निवाली में गुंजी राम सीता विवाह की दिव्य गुंज पंडित रमेश शर्माजी ने जनकपुर वासियों के सौभाग्य का किया भावपूर्ण वर्णन निवाली में गूँजी राम-विवाह की दिव्य गूँज: पंडित रमेश शर्मा जी ने जनकपुर के सौभाग्य का किया भावपूर्ण वर्णन निवाली। 31 मार्च मंगलवार (स्वतंत्र पत्रकार सुनील सोनी)आस्था और भक्ति के पावन संगम "श्रीराम कथा" के सातवें दिन, प्रसिद्ध कथावाचक पंडित रमेश शर्मा जी के मुखारविंद से भगवान राम और सीता जी के विवाह प्रसंग का अत्यंत मनमोहक वर्णन किया गया। निवाली के पंचमुखी हनुमान मंदिर समिति के तत्वाधान में आयोजित इस कथा में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जो भक्ति के रस में सराबोर नजर आए। जनकपुर वासियों के सौभाग्य की सराहना पंडित रमेश शर्मा जी ने अपने प्रवचनों में कहा कि जनकपुर के निवासी अत्यंत भाग्यशाली थे, जिन्हें साक्षात् मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम और उनके तीनों भाइयों—लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के दर्शन करने का पुण्य प्राप्त हुआ। उन्होंने तुलसीदास जी महाराज की चौपाइयों का संदर्भ देते हुए बताया कि किस प्रकार राम-विवाह का वर्णन करते हुए स्वयं गोस्वामी जी भी परम आनंद में डूब गए थे। दिव्य राजकुमारियों का सौभाग्य और दैवीय मिलन कथा के दौरान पंडित जी ने माता सीता और उनकी बहनों (उर्मिला, मांडवी और श्रुतकीर्ति) के सौभाग्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्हें श्री राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न जैसे योग्य वर प्राप्त हुए। यह केवल एक विवाह नहीं, बल्कि दैवीय शक्तियों का वह मिलन था जिसने संपूर्ण ब्रह्मांड को हर्षित कर दिया। वीडियो विश्लेषण: कथा और भजनों की झलक वीडियो 1: "तम्मना यही है... अभी हमने जी भर के देखा नहीं" इस वीडियो में एक अत्यंत मार्मिक और मधुर भजन की प्रस्तुति देखी जा सकती है। शीर्षक: प्रभु के दर्शन की प्यास: "अभी हमने जी भर के देखा नहीं" विवरण: मंच पर प्रभु श्री राम, लक्ष्मण और माता सीता के स्वरूपों के साथ पंडित जी और संगीत मंडली इस भजन के माध्यम से भक्तों के हृदय को छू रही है। पांडाल में बैठे सैकड़ों श्रद्धालु, विशेषकर महिलाएं और बच्चे, पूरी तन्मयता के साथ ताली बजाते हुए भजन का आनंद ले रहे हैं। यह दृश्य भक्तों की उस तड़प को दर्शाता है जो भगवान के दर्शन के लिए कभी कम नहीं होती। वीडियो 2: "जनकपुर का आनंद और तुलसीदास जी की प्रसन्नता" इस अंश में पंडित रमेश शर्मा जी विवाह प्रसंग की सूक्ष्म व्याख्या कर रहे हैं। शीर्षक: विवाह प्रसंग: जहाँ शब्द कम और भाव अनंत हो गए विवरण: पंडित जी पीले वस्त्रों में सुशोभित होकर बहुत ही सरल और प्रभावी भाषा में जनकपुर के उल्लास का वर्णन कर रहे हैं। उनके प्रवचन की शैली इतनी जीवंत है कि पूरा पांडाल शांत होकर भक्ति भाव में डूबा हुआ है। भक्ति की पराकाष्ठा: कथा के अंत में "राम-विवाह" के जयकारों से पूरा परिसर गूँज उठा। भक्तों ने आरती में भाग लिया और प्रभु के इस मंगलकारी प्रसंग का स्मरण करते हुए अपने जीवन को धन्य बनाया।
