logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

डीसी गंधर्वा राठौड़ ने प्रगतिशील किसानों के साथ प्राकृतिक खेती पर की चर्चा हरनेड़ के ललित कालिया ने 18 मरले खेत मेें बीजा गन्ना, करीब 70 किलोग्राम शक्कर निकली सुजानपुर जिला हमीरपुर में कम वर्षा और पथरीली जमीन वाले क्षेत्रों में भी गन्ने की खेती की जा सकती है। आम तौर पर यह अविश्वसनीय प्रतीत हो सकता है, लेकिन विकास खंड बमसन के गांव हरनेड़ के प्रगतिशील किसान ललित कालिया ने इसे संभव करके दिखाया है। पूरी तरह प्राकृतिक खेती करने वाले ललित कालिया ने मात्र 18 मरले जमीन पर गन्ना लगाकर पहले ही सीजन में लगभग 70 किलोग्राम शक्कर तैयार की है। प्राकृतिक खेती में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कर चुके ललित कालिया, गांव चमनेड ने आतमा परियोजना के अधिकारियों के साथ उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ से भेंट करके उन्हें प्राकृतिक खेती के उत्साहजनक परिणामों से अवगत करवाया। ललित कालिया ने बताया कि उन्होंने कुछ वर्ष पूर्व प्राकृतिक खेती आरंभ की थी। आतमा परियोजना के अधिकारियों की प्रेरणा और प्रदेश सरकार के निरंतर प्रोत्साहन से अब गांव हरनेड़ के लगभग 52 परिवार पूरी तरह से प्राकृतिक खेती से जुड़ चुके हैं। ये किसान परिवार गेहूं और मक्की के अलावा पारंपरिक मोटे अनाज, पारंपरिक दलहनी फसलें तथा अन्य फसलें प्राकृतिक विधि से ही उगा रहे हैं। ललित कालिया ने बताया कि उनके दादा-परदादा कभी गन्ना भी लगाते थे और खाने में इसी की शक्कर का प्रयोग करते थे, लेकिन वर्तमान दौर में यहां गन्ने की खेती की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। ललित कालिया ने बताया कि पिछले सीजन में उन्होंने अपने 18 मरले खेत में प्राकृतिक खेती से ही गन्ना लगाने का निर्णय लिया तो सभी लोग इसे असंभव ही बता रहे थे। देखते ही देखते गन्ने की फसल तैयार होने लगी और इसकी कटाई के बाद उन्होंने पेराई भी स्वयं करवाई तथा इससे लगभग 70 किलोग्राम शक्कर निकली। ललित कालिया ने बताया कि उन्होंने गन्ने के खेत में एक बार भी सिंचाई नहीं की। जंगली सूअर ने आधी फसल उजाड़ दी थी। इसके बावजूद उन्हें अच्छी पैदावार हुई। अगले सीजन के लिए उन्हें दोबारा बिजाई की आवश्यकता भी नहीं है, क्योंकि गन्ने का यह बीज 5-7 साल तक खेत में रह जाता है। इसलिए, गन्ने की खेती जिला हमीरपुर के किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। ललित कालिया ने बताया कि वह भारत के प्राचीन पारंपरिक बीजों के संरक्षण के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं। ये पारंपरिक किस्में काफी पौष्टिक होती हैं और मौसम की विपरीत परिस्थितियों को भी सहन करने में सक्षम होती हैं। उपायुक्त हमीरपुर गंधर्वा राठौड़ ने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने के लिए काम कर रही है । उन्होंने बताया कि उन्होंने कई क्षेत्रों में प्राकृतिक खेती कर रहे किसानों से मुलाकात की । उन्होंने कहा कि जिला में आत्मा प्रोजेक्ट के माध्यम से प्राकृतिक खेती के अच्छे परिणाम देखने को मिल रहे हैं और किसान भी इस ओर आकर्षित हो रहे हैं । उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती के फसल की गुणवत्ता बेहतर है और प्रोष्टिक भी है ।

2 hrs ago
user_Ranjna Kumari
Ranjna Kumari
टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
2 hrs ago

