चिकारड़ा स्थित श्री महावीर गोपाल गौशाला में श्री सांवलियाजी नव बृज विहार निशुल्क चतुर्थ विशाल पंचकोशी परिक्रमा पदयात्रा का भव्य स्वागत किया गया। गुरुवार को अपने चौथे पड़ाव पर पहुँची इस पंचदिवसीय यात्रा में लगभग 1500 महिला-पुरुष श्रद्धालु शामिल थे, जिनकी अगवानी से पूरा गौशाला परिसर भक्ति और उत्साह से भर उठा। यह पदयात्रा श्री 1008 स्वामी गंगा गिरी जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित की जा रही है, जो लगभग 75 किलोमीटर लंबी है। गौशाला पहुँचने पर अध्यक्ष सौभागमल छाजेड़, दिनेश अग्रवाल, रामेश्वरलाल खंडेलवाल, मदनलाल खंडेलवाल सहित आसपास के सैकड़ों गोभक्तों ने पदयात्रियों का पुष्पवर्षा और स्वागत-सत्कार के साथ अभिनंदन किया। शाम को गौशाला परिसर स्थित कृष्ण मंदिर में भव्य आरती और धर्मसभा का आयोजन हुआ, जिसमें स्वामी गंगा गिरी महाराज ने गौसेवा को भगवान तक पहुँचने का सबसे सहज और श्रेष्ठ मार्ग बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि गौमाता में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास है और उनकी सेवा से समस्त देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है, साथ ही समाज से गौसंवर्धन और गौरक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया। स्वामीजी ने पंचकोशी परिक्रमा के महत्व को भी स्पष्ट किया, इसे गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा की तरह विश्वभर में प्रसिद्ध बनाने की वकालत की। उन्होंने बताया कि यह यात्रा पिछले चार वर्षों से श्रद्धालुओं को भगवान सांवलियाजी के साथ क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन का लाभ दिलाने के उद्देश्य से निकाली जा रही है। लगभग 75 किलोमीटर लंबा यह मार्ग सांवलियाजी मण्डफिया से शुरू होकर अमरपुरा, केसरखेड़ी, भादसोड़ा, बड़ा सांवलियाजी, अनगढ़ बावजी, नर्बदिया, आक्या, भदेसर, धनेश्वर महादेव, आँवरी माता, आकोला खुर्द, फतेपुरा, अंकोलागढ़ और चिकारड़ा जैसे कई धार्मिक स्थलों से गुजरता है, जहाँ दो दर्जन से अधिक मंदिरों और तीर्थ स्थलों के दर्शन होते हैं। धर्मसभा के बाद महाप्रसादी का आयोजन हुआ, जिसके उपरांत रात्रि में भजन संध्या में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने भक्ति रस में सराबोर होकर नृत्य किया और भगवान सांवलियाजी के जयकारों से वातावरण को गुंजायमान कर दिया। गुरुवार अलसुबह करीब 4:45 बजे तेज हवा और वर्षा से यात्रा में कुछ समय के लिए बाधा आई, लेकिन मौसम साफ होते ही यह पुनः सुचारू रूप से आगे बढ़ी। शुक्रवार प्रातः यह पदयात्रा चिकारड़ा गाँव से होते हुए अपने अंतिम पड़ाव सांवलियाजी मण्डफिया के लिए रवाना हुई, इससे पहले श्रद्धालुओं ने गौशाला का भ्रमण कर व्यवस्थाओं की सराहना की और गौसेवा के लिए दान-पुण्य भी किया। इस पंचकोशी पदयात्रा में राजस्थान के अलावा मध्यप्रदेश के रतलाम, धार, भोपाल, राजगढ़, मंदसौर, नीमच और इंदौर सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इस यात्रा के सूत्रधार पलसोड़ा निवासी कैलाश राठौड़ और उनके परिजन तथा चिकारड़ा गौशाला समिति रही, जिनकी व्यवस्थाओं की संतजनों और पदयात्रियों ने भूरी-भूरी प्रशंसा की। इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष रतन गाडरी, पूर्व उपप्रधान लक्ष्मीलाल मेनारिया, ललित लखारा, सुशील तातेड़, अशोक गोड, गौशाला अध्यक्ष सौभागमल छाजेड़, दिनेश अग्रवाल, रामेश्वरलाल खंडेलवाल, मदनलाल खंडेलवाल सहित सैकड़ों गोभक्त और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे, वहीं सुरक्षा के लिए चिकारड़ा चौकी प्रभारी कालूसिंह और पुलिस जाब्ता तैनात था। इस पंचकोशी पदयात्रा ने धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ गौसेवा, संस्कृति संरक्षण और सामाजिक समरसता का प्रभावी संदेश भी दिया।
