विकासखंड चिन्यालीसौड़ की ग्राम सभा छणद-खालसी के ग्रामीण अपने गांव में लगातार बढ़ रहे भूस्खलन की गंभीर समस्या को लेकर जिला मुख्यालय पहुँचे थे। ग्रामीणों की फरियाद पर, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने संवेदनशीलता दिखाते हुए खुद आगे बढ़कर उनकी समस्याओं को सुना, जिसके लिए ग्रामीणों ने उनके सहज और संवेदनशील व्यवहार की जमकर सराहना की है। ग्रामीणों के जिला मुख्यालय पहुँचने पर, जिलाधिकारी अपने कार्यालय से किसी कार्यवश बाहर निकल रहे थे। उन्होंने ग्रामीणों को देखकर स्वयं उन्हें अपने पास बुलाया और बेहद इत्मीनान से उनकी पूरी बात सुनी। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि भूस्खलन की इस समस्या का शीघ्र और स्थायी समाधान निकाला जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में शामिल एक बुजुर्ग महिला ने गढ़वाली बोली में भावुक होकर अपने गांव की पीड़ा और डर को साझा किया। जिलाधिकारी ने बिना किसी औपचारिकता के, पूरे धैर्य और आत्मीयता के साथ बुजुर्ग महिला की बात को सुना और उन्हें ढांढस बंधाया। डीएम के इस बेहद सौम्य और अपनेपन भरे व्यवहार से प्रभावित होकर बुजुर्ग महिला ने भावुक होते हुए जिलाधिकारी के सिर पर हाथ रखकर उन्हें दिल से आशीर्वाद दिया। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि अधिकारी अमूमन समय नहीं दे पाते, लेकिन जिलाधिकारी ने खुद आगे बढ़कर उनकी सुध ली और पहाड़ी में ही उनकी बातों को समझा। जिलाधिकारी की इस त्वरित प्रतिक्रिया और आम जनता के प्रति उनके सहज व्यवहार की पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासनिक स्तर पर ऐसा संवेदनशील रवैया जनता का व्यवस्था में विश्वास और मजबूत करता है, जिसके लिए ग्रामीणों ने जिलाधिकारी की जनसरोकारों से जुड़ी कार्यशैली की खुले दिल से प्रशंसा की है।
विकासखंड चिन्यालीसौड़ की ग्राम सभा छणद-खालसी के ग्रामीण अपने गांव में लगातार बढ़ रहे भूस्खलन की गंभीर समस्या को लेकर जिला मुख्यालय पहुँचे थे। ग्रामीणों की फरियाद पर, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने संवेदनशीलता दिखाते हुए खुद आगे बढ़कर उनकी समस्याओं को सुना, जिसके लिए ग्रामीणों ने उनके सहज और संवेदनशील व्यवहार की जमकर सराहना की है। ग्रामीणों के जिला मुख्यालय पहुँचने पर, जिलाधिकारी अपने कार्यालय से किसी कार्यवश बाहर निकल रहे थे। उन्होंने ग्रामीणों को देखकर स्वयं उन्हें अपने पास बुलाया और बेहद इत्मीनान से उनकी पूरी बात सुनी। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि भूस्खलन की इस समस्या का शीघ्र और स्थायी समाधान निकाला जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में शामिल एक बुजुर्ग महिला ने गढ़वाली बोली में भावुक होकर अपने गांव की पीड़ा और डर को साझा किया। जिलाधिकारी ने बिना किसी
औपचारिकता के, पूरे धैर्य और आत्मीयता के साथ बुजुर्ग महिला की बात को सुना और उन्हें ढांढस बंधाया। डीएम के इस बेहद सौम्य और अपनेपन भरे व्यवहार से प्रभावित होकर बुजुर्ग महिला ने भावुक होते हुए जिलाधिकारी के सिर पर हाथ रखकर उन्हें दिल से आशीर्वाद दिया। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि अधिकारी अमूमन समय नहीं दे पाते, लेकिन जिलाधिकारी ने खुद आगे बढ़कर उनकी सुध ली और पहाड़ी में ही उनकी बातों को समझा। जिलाधिकारी की इस त्वरित प्रतिक्रिया और आम जनता के प्रति उनके सहज व्यवहार की पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासनिक स्तर पर ऐसा संवेदनशील रवैया जनता का व्यवस्था में विश्वास और मजबूत करता है, जिसके लिए ग्रामीणों ने जिलाधिकारी की जनसरोकारों से जुड़ी कार्यशैली की खुले दिल से प्रशंसा की है।
