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नाहरपुरा ग्राम पंचायत में एक युवती, नाहरपुरा निवासी सुनीता पत्नी जितेन्द्र कतीजा की हृदयाघात से मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे घर पर अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें उनके पति सहित अन्य लोग आनंदपुरी अस्पताल ले गए। अस्पताल स्टाफ ने तत्काल उपचार शुरू कर दिया, लेकिन 'आधा बोतल' चढ़ते ही अचानक दिल का दौरा पड़ने से सुनीता का निधन हो गया। इस घटना के बाद, मृतका के पीहर पक्ष ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया, जिसके चलते शव पूरी रात अस्पताल की मोर्चरी में ही पड़ा रहा। अगले दिन शनिवार को दो समाजों द्वारा 'भागजेड़ा' (आपसी समझौता) कराने का प्रयास किया गया, लेकिन पीहर पक्ष अपनी बात पर अड़ा रहा। अंततः, मृतका के पति सहित एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। मुकदमा दर्ज होने के बाद मृतका का पोस्टमार्टम कराया गया और शव ससुराल पक्ष को सौंप दिया गया, जिसके बाद शाम छह बजे अंतिम संस्कार किया गया।

8 hrs ago
user_स्वराज डोडियार संवाददाता दैनिक
स्वराज डोडियार संवाददाता दैनिक
Court reporter आनंदपुरी, बांसवाड़ा, राजस्थान•
8 hrs ago

नाहरपुरा ग्राम पंचायत में एक युवती, नाहरपुरा निवासी सुनीता पत्नी जितेन्द्र कतीजा की हृदयाघात से मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे घर पर अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें उनके पति सहित अन्य लोग आनंदपुरी अस्पताल ले गए। अस्पताल स्टाफ ने तत्काल उपचार शुरू कर दिया, लेकिन 'आधा बोतल' चढ़ते ही अचानक दिल का दौरा पड़ने से सुनीता का निधन हो गया। इस घटना के बाद, मृतका के पीहर पक्ष ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया, जिसके चलते शव पूरी रात अस्पताल की मोर्चरी में ही पड़ा रहा। अगले दिन शनिवार को दो समाजों द्वारा 'भागजेड़ा' (आपसी समझौता) कराने का प्रयास किया गया, लेकिन पीहर पक्ष अपनी बात पर अड़ा रहा। अंततः, मृतका के पति सहित एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। मुकदमा दर्ज होने के बाद मृतका का पोस्टमार्टम कराया गया और शव ससुराल पक्ष को सौंप दिया गया, जिसके बाद शाम छह बजे अंतिम संस्कार किया गया।

