उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले की सिधौली तहसील के अटरिया थाना अंतर्गत बेड़सापुर गांव के पास मां आदि गंगा गोमती के पावन तट पर स्थित प्राचीन श्री बालेश्वर महादेव धाम इन दिनों एक नए विवाद को लेकर चर्चा में है। क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शुमार इस धाम के निकट संचालित अंडा उत्पादन इकाई को लेकर स्थानीय ग्रामीणों, श्रद्धालुओं और समाजसेवियों ने गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है, उनका आरोप है कि फैक्ट्री से निकलने वाली दुर्गंध न केवल आसपास के वातावरण को प्रभावित कर रही है, बल्कि धार्मिक आस्था के केंद्र की गरिमा और पवित्रता पर भी प्रतिकूल असर डाल रही है। सदियों पुरानी आस्था का केंद्र माने जाने वाले श्री बालेश्वर महादेव धाम को क्षेत्र की धार्मिक पहचान का प्रमुख केंद्र माना जाता है, जहां स्थापित शिवलिंग स्वयंभू स्वरूप में प्रकट हुआ था। दूर-दराज के श्रद्धालु यहां दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं, यह मान्यता है कि सच्चे मन से की गई पूजा-अर्चना मनोकामनाएं पूर्ण करती है। सावन माह, महाशिवरात्रि, श्रावणी मेला और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान यहां हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है, जिससे यह धाम धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं का आरोप है कि मंदिर मार्ग के समीप संचालित अंडा उत्पादन इकाई से निकलने वाली दुर्गंध के कारण मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी धार्मिक अनुभूति प्रभावित होती है। उन्होंने स्वास्थ्य और पर्यावरण को लेकर भी चिंता व्यक्त की है, आशंका जताई है कि दुर्गंध से पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ग्रामीणों ने यह भी कहा है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में यह एक बड़ा मुद्दा बन सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से कुछ प्रमुख मांगें की हैं, जिनमें धार्मिक स्थल के आसपास पर्यावरणीय मानकों की निष्पक्ष जांच, दुर्गंध और प्रदूषण संबंधी शिकायतों का सत्यापन, श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाना, धार्मिक एवं पर्यटन महत्व वाले क्षेत्र की गरिमा बनाए रखने के लिए विशेष दिशा-निर्देश लागू करना और संबंधित इकाई के संचालन में पर्यावरणीय नियमों का पालन सुनिश्चित कराना शामिल है। उनका कहना है कि प्रदेश सरकार जहां धार्मिक स्थलों के विकास और पर्यटन को बढ़ावा दे रही है, वहीं ऐसे क्षेत्रों के आसपास पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है।
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले की सिधौली तहसील के अटरिया थाना अंतर्गत बेड़सापुर गांव के पास मां आदि गंगा गोमती के पावन तट पर स्थित प्राचीन श्री बालेश्वर महादेव धाम इन दिनों एक नए विवाद को लेकर चर्चा में है। क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शुमार इस धाम के निकट संचालित अंडा उत्पादन इकाई को लेकर स्थानीय ग्रामीणों, श्रद्धालुओं और समाजसेवियों ने गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है, उनका आरोप है कि फैक्ट्री से निकलने वाली दुर्गंध न केवल आसपास के वातावरण को प्रभावित कर रही है, बल्कि धार्मिक आस्था के केंद्र की गरिमा और पवित्रता पर भी प्रतिकूल असर डाल रही है। सदियों पुरानी आस्था का केंद्र माने जाने वाले श्री बालेश्वर महादेव धाम को क्षेत्र की धार्मिक पहचान का प्रमुख केंद्र माना जाता है, जहां स्थापित शिवलिंग स्वयंभू स्वरूप में प्रकट हुआ था। दूर-दराज के श्रद्धालु यहां दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं, यह मान्यता है कि सच्चे मन से की गई पूजा-अर्चना मनोकामनाएं पूर्ण करती है। सावन माह, महाशिवरात्रि, श्रावणी मेला और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान यहां हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है, जिससे यह धाम धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं का आरोप