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जबलपुर के तिलवारा घाट पर साध्वी पूजा जायसवाल ने गंगा दशहरा के अवसर पर एक कठिन अग्नि तपस्या शुरू की है। यह अनुष्ठान 44 डिग्री सेल्सियस के तीव्र तापमान में, 251 जलते हुए कंडों के बीच बैठकर किया जा रहा है। यह तपस्या लगातार पाँच दिनों तक चलेगी, जिसके दौरान साध्वी प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक अग्नि के बीच बैठकर माँ दुर्गा और गोरखनाथ बाबा की आराधना कर रही हैं। साध्वी पूजा जायसवाल ने बताया कि यह साधना देश में शांति स्थापित करने, सनातन धर्म के कल्याण और जनकल्याण के उद्देश्य से की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह कठिन अनुष्ठान वे अपने गुरु की आज्ञा से कर रही हैं। इस तपस्या को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु तिलवारा घाट पहुँच रहे हैं।
Deepak Vishwakarma
जबलपुर के तिलवारा घाट पर साध्वी पूजा जायसवाल ने गंगा दशहरा के अवसर पर एक कठिन अग्नि तपस्या शुरू की है। यह अनुष्ठान 44 डिग्री सेल्सियस के तीव्र तापमान में, 251 जलते हुए कंडों के बीच बैठकर किया जा रहा है। यह तपस्या लगातार पाँच दिनों तक चलेगी, जिसके दौरान साध्वी प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक अग्नि के बीच बैठकर माँ दुर्गा और गोरखनाथ बाबा की आराधना कर रही हैं। साध्वी पूजा जायसवाल ने बताया कि यह साधना देश में शांति स्थापित करने, सनातन धर्म के कल्याण और जनकल्याण के उद्देश्य से की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह कठिन अनुष्ठान वे अपने गुरु की आज्ञा से कर रही हैं। इस तपस्या को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु तिलवारा घाट पहुँच रहे हैं।
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- गोटेगांव के समीप भडरी गाँव में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में व्यास विपिन महाराज जी ने भीषण गर्मी और नौतपा के बावजूद नरसिंहपुर सहित अन्य जिलों से पधारे जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों को संबोधित किया। महाराज श्री ने अपने प्रवचनों के दौरान परिवारों में संस्कार देने की अनिवार्यता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि आज के समय में लोगों को शादी-विवाह जैसे आयोजनों में फ़ालतू के खर्चों से बचना चाहिए, क्योंकि कोरोना महामारी ने हमें जीवन की वास्तविकताओं और दिखावे से दूर रहने का महत्व सिखाया है। महाराज श्री ने श्रोताओं से दिखावे के चक्कर में कर्जदार न बनने, अपने बड़ों का सम्मान करने और प्रभु का भजन करने का आग्रह किया, क्योंकि उनके अनुसार यही भवसागर को पार लगाने वाली नाव है। यह प्रवचन प्रतिदिन शाम 4:00 बजे से 7:00 बजे तक आयोजित किए जा रहे हैं। कथा के बाद 31 तारीख को विशाल भंडारे का आयोजन होगा। आयोजन समिति ने सभी से इस धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होकर धर्म लाभ उठाने की अपील की है।1
- गोटेगांव के ग्राम भड़री में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान, कथा व्यास श्री विपिन महाराज जी ने यह महत्वपूर्ण बात कही कि इस कथा के मात्र श्रवण से मनुष्य भवसागर से पार हो सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सच्चा धर्म कभी दिखावे का विषय नहीं होता। महाराज श्री के अनुसार, सनातन धर्म की वास्तविक पहचान माता-पिता की सेवा करने, गरीब कन्याओं के विवाह में सहयोग देने और धर्म का सदुपयोग करने में निहित है। उन्होंने यह भी बताया कि वह घर अत्यंत सौभाग्यशाली होता है जहाँ बुजुर्गों का सम्मान किया जाता है, बच्चों में संस्कार होते हैं और धार्मिक वातावरण बना रहता है। इसके अतिरिक्त, श्री विपिन महाराज ने गंगा दशहरा के महत्व का वर्णन करते हुए राम नाम और राम स्तुति की महिमा पर भी प्रकाश डाला। यह भक्तिमय आयोजन प्रतिदिन शाम 4 बजे से 7 बजे तक आयोजित किया जा रहा है, जो 30 मई तक चलेगा। आयोजन समिति ने समस्त क्षेत्रवासियों से इस कथा में शामिल होकर धर्म लाभ लेने की अपील की है।1