चिकारड़ा स्थित श्री महावीर गोपाल गौशाला में श्री सांवलियाजी नव बृज विहार निशुल्क चतुर्थ विशाल पंचकोशी परिक्रमा पदयात्रा का भव्य स्वागत किया गया। गुरुवार को अपने चौथे पड़ाव पर पहुँची इस पंचदिवसीय यात्रा में लगभग 1500 महिला-पुरुष श्रद्धालु शामिल थे, जिनकी अगवानी से पूरा गौशाला परिसर भक्ति और उत्साह से भर उठा। यह पदयात्रा श्री 1008 स्वामी गंगा गिरी जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित की जा रही है, जो लगभग 75 किलोमीटर लंबी है। गौशाला पहुँचने पर अध्यक्ष सौभागमल छाजेड़, दिनेश अग्रवाल, रामेश्वरलाल खंडेलवाल, मदनलाल खंडेलवाल सहित आसपास के सैकड़ों गोभक्तों ने पदयात्रियों का पुष्पवर्षा और स्वागत-सत्कार के साथ अभिनंदन किया। शाम को गौशाला परिसर स्थित कृष्ण मंदिर में भव्य आरती और धर्मसभा का आयोजन हुआ, जिसमें स्वामी गंगा गिरी महाराज ने गौसेवा को भगवान तक
पहुँचने का सबसे सहज और श्रेष्ठ मार्ग बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि गौमाता में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास है और उनकी सेवा से समस्त देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है, साथ ही समाज से गौसंवर्धन और गौरक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया। स्वामीजी ने पंचकोशी परिक्रमा के महत्व को भी स्पष्ट किया, इसे गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा की तरह विश्वभर में प्रसिद्ध बनाने की वकालत की। उन्होंने बताया कि यह यात्रा पिछले चार वर्षों से श्रद्धालुओं को भगवान सांवलियाजी के साथ क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन का लाभ दिलाने के उद्देश्य से निकाली जा रही है। लगभग 75 किलोमीटर लंबा यह मार्ग सांवलियाजी मण्डफिया से शुरू होकर अमरपुरा, केसरखेड़ी, भादसोड़ा, बड़ा सांवलियाजी, अनगढ़ बावजी, नर्बदिया, आक्या, भदेसर, धनेश्वर महादेव, आँवरी माता,
आकोला खुर्द, फतेपुरा, अंकोलागढ़ और चिकारड़ा जैसे कई धार्मिक स्थलों से गुजरता है, जहाँ दो दर्जन से अधिक मंदिरों और तीर्थ स्थलों के दर्शन होते हैं। धर्मसभा के बाद महाप्रसादी का आयोजन हुआ, जिसके उपरांत रात्रि में भजन संध्या में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने भक्ति रस में सराबोर होकर नृत्य किया और भगवान सांवलियाजी के जयकारों से वातावरण को गुंजायमान कर दिया। गुरुवार अलसुबह करीब 4:45 बजे तेज हवा और वर्षा से यात्रा में कुछ समय के लिए बाधा आई, लेकिन मौसम साफ होते ही यह पुनः सुचारू रूप से आगे बढ़ी। शुक्रवार प्रातः यह पदयात्रा चिकारड़ा गाँव से होते हुए अपने अंतिम पड़ाव सांवलियाजी मण्डफिया के लिए रवाना हुई, इससे पहले श्रद्धालुओं ने गौशाला का भ्रमण कर व्यवस्थाओं की सराहना की और गौसेवा के लिए
दान-पुण्य भी किया। इस पंचकोशी पदयात्रा में राजस्थान के अलावा मध्यप्रदेश के रतलाम, धार, भोपाल, राजगढ़, मंदसौर, नीमच और इंदौर सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इस यात्रा के सूत्रधार पलसोड़ा निवासी कैलाश राठौड़ और उनके परिजन तथा चिकारड़ा गौशाला समिति रही, जिनकी व्यवस्थाओं की संतजनों और पदयात्रियों ने भूरी-भूरी प्रशंसा की। इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष रतन गाडरी, पूर्व उपप्रधान लक्ष्मीलाल मेनारिया, ललित लखारा, सुशील तातेड़, अशोक गोड, गौशाला अध्यक्ष सौभागमल छाजेड़, दिनेश अग्रवाल, रामेश्वरलाल खंडेलवाल, मदनलाल खंडेलवाल सहित सैकड़ों गोभक्त और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे, वहीं सुरक्षा के लिए चिकारड़ा चौकी प्रभारी कालूसिंह और पुलिस जाब्ता तैनात था। इस पंचकोशी पदयात्रा ने धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ गौसेवा, संस्कृति संरक्षण और सामाजिक समरसता का प्रभावी संदेश भी दिया।