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  • नागणेश्वरी माताजी मंदिर, रावला परिसर कुआं में 15वां पाटोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया गया। मंदिर के संरक्षक महिपाल सिंह राठौर ने बताया कि इस पाटोत्सव के तहत मुख्य यजमान प्रह्लाद सिंह और लोकेंद्र सिंह राठौर द्वारा पंडित जलज दवे एवं राज दवे की देखरेख में विशेष पूजा-अर्चना और हवन कार्य संपन्न किया गया। इसके पश्चात, ठाकुर महिपाल सिंह, प्रह्लाद सिंह, लोकेन्द्रसिंह सहित सभी क्षत्रिय समाजजनों ने मिलकर माताजी की आरती उतारी। कार्यक्रम के मुख्य यजमानों द्वारा महाप्रसाद का भी भव्य आयोजन किया गया। इस पाटोत्सव कार्यक्रम की एक खास विशेषता यह रही कि सभी क्षत्रिय समाज के पुरुषों ने सफेद पजामा-कुर्ता और साफा पहनकर एक समान वेशभूषा धारण की, जबकि क्षत्रिय महिलाएं पारंपरिक राजपूती वेशभूषा में उपस्थित थीं। इस पाटोत्सव में ठाकुर महिपाल सिंह, प्रह्लाद सिंह, हिम्मत सिंह, कुआं थानाधिकारी रघुवीरसिंह, नरपत सिंह, संग्राम सिंह, नागेंद्र सिंह, दिग्विजय सिंह, हनुमान सिंह, त्रिलोकेश्वर सिंह, गुणवंत सिंह, राजेन्द्र सिंह मांडव, जितेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, रविन्द्र सिंह, गजेंद्र सिंह दाड़ोदिया, भारत सिंह मटूवोट, भीम सिंह पाडली, चंद्रवीर सिंह वखतपुरा, प्रदीप सिंह गडा नाथजी, कमल प्रताप सिंह टेकला, महेन्द्र सिंह देवला, उदय सिंह गरीयता, हितेंद्र पाल सिंह, वीरेंद्र पाल सिंह, वीर बहादुर सिंह, निरंजन सिंह, भूपेंद्र पाल सिंह, हेमेंद्र सिंह, हरिश्चंद्र सिंह, तेज बहादुर सिंह, जयवर्धन सिंह, पोपट सिंह, जयवीर सिंह, लोकेंद्र सिंह, शैलेंद्र सिंह, हरेंद्र पाल सिंह, दीनदयाल सिंह मेड़ी, वैदिक पाल सिंह, टमर, धर्मवीर सिंह सहित अनेक क्षत्रिय महिलाएं और समाज के अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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    नागणेश्वरी माताजी मंदिर, रावला परिसर कुआं में 15वां पाटोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया गया। मंदिर के संरक्षक महिपाल सिंह राठौर ने बताया कि इस पाटोत्सव के तहत मुख्य यजमान प्रह्लाद सिंह और लोकेंद्र सिंह राठौर द्वारा पंडित जलज दवे एवं राज दवे की देखरेख में विशेष पूजा-अर्चना और हवन कार्य संपन्न किया गया।

इसके पश्चात, ठाकुर महिपाल सिंह, प्रह्लाद सिंह, लोकेन्द्रसिंह सहित सभी क्षत्रिय समाजजनों ने मिलकर माताजी की आरती उतारी। कार्यक्रम के मुख्य यजमानों द्वारा महाप्रसाद का भी भव्य आयोजन किया गया। इस पाटोत्सव कार्यक्रम की एक खास विशेषता यह रही कि सभी क्षत्रिय समाज के पुरुषों ने सफेद पजामा-कुर्ता और साफा पहनकर एक समान वेशभूषा धारण की, जबकि क्षत्रिय महिलाएं पारंपरिक राजपूती वेशभूषा में उपस्थित थीं।

