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रांची जिले के बुढ़मू प्रखंड में स्थित कोयजम वन में आग लग गई, जिसके कारण वहाँ के छोटे जीव-जंतु और विभिन्न प्रकार की जड़ी-बूटियाँ नष्ट हो गईं।
Sanjay kumar
रांची जिले के बुढ़मू प्रखंड में स्थित कोयजम वन में आग लग गई, जिसके कारण वहाँ के छोटे जीव-जंतु और विभिन्न प्रकार की जड़ी-बूटियाँ नष्ट हो गईं।
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- रांची के डोरंडा स्थित भीमराव अंबेडकर चौक पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और महंगाई को लेकर अपना विरोध जताया गया। कांग्रेस नेताओं ने इस बढ़ते आर्थिक बोझ पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लगातार बढ़ रही ईंधन की कीमतें आम जनता पर वित्तीय दबाव बढ़ा रही हैं। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- रांची में एक बुजुर्ग महिला से चेन स्नैचिंग की घटना सामने आई है। इस वारदात के बाद, 'प्रचण्ड पुलिस' ने 'प्रहार' करते हुए तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है।1
- झारखंड के लोहरदगा जिले के चिरी नामा टोली में एक घटना सामने आई है, जहाँ अज्ञात लोगों ने बर पूजा का धागा जला दिया। इस कार्रवाई से धार्मिक भावनाओं को गहरा आघात पहुँचा है, और इस तरह किसी के भी धर्म को ठेस पहुँचाना बिल्कुल भी उचित नहीं बताया गया है।1
- न्यूरी ओरमांझी रिंग रोड के पास एक गंभीर सड़क हादसा हो गया, जहां एक टाटा टिगोर कार सड़क से लगभग 50 फीट नीचे गिर गई। इस घटना में कार का अगला बंपर और नंबर प्लेट टूट गया। जानकारी के अनुसार, कार नीचे दलदल में जा गिरी थी। इस दुर्घटना को एक भारी हादसा बताया जा रहा है, जो न्यूरी रिंग रोड क्षेत्र में हुआ।1
- रांची में एक शातिर चोर ने चोरी की एक अजीबोगरीब घटना को अंजाम दिया है। चोर ने पहले सामान का बिल बनवाया, फिर उसे अपनी गाड़ी में रखा और उसके बाद मौके से रफूचक्कर हो गया। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।1
- रांची-पटना मुख्य मार्ग, जो पुराना राष्ट्रीय राजमार्ग 33 (NH-33) का हिस्सा है, पर रामगढ़ से कुजू तक की सड़क की स्थिति अत्यंत खराब और दुर्दशाग्रस्त हो चुकी है। सड़क की यह दयनीय हालत लगातार दुर्घटनाओं को बुलावा दे रही है, जिससे इस मार्ग पर यात्रा करना बेहद खतरनाक हो गया है। चालक और यात्री दोनों ही इस खराब सड़क के कारण परेशानियों का सामना कर रहे हैं।1
- रांची के सदर थाना क्षेत्र में कांटा टोली से कोकर चौक के बीच हुई लूट और स्नैचिंग की घटना में रांची पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से एक देशी कट्टा, एक चाकू और लूटे गए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी और हर बड़ी अपडेट को रांची पुलिस की एक प्रेस ब्रीफिंग के माध्यम से साझा किया गया, जिसमें सिटी एसपी का बयान भी शामिल था।1
- झारखंड के बालूमाथ की सड़कें अब "मौत का रास्ता" बन चुकी हैं, जहाँ दर्जनों सड़क दुर्घटनाएँ आम हैं। दिन-रात बेलगाम रफ्तार से दौड़ते हाइवा वाहनों के कारण धूल-धक्कड़ से लोग बीमार हो रहे हैं और घंटों जाम से बाज़ार त्रस्त है। जनता की लगातार उठती आवाज़ के बावजूद, जिला प्रशासन के साथ-साथ डीवीसी (DVC) और कोल माइन्स प्रबंधन ने जनता की पीड़ा को गंभीरता से नहीं समझा और न ही कोई ठोस पहल की है। इससे स्कूल जाने वाले छोटे बच्चे भय के साये में सड़क पार करने को मजबूर हैं, बुजुर्ग घर से निकलने में घबराते हैं, किसान धूल प्रदूषण से अपनी फसल और पशुधन बचाने के लिए परेशान हैं, वहीं बाज़ार क्षेत्र लगातार जाम और दुर्घटनाओं की आशंका से जूझ रहा है। जनता का आरोप है कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकार, जिसमें सुरक्षित वातावरण और भयमुक्त जीवन शामिल है, को उनसे धीरे-धीरे छीना जा रहा है। जनता की एकमात्र मांग यह थी कि कम-से-कम दिन के समय भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाई जाए, ताकि स्कूली बच्चे, राहगीर और आम नागरिक सुरक्षित रह सकें। हालांकि, बार-बार आवेदन देने, विरोध प्रदर्शन करने और दुर्घटनाओं के ठोस सबूत सामने रखने के बावजूद, किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देना ज़रूरी नहीं समझा। बालूमाथ की जनता अब गंभीर सवाल पूछ रही है कि क्या आम लोगों की जान की कोई कीमत नहीं है, क्या प्रशासन किसी और बड़ी दुर्घटना का इंतज़ार कर रहा है, और क्या कंपनियों का मुनाफा नागरिकों के जीने के संवैधानिक अधिकार से भी बड़ा हो गया है। इन गंभीर सवालों और लगातार हो रही प्रशासनिक अनदेखी के खिलाफ, बालूमाथ और आसपास के प्रभावित लोगों ने सभी गवाहों एवं ठोस प्रमाणों के साथ अब यह निर्णय लिया है कि इस जनहित की लड़ाई को हाईकोर्ट तक ले जाया जाएगा। इसका उद्देश्य संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जनता को मिले जीवन, सुरक्षा और स्वच्छ वातावरण के अधिकार की रक्षा करना है। इस आंदोलन को पूरे क्षेत्र के भविष्य का संघर्ष बताया जा रहा है, जो इंसानों की सुरक्षा, पशुधन की रक्षा, खेती-किसानी, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित जीवन के लिए लड़ा जाएगा। अतः, सभी प्रभावित ग्रामीणों, बुद्धिजीवियों, युवाओं, किसानों, व्यापारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जागरूक नागरिकों से इस जनहित आंदोलन में अधिक-से-अधिक संख्या में भागीदारी सुनिश्चित करने और स्वेच्छा से सहयोग व उचित चंदा देकर इस मुहिम को मजबूत बनाने की अपील की गई है। चेतावनी दी गई है कि अगर आज नहीं जागे, तो आने वाला समय केवल हादसों, आँसुओं और पछतावे की कहानी बनकर रह जाएगा, और अगर सरकार जल्द कार्रवाई नहीं करती तो जनता बाध्य होकर सड़कों पर उतरने का काम करेगी।1
- फिलहाल, एक तालाब में सुंदरीकरण का काम चल रहा है, लेकिन इस प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, यह सुंदरीकरण गलत तरीके से किया जा रहा है, जिस पर चिंता व्यक्त की जा रही है।1