बड़वानी मक्का की पूरी फसल सूखकर बर्बाद किसानों का आरोप खराब बीज से हुआ नुकसान बड़वानी।जिले के ग्राम सजवानी में मक्का की फसल पूरी तरह से सूखकर बर्बाद होने का गंभीर मामला सामने आया है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। प्रभावित किसान संजय बर्फा (पिता हेमचंद बर्फा) एवं काना (पिता बाबुल राठौर) ने शिव एग्रो, सेगांव फाटा बड़वानी से मक्का 9459 सिखर किस्म का बीज खरीदा था। किसानों का आरोप है कि बीज विक्रेता द्वारा उन्हें यह भरोसा दिलाया गया था कि उक्त बीज में “सुखने की बीमारी” नहीं आएगी और फसल अच्छी होगी, लेकिन वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत रही। किसानों के अनुसार, फसल की शुरुआत सामान्य रही, लेकिन कुछ समय बाद पौधे अचानक सूखने लगे और स्थिति इतनी खराब हो गई कि पूरी फसल बिना भुट्टे के ही नष्ट हो गई। खेतों में खड़ी मक्का सूखकर खत्म हो गई, जिससे किसानों को उत्पादन का एक भी दाना प्राप्त नहीं हुआ। इस नुकसान से किसानों की आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा है, क्योंकि उन्होंने बीज, खाद, मजदूरी और सिंचाई पर काफी खर्च किया था। पीड़ित किसान संजय बर्फा ने बताया, “हमें दुकानदार ने भरोसा दिलाया था कि इस बीज से कोई बीमारी नहीं आएगी और फसल अच्छी होगी, लेकिन पूरी फसल सूख गई। अब हमारे पास कुछ भी नहीं बचा है। हमने कई बार दुकानदार से बात की, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला।” मामले को लेकर किसानों ने राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के माध्यम से कृषि विस्तार अधिकारी, कृषि विभाग बड़वानी को लिखित आवेदन सौंपकर जांच की मांग की है। आवेदन में बीज की गुणवत्ता की जांच कर संबंधित कंपनी और विक्रेता के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की गई है। किसानों ने बिल की छायाप्रति भी आवेदन के साथ संलग्न की है। वहीं इस पूरे मामले में शिव एग्रो के संचालक राधेश्याम काग ने किसानों के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि बीज पूरी तरह सही था और यदि बीज में खराबी होती तो अंकुरण ही नहीं होता या पौधे विकसित नहीं होते। उनके अनुसार, यह समस्या “विल्ट” बीमारी के कारण हो सकती है, जो वर्तमान में कई प्रकार की मक्का वैरायटी में देखी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यह समस्या जमीन की उर्वरता और पोषक तत्वों की कमी से जुड़ी हो सकती है, न कि बीज की गुणवत्ता से।राधेश्याम काग ने बताया, “हमारे यहां से कई किसानों ने यही बीज लिया है, लेकिन ऐसी शिकायत कहीं और से नहीं आई है। यह जमीन की समस्या या मौसमी प्रभाव हो सकता है। फिर भी यदि जांच होती है तो हम सहयोग करेंगे।”
बड़वानी मक्का की पूरी फसल सूखकर बर्बाद किसानों का आरोप खराब बीज से हुआ नुकसान बड़वानी।जिले के ग्राम सजवानी में मक्का की फसल पूरी तरह से सूखकर बर्बाद होने का गंभीर मामला सामने आया है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। प्रभावित किसान संजय बर्फा (पिता हेमचंद बर्फा) एवं काना (पिता बाबुल राठौर) ने शिव एग्रो, सेगांव फाटा बड़वानी से मक्का 9459 सिखर किस्म का बीज खरीदा था। किसानों का आरोप है कि बीज विक्रेता द्वारा उन्हें यह भरोसा दिलाया गया था कि उक्त बीज में “सुखने की बीमारी” नहीं आएगी और फसल अच्छी होगी, लेकिन वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत रही। किसानों के अनुसार, फसल की शुरुआत सामान्य रही, लेकिन कुछ समय बाद पौधे अचानक सूखने लगे और स्थिति इतनी खराब हो गई कि पूरी फसल बिना भुट्टे के ही नष्ट हो गई। खेतों में खड़ी मक्का सूखकर खत्म हो गई, जिससे किसानों को उत्पादन का एक भी दाना प्राप्त नहीं हुआ। इस नुकसान से किसानों की आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा है, क्योंकि उन्होंने बीज, खाद, मजदूरी और सिंचाई पर काफी खर्च किया था। पीड़ित किसान संजय बर्फा ने बताया, “हमें दुकानदार ने भरोसा दिलाया था कि इस बीज