इस पाटोत्सव में ठाकुर महिपाल सिंह, प्रह्लाद सिंह, हिम्मत सिंह, कुआं थानाधिकारी रघुवीरसिंह, नरपत सिंह, संग्राम सिंह, नागेंद्र सिंह, दिग्विजय सिंह, हनुमान सिंह, त्रिलोकेश्वर सिंह, गुणवंत सिंह, राजेन्द्र सिंह मांडव, जितेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, रविन्द्र सिंह, गजेंद्र सिंह दाड़ोदिया, भारत सिंह मटूवोट, भीम सिंह पाडली, चंद्रवीर सिंह वखतपुरा, प्रदीप सिंह गडा नाथजी, कमल प्रताप सिंह टेकला, महेन्द्र सिंह देवला, उदय सिंह गरीयता, हितेंद्र पाल सिंह, वीरेंद्र पाल सिंह, वीर बहादुर सिंह, निरंजन सिंह, भूपेंद्र पाल सिंह, हेमेंद्र सिंह, हरिश्चंद्र सिंह, तेज बहादुर सिंह, जयवर्धन सिंह, पोपट सिंह, जयवीर सिंह, लोकेंद्र सिंह, शैलेंद्र सिंह, हरेंद्र पाल सिंह, दीनदयाल सिंह मेड़ी, वैदिक पाल सिंह, टमर, धर्मवीर सिंह सहित अनेक क्षत्रिय महिलाएं और समाज के अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
    user_राकेश कलाल रिपोर्टर
    राकेश कलाल रिपोर्टर
    Local News Reporter चिखली, डूंगरपुर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • डूंगरपुर जिले के चिखली पंचायत समिति क्षेत्र के ढेबरा गांव में दूषित भोजन के कारण एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ एक ही परिवार के आठ सदस्य गंभीर रूप से बीमार हो गए। शनिवार को भोजन करने के बाद परिवार के सदस्यों को अचानक तेज उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी, जिसके बाद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई। इस दौरान, एक 15 वर्षीय किशोरी की हालत अत्यधिक गंभीर होने से उसकी मौत हो गई, जबकि परिवार के सात अन्य सदस्य, जिनमें पांच बच्चे भी शामिल हैं, अस्पताल में भर्ती हैं। घटना की सूचना मिलने पर परिवार के मुखिया रामा गुजरात तत्काल गांव पहुंचे और बीमार परिजनों को लेकर सागवाड़ा स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय गए। सागवाड़ा अस्पताल में भर्ती सात मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए, चिकित्सकों की विशेष टीम ने तत्काल उपचार शुरू किया और प्राथमिक उपचार के बाद सभी को डूंगरपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। एक ही परिवार के इतने लोगों के एक साथ गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचने से चिकित्सा विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग और चिकित्सा अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है, जहाँ अधिकारियों ने बताया कि फूड पॉइजनिंग के वास्तविक कारणों का खुलासा भोजन के नमूनों की जांच के बाद ही हो पाएगा। इस दुखद घटना के बाद गांव में शोक, भय और चिंता का माहौल है, और प्रशासन ने लोगों से भोजन की गुणवत्ता व स्वच्छता को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
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    डूंगरपुर जिले के चिखली पंचायत समिति क्षेत्र के ढेबरा गांव में दूषित भोजन के कारण एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ एक ही परिवार के आठ सदस्य गंभीर रूप से बीमार हो गए। शनिवार को भोजन करने के बाद परिवार के सदस्यों को अचानक तेज उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी, जिसके बाद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई। इस दौरान, एक 15 वर्षीय किशोरी की हालत अत्यधिक गंभीर होने से उसकी मौत हो गई, जबकि परिवार के सात अन्य सदस्य, जिनमें पांच बच्चे भी शामिल हैं, अस्पताल में भर्ती हैं। घटना की सूचना मिलने पर परिवार के मुखिया रामा गुजरात तत्काल गांव पहुंचे और बीमार परिजनों को लेकर सागवाड़ा स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय गए।

सागवाड़ा अस्पताल में भर्ती सात मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए, चिकित्सकों की विशेष टीम ने तत्काल उपचार शुरू किया और प्राथमिक उपचार के बाद सभी को डूंगरपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। एक ही परिवार के इतने लोगों के एक साथ गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचने से चिकित्सा विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है।

खाद्य सुरक्षा विभाग और चिकित्सा अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है, जहाँ अधिकारियों ने बताया कि फूड पॉइजनिंग के वास्तविक कारणों का खुलासा भोजन के नमूनों की जांच के बाद ही हो पाएगा। इस दुखद घटना के बाद गांव में शोक, भय और चिंता का माहौल है, और प्रशासन ने लोगों से भोजन की गुणवत्ता व स्वच्छता को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
    user_मुकेश कुमार आर. पंड्या
    मुकेश कुमार आर. पंड्या
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • आज, दिनांक 19 जून 2026 को आसपुर विधानसभा के साबला होटल नक्षत्र में, अमित सरकार के तत्वाधान में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का जन्मदिन बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर, युवा दिलों की धड़कन, देश के करोड़ों लोगों की धड़कन, प्रतिपक्ष नेता, आदरणीय, सम्माननीय, लाखों करोड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं की आवाज और हिंदुस्तान कहे जाने वाले राहुल गांधी के जन्मदिवस पर कांग्रेस के युवा कार्यकर्ताओं एवं वरिष्ठ जनों ने केक काटकर एक-दूसरे को शुभकामनाएं प्रेषित कीं। इस मौके पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नारायण जानी, समाजसेवी 84 दिनेश आहारी, आसपुर के युवा नेता मुस्तफा हुसैन, कांग्रेस के राकेश जी बामणिया, नेता भरत त्रिवेदी, कांग्रेस नेता गंगाधर प्रकोट, यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रत्याशी प्रवीण बरगोट, भेरवजी, दिनेश खेमोत, बहादुरमल जैन, भूपेंद्र जी, राजू गांधी, भरत उपाध्याय, आसिफ हुसैन, 84 विधानसभा से युवा नेता प्रीतम कैलाश जी, अभीषेक और विजय सहित कई युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान कई नए युवा कांग्रेस पार्टी से जुड़े, और कार्यकर्ताओं में जन्मदिन को लेकर काफी उत्साह देखने को मिला।
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    आज, दिनांक 19 जून 2026 को आसपुर विधानसभा के साबला होटल नक्षत्र में, अमित सरकार के तत्वाधान में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का जन्मदिन बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर, युवा दिलों की धड़कन, देश के करोड़ों लोगों की धड़कन, प्रतिपक्ष नेता, आदरणीय, सम्माननीय, लाखों करोड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं की आवाज और हिंदुस्तान कहे जाने वाले राहुल गांधी के जन्मदिवस पर कांग्रेस के युवा कार्यकर्ताओं एवं वरिष्ठ जनों ने केक काटकर एक-दूसरे को शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

