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खवासपुरा मे मतदान शुरू,,,, पुलिस प्रशासन मुस्तैद,,, मतदान केंद्र पर जाब्ता तैनात,,असलम खिलजी सम्पादकीय आपणो खवासपुरा मो 8107602282.. जोधपुर जिले के सालवा खुर्द पंचायत समिति के खवासपुरा गांव में मतदान शुरू हुआ है।
Aslam Khilji
खवासपुरा मे मतदान शुरू,,,, पुलिस प्रशासन मुस्तैद,,, मतदान केंद्र पर जाब्ता तैनात,,असलम खिलजी सम्पादकीय आपणो खवासपुरा मो 8107602282.. जोधपुर जिले के सालवा खुर्द पंचायत समिति के खवासपुरा गांव में मतदान शुरू हुआ है।
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- भावी गांव में चुनाव निरस्त कर दिया गया है नई तारीख घोषित होगी 📵🆘❌❌1
- राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने ली निर्वाचन तैयारियों की समीक्षा बैठक राजस्थान | रिपोर्टर: दीपक सिंह निर्वाण जोधपुर, पंचायतीराज आम चुनाव-2026 के तहत जिले में दो चरणों में मतदान प्रक्रिया संपन्न होने के बाद अब मतगणना की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने शुक्रवार को संभागीय आयुक्त कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि मतगणना की व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर पर शिथिलता नहीं रहे। मतगणना प्रक्रिया को पूर्ण निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि प्रत्येक मतदाता के मताधिकार की स्वतंत्रता एवं निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। निर्वाचन कार्य में नियुक्त सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी गंभीरता, सजगता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सिंह ने निर्वाचन कार्य में नियुक्त अधिकारियों एवं कार्मिकों के प्रशिक्षण की जानकारी लेते हुए कहा कि मतगणना में लगाए जाने वाले कार्मिकों को प्रक्रिया के प्रत्येक पहलू से भलीभांति अवगत करवाया जाए, ताकि मतगणना निर्धारित नियमों के अनुरूप सुचारू रूप से संपन्न हो सके। उन्होंने मतगणना केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस जाब्ता तैनात करने तथा ईवीएम की सुरक्षा के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल की प्रभावी पालना के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नामांकन एवं विजय जुलूस पूर्णतः प्रतिबंधित हैं। इन निर्देशों की सख्ती से पालना करवाई जाए। जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष को निरंतर सक्रिय रखने और निर्वाचन से जुड़े विभिन्न प्रकोष्ठों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने जिले में मतदाता जागरूकता के लिए संचालित स्वीप गतिविधियों एवं नवाचारों की सराहना की। उन्होंने मतदान केंद्रों पर महिला कांस्टेबल की नियुक्ति तथा वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा के लिए व्हीलचेयर, स्काउट एवं गाइड प्रतिनिधियों की सेवाएं लेने की पहल को उपयोगी बताया।बैठक में संभागीय आयुक्त कन्हैया लाल एवं पुलिस महानिरीक्षक सत्येंद्र सिंह से संभाग के अन्य जिलों में निर्वाचन तैयारियों और कानून व्यवस्था की जानकारी ली गई। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने सभी जिलों में निर्वाचन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की नियमित समीक्षा करने तथा प्रशासन एवं पुलिस के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।जिला निर्वाचन अधिकारी आलोक रंजन ने बताया कि जिले में प्रथम एवं द्वितीय चरण का मतदान संपन्न हो चुका है। अब मतगणना के लिए निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप सुरक्षा, कार्मिकों की नियुक्ति एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।निर्वाचन पर्यवेक्षक एवं जोधपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक डॉ. भंवर लाल ने निर्वाचन प्रक्रिया के पर्यवेक्षण एवं अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी दी। बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।3
