दमोह जिले के जबेरा थाना अंतर्गत सिंग्रामपुर चौकी क्षेत्र में मंगलवार रात एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहाँ तेलनघाटी मार्ग पर लगभग 500 फीट ऊँचे पहाड़ से गिरने के कारण 13 भैंसें हादसे का शिकार हो गईं। इस घटना में 11 भैंसों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें उपचार के लिए पशु चिकित्सालय भेजा गया है। इस घटना की जानकारी बुधवार सुबह राहगीरों द्वारा सिंग्रामपुर चौकी पुलिस को दिए जाने के बाद सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुँचकर जाँच शुरू की। सिंग्रामपुर चौकी क्षेत्र के कंजई गाँव निवासी द्वारका प्रसाद राय की ये भैंसें थीं। भैंस मालिक ने आरोप लगाया है कि तेलनघाटी के आसपास कुछ किसानों की मूंग की फसल लगी हुई है और अक्सर भैंसें खेतों में घुस जाती थीं। उन्हें आशंका है कि इसी बात से नाराज होकर अज्ञात लोगों ने भैंसों को पहाड़ से धक्का देकर गिरा दिया है। हालांकि, स्थानीय लोगों के बीच एक और आशंका भी जताई जा रही है कि कुछ लोग भैंसों को चोरी करने के उद्देश्य से इकट्ठा करके ले जा रहे थे और भगाने के दौरान वे घाटी में गिर गईं। यह घटना तेलनघाटी के एक सुनसान इलाके में हुई, जहाँ से पौड़ी, बमोरी और बनवार को जोड़ने वाला लिंक रोड निकलता है। रात में इस मार्ग पर आवाजाही बेहद कम रहती है, जिस कारण किसी ने भी घटना को होते नहीं देखा। पुलिस ने मृत भैंसों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं और मामले की जाँच शुरू कर दी है। प्रधान आरक्षक रामगोपाल, आरक्षक शैलेंद्र सिंह और डायल-112 की टीम घटनास्थल पर मौजूद रही। प्रधान आरक्षक रामगोपाल ने बताया कि कंजई निवासी द्वारका प्रसाद राय पिता रामप्रसाद राय की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है, जिसमें 13 भैंसों को घाटी में गिराने का आरोप लगाया गया है। मामले की जाँच जारी है।
दमोह जिले के जबेरा थाना अंतर्गत सिंग्रामपुर चौकी क्षेत्र में मंगलवार रात एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहाँ तेलनघाटी मार्ग पर लगभग 500 फीट ऊँचे पहाड़ से गिरने के कारण 13 भैंसें हादसे का शिकार हो गईं। इस घटना में 11 भैंसों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें उपचार के लिए पशु चिकित्सालय भेजा गया है। इस घटना की जानकारी बुधवार सुबह राहगीरों द्वारा सिंग्रामपुर चौकी पुलिस को दिए जाने के बाद सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुँचकर जाँच शुरू की। सिंग्रामपुर चौकी क्षेत्र के कंजई गाँव निवासी द्वारका प्रसाद राय की ये भैंसें थीं। भैंस मालिक ने आरोप लगाया है कि तेलनघाटी के आसपास कुछ किसानों की मूंग की फसल लगी हुई है और अक्सर भैंसें खेतों में घुस जाती थीं। उन्हें आशंका है कि इसी बात से नाराज होकर अज्ञात लोगों ने भैंसों को पहाड़ से धक्का देकर गिरा दिया है। हालांकि, स्थानीय लोगों के बीच एक और आशंका भी जताई जा रही है कि कुछ लोग भैंसों को चोरी करने के उद्देश्य से इकट्ठा करके ले जा रहे थे और भगाने के दौरान वे घाटी में गिर गईं। यह घटना तेलनघाटी के एक सुनसान इलाके में हुई, जहाँ से पौड़ी, बमोरी और बनवार को जोड़ने वाला लिंक रोड निकलता है। रात में इस मार्ग पर आवाजाही बेहद कम रहती है, जिस कारण किसी ने भी घटना को होते नहीं देखा। पुलिस ने मृत भैंसों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं और मामले की जाँच शुरू कर दी है। प्रधान आरक्षक रामगोपाल, आरक्षक शैलेंद्र सिंह और डायल-112 की टीम घटनास्थल पर मौजूद रही। प्रधान आरक्षक रामगोपाल ने बताया कि कंजई निवासी द्वारका प्रसाद राय पिता रामप्रसाद राय की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है, जिसमें 13 भैंसों को घाटी में गिराने का आरोप लगाया गया है। मामले की जाँच जारी है।
- दमोह, मध्य प्रदेश के कचौरा सिविल वार्ड 3 के निवासियों ने शिकायत की है कि उनके इलाके में नालियों की सफाई नहीं हो रही है। लोगों ने बताया कि उनके यहाँ की नालियाँ साफ नहीं की जा रही हैं, जिससे परेशानी बढ़ रही है।2