डीसी गंधर्वा राठौड़ ने प्रगतिशील किसानों के साथ प्राकृतिक खेती पर की चर्चा हरनेड़ के ललित कालिया ने 18 मरले खेत मेें बीजा गन्ना, करीब 70 किलोग्राम शक्कर निकली सुजानपुर जिला हमीरपुर में कम वर्षा और पथरीली जमीन वाले क्षेत्रों में भी गन्ने की खेती की जा सकती है। आम तौर पर यह अविश्वसनीय प्रतीत हो सकता है, लेकिन विकास खंड बमसन के गांव हरनेड़ के प्रगतिशील किसान ललित कालिया ने इसे संभव करके दिखाया है। पूरी तरह प्राकृतिक खेती करने वाले ललित कालिया ने मात्र 18 मरले जमीन पर गन्ना लगाकर पहले ही सीजन में लगभग 70 किलोग्राम शक्कर तैयार की है। प्राकृतिक खेती में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कर चुके ललित कालिया, गांव चमनेड ने आतमा परियोजना के अधिकारियों के साथ उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ से भेंट करके उन्हें प्राकृतिक खेती के उत्साहजनक परिणामों से अवगत करवाया। ललित कालिया ने बताया कि उन्होंने कुछ वर्ष पूर्व प्राकृतिक खेती आरंभ की थी। आतमा परियोजना के अधिकारियों की प्रेरणा और प्रदेश सरकार के निरंतर प्रोत्साहन से अब गांव हरनेड़ के लगभग 52 परिवार पूरी तरह से प्राकृतिक खेती से जुड़ चुके हैं। ये किसान परिवार गेहूं और मक्की के अलावा पारंपरिक मोटे अनाज, पारंपरिक दलहनी फसलें तथा अन्य फसलें प्राकृतिक विधि से ही उगा रहे हैं। ललित कालिया ने बताया कि उनके दादा-परदादा कभी गन्ना भी लगाते थे और खाने में इसी की शक्कर का प्रयोग करते थे, लेकिन वर्तमान दौर में यहां गन्ने की खेती की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। ललित कालिया ने बताया कि पिछले सीजन में उन्होंने अपने 18 मरले खेत में प्राकृतिक खेती से ही गन्ना लगाने का निर्णय लिया तो सभी लोग इसे असंभव ही बता रहे थे। देखते ही देखते गन्ने की फसल तैयार होने लगी और इसकी कटाई के बाद उन्होंने पेराई भी स्वयं करवाई तथा इससे लगभग 70 किलोग्राम शक्कर निकली। ललित कालिया ने बताया कि उन्होंने गन्ने के खेत में एक बार भी सिंचाई नहीं की। जंगली सूअर ने आधी फसल उजाड़ दी थी। इसके बावजूद उन्हें अच्छी पैदावार हुई। अगले सीजन के लिए उन्हें दोबारा बिजाई की आवश्यकता भी नहीं है, क्योंकि गन्ने का यह बीज 5-7 साल तक खेत में रह जाता है। इसलिए, गन्ने की खेती जिला हमीरपुर के किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। ललित कालिया ने बताया कि वह भारत के प्राचीन पारंपरिक बीजों के संरक्षण के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं। ये पारंपरिक किस्में काफी पौष्टिक होती हैं और मौसम की विपरीत परिस्थितियों को भी सहन करने में सक्षम होती हैं। उपायुक्त हमीरपुर गंधर्वा राठौड़ ने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने के लिए काम कर रही है । उन्होंने बताया कि उन्होंने कई क्षेत्रों में प्राकृतिक खेती कर रहे किसानों से मुलाकात की । उन्होंने कहा कि जिला में आत्मा प्रोजेक्ट के माध्यम से प्राकृतिक खेती के अच्छे परिणाम देखने को मिल रहे हैं और किसान भी इस ओर आकर्षित हो रहे हैं । उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती के फसल की गुणवत्ता बेहतर है और प्रोष्टिक भी है ।

More news from हिमाचल प्रदेश and nearby areas
  • सुजानपुर जिला हमीरपुर में कम वर्षा और पथरीली जमीन वाले क्षेत्रों में भी गन्ने की खेती की जा सकती है। आम तौर पर यह अविश्वसनीय प्रतीत हो सकता है, लेकिन विकास खंड बमसन के गांव हरनेड़ के प्रगतिशील किसान ललित कालिया ने इसे संभव करके दिखाया है। पूरी तरह प्राकृतिक खेती करने वाले ललित कालिया ने मात्र 18 मरले जमीन पर गन्ना लगाकर पहले ही सीजन में लगभग 70 किलोग्राम शक्कर तैयार की है। प्राकृतिक खेती में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कर चुके ललित कालिया, गांव चमनेड ने आतमा परियोजना के अधिकारियों के साथ उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ से भेंट करके उन्हें प्राकृतिक खेती के उत्साहजनक परिणामों से अवगत करवाया। ललित कालिया ने बताया कि उन्होंने कुछ वर्ष पूर्व प्राकृतिक खेती आरंभ की थी। आतमा परियोजना के अधिकारियों की प्रेरणा और प्रदेश सरकार के निरंतर प्रोत्साहन से अब गांव हरनेड़ के लगभग 52 परिवार पूरी तरह से प्राकृतिक खेती से जुड़ चुके हैं। ये किसान परिवार गेहूं और मक्की के अलावा पारंपरिक