईंधन और वाहन खर्च में हुई गड़बड़ी का खुलासा हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करती है, लेकिन अधिकारी मुख्यालय में रुकने के बजाय रोजाना अपडाउन में व्यस्त रहते हैं। इससे आपातकालीन स्थितियों में जनता को अधिकारियों की उपलब्धता नहीं मिल पाती। स्थानीय नागरिकों ने माँग की है कि मुख्यालय में निवास न करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों की जांच की जाए, शासकीय वाहनों की लॉगबुक और ईंधन खर्च की भी जाँच हो, और बिना अनुमति के डेली अपडाउन करने वालों पर कार्रवाई की जाए। अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर प्रशासन कलेक्टर के आदेशों की अनदेखी करने वालों पर कब तक कार्रवाई करेगा, या फिर सरकारी आदेश केवल फाइलों तक ही सीमित रहेंगे।
    1
    डिंडोरी जिले में ईंधन खर्च रोकने और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को सुचारु बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मुख्यालय में निवास करने के निर्देश दिए थे। हालाँकि, समनापुर ब्लॉक में इन आदेशों का पालन केवल कागजों तक ही सीमित दिखाई दे रहा है, जहाँ कई अधिकारी और कर्मचारी प्रतिदिन जिला मुख्यालय से समनापुर तक आवागमन कर रहे हैं।

इस स्थिति से शासन के पेट्रोल-डीजल बचत अभियान पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई विभागों के कर्मचारी सुबह देर से कार्यालय पहुंचते हैं और शाम होते ही निकल जाते हैं, जिससे आम लोगों के कार्य समय पर पूरे नहीं हो पाते। सबसे गंभीर आरोप शासकीय वाहनों के दुरुपयोग को लेकर लगाए जा रहे हैं; सूत्रों के अनुसार, कुछ कर्मचारी सरकारी गाड़ियों का इस्तेमाल निजी आवागमन और व्यक्तिगत कार्यों के लिए कर रहे हैं। यदि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होती है, तो शासन को लाखों रुपये के ईंधन और वाहन खर्च में हुई गड़बड़ी का खुलासा हो सकता है।

ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करती है, लेकिन अधिकारी मुख्यालय में रुकने के बजाय रोजाना अपडाउन में व्यस्त रहते हैं। इससे आपातकालीन स्थितियों में जनता को अधिकारियों की उपलब्धता नहीं मिल पाती। स्थानीय नागरिकों ने माँग की है कि मुख्यालय में निवास न करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों की जांच की जाए, शासकीय वाहनों की लॉगबुक और ईंधन खर्च की भी जाँच हो, और बिना अनुमति के डेली अपडाउन करने वालों पर कार्रवाई की जाए।

अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर प्रशासन कलेक्टर के आदेशों की अनदेखी करने वालों पर कब तक कार्रवाई करेगा, या फिर सरकारी आदेश केवल फाइलों तक ही सीमित रहेंगे।
    user_Pradeep singh Rajput
    Pradeep singh Rajput
    डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • जबलपुर के तिलवारा घाट पर साध्वी पूजा जायसवाल ने गंगा दशहरा के अवसर पर एक कठिन अग्नि तपस्या शुरू की है। यह अनुष्ठान 44 डिग्री सेल्सियस के तीव्र तापमान में, 251 जलते हुए कंडों के बीच बैठकर किया जा रहा है। यह तपस्या लगातार पाँच दिनों तक चलेगी, जिसके दौरान साध्वी प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक अग्नि के बीच बैठकर माँ दुर्गा और गोरखनाथ बाबा की आराधना कर रही हैं। साध्वी पूजा जायसवाल ने बताया कि यह साधना देश में शांति स्थापित करने, सनातन धर्म के कल्याण और जनकल्याण के उद्देश्य से की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह कठिन अनुष्ठान वे अपने गुरु की आज्ञा से कर रही हैं। इस तपस्या को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु तिलवारा घाट पहुँच रहे हैं।
    1
    जबलपुर के तिलवारा घाट पर साध्वी पूजा जायसवाल ने गंगा दशहरा के अवसर पर एक कठिन अग्नि तपस्या शुरू की है। यह अनुष्ठान 44 डिग्री सेल्सियस के तीव्र तापमान में, 251 जलते हुए कंडों के बीच बैठकर किया जा रहा है। यह तपस्या लगातार पाँच दिनों तक चलेगी, जिसके दौरान साध्वी प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक अग्नि के बीच बैठकर माँ दुर्गा और गोरखनाथ बाबा की आराधना कर रही हैं।

साध्वी पूजा जायसवाल ने बताया कि यह साधना देश में शांति स्थापित करने, सनातन धर्म के कल्याण और जनकल्याण के उद्देश्य से की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह कठिन अनुष्ठान वे अपने गुरु की आज्ञा से कर रही हैं। इस तपस्या को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु तिलवारा घाट पहुँच रहे हैं।
    user_Deepak Vishwakarma
    Deepak Vishwakarma
    Photographer जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    39 min ago
  • अनूपपुर के कोतमा बाजार में उस समय हड़कंप मच गया जब एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क पर आ गया। बेकाबू ट्रक ने कई गाड़ियों को टक्कर मारते हुए सामने की दुकानों और उनके सामान को भी भारी नुकसान पहुंचाया। इस हादसे के बाद पूरे बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
    1
    अनूपपुर के कोतमा बाजार में उस समय हड़कंप मच गया जब एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क पर आ गया। बेकाबू ट्रक ने कई गाड़ियों को टक्कर मारते हुए सामने की दुकानों और उनके सामान को भी भारी नुकसान पहुंचाया। इस हादसे के बाद पूरे बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
    user_AZMAT KHAN
    AZMAT KHAN
    Newspaper advertising department सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.