वंश कश्यप को न्याय दिलाने की मांग तेज भाकियू भानू के राष्ट्रीय महासचिव अरविंद सिंह चौहान पहुंचे धरनास्थल बोले- मांगें पूरी नहीं हुईं तो अन्य जनपदों से भी जुटेंगे किसान नेता मैनपुरी। सुदिति ग्लोबल एकेडमी के छात्र वंश कश्यप की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर माता-पिता की भूख हड़ताल बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रही। कलेक्ट्रेट स्थित तिकोनिया पार्क में बैठे पीड़ित परिवार के समर्थन में भारतीय किसान यूनियन भानू के राष्ट्रीय महासचिव अरविंद सिंह चौहान पहुंचे। उन्होंने परिवार से मुलाकात कर हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया और प्रशासन से मामले में जल्द ठोस कार्रवाई की मांग की। अरविंद सिंह चौहान ने कहा कि एक परिवार अपने बेटे को न्याय दिलाने के लिए कई महीनों से अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है। अब माता-पिता को भूख हड़ताल पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ा है। उन्होंने कहा कि हम पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं। प्रशासन ने यदि जल्द उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो भारतीय किसान यूनियन भानू बड़ा आंदोलन करेगी। जरूरत पड़ी तो अन्य जनपदों से भी किसान नेता मैनपुरी पहुंचकर परिवार के समर्थन में खड़े होंगे। वंश कश्यप की 22 नवंबर 2025 को सुदिति ग्लोबल एकेडमी में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। स्कूल प्रबंधन की ओर से घटना को ऊंचाई से गिरने से हुई मौत बताया गया था, जबकि परिजन लगातार इसे संदिग्ध बताते हुए स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते रहे हैं। मामले में कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिवार लंबे समय से अधिकारियों से गुहार लगा रहा है। भूख हड़ताल के दौरान पीड़ित परिवार ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर नाराजगी जताई। परिजनों का कहना है कि जब तक उन्हें बेटे की मौत के मामले में न्याय नहीं मिलता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। परिवार स्कूल की मान्यता/लाइसेंस पर कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग भी उठा रहा है। इस मौके पर दीपक चौहान, किशन दुबे, राजेश सिंह, अगम पांडेय, सोमेश तिवारी, अंकित कुमार, मनोज सिंह समेत दर्जनों लोग मौजूद रहे।
वंश कश्यप को न्याय दिलाने की मांग तेज भाकियू भानू के राष्ट्रीय महासचिव अरविंद सिंह चौहान पहुंचे धरनास्थल बोले- मांगें पूरी नहीं हुईं तो अन्य जनपदों से भी जुटेंगे किसान नेता मैनपुरी। सुदिति ग्लोबल एकेडमी के छात्र वंश कश्यप की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर माता-पिता की भूख हड़ताल बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रही। कलेक्ट्रेट स्थित तिकोनिया पार्क में बैठे पीड़ित परिवार के समर्थन में भारतीय किसान यूनियन भानू के राष्ट्रीय महासचिव अरविंद सिंह चौहान पहुंचे। उन्होंने परिवार से मुलाकात कर हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया और प्रशासन से मामले में जल्द ठोस कार्रवाई की मांग की। अरविंद सिंह चौहान ने कहा कि एक परिवार अपने बेटे को न्याय दिलाने के लिए कई महीनों से अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है। अब माता-पिता को भूख हड़ताल पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ा है। उन्होंने कहा कि हम पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं। प्रशासन