मोटे अनाज, पारंपरिक दलहनी फसलें तथा अन्य फसलें प्राकृतिक विधि से ही उगा रहे हैं। ललित कालिया ने बताया कि उनके दादा-परदादा कभी गन्ना भी लगाते थे और खाने में इसी की शक्कर का प्रयोग करते थे, लेकिन वर्तमान दौर में यहां गन्ने की खेती की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। ललित कालिया ने बताया कि पिछले सीजन में उन्होंने अपने 18 मरले खेत में प्राकृतिक खेती से ही गन्ना लगाने का निर्णय लिया तो सभी लोग इसे असंभव ही बता रहे थे। देखते ही देखते गन्ने की फसल तैयार होने लगी और इसकी कटाई के बाद उन्होंने पेराई भी स्वयं करवाई तथा इससे लगभग 70 किलोग्राम शक्कर निकली। ललित कालिया ने बताया कि उन्होंने गन्ने के खेत में एक बार भी सिंचाई नहीं की। जंगली सूअर ने आधी फसल उजाड़ दी थी। इसके बावजूद उन्हें अच्छी पैदावार हुई। अगले सीजन के लिए उन्हें दोबारा बिजाई की आवश्यकता भी नहीं है, क्योंकि गन्ने का यह बीज 5-7 साल तक खेत में रह जाता है। इसलिए, गन्ने की खेती जिला हमीरपुर के किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। ललित कालिया ने बताया कि वह भारत के प्राचीन पारंपरिक बीजों के संरक्षण के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं। ये पारंपरिक किस्में काफी पौष्टिक होती हैं और मौसम की विपरीत परिस्थितियों को भी सहन करने में सक्षम होती हैं। उपायुक्त हमीरपुर गंधर्वा राठौड़ ने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने के लिए काम कर रही है । उन्होंने बताया कि उन्होंने कई क्षेत्रों में प्राकृतिक खेती कर रहे किसानों से मुलाकात की । उन्होंने कहा कि जिला में आत्मा प्रोजेक्ट के माध्यम से प्राकृतिक खेती के अच्छे परिणाम देखने को मिल रहे हैं और किसान भी इस ओर आकर्षित हो रहे हैं । उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती के फसल की गुणवत्ता बेहतर है और प्रोष्टिक भी है ।
    1
    सुजानपुर
जिला हमीरपुर में कम वर्षा और पथरीली जमीन वाले क्षेत्रों में भी गन्ने की खेती की जा सकती है। आम तौर पर यह अविश्वसनीय प्रतीत हो सकता है, लेकिन विकास खंड बमसन के गांव हरनेड़ के प्रगतिशील किसान ललित कालिया ने इसे संभव करके दिखाया है। पूरी तरह प्राकृतिक खेती करने वाले ललित कालिया ने मात्र 18 मरले जमीन पर गन्ना लगाकर पहले ही सीजन में लगभग 70 किलोग्राम शक्कर तैयार की है।
प्राकृतिक खेती में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कर चुके ललित कालिया, गांव चमनेड ने आतमा परियोजना के अधिकारियों के साथ उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ से भेंट करके उन्हें प्राकृतिक खेती के उत्साहजनक परिणामों से अवगत करवाया।
ललित कालिया ने बताया कि उन्होंने कुछ वर्ष पूर्व प्राकृतिक खेती आरंभ की थी। आतमा परियोजना के अधिकारियों की प्रेरणा और प्रदेश सरकार के निरंतर प्रोत्साहन से अब गांव हरनेड़ के लगभग 52 परिवार पूरी तरह से प्राकृतिक खेती से जुड़ चुके हैं। ये किसान परिवार गेहूं और मक्की के अलावा पारंपरिक मोटे अनाज, पारंपरिक दलहनी फसलें तथा अन्य फसलें प्राकृतिक विधि से ही उगा रहे हैं।
ललित कालिया ने बताया कि उनके दादा-परदादा कभी गन्ना भी लगाते थे और खाने में इसी की शक्कर का प्रयोग करते थे, लेकिन वर्तमान दौर में यहां गन्ने की खेती की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। ललित कालिया ने बताया कि पिछले सीजन में उन्होंने अपने 18 मरले खेत में प्राकृतिक खेती से ही गन्ना लगाने का निर्णय लिया तो सभी लोग इसे असंभव ही बता रहे थे। देखते ही देखते गन्ने की फसल तैयार होने लगी और इसकी कटाई के बाद उन्होंने पेराई भी स्वयं करवाई तथा इससे लगभग 70 किलोग्राम शक्कर निकली।