इस मौके पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नारायण जानी, समाजसेवी 84 दिनेश आहारी, आसपुर के युवा नेता मुस्तफा हुसैन, कांग्रेस के राकेश जी बामणिया, नेता भरत त्रिवेदी, कांग्रेस नेता गंगाधर प्रकोट, यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रत्याशी प्रवीण बरगोट, भेरवजी, दिनेश खेमोत, बहादुरमल जैन, भूपेंद्र जी, राजू गांधी, भरत उपाध्याय, आसिफ हुसैन, 84 विधानसभा से युवा नेता प्रीतम कैलाश जी, अभीषेक और विजय सहित कई युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान कई नए युवा कांग्रेस पार्टी से जुड़े, और कार्यकर्ताओं में जन्मदिन को लेकर काफी उत्साह देखने को मिला।
    user_समाज सेवी दिनेश चंद्र अहारी
    समाज सेवी दिनेश चंद्र अहारी
    Teacher सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • डूंगरपुर के गेजी घाटा स्थित टंट्या भील खेल मैदान में आदिवासी प्रतिभा एवं वरिष्ठजन सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ भंवरलाल परमार ने एक जोरदार संबोधन दिया। अपने भाषण में परमार ने युवाओं, शिक्षा, समाज की एकता और अधिकारों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रभावी ढंग से अपनी बात रखी, जिसे एक दमदार भाषण बताया गया।
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    डूंगरपुर के गेजी घाटा स्थित टंट्या भील खेल मैदान में आदिवासी प्रतिभा एवं वरिष्ठजन सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ भंवरलाल परमार ने एक जोरदार संबोधन दिया। अपने भाषण में परमार ने युवाओं, शिक्षा, समाज की एकता और अधिकारों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रभावी ढंग से अपनी बात रखी, जिसे एक दमदार भाषण बताया गया।
    user_OFFICIAL NEWS EXPLAINER
    OFFICIAL NEWS EXPLAINER
    News Anchor बांसवाड़ा, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उपखंड क्षेत्र की वरसाला ग्राम पंचायत में स्थित पांच डुंगरी और कर्ण घाटी, महाभारत काल से ही धार्मिक आस्था का केंद्र रही हैं। अज्ञातवास के समय पांडवों ने इन स्थलों पर घोर तपस्या की थी, जिससे ये स्थान द्वापर युग की घटनाओं के जीवंत साक्षी बन गए हैं, हालांकि सरकारी उपेक्षा के कारण ये अभी भी पूरी तरह अस्तित्व में नहीं आ पाए हैं। प्राइम न्यूज़ राजस्थान के रिपोर्टर धर्मेंद्र कुमार सोनी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कौरवों द्वारा मामा शकुनि की चाल से छल-कपट कर पांडवों को अज्ञातवास दिया गया था, इस शर्त के साथ कि यदि अज्ञातवास भंग हुआ तो उन्हें दोबारा अज्ञातवास भुगतना पड़ेगा। इसी दौरान, पांडवों ने भेस बदलकर माता कुंती और पांचाली द्रौपदी के साथ बांसवाड़ा जिले के घोटीया आंबा में शरण ली। बांसवाड़ा जिले को लोड़ी काशी या लघु काशी भी कहा जाता है, और घोटीया आंबा में आज भी पांचों पांडवों की प्रतिमाएं तथा दो छल कुंड मौजूद हैं, जहाँ गोमुख से निर्मल जलधारा बहती है और प्रतिवर्ष मेला लगता है। इसी पवित्र धाम पर पांडवों ने जप-तप, यज्ञ-हवन और विधि-विधान से पूजा अर्चना की, तब भगवान शिव ने असत्य पर सत्य की जीत का आशीर्वाद दिया। किंवदंती के अनुसार, भगवान शिव के बताए विधि-विधान से पांडवों ने अपनी माता कुंती व पांचाली द्रौपदी के साथ पांच डुंगरी पर बैठकर आराधना शुरू की। जब सुत पुत्र कर्ण को पांडवों के पांच डुंगरी पर होने का पता चला, तो वह अपनी विशाल सेना लेकर अज्ञातवास भंग करने आया। किंतु ईश्वरीय शक्ति के आगे कर्ण भी नतमस्तक हो गया, वह दिग्भ्रमित होकर पांडवों को पहचान नहीं पाया और उल्टे पांव वापस लौट गया। यह स्थल आज कर्ण घाटी के नाम से जाना जाता है। जनश्रुति के अनुसार, पांडवों, माता कुंती और पांचाली द्रौपदी द्वारा तपस्या की गई पांच डुंगरी और उनकी दो अलग डुंगरिया आज भी इस बियाबान जंगल में विद्यमान हैं। राष्ट्रीय मानव धर्म सक्षा संघ के संघ प्रमुख संत नरसिंह गिरी महाराज, जांबुखंड के औघड़ संत प्रेमनाथ ईश्वर नाथ और वरसाला के वर्तमान सरपंच भुरसिंह खराडी ने बताया कि पांच डुंगरी जन आस्था का केंद्र बिंदु है, जहाँ महाभारत की यादें ताजा हो जाती हैं। हालांकि, यह प्राचीन स्थल सरकारी प्रशासन और पुरा संपदा की अनदेखी का हमेशा से शिकार रहा है। राष्ट्रीय मानव धर्म सक्षा संघ ने इस पवित्र स्थल के जीर्णोद्धार की एक कार्य योजना तैयार की है, जिसमें पांचों पांडवों, माता कुंती और पांचाली द्रौपदी की लघु प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, यहाँ गुरुकुल, गौशाला, साधु-संतों के लिए आश्रम और सुंदर बगीचे का भी निर्माण किया जाएगा। इस संदर्भ में, संघ प्रमुख संत नरसिंह गिरी महाराज, औघड़ संत प्रेमनाथ ईश्वर नाथ, राजस्थान मीडिया प्रभारी धर्मेन्द्र कुमार सोनी सहित संघ के सभी सम्मानित पदाधिकारियों ने पांच डुंगरी का अवलोकन किया। उम्मीद है कि आने वाले समय में यह पवित्र स्थल जन आस्था का एक प्रमुख केंद्र बनेगा।
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    राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उपखंड क्षेत्र की वरसाला ग्राम पंचायत में स्थित पांच डुंगरी और कर्ण घाटी, महाभारत काल से ही धार्मिक आस्था का केंद्र रही हैं। अज्ञातवास के समय पांडवों ने इन स्थलों पर घोर तपस्या की थी, जिससे ये स्थान द्वापर युग की घटनाओं के जीवंत साक्षी बन गए हैं, हालांकि सरकारी उपेक्षा के कारण ये अभी भी पूरी तरह अस्तित्व में नहीं आ पाए हैं।