ने यदि जल्द उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो भारतीय किसान यूनियन भानू बड़ा आंदोलन करेगी। जरूरत पड़ी तो अन्य जनपदों से भी किसान नेता मैनपुरी पहुंचकर परिवार के समर्थन में खड़े होंगे। वंश कश्यप की 22 नवंबर 2025 को सुदिति ग्लोबल एकेडमी में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। स्कूल प्रबंधन की ओर से घटना को ऊंचाई से गिरने से हुई मौत बताया गया था, जबकि परिजन लगातार इसे संदिग्ध बताते हुए स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते रहे हैं। मामले में कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिवार लंबे समय से अधिकारियों से गुहार लगा रहा है। भूख हड़ताल के दौरान पीड़ित परिवार ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर नाराजगी जताई। परिजनों का कहना है कि जब तक उन्हें बेटे की मौत के मामले में न्याय नहीं मिलता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। परिवार स्कूल की मान्यता/लाइसेंस पर कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग भी उठा रहा है। इस मौके पर दीपक चौहान, किशन दुबे, राजेश सिंह, अगम पांडेय, सोमेश तिवारी, अंकित कुमार, मनोज सिंह समेत दर्जनों लोग मौजूद रहे।
- कानपुर CNG पंप पर दरोगा का हंगामा, कर्मचारी से बहस का VIDEO Viral | UP News कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र में एक पेट्रोल पंप पर हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आरोप है कि सोमवार रात सीएनजी भरवाने पहुंचे दरोगा पंकज मिश्रा और पंप कर्मचारियों के बीच कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते विवाद में बदल गई। वायरल वीडियो में मौके पर मौजूद लोग बीच-बचाव करते दिखाई दे रहे हैं। घटना के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया है। एसीपी अंकित कुमार के मुताबिक पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस वीडियो में देखिए कानपुर CNG पंप विवाद की पूरी कहानी, वायरल वीडियो में क्या दिख रहा है और पुलिस जांच में अब तक क्या सामने आया। GD NEWS NETWORK पर देखिए उत्तर प्रदेश और देश की हर बड़ी खबर, सबसे पहले और सबसे सटीक। #KanpurNews #UPNews #ViralVideo #BreakingNews #HindiNews #KanpurPolice #GDNewsNetwork1
- वंश कश्यप को न्याय की मांग में VIP जिलाध्यक्ष राजीव कश्यप पहुंचे तिकोनिया पार्क मैनपुरी। वंश कश्यप के माता-पिता पिछले दो दिनों से अपने बेटे की मौत का सच सामने लाने और न्याय की मांग को लेकर मैनपुरी के तिकोनिया पार्क में भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इसी क्रम में विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के जिला अध्यक्ष राजीव कश्यप भी धरना स्थल पर पहुंचे और पीड़ित परिवार के साथ बैठकर उनकी न्याय की मांग का समर्थन किया। राजीव कश्यप ने कहा कि वंश कश्यप के परिवार की पीड़ा समाज की पीड़ा है। ऐसे समय में समाज को पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए और न्याय की इस लड़ाई को संवैधानिक तरीके से आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने समाज को एकजुटता का संदेश देते हुए कहा— “अगर एक रहेंगे तो नेक रहेंगे, और कटेंगे तो बटेंगे।” उन्होंने कहा कि समाज की ताकत उसकी एकता में है। जरूरत इस बात की है कि किसी भी पीड़ित परिवार की आवाज को दबने न दिया जाए और न्याय मिलने तक लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से उसकी आवाज उठाई जाए। वंश के माता-पिता की