- विकासखंड चिन्यालीसौड़ की ग्राम सभा छणद-खालसी के ग्रामीण अपने गांव में लगातार बढ़ रहे भूस्खलन की गंभीर समस्या को लेकर जिला मुख्यालय पहुँचे थे। ग्रामीणों की फरियाद पर, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने संवेदनशीलता दिखाते हुए खुद आगे बढ़कर उनकी समस्याओं को सुना, जिसके लिए ग्रामीणों ने उनके सहज और संवेदनशील व्यवहार की जमकर सराहना की है। ग्रामीणों के जिला मुख्यालय पहुँचने पर, जिलाधिकारी अपने कार्यालय से किसी कार्यवश बाहर निकल रहे थे। उन्होंने ग्रामीणों को देखकर स्वयं उन्हें अपने पास बुलाया और बेहद इत्मीनान से उनकी पूरी बात सुनी। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि भूस्खलन की इस समस्या का शीघ्र और स्थायी समाधान निकाला जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में शामिल एक बुजुर्ग महिला ने गढ़वाली बोली में भावुक होकर अपने गांव की पीड़ा और डर को साझा किया। जिलाधिकारी ने बिना किसी औपचारिकता के, पूरे धैर्य और आत्मीयता के साथ बुजुर्ग महिला की बात को सुना और उन्हें ढांढस बंधाया। डीएम के इस बेहद सौम्य और अपनेपन भरे व्यवहार से प्रभावित होकर बुजुर्ग महिला ने भावुक होते हुए जिलाधिकारी के सिर पर हाथ रखकर उन्हें दिल से आशीर्वाद दिया। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि अधिकारी अमूमन समय नहीं दे पाते, लेकिन जिलाधिकारी ने खुद आगे बढ़कर उनकी सुध ली और पहाड़ी में ही उनकी बातों को समझा। जिलाधिकारी की इस त्वरित प्रतिक्रिया और आम जनता के प्रति उनके सहज व्यवहार की पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासनिक स्तर पर ऐसा संवेदनशील रवैया जनता का व्यवस्था में विश्वास और मजबूत करता है, जिसके लिए ग्रामीणों ने जिलाधिकारी की जनसरोकारों से जुड़ी कार्यशैली की खुले दिल से प्रशंसा की है।2
- विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।1
- जिले में हाई-टेक पेन को लेकर उच्च स्तर का अलर्ट जारी किया गया है। यह अलर्ट वायरल खबरों के बीच सामने आया है।1
- देहरादून के मसूरी-धनोल्टी रोड पर स्थित एक होमस्टे में दिल्ली की 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर पी. राधा गायत्री का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ है। पुलिस को 15 जून की सुबह करीब 7:30 बजे महिला के अचेत होने की सूचना मिली, जिसके बाद मौके पर पहुंचने पर गायत्री का शव बिना कपड़ों के फर्श पर पड़ा मिला। कमरे में बिस्तर की चादर पर खून के धब्बे पाए गए और दो खाली शराब की बोतलें भी बरामद हुईं। मृतका के पति, सौम्या श्रीचरण, जो पुणे में आईटी प्रोफेशनल हैं, ने पुलिस को बताया कि उन्होंने रात में शराब पी थी और सुबह करीब 3:30 बजे सो गए थे। उनके मुताबिक, सुबह उठने पर उन्होंने गायत्री को फर्श पर अचेत पाया और उनकी नाक से खून बह रहा था। पी. राधा गायत्री दिल्ली के किदवई नगर ईस्ट की निवासी थीं और गुरुग्राम की एक आईटी कंपनी में कार्यरत थीं, जो अपने पति के साथ छुट्टियां मनाने मसूरी आई हुई थीं। जोड़े का विवाह 8 नवंबर 2025 को हुआ था और दोनों परिवार मूल रूप से विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश) के रहने वाले हैं। इस मामले में देहरादून के कोरोनेशन अस्पताल में डॉक्टरों के एक पैनल द्वारा वीडियोग्राफी के साथ शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, शरीर पर कोई बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं, जिसके चलते मौत की सटीक वजह जानने के लिए विसरा सुरक्षित रख लिया गया है। मृतका के पिता ने मामले की गहन जांच की मांग करते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।1