- IND24 द्वारा प्रसारित खबर का बड़ा असर देखने को मिला है, जिसके चलते अब कुएं में टैंकरों के माध्यम से पानी डाला जा रहा है। इस संबंध में जनपद सीईओ ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि उन्हें पानी की किसी भी तरह की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। सीईओ ने यह भी बताया कि भविष्य में नर्मदा नदी से पाइपलाइन बिछाकर ग्रामीणों को पानी उपलब्ध कराया जाएगा।1
- मध्य प्रदेश के कटनी जिले की रीठी तहसील में भीषण गर्मी के बीच फरियादी और अन्य कार्यों से पहुँचने वाले ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तहसील कार्यालय में राजस्व मामलों, नामांतरण, बंटवारे और अन्य कार्यों के लिए रोजाना सैकड़ों ग्रामीण आते हैं, लेकिन उन्हें पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं मिल पाती। 44 डिग्री सेल्सियस के तापमान में घंटों तक अपनी बारी का इंतजार कर रहे इन लोगों के लिए तहसील परिसर में न तो वाटर कूलर लगे हैं और न ही मटके रखे गए हैं। मजबूरी में ग्रामीणों को बाहर की दुकानों से पानी खरीदना पड़ता है या पास की होटलों पर निर्भर रहना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या वर्षों से बनी हुई है। गर्मी को देखते हुए तहसील के वकीलों ने अपनी तरफ से पेड़ के नीचे पानी के कैंपर रखवाकर कुछ राहत प्रदान की है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल तहसील परिसर में वाटर कूलर या बड़े मटकों की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है ताकि उन्हें गर्मी से राहत मिल सके। इस संबंध में एक अधिकारी का कहना है कि तहसील का बोरवेल बंद पड़ा है, और कार्यालय में पानी के कैंपर मंगवाकर बाहर पेड़ के नीचे रखवाए जाते हैं।1
- मंडला जिले की बिछिया पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ शिकंजा कसते हुए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान एक बोलेरो वाहन से भारी मात्रा में शराब जब्त की है। इस मामले में 23 वर्षीय एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जो मौके पर वाहन और जब्त शराब से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका। पुलिस ने इस कार्रवाई में 5 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति भी जब्त की है।1
- नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव के पास भड़री में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में कथा व्यास विपिन महाराज जी के प्रवचनों को सुनने के लिए भीषण गर्मी और नौतपा के बावजूद बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। नरसिंहपुर जिले के साथ-साथ अन्य जिलों से भी जनप्रतिनिधि और क्षेत्रवासी दूर-दूर से कथा स्थल पर उपस्थित हो रहे हैं। महाराज विपिन जी ने अपने प्रवचनों में परिवारों को संस्कार देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह भी सलाह दी कि शादी-विवाह जैसे आयोजनों में फालतू के खर्चे नहीं करने चाहिए, क्योंकि कोरोना महामारी ने हमें बहुत कुछ सिखा दिया है। महाराज जी ने लोगों को दिखावे के चक्कर में कर्जदार न बनने और अपने से बड़ों का सम्मान करने का संदेश दिया, साथ ही कहा कि प्रभु का भजन करना ही भवसागर से पार लगाने वाली नाव है। ये प्रवचन प्रतिदिन शाम 4:00 बजे से 7:00 बजे तक होते हैं। आयोजन समिति ने बताया है कि 31 तारीख को भंडारे का आयोजन किया जाएगा और सभी क्षेत्रवासियों से इसमें शामिल होकर धर्म लाभ उठाने की अपील की गई है।2
- सिवनी जिले की लखनादौन पुलिस को नशे के कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने लगभग ₹51 लाख 30 हजार रुपये कीमत का गांजा और एक कार जब्त करते हुए दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों की पहचान भोपाल निवासी जाकिर मिया और कमल जाटव के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी कार की सीटों के नीचे बनाए गए सीक्रेट चैम्बर में गांजा छुपाकर नागपुर से भोपाल ले जा रहे थे। लखनादौन पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि नागपुर की ओर से भोपाल जा रही एक सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार में भारी मात्रा में गांजा ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने नेशनल हाईवे पर बम्होडी ब्रिज के पास घेराबंदी की और संदिग्ध कार को रोककर उसकी तलाशी ली, जिससे यह बरामदगी हुई। पुलिस का मानना है कि ये आरोपी लंबे समय से अंतरराज्यीय स्तर पर गांजा तस्करी में शामिल हो सकते हैं। इस कार्रवाई के बाद जिले में सक्रिय नशा तस्करी नेटवर्क को लेकर कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।2