- भिनाय में आज सरपंच पद का चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न होने के पश्चात विशाल खेल मैदान का अभी अभी का आम मतदाताओं की उपस्थिति व गहमागहमी का विहंगम दृश्य जैतारण राधेश्याम दाधीच भिनाय में आज सरपंच पद का चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न होने के पश्चात विशाल खेल मैदान का अभी अभी का आम मतदाताओं की उपस्थिति व गहमागहमी का विहंगम दृश्य1
- नागौर नगर परिषद की पहली साधारण सभा में जमकर हंगामा, विकास के मुद्दों पर भिड़े पार्षद; उपसभापति के माफी वाले ऑडियो पर भी हुआ विवाद नागौर। नागौर नगर परिषद के नवनिर्वाचित बोर्ड की पहली साधारण सभा शुक्रवार को नगर परिषद के सभागार में आयोजित हुई। सुबह 11 बजे शुरू हुई इस बैठक की अध्यक्षता नवनिर्वाचित सभापति संतोष टाक एवं उपसभापति हाजी मोहम्मद कुरैशी ने की। बैठक में नगर परिषद आयुक्त अनीता बिरधा सहित पक्ष और विपक्ष के सभी पार्षद मौजूद रहे। बैठक की शुरुआत सभापति, उपसभापति और निर्वाचित पार्षदों के स्वागत के साथ हुई। आयुक्त अनीता बिरधा ने सभापति का माला और साफा पहनाकर स्वागत किया। इसके बाद सभी पार्षदों का भी माला और साफा पहनाकर अभिनंदन किया गया। लेकिन स्वागत समारोह के बाद जैसे ही शहर के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा शुरू हुई, बैठक का माहौल गरमा गया। सफाई व्यवस्था, टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता और वार्डों में विकास कार्यों को लेकर पार्षदों ने सवाल उठाए। देखते ही देखते सदन में तीखी बहस और हंगामा शुरू हो गया। वहीं, उपसभापति के हाल ही में वायरल हुए माफी वाले ऑडियो को लेकर भी बैठक में विवाद खड़ा हो गया। स्थिति बिगड़ने पर माइक बंद कर दिया गया और अचानक बैठक स्थगित कर दी गई। प्रतिनिधियों को नहीं मिला प्रवेश, बना चर्चा का विषय नगर परिषद की इस साधारण सभा में केवल निर्वाचित पार्षदों को ही प्रवेश दिया गया। निर्वाचित सदस्यों के अलावा अन्य बाहरी व्यक्तियों और प्रतिनिधियों को बैठक में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई। यह व्यवस्था भी शहर में चर्चा का विषय बनी रही। बैठक में 60 वार्डों के पार्षदों के साथ 16 महिला निर्वाचित पार्षद भी मौजूद रहीं। महिला पार्षदों ने भी विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। इन प्रमुख मुद्दों पर हुई चर्चा नगर परिषद की साधारण सभा में नागौर शहर के विकास और भविष्य की योजनाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया। इनमें प्रमुख रूप से— - नगर परिषद नागौर के नए कार्यालय भवन के निर्माण पर चर्चा। - गांधी चौक स्थित तहसील भवन एवं भूमि नगर परिषद को हस्तांतरित करवाने का प्रस्ताव। - माड़ी चौक स्थित तहसील भवन के कार्यालय उपयोग एवं जनहित में उपयोग पर विचार। - जेसीबी सहित अन्य आवश्यक वाहनों की खरीद। - अहिछत्रपुर आवासीय योजना के भूखंडों को लॉटरी एवं ई-ऑक्शन के माध्यम से बेचने तथा कॉलोनी के विकास कार्य। - नागौर शहर की राजकीय भूमियों पर नई योजनाएं विकसित करना। - हाउसिंग बोर्ड के पुराने एवं नए क्षेत्र में स्थानीय निकाय की जमा राशि के हस्तांतरण का मुद्दा। - बीकानेर रोड स्थित टाउन हॉल के पास बस स्टैंड बनाने का प्रस्ताव। - शहर में विभिन्न विकास कार्यों को गति देने पर चर्चा। - बढ़ते शहरी क्षेत्र को देखते हुए मुख्य सड़कों को फोरलेन करने एवं डिवाइडर निर्माण। - वर्ष 2025 में अत्यधिक बारिश के कारण निचले इलाकों में हुए जलभराव की समस्या के समाधान के लिए ड्रेनेज एवं वर्षा जल निकासी योजना। - शहर में नई सीवरेज लाइन डालने एवं एसटीपी योजना। - बढ़ती आबादी को देखते हुए पेयजल व्यवस्था और जल संरक्षण। - ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करना। - अर्बन चैलेंज फंड के अंतर्गत प्रस्तावित विकास कार्य। विकास के सवाल पर पार्षदों के बीच भिड़ंत, निर्दलीय पार्षद ने दिया जवाब बैठक के दौरान वार्डों की समस्याओं और विकास कार्यों को लेकर पार्षद फूलचंद टाक ने सवाल उठाए। उन्होंने सफाई व्यवस्था पर गंभीर नाराजगी जताते हुए कहा कि कई वार्डों में नगर परिषद के सफाई टिपर और सफाई कर्मचारी नियमित रूप से नहीं पहुंच रहे हैं। उन्होंने नगर परिषद में उपलब्ध सफाई टिपरों की संख्या को लेकर भी सवाल किया। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व में जारी टेंडर प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग उठाई और कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। टेंडर की कॉपी सूचना बोर्ड पर कम से कम 15 दिन तक चस्पा की जाए, ताकि सभी को इसकी जानकारी मिल सके। उन्होंने सफाई कर्मचारियों के भुगतान की व्यवस्था को लेकर भी सुझाव दिया कि संबंधित वार्ड के पार्षद के हस्ताक्षर के आधार पर भुगतान किया जाए, जिससे सफाई व्यवस्था की जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। इसी दौरान निर्दलीय पार्षद मनीष कच्छावा ने फूलचंद टाक के सवालों पर जवाब देना शुरू कर दिया। इस पर दोनों पार्षदों के बीच तीखी बहस हो गई और सदन में हंगामा खड़ा हो गया। पार्षदों के बीच बढ़ती बहस के बावजूद सभापति पूरे घटनाक्रम को देखती रहीं। उपसभापति के वायरल ऑडियो पर सदन में विवाद - बैठक का सबसे चर्चित मुद्दा नगर परिषद के उपसभापति हाजी मोहम्मद कुरैशी से जुड़ा वायरल ऑडियो रहा। हाल ही में भगवान श्रीराम की आरती को लेकर उपसभापति द्वारा कथित तौर पर जारी किए गए माफीनामे वाले ऑडियो पर विवाद सामने आया था। इसी मुद्दे को पार्षद मीकू राव उर्फ शिवकुमार राव ने साधारण सभा में प्रमुखता से उठाया। जैसे ही इस मुद्दे पर चर्चा शुरू हुई, सदन का माहौल फिर गरमा गया। इसी बीच माइक बंद कर दिया गया और बैठक को अचानक स्थगित कर दिया गया। इस घटनाक्रम ने नगर परिषद की पहली साधारण सभा को राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का केंद्र बना दिया। पार्षदों की नाराजगी, बोले- हमारा अपमान हुआ - बैठक स्थगित होने के बाद सभापति और आयुक्त के वहां से चले जाने पर कुछ पार्षदों ने जमकर नाराजगी जताई। पार्षदों का कहना था कि बैठक समाप्त करने की एक निर्धारित प्रक्रिया होती है। बिना कोई स्पष्ट सूचना दिए और चर्चा को बीच में छोड़कर चले जाना निर्वाचित पार्षदों का अपमान है। पार्षदों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब सभापति और अधिकारियों के पास हमारी बात सुनने का समय नहीं है तो हमें भी ऐसी बैठक में शामिल होने का कोई औचित्य नजर नहीं आता। उन्होंने कहा कि सदन में जनहित और विकास के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन पार्षदों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर नहीं दिया गया। नगर परिषद के नए बोर्ड की पहली साधारण सभा में जिस तरह विकास के मुद्दों से शुरू हुई चर्चा हंगामे, आरोप-प्रत्यारोप और वायरल ऑडियो के विवाद तक पहुंची, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में नागौर नगर परिषद की राजनीति और बोर्ड की बैठकों में कई मुद्दे गर्मा सकते हैं।4
- पैरालाइसिस से शरीर बेबस, लेकिन मतदान का जज्बा बेमिसाल! 83 साल के कानाराम ने गाड़ी में बैठकर किया मतदान!" लोकतंत्र के महापर्व में मतदान के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की एक प्रेरणादायक तस्वीर जोधपुर जिले की नांदड़ा कल्ला ग्राम पंचायत से सामने आई है। यहां 83 वर्षीय कानाराम चौधरी ने शारीरिक असमर्थता के बावजूद मतदान करने का अपना संकल्प पूरा किया। पैरालाइसिस से पीड़ित होने के कारण उनके लिए मतदान केंद्र तक पहुंचना संभव नहीं था, लेकिन मतदान के प्रति उनके उत्साह को देखते हुए मतदान की व्यवस्था उनके वाहन तक पहुंचाई गई। कानाराम चौधरी उम्र के इस पड़ाव पर हैं और पैरालाइसिस के चलते उनका शरीर पूरी तरह साथ नहीं दे पा रहा है। ऐसे में मतदान केंद्र तक पहुंचकर वोट डालना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। लेकिन लोकतंत्र में अपनी भागीदारी निभाने का उनका जज्बा कम नहीं हुआ। उनकी स्थिति को देखते हुए मतदान दल ने वाहन तक पहुंचकर मतदान की प्रक्रिया संपन्न करवाई।1