ललित कालिया ने बताया कि उन्होंने गन्ने के खेत में एक बार भी सिंचाई नहीं की। जंगली सूअर ने आधी फसल उजाड़ दी थी। इसके बावजूद उन्हें अच्छी पैदावार हुई। अगले सीजन के लिए उन्हें दोबारा बिजाई की आवश्यकता भी नहीं है, क्योंकि गन्ने का यह बीज 5-7 साल तक खेत में रह जाता है। इसलिए, गन्ने की खेती जिला हमीरपुर के किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। ललित कालिया ने बताया कि वह भारत के प्राचीन पारंपरिक बीजों के संरक्षण के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं। ये पारंपरिक किस्में काफी पौष्टिक होती हैं और मौसम की विपरीत परिस्थितियों को भी सहन करने में सक्षम होती हैं।
उपायुक्त हमीरपुर गंधर्वा राठौड़ ने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने के लिए काम कर रही है । उन्होंने बताया कि उन्होंने कई क्षेत्रों में प्राकृतिक खेती कर रहे किसानों से मुलाकात की । उन्होंने कहा कि जिला में आत्मा प्रोजेक्ट के माध्यम से प्राकृतिक खेती के अच्छे परिणाम देखने को मिल रहे हैं और किसान भी इस ओर आकर्षित हो रहे हैं । उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती के फसल की गुणवत्ता बेहतर है और प्रोष्टिक भी है ।
    user_Ranjna Kumari
    Ranjna Kumari
    टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by मुकेश जरियाल
    1
    Post by मुकेश जरियाल
    user_मुकेश जरियाल
    मुकेश जरियाल
    Doctor नादौन, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    1 hr ago
  • Jay Ho Bajrangbali ki Jay 🌹🌹🙏🙏
    1
    Jay Ho Bajrangbali ki Jay 🌹🌹🙏🙏
    user_Dinesh Kumar
    Dinesh Kumar
    Farmer भोटा, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    8 hrs ago
  • कांगड़ा के कच्छयारी चौक पर कार और बाइक की टक्कर हुई, लेकिन राहत की बात यह रही कि बाइक सवार सुरक्षित है
    1
    कांगड़ा के कच्छयारी चौक पर कार और बाइक की टक्कर हुई, लेकिन राहत की बात यह रही कि बाइक सवार सुरक्षित है
    user_SHARMA AS
    SHARMA AS
    its A Digital news website and web tv कांगड़ा, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश•
    6 hrs ago
  • mohseen
    1
    mohseen
    user_Mohseen
    Mohseen
    बरसर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    21 hrs ago
  • 7 साल की बच्ची की साथ 11 साल के लड़के ने किया रेप, हिला कर रख देगी हिमाचल के मंडी की ये खबर हिमाचल के मंडी जिले में 7 साल की बच्ची से रेप करने का मामला सामने आया है। रेप का आरोपी 11 साल के लड़के पर लगा है। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जिले के सुंदरनगर में एक 7 वर्षीय बच्ची से रेप की वारदात ने हर किसी को हिला कर रख दिया है। बच्ची के साथ रेप करने का आरोप 11 साल के लड़के पर लगा है। पुलिस ने इस मामले में 11 साल के लड़के के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 65(2) और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम की धारा 6 के तहत केस दर्ज किया गया है। बता दें की पीड़ित बच्ची की मां की शिकायत पर 11 साल के लड़के के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मां ने दी लिखित शिकायत पीड़िता की मां ने इस मामले में पुलिस को लिखित शिकायत दी है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी लड़के हो हिरासत में लेकर उसका मेडिकल करवाया है। वहीं पीड़िता को भी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका भी मेडिकल करवाया गया। पुलिस का कहना है कि बच्ची की मां की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है। पीड़िता और आरोपी दोनों का मेडिकल करवाया गया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    1
    7 साल की बच्ची की साथ 11 साल के लड़के ने किया रेप, हिला कर रख देगी हिमाचल के मंडी की ये खबर