प्राइम न्यूज़ राजस्थान के रिपोर्टर धर्मेंद्र कुमार सोनी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कौरवों द्वारा मामा शकुनि की चाल से छल-कपट कर पांडवों को अज्ञातवास दिया गया था, इस शर्त के साथ कि यदि अज्ञातवास भंग हुआ तो उन्हें दोबारा अज्ञातवास भुगतना पड़ेगा। इसी दौरान, पांडवों ने भेस बदलकर माता कुंती और पांचाली द्रौपदी के साथ बांसवाड़ा जिले के घोटीया आंबा में शरण ली। बांसवाड़ा जिले को लोड़ी काशी या लघु काशी भी कहा जाता है, और घोटीया आंबा में आज भी पांचों पांडवों की प्रतिमाएं तथा दो छल कुंड मौजूद हैं, जहाँ गोमुख से निर्मल जलधारा बहती है और प्रतिवर्ष मेला लगता है। इसी पवित्र धाम पर पांडवों ने जप-तप, यज्ञ-हवन और विधि-विधान से पूजा अर्चना की, तब भगवान शिव ने असत्य पर सत्य की जीत का आशीर्वाद दिया। किंवदंती के अनुसार, भगवान शिव के बताए विधि-विधान से पांडवों ने अपनी माता कुंती व पांचाली द्रौपदी के साथ पांच डुंगरी पर बैठकर आराधना शुरू की। जब सुत पुत्र कर्ण को पांडवों के पांच डुंगरी पर होने का पता चला, तो वह अपनी विशाल सेना लेकर अज्ञातवास भंग करने आया। किंतु ईश्वरीय शक्ति के आगे कर्ण भी नतमस्तक हो गया, वह दिग्भ्रमित होकर पांडवों को पहचान नहीं पाया और उल्टे पांव वापस लौट गया। यह स्थल आज कर्ण घाटी के नाम से जाना जाता है। जनश्रुति के अनुसार, पांडवों, माता कुंती और पांचाली द्रौपदी द्वारा तपस्या की गई पांच डुंगरी और उनकी दो अलग डुंगरिया आज भी इस बियाबान जंगल में विद्यमान हैं।