- चिकारड़ा स्थित श्री महावीर गोपाल गौशाला में श्री सांवलियाजी नव बृज विहार निशुल्क चतुर्थ विशाल पंचकोशी परिक्रमा पदयात्रा का भव्य स्वागत किया गया। गुरुवार को अपने चौथे पड़ाव पर पहुँची इस पंचदिवसीय यात्रा में लगभग 1500 महिला-पुरुष श्रद्धालु शामिल थे, जिनकी अगवानी से पूरा गौशाला परिसर भक्ति और उत्साह से भर उठा। यह पदयात्रा श्री 1008 स्वामी गंगा गिरी जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित की जा रही है, जो लगभग 75 किलोमीटर लंबी है। गौशाला पहुँचने पर अध्यक्ष सौभागमल छाजेड़, दिनेश अग्रवाल, रामेश्वरलाल खंडेलवाल, मदनलाल खंडेलवाल सहित आसपास के सैकड़ों गोभक्तों ने पदयात्रियों का पुष्पवर्षा और स्वागत-सत्कार के साथ अभिनंदन किया। शाम को गौशाला परिसर स्थित कृष्ण मंदिर में भव्य आरती और धर्मसभा का आयोजन हुआ, जिसमें स्वामी गंगा गिरी महाराज ने गौसेवा को भगवान तक पहुँचने का सबसे सहज और श्रेष्ठ मार्ग बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि गौमाता में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास है और उनकी सेवा से समस्त देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है, साथ ही समाज से गौसंवर्धन और गौरक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया। स्वामीजी ने पंचकोशी परिक्रमा के महत्व को भी स्पष्ट किया, इसे गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा की तरह विश्वभर में प्रसिद्ध बनाने की वकालत की। उन्होंने बताया कि यह यात्रा पिछले चार वर्षों से श्रद्धालुओं को भगवान सांवलियाजी के साथ क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन का लाभ दिलाने के उद्देश्य से निकाली जा रही है। लगभग 75 किलोमीटर लंबा यह मार्ग सांवलियाजी मण्डफिया से शुरू होकर अमरपुरा, केसरखेड़ी, भादसोड़ा, बड़ा सांवलियाजी, अनगढ़ बावजी, नर्बदिया, आक्या, भदेसर, धनेश्वर महादेव, आँवरी माता, आकोला खुर्द, फतेपुरा, अंकोलागढ़ और चिकारड़ा जैसे कई धार्मिक स्थलों से गुजरता है, जहाँ दो दर्जन से अधिक मंदिरों और तीर्थ स्थलों के दर्शन होते हैं। धर्मसभा के बाद महाप्रसादी का आयोजन हुआ, जिसके उपरांत रात्रि में भजन संध्या में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने भक्ति रस में सराबोर होकर नृत्य किया और भगवान सांवलियाजी के जयकारों से वातावरण को गुंजायमान कर दिया। गुरुवार अलसुबह करीब 4:45 बजे तेज हवा और वर्षा से यात्रा में कुछ समय के लिए बाधा आई, लेकिन मौसम साफ होते ही यह पुनः सुचारू रूप से आगे बढ़ी। शुक्रवार प्रातः यह पदयात्रा चिकारड़ा गाँव से होते हुए अपने अंतिम पड़ाव सांवलियाजी मण्डफिया के लिए रवाना हुई, इससे पहले श्रद्धालुओं ने गौशाला का भ्रमण कर व्यवस्थाओं की सराहना की और गौसेवा के लिए दान-पुण्य भी किया। इस पंचकोशी पदयात्रा में राजस्थान के अलावा मध्यप्रदेश के रतलाम, धार, भोपाल, राजगढ़, मंदसौर, नीमच और इंदौर सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इस यात्रा के सूत्रधार पलसोड़ा निवासी कैलाश राठौड़ और उनके परिजन तथा चिकारड़ा गौशाला समिति रही, जिनकी व्यवस्थाओं की संतजनों और पदयात्रियों ने भूरी-भूरी प्रशंसा की। इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष रतन गाडरी, पूर्व उपप्रधान लक्ष्मीलाल मेनारिया, ललित लखारा, सुशील तातेड़, अशोक गोड, गौशाला अध्यक्ष सौभागमल छाजेड़, दिनेश अग्रवाल, रामेश्वरलाल खंडेलवाल, मदनलाल खंडेलवाल सहित सैकड़ों गोभक्त और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे, वहीं सुरक्षा के लिए चिकारड़ा चौकी प्रभारी कालूसिंह और पुलिस जाब्ता तैनात था। इस पंचकोशी पदयात्रा ने धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ गौसेवा, संस्कृति संरक्षण और सामाजिक समरसता का प्रभावी संदेश भी दिया।4
