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देबी दयाल परिहार
More news from गोवा and nearby areas
- Jay bheem💙1
- खंडवा। सूरजकुंड, चिड़िया मैदान सहित रेलवे भूमि पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर क्षेत्रवासियों में बढ़ते आक्रोश के बीच सोमवार को कलेक्ट्रेट में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनप्रतिनिधियों, रेलवे अधिकारियों और प्रशासन के बीच विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष राजपाल सिंह तोमर, महापौर अमृता अमर यादव, भाजपा महामंत्री धर्मेंद्र बजाज, वार्ड पार्षद संतोष सारवान, एमआईसी सदस्य सोमनाथ काले सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्रवासियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए रेलवे की कार्रवाई पर आपत्ति जताई। बैठक में मौजूद कलेक्टर ईशा गुप्ता ने कहा कि अतिक्रमण के मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद यह निर्णय लिया गया है कि फिलहाल कार्रवाई यथावत रखी जाएगी और प्रभावित लोगों को कुछ समय दिया जाएगा। साथ ही जिन लोगों के पट्टे हैं, उनकी जांच एसडीएम के माध्यम से कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं महापौर अमृता अमर यादव ने बताया कि कलेक्टर से चर्चा के बाद प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि अतिक्रमण के नाम पर रेलवे द्वारा की जा रही कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगाई जाएगी। सभी संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में एक बार पुनः भूमि की नपती कराई जाएगी, जिसके बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। बैठक के बाद क्षेत्रवासियों को कुछ राहत मिली है, हालांकि मामले का अंतिम समाधान पुनः जांच और नपती के बाद ही सामने1
- बड़वानी SP पद्मविलोचन शुक्ल ने नए नवाचारों को लेकर की प्रेस कांफ्रेस,मीडिया से अभियान को लेकर की चर्चा,1
- निवाली: श्रीराम वनवास के प्रसंग पर भावुक हुए श्रद्धालु, श्रीराम-सीता के स्वरूपों ने किया मंत्रमुग्ध : वन गमन दौरान श्रोताओं की आंखें छलकी निवाली।31 मार्च मंगलवार ( स्वतंत्र पत्रकार सुनील सोनी) नगर में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के दौरान आज 'श्रीराम वनवास' का हृदयस्पर्शी प्रसंग सुनाया गया। प्रख्यात कथावाचक पंडित रमेश चन्द्र शर्मा ने जब प्रभु श्रीराम के वन गमन का मार्मिक वर्णन किया, तो पाण्डाल में मौजूद श्रद्धालुओं की आँखें छलक आईं। भक्ति और भाव का अनूठा संगम कथा के दौरान जब श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के स्वरूप मंच पर अवतरित हुए, तो पूरा वातावरण 'जय श्री राम' के जयघोष से गुंजायमान हो गया। पंडित जी ने अपनी सुमधुर वाणी में बताया कि कैसे पिता के वचनों को निभाने के लिए प्रभु ने राजसी सुखों का त्याग कर सहर्ष वनवास स्वीकार किया। उनके साथ माता सीता और अनुज लक्ष्मण का वन की ओर प्रस्थान करना त्याग और कर्तव्य की पराकाष्ठा को दर्शाता है। मार्मिक भजनों पर थिरके श्रद्धालु कथा के बीच-बीच में प्रस्तुत किए गए वनवास प्रसंग के भजनों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। झांकी के माध्यम से दिखाए गए इस दृश्य ने उपस्थित जनसमूह को त्रेतायुग की जीवंत अनुभूति कराई। नगर में भक्तिमय माहौल श्रीराम कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। स्थानीय आयोजन समिति ने बताया कि कथा के माध्यम से नई पीढ़ी को रामायण के आदर्शों और संस्कारों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में भगवान की आरती की गई और प्रसाद वितरण के साथ दिन की कथा का विश्राम हुआ।4
- खरगोन जिले के गोगावां में इंटर स्टेट गैंग का भंडाफोड़, 2 अलग-अलग कार्रवाई में 15 अवैध हथियार बरामद।1