राष्ट्रीय मानव धर्म सक्षा संघ के संघ प्रमुख संत नरसिंह गिरी महाराज, जांबुखंड के औघड़ संत प्रेमनाथ ईश्वर नाथ और वरसाला के वर्तमान सरपंच भुरसिंह खराडी ने बताया कि पांच डुंगरी जन आस्था का केंद्र बिंदु है, जहाँ महाभारत की यादें ताजा हो जाती हैं। हालांकि, यह प्राचीन स्थल सरकारी प्रशासन और पुरा संपदा की अनदेखी का हमेशा से शिकार रहा है। राष्ट्रीय मानव धर्म सक्षा संघ ने इस पवित्र स्थल के जीर्णोद्धार की एक कार्य योजना तैयार की है, जिसमें पांचों पांडवों, माता कुंती और पांचाली द्रौपदी की लघु प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, यहाँ गुरुकुल, गौशाला, साधु-संतों के लिए आश्रम और सुंदर बगीचे का भी निर्माण किया जाएगा। इस संदर्भ में, संघ प्रमुख संत नरसिंह गिरी महाराज, औघड़ संत प्रेमनाथ ईश्वर नाथ, राजस्थान मीडिया प्रभारी धर्मेन्द्र कुमार सोनी सहित संघ के सभी सम्मानित पदाधिकारियों ने पांच डुंगरी का अवलोकन किया। उम्मीद है कि आने वाले समय में यह पवित्र स्थल जन आस्था का एक प्रमुख केंद्र बनेगा।
    user_Dharmendra Soni
    Dharmendra Soni
    कुशलगढ़, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • कुशलगढ़ में उपखंड अधिकारी श्रद्धा सिंह ने नगर क्षेत्र के थांदला मार्ग समेत विभिन्न मोहल्लों का औचक निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। शनिवार सुबह 9 बजे मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को हल्की बारिश होने के बावजूद कई स्थानों पर नालियों में जलभराव और जाम की स्थिति मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। निरीक्षण के दौरान थांदला मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में सफाई कार्य, नालियों की स्थिति और कचरा प्रबंधन व्यवस्था का अवलोकन किया गया। कई जगहों पर नालियों में कचरा जमा होने से पानी की निकासी प्रभावित मिली। इस पर, उपखंड अधिकारी ने नगर पालिका अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल सुधार करने, नियमित सफाई अभियान चलाने और बरसात को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर पालिका निरीक्षक संजय पिठाया और जमादार मनोज समेत सफाई कर्मचारियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि नगर की स्वच्छता और आमजन की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है, और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कर्मचारियों को नियमित मॉनिटरिंग और जिम्मेदारी से कार्य करने पर ज़ोर दिया। श्रद्धा सिंह ने नगरवासियों से भी अपील की कि वे कचरा निर्धारित पात्रों में और नगर पालिका के कचरा संग्रहण वाहनों में ही डालें, क्योंकि स्वच्छ और सुंदर कुशलगढ़ के निर्माण में प्रशासन और आमजन दोनों की समान भागीदारी आवश्यक है। निरीक्षण के बाद, नगर पालिका प्रशासन ने सफाई एवं कचरा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने का आश्वासन दिया है।
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    कुशलगढ़ में उपखंड अधिकारी श्रद्धा सिंह ने नगर क्षेत्र के थांदला मार्ग समेत विभिन्न मोहल्लों का औचक निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। शनिवार सुबह 9 बजे मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को हल्की बारिश होने के बावजूद कई स्थानों पर नालियों में जलभराव और जाम की स्थिति मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।