निवाली में गुंजी राम सीता विवाह की दिव्य गुंज पंडित रमेश शर्माजी ने जनकपुर वासियों के सौभाग्य का किया भावपूर्ण वर्णन निवाली में गूँजी राम-विवाह की दिव्य गूँज: पंडित रमेश शर्मा जी ने जनकपुर के सौभाग्य का किया भावपूर्ण वर्णन निवाली। 31 मार्च मंगलवार (स्वतंत्र पत्रकार सुनील सोनी)आस्था और भक्ति के पावन संगम "श्रीराम कथा" के सातवें दिन, प्रसिद्ध कथावाचक पंडित रमेश शर्मा जी के मुखारविंद से भगवान राम और सीता जी के विवाह प्रसंग का अत्यंत मनमोहक वर्णन किया गया। निवाली के पंचमुखी हनुमान मंदिर समिति के तत्वाधान में आयोजित इस कथा में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जो भक्ति के रस में सराबोर नजर आए। जनकपुर वासियों के सौभाग्य की सराहना पंडित रमेश शर्मा जी ने
अपने प्रवचनों में कहा कि जनकपुर के निवासी अत्यंत भाग्यशाली थे, जिन्हें साक्षात् मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम और उनके तीनों भाइयों—लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के दर्शन करने का पुण्य प्राप्त हुआ। उन्होंने तुलसीदास जी महाराज की चौपाइयों का संदर्भ देते हुए बताया कि किस प्रकार राम-विवाह का वर्णन करते हुए स्वयं गोस्वामी जी भी परम आनंद में डूब गए थे। दिव्य राजकुमारियों का सौभाग्य और दैवीय मिलन कथा के दौरान पंडित जी ने माता सीता और उनकी बहनों (उर्मिला, मांडवी और श्रुतकीर्ति) के सौभाग्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्हें श्री राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न जैसे योग्य वर प्राप्त हुए। यह केवल एक विवाह नहीं, बल्कि दैवीय शक्तियों का वह मिलन था जिसने संपूर्ण
ब्रह्मांड को हर्षित कर दिया। वीडियो विश्लेषण: कथा और भजनों की झलक वीडियो 1: "तम्मना यही है... अभी हमने जी भर के देखा नहीं" इस वीडियो में एक अत्यंत मार्मिक और मधुर भजन की प्रस्तुति देखी जा सकती है। शीर्षक: प्रभु के दर्शन की प्यास: "अभी हमने जी भर के देखा नहीं" विवरण: मंच पर प्रभु श्री राम, लक्ष्मण और माता सीता के स्वरूपों के साथ पंडित जी और संगीत मंडली इस भजन के माध्यम से भक्तों के हृदय को छू रही है। पांडाल में बैठे सैकड़ों श्रद्धालु, विशेषकर महिलाएं और बच्चे, पूरी तन्मयता के साथ ताली बजाते हुए भजन का आनंद ले रहे हैं। यह दृश्य भक्तों की उस तड़प को दर्शाता है जो भगवान के दर्शन के
लिए कभी कम नहीं होती। वीडियो 2: "जनकपुर का आनंद और तुलसीदास जी की प्रसन्नता" इस अंश में पंडित रमेश शर्मा जी विवाह प्रसंग की सूक्ष्म व्याख्या कर रहे हैं। शीर्षक: विवाह प्रसंग: जहाँ शब्द कम और भाव अनंत हो गए विवरण: पंडित जी पीले वस्त्रों में सुशोभित होकर बहुत ही सरल और प्रभावी भाषा में जनकपुर के उल्लास का वर्णन कर रहे हैं। उनके प्रवचन की शैली इतनी जीवंत है कि पूरा पांडाल शांत होकर भक्ति भाव में डूबा हुआ है। भक्ति की पराकाष्ठा: कथा के अंत में "राम-विवाह" के जयकारों से पूरा परिसर गूँज उठा। भक्तों ने आरती में भाग लिया और प्रभु के इस मंगलकारी प्रसंग का स्मरण करते हुए अपने जीवन को धन्य बनाया।