मांग स्पष्ट है—उन्हें अपने बच्चे की मौत का सच जानना है और यदि जांच में कोई दोषी सामने आता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई हो। अब देखना यह है कि प्रशासन की ओर से दिए गए कार्रवाई के आश्वासन के बाद इस मामले में जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है। #वंशकश्यप #न्यायकीमांग #मैनपुरी #राजीवकश्यप #VIP #भूखहड़ताल #तिकोनियापार्क #एकतामेंशक्ति #HindNews24x7 वंश कश्यप को न्याय की मांग में VIP जिलाध्यक्ष राजीव कश्यप पहुंचे तिकोनिया पार्क मैनपुरी। वंश कश्यप के माता-पिता पिछले दो दिनों से अपने बेटे की मौत का सच सामने लाने और न्याय की मांग को लेकर मैनपुरी के तिकोनिया पार्क में भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इसी क्रम में विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के जिला अध्यक्ष राजीव कश्यप भी धरना स्थल पर पहुंचे और पीड़ित परिवार के साथ बैठकर उनकी न्याय की मांग का समर्थन किया। राजीव कश्यप ने कहा कि वंश कश्यप के परिवार की पीड़ा समाज की पीड़ा है। ऐसे समय में समाज को पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए और न्याय की इस लड़ाई को संवैधानिक तरीके से आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने समाज को एकजुटता का संदेश देते हुए कहा— “अगर एक रहेंगे तो नेक रहेंगे, और कटेंगे तो बटेंगे।” उन्होंने कहा कि समाज की ताकत उसकी एकता में है। जरूरत इस बात की है कि किसी भी पीड़ित परिवार की आवाज को दबने न दिया जाए और न्याय मिलने तक लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से उसकी आवाज उठाई जाए। वंश के माता-पिता की मांग स्पष्ट है—उन्हें अपने बच्चे की मौत का सच जानना है और यदि जांच में कोई दोषी सामने आता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई हो। अब देखना यह है कि प्रशासन की ओर से दिए गए कार्रवाई के आश्वासन के बाद इस मामले में जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है। #वंशकश्यप #न्यायकीमांग #मैनपुरी #राजीवकश्यप #VIP #भूखहड़ताल #तिकोनियापार्क #एकतामेंशक्ति #HindNews24x71
- मैनपुरी: वंश कश्यप मौत मामले में परिवार का धरना, स्कूल मान्यता रद्द करने व गिरफ्तारी की मांग एंकर/मैनपुरी के सुदिति ग्लोबल एकेडमी में 22 नवंबर 2025 को कक्षा 9 के छात्र वंश कश्यप की संदिग्ध मौत के मामले में उनके परिवार ने आज कलेक्ट्रेट स्थित तिकोनिया पार्क में धरना शुरू कर दिया है। परिवार का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन द्वारा हत्या की गई, जबकि पुलिस जांच में गंभीरता नहीं बरती जा रही। पिता केशव कश्यप, माता अशांति कश्यप समेत पूरा परिवार जिला प्रशासन को प्रार्थना पत्र देकर तीन प्रमुख मांगें रख रहा है स्कूल की मान्यता रद्द की जाए प्रबंध निदेशक लव मोहन व क्लास टीचर सहित सभी आरोपियों की गिरफ्तारी हो मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए परिवार लगभग 10 महीनों से न्याय की गुहार लगा रहा है परिजनों ने कलेक्ट्रेट और एसपी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और भूख हड़ताल की चेतावनी दी। 7 सितंबर 2026: पूरा परिवार तिकोनिया पार्क में धरने पर बैठ गया। मौके पर एसडीएम और सीओ परिवार को समझाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन आक्रोशित परिजन स्कूल का लाइसेंस निलंबन और गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं। परिवार का कहना है कि स्कूल ने घटना की जानकारी छुपाई और CCTV फुटेज नहीं दिया। स्कूल प्रबंधन का दावा है कि बच्चा छत से गिर गया था, जबकि परिवार इसे हत्या बता रहा है।1