निरीक्षण के दौरान थांदला मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में सफाई कार्य, नालियों की स्थिति और कचरा प्रबंधन व्यवस्था का अवलोकन किया गया। कई जगहों पर नालियों में कचरा जमा होने से पानी की निकासी प्रभावित मिली। इस पर, उपखंड अधिकारी ने नगर पालिका अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल सुधार करने, नियमित सफाई अभियान चलाने और बरसात को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर पालिका निरीक्षक संजय पिठाया और जमादार मनोज समेत सफाई कर्मचारियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि नगर की स्वच्छता और आमजन की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है, और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कर्मचारियों को नियमित मॉनिटरिंग और जिम्मेदारी से कार्य करने पर ज़ोर दिया।

श्रद्धा सिंह ने नगरवासियों से भी अपील की कि वे कचरा निर्धारित पात्रों में और नगर पालिका के कचरा संग्रहण वाहनों में ही डालें, क्योंकि स्वच्छ और सुंदर कुशलगढ़ के निर्माण में प्रशासन और आमजन दोनों की समान भागीदारी आवश्यक है। निरीक्षण के बाद, नगर पालिका प्रशासन ने सफाई एवं कचरा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने का आश्वासन दिया है।
    user_गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • डूंगरपुर जिले की चिखली पंचायत समिति के ढेबरा गांव में फूड पॉइजनिंग का गंभीर मामला सामने आया है। दूषित भोजन के सेवन से एक ही परिवार के आठ सदस्य बीमार पड़ गए, जिनमें एक 15 वर्षीय किशोरी की दुखद मौत हो गई, जिससे पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। जानकारी के अनुसार, परिवार के सभी सदस्यों ने एक साथ भोजन किया था, जिसके बाद शनिवार को उन्हें अचानक तेज उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। देखते ही देखते सभी की तबीयत बिगड़ने लगी और इसी दौरान 15 वर्षीय किशोरी की हालत गंभीर होने पर उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना पाकर गुजरात के संतरामपुर से लौटे परिवार के मुखिया रामा ने बीमार परिजनों को सागवाड़ा स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया। वहां एक ही परिवार के सात सदस्यों, जिनमें पाँच बच्चे भी शामिल हैं, को उपचार के लिए भर्ती किया गया। अस्पताल में एक साथ इतने मरीजों के पहुंचने से हड़कंप मच गया, जिसके बाद चिकित्सकों की एक विशेष टीम ने उनका उपचार शुरू किया। प्राथमिक उपचार के बाद सभी मरीजों को बेहतर इलाज के लिए डूंगरपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग भी सक्रिय हो गया है। खाद्य सुरक्षा एवं चिकित्सा विभाग की टीम ने फूड पॉइजनिंग के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि बीमारी के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।
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    डूंगरपुर जिले की चिखली पंचायत समिति के ढेबरा गांव में फूड पॉइजनिंग का गंभीर मामला सामने आया है। दूषित भोजन के सेवन से एक ही परिवार के आठ सदस्य बीमार पड़ गए, जिनमें एक 15 वर्षीय किशोरी की दुखद मौत हो गई, जिससे पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