- डिंडोरी जिले के मेहदवानी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सुखलोडी के वनग्राम खमरिया में ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। पंचायत विभाग की बड़ी लापरवाही और उदासीनता के कारण गांव में जल संकट विकराल रूप ले चुका है, जबकि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर जल पहुंचाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है। गांव के कुएं, बावड़ी और अन्य जल स्रोत पूरी तरह सूख चुके हैं, जिससे ग्रामीणों को रोजाना करीब 2 किलोमीटर दूर पहाड़ी और घाट चढ़कर पानी ढोना पड़ रहा है। इस स्थिति से महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे बच्चे विशेष रूप से परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत विभाग ने समय रहते कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की। उन्होंने कई बार पंचायत सचिव और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिले। ग्रामीणों के अनुसार, न तो पानी के टैंकरों की समुचित व्यवस्था की गई और न ही खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत कराई गई। पंचायत की इस उदासीनता से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। जल संकट से परेशान सैकड़ों ग्रामीण जनपद पंचायत मेहदवानी पहुंचे और पंचायत विभाग के खिलाफ नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल पानी की व्यवस्था करने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो वे एक बड़ा आंदोलन करेंगे। यह स्थिति पंचायत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है, खासकर तब जब हर साल गर्मियों में ऐसे जल संकट की स्थिति बनती है और करोड़ों की योजनाएं कागजों पर होने के बावजूद ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधा पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों को राहत कब मिलेगी और लापरवाह जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी, यह एक बड़ा प्रश्न बना हुआ है।4
- दमोह जिले के जबेरा थाना अंतर्गत सिंग्रामपुर चौकी क्षेत्र में मंगलवार रात एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहाँ तेलनघाटी मार्ग पर लगभग 500 फीट ऊँचे पहाड़ से गिरने के कारण 13 भैंसें हादसे का शिकार हो गईं। इस घटना में 11 भैंसों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें उपचार के लिए पशु चिकित्सालय भेजा गया है। इस घटना की जानकारी बुधवार सुबह राहगीरों द्वारा सिंग्रामपुर चौकी पुलिस को दिए जाने के बाद सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुँचकर जाँच शुरू की। सिंग्रामपुर चौकी क्षेत्र के कंजई गाँव निवासी द्वारका प्रसाद राय की ये भैंसें थीं। भैंस मालिक ने आरोप लगाया है कि तेलनघाटी के आसपास कुछ किसानों की मूंग की फसल लगी हुई है और अक्सर भैंसें खेतों में घुस जाती थीं। उन्हें आशंका है कि इसी बात से नाराज होकर अज्ञात लोगों ने भैंसों को पहाड़ से धक्का देकर गिरा दिया है। हालांकि, स्थानीय लोगों के बीच एक और आशंका भी जताई जा रही है कि कुछ लोग भैंसों को चोरी करने के उद्देश्य से इकट्ठा करके ले जा रहे थे और भगाने के दौरान वे घाटी में गिर गईं। यह घटना तेलनघाटी के एक सुनसान इलाके में हुई, जहाँ से पौड़ी, बमोरी और बनवार को जोड़ने वाला लिंक रोड निकलता है। रात में इस मार्ग पर आवाजाही बेहद कम रहती है, जिस कारण किसी ने भी घटना को होते नहीं देखा। पुलिस ने मृत भैंसों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं और मामले की जाँच शुरू कर दी है। प्रधान आरक्षक रामगोपाल, आरक्षक शैलेंद्र सिंह और डायल-112 की टीम घटनास्थल पर मौजूद रही। प्रधान आरक्षक रामगोपाल ने बताया कि कंजई निवासी द्वारका प्रसाद राय पिता रामप्रसाद राय की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है, जिसमें 13 भैंसों को घाटी में गिराने का आरोप लगाया गया है। मामले की जाँच जारी है।1