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राजस्थान के राजसमंद जिले की कुंभलगढ़ और गढ़बोर तहसील के अंतर्गत आने वाले गरटाली बांसा क्षेत्र की सड़कें पूरी तरह से जर्जर हो चुकी हैं। गैजर गाथालाई सहित इस पूरे इलाके में सड़कें टूटी-फूटी और खराब हालत में हैं, जिसकी वजह से आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
Jivan singh
राजस्थान के राजसमंद जिले की कुंभलगढ़ और गढ़बोर तहसील के अंतर्गत आने वाले गरटाली बांसा क्षेत्र की सड़कें पूरी तरह से जर्जर हो चुकी हैं। गैजर गाथालाई सहित इस पूरे इलाके में सड़कें टूटी-फूटी और खराब हालत में हैं, जिसकी वजह से आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
- Jivan singhगढ़बोर, राजसमंद, राजस्थानइस क्षेत्र के एमएलए सरपंच का कोई ध्यान नहीं है ग्रामीण विकास पर इसलिए सड़के टूटी-फटी पड़ी है7 hrs ago
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- राजस्थान के पाली शहर में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती अत्यंत उत्साह और देशभक्ति के माहौल में मनाई गई। इस पावन अवसर पर महाराणा प्रताप की जन्मस्थली धानमंडी में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ उनकी स्मृति पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख, पूर्व सांसद पुष्प जैन, पूर्व सभापति महेंद्र बोहरा, बीजेपी पाली अध्यक्ष सुनील भंडारी, उपमहापौर ललित प्रीतमानी सहित कई अन्य वरिष्ठ भाजपा नेता मौजूद थे। सभी उपस्थित दिग्गजों ने महाराणा प्रताप के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके शौर्य और राष्ट्रभक्ति को याद किया। जयंती के उपलक्ष्य में शहर भर में अलग-अलग भव्य कार्यक्रम और शोभायात्राएँ भी निकाली गईं, जिनमें राजनीतिक और सामाजिक विचारधाराओं से ऊपर उठकर भारी जनसैलाब उमड़ा। शिवसेना (शिंदे पार्टी) और शिवसेना (उद्धव ठाकरे पार्टी) के दोनों गुटों के साथ-साथ दुर्गा वाहिनी, आर्य वीर दल, बजरंग दल, महाराणा प्रताप कमांडो फोर्स और अन्य कई हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इन सभी संगठनों ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा और चित्र पर पुष्पमालाएँ पहनाईं और शौर्य प्रदर्शन करते हुए हर्षोल्लास के साथ जयंती मनाई।4
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- भारतीय पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया के पावन अवसर पर 17 जून को उदयपुर के मोती मगरी स्थित महाराणा प्रताप स्मारक समिति में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती श्रद्धा, भक्ति एवं गौरवपूर्ण वातावरण में मनाई गई। इस विशेष अवसर पर, मेवाड़ के 77वें श्री एकलिंग दीवान और महाराणा प्रताप के वंशज श्रीजी हुजूर डॉ. लक्ष्यराज सिंह जी मेवाड़ की ओर से विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई, जिसके तहत 486 दीप प्रज्ज्वलित किए गए और 486 किलोग्राम लड्डुओं का भोग अर्पित किया गया। मोती मगरी में स्थापित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की भव्य अश्वारूढ़ प्रतिमा को इस दौरान पुष्पमालाओं और आकर्षक सज्जा से अलंकृत किया गया। महाराणा प्रताप स्मारक समिति के प्रशासनिक अधिकारी मानवेन्द्र सिंह ने बताया कि समिति के अध्यक्ष डॉ. लक्ष्यराज सिंह जी मेवाड़ के निर्देशानुसार, जयंती के पावन अवसर पर प्रातः 8 बजे से सायं 6 बजे तक स्मारक पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं एवं दर्शनार्थियों के लिए निःशुल्क प्रवेश की व्यवस्था की गई थी। इस अवसर पर डॉ. लक्ष्यराज सिंह जी मेवाड़ ने युवाओं का आह्वान करते हुए संदेश दिया कि महाराणा प्रताप का जीवन त्याग, स्वाभिमान, राष्ट्रनिष्ठा और संघर्ष का अनुपम प्रतीक है। उन्होंने युवा पीढ़ी से आग्रह किया कि वे महाराणा प्रताप के आदर्शों को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण एवं समाजसेवा में सक्रिय भूमिका निभाएं, क्योंकि यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।1