से कोई बीमारी नहीं आएगी और फसल अच्छी होगी, लेकिन पूरी फसल सूख गई। अब हमारे पास कुछ भी नहीं बचा है। हमने कई बार दुकानदार से बात की, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला।” मामले को लेकर किसानों ने राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के माध्यम से कृषि विस्तार अधिकारी, कृषि विभाग बड़वानी को लिखित आवेदन सौंपकर जांच की मांग की है। आवेदन में बीज की गुणवत्ता की जांच कर संबंधित कंपनी और विक्रेता के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की गई है। किसानों ने बिल की छायाप्रति भी आवेदन के साथ संलग्न की है। वहीं इस पूरे मामले में शिव एग्रो के संचालक राधेश्याम काग ने किसानों के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि बीज पूरी तरह सही था और यदि बीज में खराबी होती तो अंकुरण ही नहीं होता या पौधे विकसित नहीं होते। उनके अनुसार, यह समस्या “विल्ट” बीमारी के कारण हो सकती है, जो वर्तमान में कई प्रकार की मक्का वैरायटी में देखी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यह समस्या जमीन की उर्वरता और पोषक तत्वों की कमी से जुड़ी हो सकती है, न कि बीज की गुणवत्ता से।राधेश्याम काग ने बताया, “हमारे यहां से कई किसानों ने यही बीज लिया है, लेकिन ऐसी शिकायत कहीं और से नहीं आई है। यह जमीन की समस्या या मौसमी प्रभाव हो सकता है। फिर भी यदि जांच होती है तो हम सहयोग करेंगे।”
- बड़वानी।जिले के ग्राम सजवानी में मक्का की फसल पूरी तरह से सूखकर बर्बाद होने का गंभीर मामला सामने आया है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। प्रभावित किसान संजय बर्फा (पिता हेमचंद बर्फा) एवं काना (पिता बाबुल राठौर) ने शिव एग्रो, सेगांव फाटा बड़वानी से मक्का 9459 सिखर किस्म का बीज खरीदा था। किसानों का आरोप है कि बीज विक्रेता द्वारा उन्हें यह भरोसा दिलाया गया था कि उक्त बीज में “सुखने की बीमारी” नहीं आएगी और फसल अच्छी होगी, लेकिन वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत रही। किसानों के अनुसार, फसल की शुरुआत सामान्य रही, लेकिन कुछ समय बाद पौधे अचानक सूखने लगे और स्थिति इतनी खराब हो गई कि पूरी फसल बिना भुट्टे के ही नष्ट हो गई। खेतों में खड़ी मक्का सूखकर खत्म हो गई, जिससे किसानों को उत्पादन का एक भी दाना प्राप्त नहीं हुआ। इस नुकसान से किसानों की आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा है, क्योंकि उन्होंने बीज, खाद, मजदूरी और सिंचाई पर काफी खर्च किया था। पीड़ित किसान संजय बर्फा ने बताया, “हमें दुकानदार ने भरोसा दिलाया था कि इस बीज से कोई बीमारी नहीं आएगी और फसल अच्छी होगी, लेकिन पूरी फसल सूख गई। अब हमारे पास कुछ भी नहीं बचा है। हमने कई बार दुकानदार से बात की, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला।” मामले को लेकर किसानों ने राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के माध्यम से कृषि विस्तार अधिकारी, कृषि विभाग बड़वानी को लिखित आवेदन सौंपकर जांच की मांग की है। आवेदन में बीज की गुणवत्ता की जांच कर संबंधित कंपनी और विक्रेता के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की गई है। किसानों ने बिल की छायाप्रति भी आवेदन के साथ संलग्न की है। वहीं इस पूरे मामले में शिव एग्रो के संचालक राधेश्याम काग ने किसानों के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि बीज पूरी तरह सही था और यदि बीज में खराबी होती तो अंकुरण ही नहीं होता या पौधे विकसित नहीं होते। उनके अनुसार, यह समस्या “विल्ट” बीमारी के कारण हो सकती है, जो वर्तमान में कई प्रकार की मक्का वैरायटी में देखी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यह समस्या जमीन की उर्वरता और पोषक तत्वों की कमी से जुड़ी हो सकती है, न कि बीज की गुणवत्ता से।राधेश्याम काग ने बताया, “हमारे यहां से कई किसानों ने यही बीज लिया है, लेकिन ऐसी शिकायत कहीं और से नहीं आई है। यह जमीन की समस्या या मौसमी प्रभाव हो सकता है। फिर भी यदि जांच होती है तो हम सहयोग करेंगे।”1