- पर्यावरण दिवस के अवसर पर, महाराणा प्रताप एयरपोर्ट उदयपुर की सीआईएसएफ इकाई के तत्वावधान में आनंद विद्या भारती पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल डबोक में एक वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना था, ताकि अधिक से अधिक वृक्षारोपण के माध्यम से हरित और स्वच्छ वातावरण का निर्माण किया जा सके। इस आयोजन के द्वारा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया।1
- राजस्थान के पाली में भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (ACB) ने एक पटवारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। इस कार्रवाई से लंबे समय से पटवारी की हरकतों से परेशान ग्रामीण अत्यधिक प्रसन्न हुए। एसीबी की इस सफल कार्रवाई के बाद ग्रामीणों ने ढोल-थाली बजाकर अपनी खुशी और राहत का इजहार किया, मानो पटवारी के फंसने का उन्हें बेसब्री से इंतजार था।1
- गरियावास में नालियों की हालत बेहद खराब है, जिसके लिए स्थानीय लोग मावली नगरपालिका को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। आरोप है कि नगरपालिका इन गंभीर समस्याओं को लगातार अनदेखा कर रही है। निवासियों के अनुसार, उन्होंने इस संबंध में मावली के ईओ (कार्यकारी अधिकारी) को कई बार आवेदन दिए हैं, लेकिन आज तक उन पर कोई सुनवाई नहीं हुई है। शिकायतकर्ताओं ने यह भी बताया कि ईओ साहब उनके कॉल भी रिसीव नहीं करते, जिसके कारण समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।1
- धरियावद के सलूंबर मार्ग पर एक दुखद सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि इस दुर्घटना में तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।1
- पर्यावरण दिवस के अवसर पर पलसोड़ा में नीमच पाल सोड़ा जन अभियान परिषद और ग्राम पंचायत ने मिलकर पौधारोपण किया।1
- सार्वजनिक हस्ती शिल्पा शिंदे द्वारा पैसे के विवाद में किसी व्यक्ति पर यौन उत्पीड़न का झूठा आरोप लगाने की बात स्वीकार करने से यह मामला गंभीर चर्चा का विषय बन गया है। इस घटना ने समाज में झूठे आरोपों के गंभीर परिणामों पर एक नई बहस छेड़ दी है। ऐसे एक झूठे आरोप से किसी भी पुरुष की इज्जत, करियर, परिवार, मानसिक शांति और सामाजिक प्रतिष्ठा पूरी तरह तबाह हो सकती है। आरोप लगते ही समाज, और कई बार पूरी व्यवस्था भी, व्यक्ति को दोषी मान लेती है, जबकि सच्चाई सामने आने में कई वर्षों का समय लग सकता है। यह स्पष्ट किया गया है कि न्याय का अर्थ केवल दोषियों को दंडित करना नहीं, बल्कि निर्दोषों की रक्षा करना भी है। यदि झूठे आरोप साबित हो जाते हैं, तो ऐसे मामलों में भी जवाबदेही तय की जानी चाहिए, ताकि न्याय व्यवस्था पर लोगों का विश्वास बना रहे। इसी संदर्भ में, यह सवाल उठाया गया है कि पुरुषों की समस्याओं, झूठे मामलों और मानसिक उत्पीड़न की सुनवाई के लिए एक सशक्त पुरुष आयोग की आवश्यकता पर खुलकर बहस क्यों नहीं होती। जोर देकर कहा गया है कि यदि महिलाओं के लिए आयोग हो सकते हैं, तो पुरुषों की समस्याओं और झूठे मामलों की सुनवाई के लिए पुरुष आयोग क्यों नहीं होना चाहिए। ऐसे झूठे आरोप सिर्फ व्यक्तियों पर ही नहीं, बल्कि संपूर्ण न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी गहरा आघात करते हैं।1
- उदयपुर जिले के कानोड़ कस्बे की उचित मूल्य दुकान पर सरकारी गेहूं के वितरण में एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां उपभोक्ताओं को गेहूं देने के बजाय नकद राशि और बाजार मूल्य से कम रुपए देकर टरकाने का आरोप है। इस मामले की जांच के लिए दो दिन पहले जिला रसद विभाग ने इंस्पेक्टर विशेष मीणा को भेजा था, लेकिन शिकायतकर्ता लालु राम मीणा ने पूर्व में जांच कर रहे अधिकारी पर ही मामले को रफा-दफा करने का गंभीर आरोप लगा दिया। मामले ने तूल पकड़ा तो उदयपुर जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल ने इसे गंभीरता से लिया। उनके निर्देश पर जिला रसद विभाग ने एक विशेष जांच टीम का गठन किया है, जो कानोड़ की राशन दुकान पर उपभोक्ता को गेहूं देने के बजाय बाजार मूल्य से कम रुपए देने के आरोपों की जांच करने पहुंची है।1