- आज चोटिला गांव के एक खेत में काम के दौरान पाँच फीट लंबा एक अजगर दिखाई देने से हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने तुरंत इस बात की सूचना सर्पमित्र दिनेश यादव को दी। सूचना मिलते ही दिनेश यादव ने अपनी टीम, जिसमें करण यादव भी शामिल थे, और वन विभाग के साथ मौके पर पहुँचकर अजगर को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू किया। इस सराहनीय कार्य के लिए ग्रामीणों ने सर्पमित्र दिनेश यादव और उनकी टीम का आभार व्यक्त किया है।1
- बड़ी सदड़ी में रेलवे ट्रैक निर्माण कार्य के दौरान भारी मात्रा में क्वेंच स्टूडियो में फंसे लोगों की शिकायतें सामने आई हैं। यहां रेलवे ट्रैक पर स्टोन स्टोन स्टॉकहोम का विरोध भी किया जा रहा है। इस संबंध में, एक ग्रामीण महिला ने रेलवे अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है कि यदि यह अवशेष तुरंत नहीं हटाया गया, तो गांव के लोग, बकरियां और गाय के बच्चे रेलवे ट्रैक पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। महिला ने रेलवे निर्माण से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका पर भी संदेह व्यक्त किया है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की लेबल जांच और जिम्मेदार अधिकारियों तथा दशों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही, महिला ने ट्रैक और आसपास के क्षेत्रों से नारियल के गोले को भी तुरंत हटाने की अपील की है।1
- आर्य वीर दल महर्षि दयानंद सरस्वती व्यायाम शाला लाखोटिया में चल रहे आत्मरक्षा और चरित्र निर्माण प्रशिक्षण शिविर में बच्चों का आत्मविश्वास लगातार बढ़ रहा है। इस शिविर में बच्चों को संध्या, योगासन और परम्परागत खेलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चे वेदमंत्रों को कंठस्थ कर रहे हैं और संस्कृत भाषा के प्रति उनका मान भी बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, शिविर की इस सफलता का मुख्य कारण मोबाइल और गपशप से दूरी बनाए रखना है, जिसके चलते बच्चे एकाग्रता से सीख पा रहे हैं।1
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- पाली शहर में रेलवे स्टेशन जाने वाली मुख्य सड़क पर स्थित शहीद पार्क की हालत नगर परिषद के नगर निगम में बदलने के बाद से ही बद से बदतर हो गई है। वरिष्ठ पत्रकार छगनलाल भारद्वाज के अनुसार, इस भीषण गर्मी में यदि कोई बाहर से आने वाला व्यक्ति विश्राम या गर्मी से राहत पाने की उम्मीद में इस पार्क में भ्रमण के लिए आता है, तो उसे निराशा ही हाथ लगती है। अब यह पार्क एक उजड़े हुए चमन जैसा दिखता है। पूर्व में, जब यह नगर परिषद के अधीन था, तब शहीद पार्क की व्यवस्था एक ठेकेदार द्वारा संचालित होती थी, और वहां एक सुरक्षा गार्ड या होमगार्ड जवान भी तैनात रहता था। हालांकि, नगर निगम बनने के बाद से इन सभी व्यवस्थाओं में कमी आई है, जिससे पार्क की देखरेख पूरी तरह से ठप पड़ गई है। स्थानीय लोग यह देखने का इंतजार कर रहे हैं कि ऊँट किस करवट बैठता है, यानी इस समस्या का समाधान कब होगा।1
- सोमवती अमावस्या के पवित्र अवसर पर पाली के उपखंड मजिस्ट्रेट विमलेंद्र सिंह राणावत ने चिमनपुरा स्थित स्थानीय दिव्यांग सेवा संस्थान का विशेष अवलोकन किया। इस पावन अवसर पर संस्थान परिसर में आमजन और गणमान्य लोग भी भारी संख्या में उपस्थित थे। उपखंड मजिस्ट्रेट ने संस्थान परिसर में पहुँचकर वहाँ रह रहे प्रभुजनों (दिव्यांगों एवं ज़रूरतमंदों) के बीच समय बिताया। त्योहार और विशेष धार्मिक महत्व के इस दिन भारी संख्या में उपस्थित लोगों की मौजूदगी में उन्होंने सभी से बेहद आत्मीयता, स्नेह और संवेदनशीलता के साथ मुलाकात की, संस्थान की व्यवस्थाओं को देखा और प्रभुजनों का कुशलक्षेम जाना। चिमनपुरा स्थित संस्थान के पदाधिकारियों और वहाँ उपस्थित बड़ी संख्या में लोगों ने बताया कि सोमवती अमावस्या के पावन दिन पर प्रशासनिक अधिकारी का इस प्रकार ज़मीनी स्तर पर आकर सेवाभाव दिखाना और प्रभुजनों का संबल बढ़ाना समाज के लिए एक अनुपम उदाहरण है। उनके इस संवेदनशील व्यक्तित्व की सभी ने सराहना की, जो समाज को मानवता की राह पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। अवलोकन और दौरे के समापन पर संस्थान परिवार तथा उपस्थित सभी लोगों ने उपखंड मजिस्ट्रेट विमलेंद्र सिंह राणावत का इस आत्मीय भेंट और मार्गदर्शन के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया।4