है कि मंदिर मार्ग के समीप संचालित अंडा उत्पादन इकाई से निकलने वाली दुर्गंध के कारण मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी धार्मिक अनुभूति प्रभावित होती है। उन्होंने स्वास्थ्य और पर्यावरण को लेकर भी चिंता व्यक्त की है, आशंका जताई है कि दुर्गंध से पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ग्रामीणों ने यह भी कहा है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में यह एक बड़ा मुद्दा बन सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से कुछ प्रमुख मांगें की हैं, जिनमें धार्मिक स्थल के आसपास पर्यावरणीय मानकों की निष्पक्ष जांच, दुर्गंध और प्रदूषण संबंधी शिकायतों का सत्यापन, श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाना, धार्मिक एवं पर्यटन महत्व वाले क्षेत्र की गरिमा बनाए रखने के लिए विशेष दिशा-निर्देश लागू करना और संबंधित इकाई के संचालन में पर्यावरणीय नियमों का पालन सुनिश्चित कराना शामिल है। उनका कहना है कि प्रदेश सरकार जहां धार्मिक स्थलों के विकास और पर्यटन को बढ़ावा दे रही है, वहीं ऐसे क्षेत्रों के आसपास पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है।
- उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से एक ब्रेकिंग खबर सामने आई है, जहाँ एक दरोगा का रिश्वत के मामले में मोलभाव करते हुए एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो अटरिया थाना क्षेत्र से संबंधित है।1
- राम मंदिर ट्रस्ट के दस्तावेजों से चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिनके अनुसार बीते 11 महीनों में ट्रस्ट को दान में मिली राशि से ज़्यादा ब्याज के रूप में प्राप्त हुआ है। इन तथ्यों से यह सवाल उठता है कि क्या राम मंदिर आने वाला हर श्रद्धालु मात्र ₹5 का ही दान कर रहा है।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित लोक भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस के जवानों को कड़ी नसीहत दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्यूटी के दौरान रील्स बनाना अनुशासनहीनता है और पुलिसकर्मियों को अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीरता दिखानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों को चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें ऐसी गतिविधियों से बचना चाहिए जो पुलिस की छवि को नकारात्मक रूप से प्रभावित करें और उन्हें उपहास का पात्र बनाएँ।1
- बाराबंकी के फतेहपुर-सूरतगंज मार्ग पर बुधवार सुबह गनेशपुरवा गांव के पास एक भीषण सड़क हादसा हो गया। फतेहपुर से सवारियां लेकर सूरतगंज जा रहे एक सीएनजी ऑटो रिक्शा की सामने से आ रही मोटरसाइकिल से आमने-सामने की टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में कुल सात लोग घायल हुए, जिनमें एक मां-बेटा गंभीर रूप से जख्मी हो गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो रिक्शा अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक गहरे गड्ढे में पलट गया, जबकि मोटरसाइकिल भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए। सूचना मिलते ही पीआरबी पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायलों को 108 और 102 एंबुलेंस की सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) फतेहपुर भेजा गया।1
- ज्येष्ठ माह के पावन अवसर पर मंगलवार को संडीला नगर धार्मिक आस्था, सेवा भावना और सामाजिक समरसता का केंद्र बना रहा। नगर के विभिन्न स्थानों पर सुबह से देर शाम तक भव्य भंडारों का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं, राहगीरों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया और आयोजकों की सेवा भावना की सराहना की, जिससे पूरे दिन नगर में भक्तिमय वातावरण बना रहा और धार्मिक जयघोषों से माहौल गूंजता रहा। इसी क्रम में, 16 जून 2026 को आर.