हिमाचल के मंडी जिले में 7 साल की बच्ची से रेप करने का मामला सामने आया है। रेप का आरोपी 11 साल के लड़के पर लगा है। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जिले के सुंदरनगर में एक 7 वर्षीय बच्ची से रेप की वारदात ने हर किसी को हिला कर रख दिया है। बच्ची के साथ रेप करने का आरोप 11 साल के लड़के पर लगा है। पुलिस ने इस मामले में 11 साल के लड़के के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 65(2) और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम की धारा 6 के तहत केस दर्ज किया गया है। बता दें की पीड़ित बच्ची की मां की शिकायत पर 11 साल के लड़के के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
मां ने दी लिखित शिकायत
पीड़िता की मां ने इस मामले में पुलिस को लिखित शिकायत दी है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी लड़के हो हिरासत में लेकर उसका मेडिकल करवाया है। वहीं पीड़िता को भी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका भी मेडिकल करवाया गया। पुलिस का कहना है कि बच्ची की मां की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है। पीड़िता और आरोपी दोनों का मेडिकल करवाया गया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    user_Ujjwal kumar
    Ujjwal kumar
    Mandi, Himachal Pradesh•
    4 hrs ago
  • :नेशनल हाईवे 103 शिमला–मटौर मार्ग पर डंगार के समीप एक कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़ी दूसरी कार से टकरा गई। जानकारी के अनुसार कार चालक हमीरपुर की ओर से घुमारवी की तरफ जा रहा था। इसी दौरान अचानक सड़क पर बेशहारा पशु आ गए, जिससे चालक का संतुलन बिगड़ गया और कार अनियंत्रित होकर किनारे खड़ी गाड़ी से जा टकराई। गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई, अन्यथा बड़ा नुकसान हो सकता था। टक्कर के बाद दोनों वाहनों को क्षति पहुंची है, लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से मामला सुलझा लिया, जिसके चलते पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं।
    1
    :नेशनल हाईवे 103 शिमला–मटौर मार्ग पर डंगार के समीप एक कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़ी दूसरी कार से टकरा गई। जानकारी के अनुसार कार चालक हमीरपुर की ओर से घुमारवी की तरफ जा रहा था। इसी दौरान अचानक सड़क पर बेशहारा पशु आ गए, जिससे चालक का संतुलन बिगड़ गया और कार अनियंत्रित होकर किनारे खड़ी गाड़ी से जा टकराई। गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई, अन्यथा बड़ा नुकसान हो सकता था। टक्कर के बाद दोनों वाहनों को क्षति पहुंची है, लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से मामला सुलझा लिया, जिसके चलते पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं।
    user_रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
    रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
    Local News Reporter घुमारवीं, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    18 hrs ago
  • सुजानपुर सुजानपुर की ग्राम पंचायत दाड़ला भलेठ की एक महिला की व्यास नदी में डूबने की आशंका जताई जा रही है परिजनों ने उक्त महिला की गुमशुदा संबंधी रिपोर्ट सुजानपुर थाना में दर्ज करवाई है स्थानीय लोग एवं गोताखोर टीम व्यास नदी पुंग खंड सीहोर वाला व्यास नदी स्थल तमाम स्थानों पर निरीक्षण कर रही है
    1
    सुजानपुर
सुजानपुर की ग्राम पंचायत दाड़ला भलेठ की एक महिला की व्यास नदी में डूबने की आशंका जताई जा रही है परिजनों ने उक्त महिला की गुमशुदा संबंधी रिपोर्ट सुजानपुर थाना में दर्ज करवाई है
स्थानीय लोग एवं गोताखोर टीम व्यास नदी पुंग खंड सीहोर वाला व्यास नदी स्थल तमाम स्थानों पर निरीक्षण कर रही है
    user_Ranjna Kumari
    Ranjna Kumari
    टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    21 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.