- Post by District.reporter.babulaljogaw1
- 🚩 सैकड़ों गौमाताओं को जिमाया हरा चारा 🐍सांप पकड़ने वाले महावीर जैन पाली राजस्थान 📱 7 0 7 3 2 7 4 0 1 1 🚩 सैकड़ों गौमाताओं को जिमाया हरा चारा 🐍सांप पकड़ने वाले महावीर जैन पाली राजस्थान 📱 7 0 7 3 2 7 4 0 1 11
- राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने ली निर्वाचन तैयारियों की समीक्षा बैठक राजस्थान | रिपोर्टर: दीपक सिंह निर्वाण जोधपुर, पंचायतीराज आम चुनाव-2026 के तहत जिले में दो चरणों में मतदान प्रक्रिया संपन्न होने के बाद अब मतगणना की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने शुक्रवार को संभागीय आयुक्त कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि मतगणना की व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर पर शिथिलता नहीं रहे। मतगणना प्रक्रिया को पूर्ण निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि प्रत्येक मतदाता के मताधिकार की स्वतंत्रता एवं निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। निर्वाचन कार्य में नियुक्त सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी गंभीरता, सजगता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सिंह ने निर्वाचन कार्य में नियुक्त अधिकारियों एवं कार्मिकों के प्रशिक्षण की जानकारी लेते हुए कहा कि मतगणना में लगाए जाने वाले कार्मिकों को प्रक्रिया के प्रत्येक पहलू से भलीभांति अवगत करवाया जाए, ताकि मतगणना निर्धारित नियमों के अनुरूप सुचारू रूप से संपन्न हो सके। उन्होंने मतगणना केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस जाब्ता तैनात करने तथा ईवीएम की सुरक्षा के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल की प्रभावी पालना के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नामांकन एवं विजय जुलूस पूर्णतः प्रतिबंधित हैं। इन निर्देशों की सख्ती से पालना करवाई जाए। जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष को निरंतर सक्रिय रखने और निर्वाचन से जुड़े विभिन्न प्रकोष्ठों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने जिले में मतदाता जागरूकता के लिए संचालित स्वीप गतिविधियों एवं नवाचारों की सराहना की। उन्होंने मतदान केंद्रों पर महिला कांस्टेबल की नियुक्ति तथा वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा के लिए व्हीलचेयर, स्काउट एवं गाइड प्रतिनिधियों की सेवाएं लेने की पहल को उपयोगी बताया।बैठक में संभागीय आयुक्त कन्हैया लाल एवं पुलिस महानिरीक्षक सत्येंद्र सिंह से संभाग के अन्य जिलों में निर्वाचन तैयारियों और कानून व्यवस्था की जानकारी ली गई। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने सभी जिलों में निर्वाचन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की नियमित समीक्षा करने तथा प्रशासन एवं पुलिस के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।जिला निर्वाचन अधिकारी आलोक रंजन ने बताया कि जिले में प्रथम एवं द्वितीय चरण का मतदान संपन्न हो चुका है। अब मतगणना के लिए निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप सुरक्षा, कार्मिकों की नियुक्ति एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।निर्वाचन पर्यवेक्षक एवं जोधपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक डॉ. भंवर लाल ने निर्वाचन प्रक्रिया के पर्यवेक्षण एवं अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी दी। बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।2