- निवाली: श्रीराम वनवास के प्रसंग पर भावुक हुए श्रद्धालु, श्रीराम-सीता के स्वरूपों ने किया मंत्रमुग्ध : वन गमन दौरान श्रोताओं की आंखें छलकी निवाली।31 मार्च मंगलवार ( स्वतंत्र पत्रकार सुनील सोनी) नगर में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के दौरान आज 'श्रीराम वनवास' का हृदयस्पर्शी प्रसंग सुनाया गया। प्रख्यात कथावाचक पंडित रमेश चन्द्र शर्मा ने जब प्रभु श्रीराम के वन गमन का मार्मिक वर्णन किया, तो पाण्डाल में मौजूद श्रद्धालुओं की आँखें छलक आईं। भक्ति और भाव का अनूठा संगम कथा के दौरान जब श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के स्वरूप मंच पर अवतरित हुए, तो पूरा वातावरण 'जय श्री राम' के जयघोष से गुंजायमान हो गया। पंडित जी ने अपनी सुमधुर वाणी में बताया कि कैसे पिता के वचनों को निभाने के लिए प्रभु ने राजसी सुखों का त्याग कर सहर्ष वनवास स्वीकार किया। उनके साथ माता सीता और अनुज लक्ष्मण का वन की ओर प्रस्थान करना त्याग और कर्तव्य की पराकाष्ठा को दर्शाता है। मार्मिक भजनों पर थिरके श्रद्धालु कथा के बीच-बीच में प्रस्तुत किए गए वनवास प्रसंग के भजनों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। झांकी के माध्यम से दिखाए गए इस दृश्य ने उपस्थित जनसमूह को त्रेतायुग की जीवंत अनुभूति कराई। नगर में भक्तिमय माहौल श्रीराम कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। स्थानीय आयोजन समिति ने बताया कि कथा के माध्यम से नई पीढ़ी को रामायण के आदर्शों और संस्कारों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में भगवान की आरती की गई और प्रसाद वितरण के साथ दिन की कथा का विश्राम हुआ।4
- खरगोन जिले के गोगावां में इंटर स्टेट गैंग का भंडाफोड़, 2 अलग-अलग कार्रवाई में 15 अवैध हथियार बरामद।1
- पानसेमल ।भगवान महावीर की जयंती पर सकल जैन श्रीसंघ द्वारा अहिंसा परमोधर्म संदेश के साथ मुख्य मार्गो से शोभायात्रा निकाली।जलगोन रोड से प्रारंभ हुई शोभायात्रा में महावीर भगवान के जयकारों के साथ आसपास ग्रामों से समाजजन शामिल रहे।समाज के वरिष्ठजनों ने भगवान महावीर के आदर्शो पर चलने की बात कहते हुए सभी को जयंती की बधाई दि।समाज के वरिष्ठ अशोक जैन ने कहा कि जियो और जीने दो के संदेश के साथ शोभायात्रा निकाली जो महात्मा गांधी पब्लिक स्कूल में समाप्त हुई,जहां छोटे बच्चों ने सुंदर गीतों,कविताओं की प्रस्तुतियां दी।समाज द्वारा प्रश्न उत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। जिसके बाद समाजजनों ने स्नेहभोज और प्रसादी प्राप्त कर समापन किया।आयोजन में नगर सहित आमदा,जूनापानी,दौड़वाडा,टेमला, जलगोन व अन्य ग्रामों से समाजजन शामिल रहे।कार्यक्रम का संचालन मनु जैन ने किया समाज के अध्यक्ष हेमंत जैन बिन्नी द्वारा सभी का आभार जताया।1
- बड़वानी।जिले के ग्राम सजवानी में मक्का की फसल पूरी तरह से सूखकर बर्बाद होने का गंभीर मामला सामने आया है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। प्रभावित किसान संजय बर्फा (पिता हेमचंद बर्फा) एवं काना (पिता बाबुल राठौर) ने शिव एग्रो, सेगांव फाटा बड़वानी से मक्का 9459 सिखर किस्म का बीज खरीदा था। किसानों का आरोप है कि बीज विक्रेता द्वारा उन्हें यह भरोसा दिलाया गया था कि उक्त बीज में “सुखने की बीमारी” नहीं आएगी और फसल अच्छी होगी, लेकिन वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत रही। किसानों के अनुसार, फसल की