- मैनपुरी से बड़ी खबर 9 महीने बाद भी नहीं मिल रहा इंसाफ वंश कश्यप के माता पिता बैठे भूख हड़ताल पर आज दूसरा दिन,, मैनपुरी ब्रेकिंग न्यूज़ पत्रकार मोहित गुप्ता संपादक जनपद मैनपुरी 9 महीने बीत जाने के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय वंश कश्यप मौत मामले में दूसरे दिन भी भूख हड़ताल एंकर: वंश कश्यप की मौत के मामले में मृतक के माता-पिता आज दूसरे दिन भी भूख हड़ताल पर बैठे हैं। परिजनों के समर्थन में करणी सेना के जिला अध्यक्ष शंकर भदौरिया, किशन दुबे एडवोकेट, पाल समाज के अध्यक्ष और कश्यप समाज के बड़ी संख्या में लोग धरने पर बैठे हुए हैं। परिजनों का आरोप है कि सुद्धती ग्लोबल एकैडमी में वंश कश्यप की मौत के बाद अभी तक स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी को लेकर परिजनों ने प्रशासन के सामने तीन सूत्रीय मांगें रखी हैं। तीन सूत्रीय मांगें— - स्कूल का लाइसेंस रद्द किया जाए। - स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। - मामले की जांच सीबीआई या सीआईडी से कराई जाए। वहीं धरने को देखते हुए पुलिस प्रशासन मौके पर मौजूद है और परिजनों को समझाने का प्रयास कर रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन इन मांगों पर क्या कदम उठाता है। वाइट,, पीड़ित माता पिता की वाइट,,शंकर भदौरिया की मैनपुरी से पत्रकार मोहित गुप्ता की रिपोर्ट4
- मैनपुरी वंश कश्यप केस: 10 महीने बाद भी नहीं मिला इंसाफ... स्कूल के अंदर क्या हुआ था? | Mainpuri News मैनपुरी के 14 वर्षीय छात्र वंश कश्यप की संदिग्ध मौत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। घटना को 10 महीने से ज़्यादा समय बीत चुका है, लेकिन परिवार का कहना है कि उन्हें आज तक न्याय नहीं मिला। अब माता-पिता अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। 22 नवंबर को कक्षा 9 का छात्र वंश कश्यप रोज़ की तरह सुदिति ग्लोबल एकेडमी स्कूल गया था। परिवार के अनुसार, कुछ समय बाद वह स्कूल परिसर के अंदर गंभीर रूप से घायल मिला और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसी घटना के बाद से परिवार लगातार सवाल उठा रहा है कि आखिर स्कूल के अंदर उस दिन क्या हुआ था। परिजनों का आरोप है कि उन्हें घटना से जुड़ी पूरी CCTV फुटेज नहीं दिखाई गई। उनका दावा है कि क्लासरूम से टॉयलेट और सीढ़ियों की ओर जाने वाली रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं कराई गई। साथ ही डीवीआर रिकॉर्डिंग में कथित समय के अंतर को लेकर भी उन्होंने सबूतों के साथ छेड़छाड़ की आशंका जताई है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अब तक सार्वजनिक रूप से नहीं हुई है और मामले की जांच प्रक्रिया जारी है। न्याय की मांग को लेकर परिवार मैनपुरी कलेक्ट्रेट स्थित तिकोनिया पार्क में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठा है। दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि परिवार के समर्थन में पहुंचे। वहीं पुलिस ने जल्द चार्जशीट दाखिल करने का आश्वासन दिया, लेकिन परिवार का कहना है कि जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस वीडियो में जानिए: • वंश कश्यप केस की पूरी कहानी • स्कूल परिसर में हुई घटना पर उठ रहे सवाल • CCTV फुटेज को लेकर परिवार के आरोप • पुलिस और प्रशासन का क्या कहना है • परिवार की प्रमुख मांगें क्या हैं सबसे बड़ा सवाल अब भी यही है—क्या वंश कश्यप को इंसाफ मिलेगा? इस पूरे मामले पर आपकी क्या राय है? कमेंट करके अपनी राय जरूर बताइए।1