- डोईवाला नगर पालिका में कार्यरत कूड़ा वाहन चालक और हेल्पर कथित वेतन कटौती के विरोध में हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा पूर्व निर्धारित वेतन से अनावश्यक कटौती की जा रही है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने कई बार संबंधित पक्षों को अपनी समस्या से अवगत कराया, लेकिन इसका कोई समाधान नहीं निकला। इसी के चलते सभी कूड़ा गाड़ी चालक और हेल्परों ने कार्य बहिष्कार कर आंदोलन शुरू कर दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक वेतन कटौती का मामला स्पष्ट नहीं हो जाता और उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। इस मामले पर नगर पालिका परिषद डोईवाला के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि किसी कर्मचारी के साथ गलत हुआ है, तो पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और उचित कार्रवाई की जाएगी, ताकि किसी भी कर्मचारी के हितों के साथ अन्याय न हो। इस हड़ताल के कारण नगर क्षेत्र में कूड़ा उठान व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना है, और स्थिति प्रशासन व कर्मचारियों के बीच वार्ता के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1
- हरिद्वार के चंडी घाट क्षेत्र में कल देर रात कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा वन विभाग की भूमि पर अवैध कब्जा करने का प्रयास किया गया। आरोप है कि इन व्यक्तियों ने जबरन खंभे गाड़कर भूमि पर कब्जा स्थापित करने की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने दावा किया कि यह कार्य वन विभाग की जानकारी और सहमति से हो रहा है, और इस संबंध में उनकी प्रशासन व वन विभाग के अधिकारियों से बात भी हो चुकी है। हालांकि, घटना के दौरान वन विभाग या प्रशासन का कोई भी अधिकृत अधिकारी या कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं था, जिसके चलते स्थानीय लोगों और खंभे गाड़ रहे व्यक्तियों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई। मामले की शिकायत पुलिस प्रशासन से की गई। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया और श्यामपुर पुलिस सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए कब्जे के प्रयास को रुकवाया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है, और संबंधित व्यक्तियों की पहचान कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है।1
- मनाली में एक विदेशी पर्यटक के साथ एक बेहद शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।1
- ऋषिकेश में हरियाणा नंबर की एक कार से आए पर्यटकों और पुलिस के बीच तीखा विवाद हो गया। यह घटना तब हुई जब पुलिस ने पर्यटकों को तेज़ आवाज़ में गाने बजाने से रोका। आरोप है कि विवाद के दौरान कुछ युवतियों ने पुलिसकर्मियों से बहस और बदसलूकी की, वहीं युवकों पर पुलिस से धक्का-मुक्की करने का भी आरोप है। दूसरी ओर, इस पूरे घटनाक्रम में पुलिसकर्मियों के व्यवहार पर भी सवाल उठाए गए हैं। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। पुलिस फिलहाल दोनों पक्षों द्वारा लगाए गए आरोपों की गंभीरता से जांच कर रही है।1