- सेंधवा। मध्यप्रदेश शासन के नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा नगर पालिका परिषद सेंधवा में 6 पार्षदों की नियुक्ति के बाद शहर में खुशी का माहौल देखा गया। इस अवसर पर मार्निंग ग्रुप के दो सक्रिय सदस्य सुनील अग्रवाल एवं अनिल वाघ को पार्षद बनाए जाने पर ग्रुप द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। सुबह करीब 6 बजे मार्निंग ग्रुप के सदस्यों ने नव नियुक्त पार्षदों का पुष्पमालाओं से स्वागत किया। इसके बाद निवाली रोड पर ढोल-ताशों के साथ जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में सदस्य शामिल हुए। इस दौरान मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया गया। कार्यक्रम में ग्रुप से जुड़े अन्य पार्षद छोटू चौधरी एवं प्रकाश निकुम भी उपस्थित रहे और उन्होंने नव नियुक्त पार्षदों को शुभकामनाएं दीं। ग्रुप के संरक्षक गिरधारी गोयल ने कहा कि यह पूरे ग्रुप के लिए गर्व का क्षण है और अब उनके सदस्य शहर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वहीं गिरीश दर्शे एवं नगर पालिका के सेवानिवृत्त सहायक यंत्री राजेश मिश्र ने भी इसे शहर के विकास के लिए सकारात्मक कदम बताया। नव नियुक्त पार्षद सुनील अग्रवाल ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का भरोसा दिलाया। वहीं अनिल वाघ ने कहा कि वे अपनी जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाते हुए शहर के विकास में सक्रिय योगदान देंगे। इस दौरान प्रदीप नाईक, ललित पाटिल, सुभाष शर्मा, कमलेश पालीवाल, दिनेश अग्रवाल, राजू सोनी, अनिल सिंधाने, दिलीप चौहान, विनोद शर्मा, प्रभाकर पाटिल, मनोज शिम्पी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं मार्निंग ग्रुप के सदस्य मौजूद रहे।1
- निवाली: श्रीराम वनवास के प्रसंग पर भावुक हुए श्रद्धालु, श्रीराम-सीता के स्वरूपों ने किया मंत्रमुग्ध : वन गमन दौरान श्रोताओं की आंखें छलकी निवाली।31 मार्च मंगलवार ( स्वतंत्र पत्रकार सुनील सोनी) नगर में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के दौरान आज 'श्रीराम वनवास' का हृदयस्पर्शी प्रसंग सुनाया गया। प्रख्यात कथावाचक पंडित रमेश चन्द्र शर्मा ने जब प्रभु श्रीराम के वन गमन का मार्मिक वर्णन किया, तो पाण्डाल में मौजूद श्रद्धालुओं की आँखें छलक आईं। भक्ति और भाव का अनूठा संगम कथा के दौरान जब श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के स्वरूप मंच पर अवतरित हुए, तो पूरा वातावरण 'जय श्री राम' के जयघोष से गुंजायमान हो गया। पंडित जी ने अपनी सुमधुर वाणी में बताया कि कैसे पिता के वचनों को निभाने के लिए प्रभु ने राजसी सुखों का त्याग कर सहर्ष वनवास स्वीकार किया। उनके साथ माता सीता और अनुज लक्ष्मण का वन की ओर प्रस्थान करना त्याग और कर्तव्य की पराकाष्ठा को दर्शाता है। मार्मिक भजनों पर थिरके श्रद्धालु कथा के बीच-बीच में प्रस्तुत किए गए वनवास प्रसंग के भजनों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। झांकी के माध्यम से दिखाए गए इस दृश्य ने उपस्थित जनसमूह को त्रेतायुग की जीवंत अनुभूति कराई। नगर में भक्तिमय माहौल श्रीराम कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। स्थानीय आयोजन समिति ने बताया कि कथा के माध्यम से नई पीढ़ी को रामायण के आदर्शों और संस्कारों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में भगवान की आरती की गई और प्रसाद वितरण के साथ दिन की कथा का विश्राम हुआ।4
- बड़वानी SP पद्मविलोचन शुक्ल ने नए नवाचारों को लेकर की प्रेस कांफ्रेस,मीडिया से अभियान को लेकर की चर्चा,1
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- खरगोन जिले के गोगावां में इंटर स्टेट गैंग का भंडाफोड़, 2 अलग-अलग कार्रवाई में 15 अवैध हथियार बरामद।1