- झूठ की गूंज से भरमाने वाले हर चौराहे पर मिल जाएंगे : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झूठ की गूंज से भरमाने वाले हर चौराहे पर मिल जाएंगे : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी1
- 🚨 नौ महीने से सच की तलाश में वंश के माता-पिता—‘जांच चल रही है’ के भरोसे आखिर कब तक मिलेगा न्याय? वंश कश्यप की मौत का सच अब भी अनसुलझा, न्याय की मांग को लेकर माता-पिता ने की भूख हड़ताल मैनपुरी। सुदिति ग्लोबल अकैडमी से जुड़े घटनाक्रम में वंश कश्यप पुत्र केशव चंद्र कश्यप की मौत को करीब नौ महीने बीत चुके हैं। लेकिन वंश के माता-पिता का कहना है कि आज तक उन्हें यह स्पष्ट जवाब नहीं मिल पाया कि आखिर उनके बच्चे की मौत किन परिस्थितियों में हुई। न्याय की उम्मीद में परिवार अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक नेताओं और सामाजिक संगठनों के दरवाजे खटखटाता रहा। परिवार का आरोप है कि उन्हें लगातार ‘जांच चल रही है’ का आश्वासन मिलता रहा, लेकिन अब तक कोई ऐसा स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया जिससे उन्हें संतुष्टि मिल सके। ❓ सबसे बड़ा सवाल—जांच आखिर कब पूरी होगी? अगर नौ महीने से जांच चल रही है तो— 🔹 अब तक जांच में क्या सामने आया? 🔹 किन लोगों के बयान दर्ज हुए? 🔹 उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कहां तक पहुंची? 🔹 क्या किसी की जिम्मेदारी तय हुई? 🔹 पीड़ित परिवार को जांच की प्रगति की जानकारी क्यों नहीं दी गई? 🔹 जांच पूरी होने की समयसीमा क्या है? 🥀 7 सितंबर को टूट गया परिवार का सब्र लगातार न्याय की मांग के बाद 7 सितंबर 2026 को सुबह 11 बजे वंश के माता-पिता मैनपुरी के तिकुनिया पार्क में भूख हड़ताल पर बैठ गए। परिवार का कहना था कि उच्च अधिकारियों ने पहले 10 दिन का समय मांगा था। जब उस अवधि में कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया तो अब दोबारा समय मांगने का क्या औचित्य है? धरना स्थल पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने परिवार को समझाने का प्रयास किया। काफी बातचीत के बाद प्रशासन के आश्वासन पर परिवार ने धरना और भूख हड़ताल समाप्त कर दी। लेकिन सवाल अब भी वहीं है— वंश की मौत का सच आखिर कब सामने आएगा? ⚖️ राजनीतिक नेताओं से भी सवाल जो नेता और राजनीतिक संगठन परिवार के समर्थन में पहुंचे, उनसे भी जनता का सवाल है— क्या यह समर्थन सिर्फ धरना स्थल और फोटो तक सीमित रहेगा? क्या वे शासन स्तर पर इस मामले को उठाएंगे? क्या जांच की प्रगति पर लिखित जवाब मांगेंगे? क्या न्याय मिलने तक परिवार के साथ खड़े रहेंगे? सिर्फ समर्थन का बयान देना आसान है, लेकिन एक पीड़ित परिवार की न्याय की लड़ाई में अंत तक खड़े रहना असली परीक्षा है। 🏛️ सरकार और प्रशासन से सीधा सवाल उत्तर प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था में जीरो टॉलरेंस की नीति की बात करती है। तो सवाल है— क्या वंश कश्यप के मामले में भी यही जीरो टॉलरेंस दिखाई देगा? क्या मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध समीक्षा होगी? क्या परिवार को जांच की प्रगति की स्पष्ट जानकारी मिलेगी? और सबसे बड़ा सवाल— क्या वंश कश्यप के माता-पिता को सिर्फ आश्वासन मिलेगा या न्याय भी? यह मामला किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने का नहीं, बल्कि सच सामने लाने और कानून के अनुसार जिम्मेदारी तय करने का है। वंश के माता-पिता को सहानुभूति से ज्यादा सच्चाई और न्याय चाहिए। अब नजर प्रशासन पर है। 