- बड़वानी में एक पिता की रिटायरमेंट की कहानी हमें प्रेरणा देती है कि सेवानिवृत्ति किसी मेडल से कम नहीं है। यह खबर हमें बताती है कि जब बच्चे अपने पिता के रास्ते पर चलते हैं तो वे न केवल अपने पिता का सम्मान करते हैं बल्कि उनकी सेवानिवृत्ति को भी एक सम्मान के रूप में देखते हैं। यह हिंदी न्यूज की एक अनोखी खबर है जो हमेंiयह याद दिलाती है कि एक पिता एक रोल मॉडल होता है और उसकी सेवानिवृत्ति एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर होता है। बड़वानी की इस खबर में हमें यह देखने को मिलता है कि कैसे एक पिता की सेवानिवृत्ति उसके परिवार के लिए कितनी महत्वपूर्ण होती है और यह कैसे एक प्रेरणा का स्रोत बनती है। यह न्यूज हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि सेवानिवृत्ति किसी मेडल से कम नहीं है और यह एक पिता के जीवन में एक महत्वपूर्ण क्षण होता है। बड़वानी की यह खबर हमें प्रेरित करती है और हमें यह याद दिलाती है कि एक पिता का सम्मान और प्रेम किसी भी चीज से कम नहीं है।2
- Post by NIMAD DASTAK NEWS1
- निवाली में गूँजी राम-विवाह की दिव्य गूँज: पंडित रमेश शर्मा जी ने जनकपुर के सौभाग्य का किया भावपूर्ण वर्णन निवाली। 31 मार्च मंगलवार (स्वतंत्र पत्रकार सुनील सोनी)आस्था और भक्ति के पावन संगम "श्रीराम कथा" के सातवें दिन, प्रसिद्ध कथावाचक पंडित रमेश शर्मा जी के मुखारविंद से भगवान राम और सीता जी के विवाह प्रसंग का अत्यंत मनमोहक वर्णन किया गया। निवाली के पंचमुखी हनुमान मंदिर समिति के तत्वाधान में आयोजित इस कथा में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जो भक्ति के रस में सराबोर नजर आए। जनकपुर वासियों के सौभाग्य की सराहना पंडित रमेश शर्मा जी ने अपने प्रवचनों में कहा कि जनकपुर के निवासी अत्यंत भाग्यशाली थे, जिन्हें साक्षात् मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम और उनके तीनों भाइयों—लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के दर्शन करने का पुण्य प्राप्त हुआ। उन्होंने तुलसीदास जी महाराज की चौपाइयों का संदर्भ देते हुए बताया कि किस प्रकार राम-विवाह का वर्णन करते हुए स्वयं गोस्वामी जी भी परम आनंद में डूब गए थे। दिव्य राजकुमारियों का सौभाग्य और दैवीय मिलन कथा के दौरान पंडित जी ने माता सीता और उनकी बहनों (उर्मिला, मांडवी और श्रुतकीर्ति) के सौभाग्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्हें श्री राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न जैसे योग्य वर प्राप्त हुए। यह केवल एक विवाह नहीं, बल्कि दैवीय शक्तियों का वह मिलन था जिसने संपूर्ण ब्रह्मांड को हर्षित कर दिया। वीडियो विश्लेषण: कथा और भजनों की झलक वीडियो 1: "तम्मना यही है... अभी हमने जी भर के देखा नहीं" इस वीडियो में एक अत्यंत मार्मिक और मधुर भजन की प्रस्तुति देखी जा सकती है। शीर्षक: प्रभु के दर्शन की प्यास: "अभी हमने जी भर के देखा नहीं" विवरण: मंच पर प्रभु श्री राम, लक्ष्मण और माता सीता के स्वरूपों के साथ पंडित जी और संगीत मंडली इस भजन के माध्यम से भक्तों के हृदय को छू रही है। पांडाल में बैठे सैकड़ों श्रद्धालु, विशेषकर महिलाएं और बच्चे, पूरी तन्मयता के साथ ताली बजाते हुए भजन का आनंद ले रहे हैं। यह दृश्य भक्तों की उस तड़प को दर्शाता है जो भगवान के दर्शन के लिए कभी कम नहीं होती। वीडियो 2: "जनकपुर का आनंद और तुलसीदास जी की प्रसन्नता" इस अंश में पंडित रमेश शर्मा जी विवाह प्रसंग की सूक्ष्म व्याख्या कर रहे हैं। शीर्षक: विवाह प्रसंग: जहाँ शब्द कम और भाव अनंत हो गए विवरण: पंडित जी पीले वस्त्रों में सुशोभित होकर बहुत ही सरल और प्रभावी भाषा में जनकपुर के उल्लास का वर्णन कर रहे हैं। उनके प्रवचन की शैली इतनी जीवंत है कि पूरा पांडाल शांत होकर भक्ति भाव में डूबा हुआ है। भक्ति की पराकाष्ठा: कथा के अंत में "राम-विवाह" के जयकारों से पूरा परिसर गूँज उठा। भक्तों ने आरती में भाग लिया और प्रभु के इस मंगलकारी प्रसंग का स्मरण करते हुए अपने जीवन को धन्य बनाया।4