शुरुआत सामान्य रही, लेकिन कुछ समय बाद पौधे अचानक सूखने लगे और स्थिति इतनी खराब हो गई कि पूरी फसल बिना भुट्टे के ही नष्ट हो गई। खेतों में खड़ी मक्का सूखकर खत्म हो गई, जिससे किसानों को उत्पादन का एक भी दाना प्राप्त नहीं हुआ। इस नुकसान से किसानों की आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा है, क्योंकि उन्होंने बीज, खाद, मजदूरी और सिंचाई पर काफी खर्च किया था। पीड़ित किसान संजय बर्फा ने बताया, “हमें दुकानदार ने भरोसा दिलाया था कि इस बीज से कोई बीमारी नहीं आएगी और फसल अच्छी होगी, लेकिन पूरी फसल सूख गई। अब हमारे पास कुछ भी नहीं बचा है। हमने कई बार दुकानदार से बात की, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला।” मामले को लेकर किसानों ने राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के माध्यम से कृषि विस्तार अधिकारी, कृषि विभाग बड़वानी को लिखित आवेदन सौंपकर जांच की मांग की है। आवेदन में बीज की गुणवत्ता की जांच कर संबंधित कंपनी और विक्रेता के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की गई है। किसानों ने बिल की छायाप्रति भी आवेदन के साथ संलग्न की है। वहीं इस पूरे मामले में शिव एग्रो के संचालक राधेश्याम काग ने किसानों के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि बीज पूरी तरह सही था और यदि बीज में खराबी होती तो अंकुरण ही नहीं होता या पौधे विकसित नहीं होते। उनके अनुसार, यह समस्या “विल्ट” बीमारी के कारण हो सकती है, जो वर्तमान में कई प्रकार की मक्का वैरायटी में देखी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यह समस्या जमीन की उर्वरता और पोषक तत्वों की कमी से जुड़ी हो सकती है, न कि बीज की गुणवत्ता से।राधेश्याम काग ने बताया, “हमारे यहां से कई किसानों ने यही बीज लिया है, लेकिन ऐसी शिकायत कहीं और से नहीं आई है। यह जमीन की समस्या या मौसमी प्रभाव हो सकता है। फिर भी यदि जांच होती है तो हम सहयोग करेंगे।”1
- सेंधवा (निमाड़): सेंधवा के समीप ग्राम चाटली में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पिता ने अपने ही सगे बेटे पर चाकू से हमला कर दिया। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मक्का बेचने की बात को लेकर पिता भुवान सिंह और उसके बेटे आकाश के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर पिता ने बेटे पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में आकाश गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद परिजन घायल आकाश को 108 एंबुलेंस की सहायता से सेंधवा सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल बड़वानी रेफर कर दिया। अस्पताल प्रबंधन द्वारा घटना की सूचना सेंधवा ग्रामीण थाने में दे दी गई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। वहीं घायल आकाश की मां और पत्नी ने घटना को लेकर दुख जताते हुए बताया कि मामूली विवाद ने इतना बड़ा रूप ले लिया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।1
- Post by SNY R LIVE MP1