📢 आपकी क्या राय है? क्या नौ महीने पुराने इस मामले की जांच की प्रगति सार्वजनिक कर परिवार को स्पष्ट जवाब दिया जाना चाहिए? 👇 अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। #HindNews247 #Mainpuri #VanshKashyap #JusticeForVansh #MainpuriNews #SuditiGlobalAcademy #वंशकश्यप #मैनपुरी #न्यायकीमांग वंश की मौत पर दो दिन की भूख हड़ताल, सियासी समर्थन बढ़ा, लेकिन पिता का सवाल बरकरार सपा विधायक बृजेश कठेरिया समेत पूर्व विधायक, कांग्रेस जिलाध्यक्ष और सामाजिक संगठनों ने धरने को दिया समर्थन; एएसपी ने कहा—तीन दिन में दाखिल करूंगा चार्जशीट मैनपुरी। सुदिति ग्लोबल अकैडमी में वंश कश्यप की मौत के मामले में करीब नौ महीने बाद भी अपने बच्चे की मौत का सच जानने के लिए संघर्ष कर रहे पिता केशव चंद्र कश्यप का सवाल अब भी वही है—आखिर मेरे बच्चे की मौत कैसे हुई, किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है? इसी सवाल का जवाब पाने और न्याय की मांग को लेकर वंश के माता-पिता द्वारा मैनपुरी के तिकोनिया पार्क में शुरू की गई भूख हड़ताल के दो दिन पूरे हो चुके हैं। दो दिनों में जहां विभिन्न राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों का समर्थन परिवार को मिला, वहीं प्रशासन की ओर से भी कार्रवाई का भरोसा दिया गया है। इसके बावजूद परिवार का कहना है कि जब तक जांच का परिणाम और जिम्मेदारी तय नहीं होती, तब तक उनके सवाल खत्म नहीं होंगे। दूसरे दिन सपा विधायक बृजेश कठेरिया धरने पर बैठे भूख हड़ताल के दूसरे दिन समाजवादी पार्टी की विधायक बृजेश कठेरिया वंश के पिता केशव कश्यप और धरने पर बैठे लोगों के साथ धरने में शामिल हुईं। उन्होंने परिवार की न्याय की मांग का समर्थन किया। इसके बाद पूर्व विधायक राजकुमार और राजू यादव ने भी परिवार से मुलाकात कर वंश को न्याय दिलाने के लिए तन, मन और धन से सहयोग करने की बात कही। वहीं कांग्रेस के जिलाध्यक्ष गोपाल कुलश्रेष्ठ समेत पार्टी के अन्य पदाधिकारी भी तिकोनिया पार्क पहुंचे। उन्होंने धरने पर बैठे लोगों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि न्याय की इस लड़ाई में पूरी कांग्रेस पार्टी परिवार के साथ खड़ी है। इसके अलावा विभिन्न सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन जताया। राजनीतिक समर्थन पर भी बड़ा सवाल राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के नेताओं के पहुंचने से परिवार को निश्चित रूप से समर्थन मिला है, लेकिन इसके साथ ही एक सवाल इन नेताओं के सामने भी खड़ा होता है— क्या यह समर्थन केवल धरना स्थल तक सीमित रहेगा या वंश के परिवार को न्याय मिलने तक राजनीतिक और सामाजिक संगठन अपनी आवाज लगातार उठाते रहेंगे? क्या जनप्रतिनिधि प्रशासन से जांच की प्रगति की नियमित जानकारी मांगेंगे? क्या वे परिवार के साथ तब भी खड़े रहेंगे, जब धरने की जगह मामला सरकारी फाइलों और जांच प्रक्रिया में पहुंच जाएगा? क्योंकि किसी पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने का वास्तविक अर्थ केवल कुछ घंटों के धरने में शामिल होना नहीं, बल्कि न्याय मिलने तक संवैधानिक तरीके से उसकी आवाज को मजबूती से उठाना है। एएसपी का बड़ा आश्वासन—'तीन दिन में चार्जशीट दाखिल करूंगा' धरना स्थल पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने मामले को लेकर कार्रवाई का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि तीन दिन में चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से आया यह आश्वासन परिवार और धरने पर बैठे लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लेकिन इसी के साथ वंश के पिता केशव कश्यप का सवाल भी उतना ही महत्वपूर्ण है— अगर तीन दिन में चार्जशीट दाखिल हो सकती है तो पिछले नौ महीने में क्या हो रहा था? यही वह सवाल है, जिसका जवाब अब प्रशासन को देना होगा। यदि जांच के लिए साक्ष्य उपलब्ध थे, तो कार्रवाई में इतना समय क्यों लगा? यदि जांच में कोई बाधा थी तो परिवार को उसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई? और यदि अब तीन दिन में चार्जशीट दाखिल करने की स्थिति बन गई है, तो पिछले नौ महीने की जांच की प्रगति क्या रही? पिता की मांग बेहद स्पष्ट—'मुझे न्याय से पहले सच चाहिए' वंश के पिता केशव कश्यप की मांग किसी राजनीतिक लाभ या आर्थिक मुआवजे तक सीमित नहीं बताई जा रही है। उनका कहना है कि वह सबसे पहले यह जानना चाहते हैं कि उनके बच्चे की मौत आखिर कैसे हुई और किन परिस्थितियों में हुई। उनका सवाल है— “मेरे बच्चे के साथ आखिर हुआ क्या था? उसकी मौत कैसे हुई? किन परिस्थितियों में हुई? और यदि किसी की गलती या लापरवाही थी तो जिम्मेदार कौन है?” यही सवाल पिछले करीब नौ महीने से परिवार को परेशान कर रहा है। तिकोनिया पार्क में समर्थकों का ऐलान—कार्रवाई पूरी होने तक जारी रहेगी भूख हड़ताल धरना स्थल पर मौजूद जनसमर्थन में आए लोगों का कहना है कि वे प्रशासन की कार्रवाई पूरी होने तक परिवार के साथ भूख हड़ताल पर बैठे रहेंगे। समर्थकों का कहना है कि जैसे ही प्रशासन की ओर से बताई गई कार्रवाई पूरी होगी, वे स्वतः भूख हड़ताल समाप्त कर देंगे। इससे स्पष्ट है कि अब आंदोलन की अगली दिशा प्रशासन द्वारा किए गए वादे पर निर्भर करेगी। अब गेंद प्रशासन के पाले में नौ महीने से चले आ रहे इस मामले में अब प्रशासन की ओर से तीन दिन में चार्जशीट दाखिल करने का आश्वासन सामने आया है। ऐसे में आने वाले तीन दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। अब देखना यह होगा कि— क्या तीन दिन में वास्तव में चार्जशीट दाखिल होती है? चार्जशीट में किन तथ्यों और साक्ष्यों को आधार बनाया जाता है? जांच में किसकी जिम्मेदारी तय होती है? क्या पीड़ित परिवार को जांच की पूरी जानकारी दी जाती है? और सबसे महत्वपूर्ण— क्या वंश के पिता केशव कश्यप को आखिरकार उस सवाल का जवाब मिलेगा, जिसे लेकर वह नौ महीने से दर-दर भटक रहे हैं? सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति की भी परीक्षा वंश कश्यप का मामला अब केवल एक परिवार की पीड़ा नहीं रह गया है। यह पुलिस जांच, प्रशासनिक जवाबदेही और सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति की भी परीक्षा बन चुका है। सरकार यदि पीड़ितों को न्याय और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की नीति की बात करती है तो उसका वास्तविक असर ऐसे मामलों में दिखाई देना चाहिए। यहां किसी व्यक्ति या संस्था को बिना न्यायिक प्रक्रिया दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। लेकिन यदि जांच में कोई अपराध, लापरवाही या जिम्मेदारी सामने आती है तो कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई होना जरूरी है। नौ महीने से सवाल पूछ रहा पिता, अब तीन दिन के वादे पर टिकी नजरें वंश के पिता केशव कश्यप की आंखों में अपने बच्चे को खोने का दर्द है और जुबान पर एक ही सवाल— “मेरे बच्चे की मौत का सच आखिर कब सामने आएगा?” राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों का समर्थन बढ़ा है। प्रशासन ने तीन दिन में चार्जशीट दाखिल करने का भरोसा दिया है। समर्थक कार्रवाई पूरी होने तक भूख हड़ताल जारी रखने की बात कह रहे हैं। अब इंतजार सिर्फ इस बात का है कि तीन दिन का यह प्रशासनिक आश्वासन नौ महीने पुराने इंतजार का अंत करता है या एक नया इंतजार शुरू होता है। वंश के परिवार को केवल आश्वासन नहीं, अपने बच्चे की मौत का सत्य और कानून के अनुसार न्याय चाहिए।1
