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राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के लिवाली स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में ₹500 गायब होने के बाद छात्राओं के साथ कथित अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। आरोप है कि चोरी के शक में छात्राओं से कपड़े उतरवाकर तलाशी लेने की कोशिश की गई। इस घटना से नाराज़ होकर अभिभावकों, ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने स्कूल के बाहर इकट्ठा होकर कई घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ शिक्षिका सरस्वती मीणा को निलंबित कर दिया है। वहीं, व्यावसायिक शिक्षा प्रशिक्षक वंदना शर्मा को भी हटा दिया गया है। पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
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राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के लिवाली स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में ₹500 गायब होने के बाद छात्राओं के साथ कथित अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। आरोप है कि चोरी के शक में छात्राओं से कपड़े उतरवाकर तलाशी लेने की कोशिश की गई। इस घटना से नाराज़ होकर अभिभावकों, ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने स्कूल के बाहर इकट्ठा होकर कई घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ शिक्षिका सरस्वती मीणा को निलंबित कर दिया है। वहीं, व्यावसायिक शिक्षा प्रशिक्षक वंदना शर्मा को भी हटा दिया गया है। पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा ने प्रशासनिक संकुल का औचक निरीक्षण किया है।1
- इंदौर के ग्राम पंचायत देवगुराड़िया में आंगनबाड़ी केंद्र और सामुदायिक शौचालय में पेयजल संकट की खबर सामने आने के बाद सरपंच द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को पंचायत भवन बुलाकर पत्रकारों से दूर रहने की हिदायत देने का नया घटनाक्रम सामने आया है। मीडिया टीम के लौटने के बाद सरपंच ने न केवल महिला कर्मचारी को हिदायत दी, बल्कि उससे पंचायत की बात के अनुरूप बयान भी दिलवाए। दरअसल, पंचायत भवन के पास स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में छोटे बच्चों के लिए पीने के पानी और दैनिक उपयोग के पानी का अभाव पाया गया था। इसके साथ ही वहां के सामुदायिक शौचालय में भी पानी और नियमित साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं थी, जिससे बच्चों, महिलाओं और ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। मीडिया द्वारा इस वास्तविक स्थिति को उजागर करने के बाद पंचायत प्रशासन ने कमियों को सुधारने के बजाय कर्मचारियों के बयान बदलवाने का प्रयास शुरू कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि यदि व्यवस्थाएं संतोषजनक थीं तो मीडिया के सामने अलग स्थिति और बाद में अलग बयान क्यों सामने आए। ग्रामीणों ने इस मामले में जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग से निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों की मांग है कि आंगनबाड़ी केंद्र में पेयजल, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं और कर्मचारियों पर बनाए जा रहे अनावश्यक दबाव की भी गंभीरता से जांच की जाए।1
- देवास जिले के पीपलरावाँ क्षेत्र में स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल, ग्राम चौबारा धीरा में गुरुवार, 16 जुलाई 2026 को नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में स्कूल के शिक्षकों सहित लगभग 150 से 200 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी छात्र-छात्राओं को नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ दिलाई गई। यह अभियान मध्यप्रदेश पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के निर्देशन में 15 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक चलाया जा रहा है। इसी के तहत पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोत के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एच.एन. बाथम तथा अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) संजय सिंह बैस के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी और पुलिस स्टाफ ने विद्यार्थियों को शराब, चरस, गांजा, अफीम और अन्य मादक पदार्थों के शारीरिक, मानसिक व सामाजिक दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी। जागरूकता बढ़ाने के लिए विद्यार्थियों को रील्स और शॉर्ट फिल्में भी दिखाई गईं। पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं से स्वयं नशे के खिलाफ जागरूक रहने और अपने परिवार व समाज को भी इसके प्रति सचेत करने का आह्वान किया।4
- मध्य प्रदेश के इंदौर में एक कॉलेज के बाहर छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोप लगे हैं। इन आरोपों के बाद कॉलेज के बाहर सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाने की मांग की जा रही है।1
- देवास के हाटपीपल्या में "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान के तहत एक जागरूकता रैली निकाली गई है।1
- इंदौर में नगर निगम ने एक बार फिर एक जर्जर मकान के खिलाफ कार्रवाई की है। इंदौर नगर निगम द्वारा इस जर्जर हो चुके मकान पर पुनः यह कार्रवाई की गई है।1
- देवास जिले के हाटपीपल्या सहित पूरे प्रदेश में 15 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं और आम जनता को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाना है। इसी अभियान के तहत देवास के हाटपीपल्या के ग्राम बढ़िया मांडू में पुलिस ने स्कूली विद्यार्थियों और ग्रामीणों के साथ मिलकर एक जन-जागरूकता रैली निकाली। एसपी पुनीत गहलोत के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी दीपक यादव के नेतृत्व में बच्चों ने 'नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो' और 'से नो टू ड्रग्स' जैसे नारे लगाकर लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया।1
- इंदौर के देवगुराड़िया ग्राम पंचायत में पंचायत भवन के पास स्थित आंगनबाड़ी केंद्र और सामुदायिक शौचालय बेहद बदहाल स्थिति में हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस आंगनबाड़ी में छोटे बच्चों के लिए न तो पर्याप्त पेयजल उपलब्ध है और न ही उनके दैनिक उपयोग के लिए पानी की कोई समुचित व्यवस्था की गई है। पानी की इस भारी कमी के कारण मासूम बच्चों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को हर दिन गंभीर परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।1
- इंदौर सहित सोशल मीडिया पर एक हैरान करने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें रात के समय सुनसान सड़क के बीच कुछ सामान पड़ा दिखाई देता है। जैसे ही सामान देखकर वाहन रुकता है, वैसे ही अंधेरे से कई लोग बाहर निकलकर हमला करने की कोशिश करते हैं। हालांकि, ड्राइवर ने गजब की सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत रिवर्स गियर में गाड़ी निकाली और सुरक्षित वहां से बच निकला। फिलहाल इस वायरल वीडियो के स्थान और घटना की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।1