पी. यादव द्वारा एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जो जय महाकाल ग्रुप के मुख्य सहयोग से संपन्न हुआ। इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुँचकर प्रसाद ग्रहण किया, जहाँ बजरंगबली जी से सभी के सुख, समृद्धि और मंगल की कामना की गई। संडीला तहसील क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेगमगंज, नगर कल्याण समिति संडीला, डॉ. चंद्र प्रकाश (चंदू) ऑर्थो केयर हॉस्पिटल, डॉ. रीना सिंह के ऐस हॉस्पिटल, श्री संकटमोचन पीपलेश्वर महादेव मंदिर और स्टेशन रोड सण्डीला सहित कई अन्य स्थानों पर भी भंडारों का आयोजन किया गया। इन भंडारों में श्रद्धालुओं के लिए कढ़ी-चावल, छोला-चावल, पूड़ी-सब्जी, शरबत, शीतल पेयजल, बूंदी, ब्रेड पकौड़े और आइसक्रीम की विशेष व्यवस्था की गई थी। भीषण गर्मी के बीच सेवा कार्यों में लगे स्वयंसेवकों ने रिक्शा चालकों, मजदूरों और जरूरतमंद लोगों को सम्मानपूर्वक भोजन व पेयजल उपलब्ध कराया। इस अवसर पर आर.पी. यादव, रमेश यादव, रामेंद्र यादव, अनिल प्रधान (जिला सचिव समाजवादी पार्टी लखनऊ), एस.पी. यादव, प्रमोद शुक्ला, शिवबक्श सिंह भदोरिया, राम किशोर यादव, अमरेश यादव, राम सिंह यादव, बाबूलाल राठौर, राम लखन, वीरेंद्र यादव, उपेंद्र यादव, सोनू यादव, पप्पू शर्मा, जय सिंह यादव, दीपक यादव, अमन त्रिपाठी, जितेंद्र चौरसिया और शुभेंद्र अस्थाना सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों को समाज में प्रेम, भाईचारे और मानव सेवा की भावना को मजबूत करने वाला बताया, जो सामाजिक एकता को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। हर-हर महादेव और जय श्रीराम के जयघोषों के बीच संपन्न हुए इन भंडारों ने संडीला नगर को सेवा, समर्पण और सद्भाव का प्रेरणादायी संदेश दिया। इसी क्रम में, संडीला नगर के पूर्व प्रतिभा सिनेमा से चक्कर रोड जाने वाले मार्ग स्थित एस.बी. स्कूल मोड़ पर राहुल कुमार एवं उनके सहयोगियों द्वारा भी एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस भंडारे में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं, राहगीरों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली, जहाँ सभी को श्रद्धापूर्वक प्रसाद वितरित किया गया। भीषण गर्मी को देखते हुए भोजन के साथ शीतल पेयजल की भी व्यवस्था की गई, जिससे लोगों को काफी राहत मिली। कार्यक्रम में युवाओं और स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा सेवा कार्यों में सहयोग किया। आयोजकों ने बताया कि इस तरह के धार्मिक आयोजन समाज में आपसी भाईचारा, प्रेम और सेवा की भावना को मजबूत करते हैं। भक्तिमय माहौल और जयकारों के बीच संपन्न हुए इस भंडारे ने भी नगरवासियों को एकता, सद्भाव और जनसेवा का संदेश दिया।4
- लखनऊ के जानकीपुरम स्थित जानकी वाटिका पार्क मंदिर में मंगलवार को भक्ति और सेवा का एक अनूठा संगम देखने को मिला। सातवें बड़े मंगल के अवसर पर मंदिर परिसर में सुंदरकांड का भव्य पाठ आयोजित किया गया, जिसके साथ ही एक विशाल भंडारे का भी आयोजन हुआ। मंदिर के पुजारी ने बताया कि यहाँ हर मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस आयोजन की एक खास बात यह है कि IAS, PCS, जज और IPS जैसे वरिष्ठ अधिकारी भी नियमित रूप से इसमें आते हैं और बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। पुजारी के अनुसार, सबसे खास नज़ारा तब दिखता है जब ये अधिकारी अपने पद और रुतबे को किनारे रखकर एक भिक्षुक की तरह मंदिर में सेवा करते हैं। कोई झाड़ू लगाता है, कोई प्रसाद बांटता है, तो कोई भंडारे में बर्तन साफ करने में जुट जाता है। सेवा की यह भावना मंदिर के माहौल को और भी सादगी भरा बना देती है। इस विशाल भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। जानकीपुरम के लोगों के लिए यह मंगलवार का आयोजन अब एक नियमित परंपरा बन गया है, जो भक्ति और निःस्वार्थ सेवा का प्रतीक है।1
- उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले की सिधौली तहसील के अटरिया थाना अंतर्गत बेड़सापुर गांव के पास मां आदि गंगा गोमती के पावन तट पर स्थित प्राचीन श्री बालेश्वर महादेव धाम इन दिनों एक नए विवाद को लेकर चर्चा में है। क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शुमार इस धाम के निकट संचालित अंडा उत्पादन इकाई को लेकर स्थानीय ग्रामीणों, श्रद्धालुओं और समाजसेवियों ने गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है, उनका आरोप है कि फैक्ट्री से निकलने वाली दुर्गंध न केवल आसपास के वातावरण को प्रभावित कर रही है, बल्कि धार्मिक आस्था के केंद्र की गरिमा और पवित्रता पर भी प्रतिकूल असर डाल रही है। सदियों पुरानी आस्था का केंद्र माने जाने वाले श्री बालेश्वर महादेव धाम को क्षेत्र की धार्मिक पहचान का प्रमुख केंद्र माना जाता है, जहां स्थापित शिवलिंग स्वयंभू स्वरूप में प्रकट हुआ था। दूर-दराज के श्रद्धालु यहां दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं, यह मान्यता है कि सच्चे मन से की गई पूजा-अर्चना मनोकामनाएं पूर्ण करती है। सावन माह, महाशिवरात्रि, श्रावणी मेला और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान यहां हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है, जिससे यह धाम धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं का आरोप है कि मंदिर मार्ग के समीप संचालित अंडा उत्पादन इकाई से निकलने वाली दुर्गंध के कारण मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी धार्मिक अनुभूति प्रभावित होती है। उन्होंने स्वास्थ्य और पर्यावरण को लेकर भी चिंता व्यक्त की है, आशंका जताई है कि दुर्गंध से पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ग्रामीणों ने यह भी कहा है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में यह एक बड़ा मुद्दा बन सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से कुछ प्रमुख मांगें की हैं, जिनमें धार्मिक स्थल के आसपास पर्यावरणीय मानकों की निष्पक्ष जांच, दुर्गंध और प्रदूषण संबंधी शिकायतों का सत्यापन, श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाना, धार्मिक एवं पर्यटन महत्व वाले क्षेत्र की गरिमा बनाए रखने के लिए विशेष दिशा-निर्देश लागू करना और संबंधित इकाई के संचालन में पर्यावरणीय नियमों का पालन सुनिश्चित कराना शामिल है। उनका कहना है कि प्रदेश सरकार जहां धार्मिक स्थलों के विकास और पर्यटन को बढ़ावा दे रही है, वहीं ऐसे क्षेत्रों के आसपास पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है।1
- सीतापुर के अटरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत बहादुरपुर मजरा कसावां गांव में पेड़ काटने को लेकर उपजा विवाद हिंसक हो गया। इस मामले में एक महिला ने गांव के कुछ लोगों पर गाली-गलौज, मारपीट और धारदार हथियार से हमला करने का आरोप लगाते हुए पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। महिला का दावा है कि हमले में उनकी पुत्री के सिर में गंभीर चोट आई है। पीड़िता निर्मला अवस्थी पत्नी अशोक अवस्थी ने अटरिया थाना पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि तेज आंधी-तूफान के कारण एक नीम का पेड़ खेत में गिर गया था। बुधवार सुबह इसी पेड़ को काटने को लेकर कुछ ग्रामीणों से उनकी कहासुनी हुई, जो जल्द ही विवाद में बदल गई। पीड़िता का आरोप है कि विपक्षी पक्ष के लोगों ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए उनके साथ मारपीट की और विरोध करने पर धारदार हथियार से हमला किया। घटना के दौरान शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी फरार हो गए। घटना के तुरंत बाद पीड़ित पक्ष ने डायल 112 पर सूचना देकर पुलिस सहायता मांगी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम गांव पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। ग्रामीणों के अनुसार, घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल बन गया था, लेकिन पुलिस की मौजूदगी से स्थिति सामान्य हो गई। पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की मांग की है। अटरिया थाना पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है और बताया है कि मामले की गहन जांच की जा रही है तथा जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।4