- मैनपुरी "सूअर को मारकर खा गया ग्राम प्रधान..." - न्याय पाने के लिए दर-दर भटक रहा पीड़ित राजू मैनपुरी "सूअर को मारकर खा गया ग्राम प्रधान..." - न्याय पाने के लिए दर-दर भटक रहा पीड़ित राजू गोंग्शी गांव के राजू न्याय के लिए SP दफ्तर पहुंचे। आरोप है कि डिबरोली के कृष्णकांत प्रधान और उनके साथियों ने उनके पालतू सूअर को मारकर खा लिया था। 8 महीने से पुलिस चौकी के चक्कर काट रहा पीड़ित। अनपढ़ होने के कारण भटकता रहा न्याय के लिए। अब SP से लगाई सख्त कार्रवाई की गुहार। #Mainpuri #UPPolice #JusticeForRaju #uttarpradeshpolice #mainpuripolice #Foryou #FyP #Explore #viralversetips #Reach #Boostyourreel #Trendingnow1
- मैनपुरी के 14 वर्षीय छात्र वंश कश्यप की संदिग्ध मौत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। घटना को 10 महीने से ज़्यादा समय बीत चुका है, लेकिन परिवार का कहना है कि उन्हें आज तक न्याय नहीं मिला। अब माता-पिता अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। 22 नवंबर को कक्षा 9 का छात्र वंश कश्यप रोज़ की तरह सुदिति ग्लोबल एकेडमी स्कूल गया था। परिवार के अनुसार, कुछ समय बाद वह स्कूल परिसर के अंदर गंभीर रूप से घायल मिला और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसी घटना के बाद से परिवार लगातार सवाल उठा रहा है कि आखिर स्कूल के अंदर उस दिन क्या हुआ था। परिजनों का आरोप है कि उन्हें घटना से जुड़ी पूरी CCTV फुटेज नहीं दिखाई गई। उनका दावा है कि क्लासरूम से टॉयलेट और सीढ़ियों की ओर जाने वाली रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं कराई गई। साथ ही डीवीआर रिकॉर्डिंग में कथित समय के अंतर को लेकर भी उन्होंने सबूतों के साथ छेड़छाड़ की आशंका जताई है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अब तक सार्वजनिक रूप से नहीं हुई है और मामले की जांच प्रक्रिया जारी है। न्याय की मांग को लेकर परिवार मैनपुरी कलेक्ट्रेट स्थित तिकोनिया पार्क में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठा है। दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि परिवार के समर्थन में पहुंचे। वहीं पुलिस ने जल्द चार्जशीट दाखिल करने का आश्वासन दिया, लेकिन परिवार का कहना है कि जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस वीडियो में जानिए: • वंश कश्यप केस की पूरी कहानी • स्कूल परिसर में हुई घटना पर उठ रहे सवाल • CCTV फुटेज को लेकर परिवार के आरोप • पुलिस और प्रशासन का क्या कहना है • परिवार की प्रमुख मांगें क्या हैं सबसे बड़ा सवाल अब भी यही है—क्या वंश कश्यप को इंसाफ मिलेगा? इस पूरे मामले पर आपकी क्या राय है? कमेंट करके अपनी राय जरूर बताइए। GD NEWS NETWORK पर ऐसी ही बड़ी, तथ्य आधारित और ज़मीनी खबरों के लिए चैनल को Subscribe करें, वीडियो को Like करें और अपने दोस्तों के साथ Share करना न भूलें। #Mainpuri #VanshKashyap #MainpuriNews #UPNews #BreakingNews #HindiNews #StudentDeath #JusticeForVansh #SchoolNews #GDNewsNetwork1