- आलीराजपुर में धूमधाम से मनाया गया भगवान श्री महावीर स्वामी का जन्म कल्याणक, निकला भव्य वरघोड़ा आलीराजपुर:- जैन समाज द्वारा भगवान श्री महावीर स्वामी का जन्म कल्याणक महोत्सव पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। पंजाब केसरी वल्लभसूरी संप्रदाय की साध्वीजी श्री स्मित दर्शिता श्रीजी आदि ठाणा-4 की निश्रा में सभी धार्मिक कार्यक्रम सम्पन्न हुए। 31 मार्च, चैत्र सुदी तेरस के अवसर पर प्रातः मंदिरजी में भगवान का अभिषेक, अष्टप्रकारी पूजा एवं स्नात्र पूजा आयोजित की गई। इसके पश्चात नगर के प्रमुख मार्गों से बैंड-बाजों के साथ भगवान श्री महावीर स्वामी का भव्य वरघोड़ा सुंदर पालकी में निकाला गया। वरघोड़े में भगवान का चित्र विराजमान करने, प्रथम पालकी उठाने तथा प्रभावना का लाभ रमेशचंद्र-रतिचंद्र जैन परिवार द्वारा लिया गया। वरघोड़े के दौरान श्रद्धालु नाश्ते गाते हुए “जियो और जीने दो” के जयघोष करते नजर आए। इस वर्ष का वरघोड़ा ऐतिहासिक रहा। नगर में कई जैन परिवारों द्वारा आकर्षक झांकियां और तोरण द्वार सजाए गए। वरघोड़े के पश्चात स्वामिवात्सल श्री हेमेंद्रसूरी भवन में आयोजित किया गया। दोपहर में मंदिरजी में महिला मंडल द्वारा विशेष पूजा पढ़ाई गई, जबकि रात्रि में स्थानीय कलाकारों द्वारा भावपूर्ण भक्ति का आयोजन किया गया। विशेष सजावट करने वाले परिवारों को सातम ग्रुप आलीराजपुर की ओर से पुरस्कार प्रदान किए गए। इसमें प्रथम प्रभावचंद्र-हरकचंद्र परिवार, द्वितीय संजय कुमार-शांतिलाल परिवार एवं तृतीय नवीन कुमार-कमलचंद्र परिवार रहे। महावीर जयंती के उपलक्ष्य में जैन समाज द्वारा 5 अप्रैल रविवार को जिला स्तरीय स्वास्थ्य शिविर का आयोजन बस स्टैंड स्थित आजाद भवन में किया जाएगा। यह जानकारी जैन समाज के मीडिया प्रभारी निलेश जैन ने दी।1
- बड़वानी पुलिस अधीक्षक पद्म विलोचन शुक्ल के निर्देश पर बड़वानी पुलिस ने सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने और युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के लिए एक नई पहल शुरू की है। इसके तहत "पुलिस खेल उत्सव" और "आपकी बात – पुलिस के साथ" अभियान संयुक्त रूप से चलाए जाएंगे। इन अभियानों के अंतर्गत जिले के सभी थाना क्षेत्रों के चयनित गांवों में कबड्डी, वॉलीबॉल और क्रिकेट प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी, साथ ही जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से आमजन से सीधा संपर्क स्थापित किया जाएगा। पुलिस खेल उत्सव" के तहत प्रत्येक थाना क्षेत्र में टीमों का गठन कर लगभग 900 युवाओं को जोड़ा जाएगा। संबंधित थाना प्रभारी इन टीमों की नियमित निगरानी करेंगे और खिलाड़ियों को आवश्यक खेल सामग्री उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देना, उन्हें नशे और आपराधिक प्रवृत्तियों से दूर रखना तथा शारीरिक व मानसिक रूप से सशक्त बनाना है। खेल गतिविधियों से पुलिस और युवाओं के बीच आपसी विश्वास और समन्वय बढ़ेगा, जिससे प्रभावी सूचना तंत्र विकसित होगा और अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी। आपकी बात – पुलिस के साथ" अभियान के तहत पहला जनसंवाद कार्यक्रम 05 अप्रैल 2026 को सुबह 10:00 बजे थाना पाटी क्षेत्र के ग्राम सागबारा (चेर्वी) में आयोजित होगा। यह कार्यक्रम ग्राम/नगर रक्षा समिति सम्मेलन के रूप में होगा, जिसका विषय "आध्यात्मिक व सामाजिक पुनरुत्थान" रखा गया है। इसमें प्रख्यात मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. प्रभु नारायण मिश्रा मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। वे युवाओं और समिति सदस्यों को सकारात्मक सोच, अनुशासन और समाज सेवा के लिए प्रेरित करेंगे। इस अभियान के जरिए पुलिस प्रशासन ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान करेगा, सुझाव प्राप्त करेगा और ग्राम रक्षा समितियों को सक्रिय बनाएगा। पुलिस अधीक्षक ने अधिक से अधिक नागरिकों से इन कार्यक्रमों में भाग लेने की अपील की है, ताकि क्षेत्र में सुरक्षा, विश्वास और सामाजिक समरसता का वातावरण मजबूत हो सके।1