- पेट्रोल डीजल को ला रहे जहाज से नेवी के जवान ने किया विडिओ वाइरल, कहाँ दुनिया मे पेट्रोल डीजल के भाव दुगुने हो गए है क्युकी युद्ध चल रहा है। परन्तु हमें गर्व होना चाहिए की हम भारतीय है और हमारे देश मे पेट्रोल, डीजल के भाव नहीं बड़े है। जो पहले भाव थे आज भी वही है। हम् भारतीय है हमें अपने देश का साथ देना चाहिए और भारतीय सरकार पर गर्व करना चाहिए।1
- निवाली में गूँजी राम-विवाह की दिव्य गूँज: पंडित रमेश शर्मा जी ने जनकपुर के सौभाग्य का किया भावपूर्ण वर्णन निवाली। 31 मार्च मंगलवार (स्वतंत्र पत्रकार सुनील सोनी)आस्था और भक्ति के पावन संगम "श्रीराम कथा" के सातवें दिन, प्रसिद्ध कथावाचक पंडित रमेश शर्मा जी के मुखारविंद से भगवान राम और सीता जी के विवाह प्रसंग का अत्यंत मनमोहक वर्णन किया गया। निवाली के पंचमुखी हनुमान मंदिर समिति के तत्वाधान में आयोजित इस कथा में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जो भक्ति के रस में सराबोर नजर आए। जनकपुर वासियों के सौभाग्य की सराहना पंडित रमेश शर्मा जी ने अपने प्रवचनों में कहा कि जनकपुर के निवासी अत्यंत भाग्यशाली थे, जिन्हें साक्षात् मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम और उनके तीनों भाइयों—लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के दर्शन करने का पुण्य प्राप्त हुआ। उन्होंने तुलसीदास जी महाराज की चौपाइयों का संदर्भ देते हुए बताया कि किस प्रकार राम-विवाह का वर्णन करते हुए स्वयं गोस्वामी जी भी परम आनंद में डूब गए थे। दिव्य राजकुमारियों का सौभाग्य और दैवीय मिलन कथा के दौरान पंडित जी ने माता सीता और उनकी बहनों (उर्मिला, मांडवी और श्रुतकीर्ति) के सौभाग्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्हें श्री राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न जैसे योग्य वर प्राप्त हुए। यह केवल एक विवाह नहीं, बल्कि दैवीय शक्तियों का वह मिलन था जिसने संपूर्ण ब्रह्मांड को हर्षित कर दिया। वीडियो विश्लेषण: कथा और भजनों की झलक वीडियो 1: "तम्मना यही है... अभी हमने जी भर के देखा नहीं" इस वीडियो में एक अत्यंत मार्मिक और मधुर भजन की प्रस्तुति देखी जा सकती है। शीर्षक: प्रभु के दर्शन की प्यास: "अभी हमने जी भर के देखा नहीं" विवरण: मंच पर प्रभु श्री राम, लक्ष्मण और माता सीता के स्वरूपों के साथ पंडित जी और संगीत मंडली इस भजन के माध्यम से भक्तों के हृदय को छू रही है। पांडाल में बैठे सैकड़ों श्रद्धालु, विशेषकर महिलाएं और बच्चे, पूरी तन्मयता के साथ ताली बजाते हुए भजन का आनंद ले रहे हैं। यह दृश्य भक्तों की उस तड़प को दर्शाता है जो भगवान के दर्शन के लिए कभी कम नहीं होती। वीडियो 2: "जनकपुर का आनंद और तुलसीदास जी की प्रसन्नता" इस अंश में पंडित रमेश शर्मा जी विवाह प्रसंग की सूक्ष्म व्याख्या कर रहे हैं। शीर्षक: विवाह प्रसंग: जहाँ शब्द कम और भाव अनंत हो गए विवरण: पंडित जी पीले वस्त्रों में सुशोभित होकर बहुत ही सरल और प्रभावी भाषा में जनकपुर के उल्लास का वर्णन कर रहे हैं। उनके प्रवचन की शैली इतनी जीवंत है कि पूरा पांडाल शांत होकर भक्ति भाव में डूबा हुआ है। भक्ति की पराकाष्ठा: कथा के अंत में "राम-विवाह" के जयकारों से पूरा परिसर गूँज उठा। भक्तों ने आरती में भाग लिया और प्रभु के इस मंगलकारी प्रसंग का स्मरण करते हुए अपने जीवन को धन्य बनाया।4