जानकारी के अनुसार, परिवार के सभी सदस्यों ने एक साथ भोजन किया था, जिसके बाद शनिवार को उन्हें अचानक तेज उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। देखते ही देखते सभी की तबीयत बिगड़ने लगी और इसी दौरान 15 वर्षीय किशोरी की हालत गंभीर होने पर उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना पाकर गुजरात के संतरामपुर से लौटे परिवार के मुखिया रामा ने बीमार परिजनों को सागवाड़ा स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया। वहां एक ही परिवार के सात सदस्यों, जिनमें पाँच बच्चे भी शामिल हैं, को उपचार के लिए भर्ती किया गया।

अस्पताल में एक साथ इतने मरीजों के पहुंचने से हड़कंप मच गया, जिसके बाद चिकित्सकों की एक विशेष टीम ने उनका उपचार शुरू किया। प्राथमिक उपचार के बाद सभी मरीजों को बेहतर इलाज के लिए डूंगरपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग भी सक्रिय हो गया है। खाद्य सुरक्षा एवं चिकित्सा विभाग की टीम ने फूड पॉइजनिंग के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि बीमारी के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।
    user_Naresh Bhoi
    Naresh Bhoi
    पत्रकार डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • शनिवार शाम डूंगरपुर शहर के हाउसिंग बोर्ड सेक्टर-5 स्थित रिया केट्स नामक दुकान में अचानक आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और दुकान से उठते घने काले धुएं ने आसपास के पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे आसपास के रहवासी चिंतित होकर बड़ी संख्या में अपने घरों से बाहर निकल आए और क्षेत्र में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और दमकलकर्मी आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास करते रहे। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया और स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है और आग से हुए नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है। प्रशासन ने बताया कि आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने के बाद ही घटना के कारणों की जांच की जाएगी। इस घटना के कारण कुछ समय के लिए पूरे हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में दहशत और जिज्ञासा का माहौल बना रहा। हालांकि, राहत की बात यह रही कि समाचार लिखे जाने तक किसी भी प्रकार की जनहानि की कोई सूचना नहीं मिली थी। पुलिस और प्रशासन की टीमें अभी भी मौके पर मौजूद हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
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    शनिवार शाम डूंगरपुर शहर के हाउसिंग बोर्ड सेक्टर-5 स्थित रिया केट्स नामक दुकान में अचानक आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और दुकान से उठते घने काले धुएं ने आसपास के पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे आसपास के रहवासी चिंतित होकर बड़ी संख्या में अपने घरों से बाहर निकल आए और क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और दमकलकर्मी आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास करते रहे। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया और स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है और आग से हुए नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है। प्रशासन ने बताया कि आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने के बाद ही घटना के कारणों की जांच की जाएगी।

इस घटना के कारण कुछ समय के लिए पूरे हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में दहशत और जिज्ञासा का माहौल बना रहा। हालांकि, राहत की बात यह रही कि समाचार लिखे जाने तक किसी भी प्रकार की जनहानि की कोई सूचना नहीं मिली थी। पुलिस और प्रशासन की टीमें अभी भी मौके पर मौजूद हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
    user_मुकेश कुमार आर. पंड्या
    मुकेश कुमार आर. पंड्या
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    6 hrs ago
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