- गंगा दशहरा के पावन अवसर पर दमोह जिले के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बांदकपुर में आस्था, संस्कृति और जल संरक्षण का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आवाहन पर, 'जल गंगा संवर्धन अभियान 2026' के अंतर्गत देव श्री जागेश्वर नाथ धाम की प्राचीन बावड़ी में एक भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम को श्री जागेश्वर नाथ भक्त मंडल और छात्र सर्व कल्याण समिति द्वारा संपन्न कराया गया। आयोजन के दौरान प्राचीन बावड़ी में स्वच्छता अभियान और श्रमदान किया गया, जिसके बाद दीपोत्सव और मां गंगा की संगीतमय महाआरती का आयोजन हुआ। डमरू दल के युवाओं ने अपने आकर्षक डमरू वादन से सबका मन मोहा, वहीं संस्कृत विद्यालय के विद्यार्थियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां गंगा का आवाहन किया। श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में दीप प्रज्ज्वलित कर प्राचीन बावड़ी को रोशनी से जगमगा दिया, जिससे बांदकपुर की प्राचीन बावड़ी दीपों की रोशनी से जगमगा उठी और श्रद्धालुओं ने आराधना की। मंदिर प्रबंधक पंडित रामकृपाल पाठक ने इस आयोजन को क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक बताया। समाजसेवी कृष्णा पटैल ने विशेष रूप से युवाओं से जल संरक्षण और ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित रखने का आह्वान किया, जिससे युवाओं ने जल संरक्षण की परंपरा को संभालते हुए बावड़ी में श्रमदान और पूजन किया।1
- मध्य प्रदेश के कटनी जिले की रीठी तहसील में भीषण गर्मी के बीच फरियादी और अन्य कार्यों से पहुँचने वाले ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तहसील कार्यालय में राजस्व मामलों, नामांतरण, बंटवारे और अन्य कार्यों के लिए रोजाना सैकड़ों ग्रामीण आते हैं, लेकिन उन्हें पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं मिल पाती। 44 डिग्री सेल्सियस के तापमान में घंटों तक अपनी बारी का इंतजार कर रहे इन लोगों के लिए तहसील परिसर में न तो वाटर कूलर लगे हैं और न ही मटके रखे गए हैं। मजबूरी में ग्रामीणों को बाहर की दुकानों से पानी खरीदना पड़ता है या पास की होटलों पर निर्भर रहना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या वर्षों से बनी हुई है। गर्मी को देखते हुए तहसील के वकीलों ने अपनी तरफ से पेड़ के नीचे पानी के कैंपर रखवाकर कुछ राहत प्रदान की है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल तहसील परिसर में वाटर कूलर या बड़े मटकों की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है ताकि उन्हें गर्मी से राहत मिल सके। इस संबंध में एक अधिकारी का कहना है कि तहसील का बोरवेल बंद पड़ा है, और कार्यालय में पानी के कैंपर मंगवाकर बाहर पेड़ के नीचे रखवाए जाते हैं।1
- दमोह जिले की हटा पुलिस ने विभिन्न प्रकरणों में लंबे समय से फरार चल रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। बुधवार को हटा टीआई सुधीर कुमार बेगी ने एक पत्रकार वार्ता में इन गिरफ्तारियों और संबंधित मामलों का खुलासा किया, जिनमें बैंक में कूटरचित दस्तावेज तैयार कर लोन लेने, ट्रक चोरी और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। पहला मामला 10 अक्टूबर 2023 को फरियादी गणेश पिता मान सिंह यादव (52) निवासी ग्राम रसुईया, थाना कुम्हारी, द्वारा दिए गए आवेदन से संबंधित है। आवेदन में उल्लेख था कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसकी करीब 5.30 हेक्टेयर कृषि भूमि पर 9 सितंबर 2019 को यूनियन बैंक हटा से ₹5.30 लाख का लोन लिया और 16 दिसंबर 2020 को उसे चुकता भी कर दिया। फरियादी को यह तब पता चला जब उसने लोक सेवा केंद्र पटेरा से भूमि के खसरा बीमा की सत्यापित प्रति निकलवाई। मामले की विवेचना में आरोपी अमर सिंह लोधी, अरविंद सिंह लोधी, भानू सिंह और कमलेश सिंह के विरुद्ध धोखाधड़ी, बेईमानी और कपटपूर्वक फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोन प्राप्त करने का अपराध सिद्ध पाया गया। पुलिस ने आरोपी अमर सिंह को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया और रिमांड पर लिया है; मामले की विवेचना अभी जारी है। दूसरा प्रकरण 11 मार्च 2025 को फरियादी संतोष पटेरिया निवासी गड़ोली, थाना रहली, जिला सागर, द्वारा प्रस्तुत आवेदन से जुड़ा है। फरियादी ने बताया कि मोनी उर्फ मोंटी (निवासी भोपाल), गुड्डू खान (निवासी जबलपुर) और बाबू खान (निवासी हटा) ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसके नाम पर दर्ज 14 चक्का ट्रक को बेईमानी पूर्वक अपने नाम करवा लिया और ₹14 लाख की धोखाधड़ी की। साथ ही, फरियादी का ट्रक भी गायब कर दिया गया। इस मामले में पुलिस ने मोनू उर्फ शहबाज खान (निवासी भोपाल) को गिरफ्तार किया है। तीसरा प्रकरण हत्या के प्रयास से संबंधित है, जिसकी रिपोर्ट 20 जनवरी 2026 को मड़ियादो निवासी सजल अग्रवाल (21) ने दर्ज कराई थी। सजल ने आरोप लगाया था कि आरोपी राम ड्राइवर, रामस्वरूप कंडेक्टर, छोटू गोस्वामी, अवधेश गोस्वामी और शिवम ने यात्री बस मालिक को जान से मारने की नियत से मारपीट कर गंभीर चोटें पहुंचाई थीं। इस मामले में एक आरोपी अवधेश गोस्वामी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया जा चुका है। हटा पुलिस इन सभी पंजीकृत अपराधों में शेष फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है। इस पूरी कार्रवाई में थाने से एएसआई अरविंद राय, प्रधान आरक्षक महेंद्र बाबू, अनिल गौतम और आरक्षक पवन पटेल की अहम भूमिका रही।1
- कटनी जिले के बहोरीबंद क्षेत्र में किसानों और ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री, कटनी कलेक्टर और बहोरीबंद के अनुविभागीय अधिकारी को 11 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में भीषण गर्मी, बिजली संकट, पेयजल समस्या, किसानों की फसलों के नुकसान और अधूरे विकास कार्यों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया है कि बहोरीबंद विकासखंड और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भीषण गर्मी से आमजन, किसान और मजदूर बेहद परेशान हैं, वहीं लगातार बिजली कटौती और कम वोल्टेज से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने निर्बाध और पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। किसानों ने समर्थन मूल्य पर खरीदी के बावजूद कई किसानों को भुगतान न मिलने पर नाराजगी जताते हुए शीघ्र भुगतान की मांग की है। इसके अतिरिक्त, डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों पर चिंता व्यक्त करते हुए मांग की गई है कि यदि कीमतें कम नहीं होतीं तो कृषि उपज का समर्थन मूल्य बढ़ाया जाए ताकि किसानों को लागत के अनुरूप लाभ मिल सके। बहोरीबंद विकासखंड के पटीराजा, मसंधा और छपरी सहित अन्य गांवों में ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए मुआवजे और फसल बीमा योजना के लाभ की भी मांग की गई है। ग्रामीणों ने रूपनाथ-बम्होरी-हथियागढ़ मार्ग पर बीएसएनएल लाइन बिछाने के लिए खोदी गई नालियों को महीनों से खुला छोड़ने पर कड़ी आपत्ति जताई है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने सड़क मरम्मत और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। नल-जल योजना के अधूरे कार्यों को लेकर भी गुस्सा जाहिर किया गया है, आरोप है कि ठेकेदार पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कें खोदकर काम अधूरा छोड़ गए हैं, जिससे परेशानी हो रही है। ऐसे ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट कर कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। किसानों ने मूंग और उड़द की फसलों को अत्यधिक गर्मी से नुकसान की आशंका जताते हुए सिंचाई के लिए कम से कम 18 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की मांग की है। आगामी खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त खाद और कृषि सामग्री समय पर उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है। भीषण गर्मी और जल संकट के कारण पशु-पक्षियों और ग्रामीणों के सामने उत्पन्न पेयजल संकट का जिक्र करते हुए, ज्ञापन में तालाबों और भूता टैंक का पानी सोहार नदी में छोड़ने और जरूरतमंद गांवों में टैंकरों से पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की गई है। क्षेत्र में मंडी, कोर्ट, रजिस्ट्रार कार्यालय और नगर परिषद कार्यालय शुरू करने की भी प्रमुख मांग है ताकि लोगों को स्थानीय स्तर पर सुविधाएं मिल सकें। ज्ञापन के अंत में चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो किसान, मजदूर और आमजन आंदोलन और सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।4
- बंगाल के मुख्य मंत्री सेबेन्दु अधिकारी कथित तौर पर जनता को यह कहते हुए पाए गए हैं कि 14 वर्ष से अधिक आयु के लोग 'अय्यु कि गये माता को खा सकते हैं', जिसके लिए उन्हें एक प्रमाण पत्र लेना होगा। यह बयान सोशल मीडिया पर सामने आया है, जहाँ इस बात पर सवाल उठाया जा रहा है कि क्या यह जानकारी सही है। इस संदर्भ में, सभी देशवासियों से अनुरोध किया गया है कि वे संबंधित वीडियो को देखें और सुनें, और उसके बाद इस पर अपनी राय तेजी से टिप्पणी अनुभाग में दें।2
- जबलपुर के सिहोरा थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ शराब के नशे में धुत एक बेटे ने अपनी पत्नी से विवाद के दौरान बीच-बचाव करने आई अपनी माँ पर टेबल फैन से हमला कर दिया। इस हमले में गंभीर रूप से घायल माँ ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी बेटा मौके से फरार हो गया। पुलिस के अनुसार, यह घटना गढ़िया मोहल्ले की है। आरोपी करण कोल देर रात घर लौटा था और अपनी पत्नी से झगड़ रहा था। इसी दौरान, जब उसकी 65 वर्षीय माँ गिरानी बाई कोल बीच-बचाव करने पहुँचीं, तो बेटे ने उन पर हमला कर दिया। उसने कथित तौर पर टेबल फैन का इस्तेमाल कर माँ को गंभीर रूप से घायल किया। घायल महिला को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल, पुलिस फरार आरोपी करण कोल की तलाश में जुटी हुई है।1
- दमोह जिले के जबेरा थाना अंतर्गत सिंग्रामपुर चौकी क्षेत्र में मंगलवार रात एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहाँ तेलनघाटी मार्ग पर लगभग 500 फीट ऊँचे पहाड़ से गिरने के कारण 13 भैंसें हादसे का शिकार हो गईं। इस घटना में 11 भैंसों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें उपचार के लिए पशु चिकित्सालय भेजा गया है। इस घटना की जानकारी बुधवार सुबह राहगीरों द्वारा सिंग्रामपुर चौकी पुलिस को दिए जाने के बाद सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुँचकर जाँच शुरू की। सिंग्रामपुर चौकी क्षेत्र के कंजई गाँव निवासी द्वारका प्रसाद राय की ये भैंसें थीं। भैंस मालिक ने आरोप लगाया है कि तेलनघाटी के आसपास कुछ किसानों की मूंग की फसल लगी हुई है और अक्सर भैंसें खेतों में घुस जाती थीं। उन्हें आशंका है कि इसी बात से नाराज होकर अज्ञात लोगों ने भैंसों को पहाड़ से धक्का देकर गिरा दिया है। हालांकि, स्थानीय लोगों के बीच एक और आशंका भी जताई जा रही है कि कुछ लोग भैंसों को चोरी करने के उद्देश्य से इकट्ठा करके ले जा रहे थे और भगाने के दौरान वे घाटी में गिर गईं। यह घटना तेलनघाटी के एक सुनसान इलाके में हुई, जहाँ से पौड़ी, बमोरी और बनवार को जोड़ने वाला लिंक रोड निकलता है। रात में इस मार्ग पर आवाजाही बेहद कम रहती है, जिस कारण किसी ने भी घटना को होते नहीं देखा। पुलिस ने मृत भैंसों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं और मामले की जाँच शुरू कर दी है। प्रधान आरक्षक रामगोपाल, आरक्षक शैलेंद्र सिंह और डायल-112 की टीम घटनास्थल पर मौजूद रही। प्रधान आरक्षक रामगोपाल ने बताया कि कंजई निवासी द्वारका प्रसाद राय पिता रामप्रसाद राय की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है, जिसमें 13 भैंसों को घाटी में गिराने का आरोप लगाया गया है। मामले की जाँच जारी है।1