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Virendra singh
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- एसपी सत्यनारायण ने पुलिस कार्यालय में लगाया जनता दरबार, फरियादियों की समस्याओं को सुना ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक कौशांबी...मंगलवार को पुलिस कार्यालय कौशाम्बी में पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण द्वारा आमजनमानस की समस्याओं के प्रभावी निस्तारण हेतु जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस दौरान जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों ने अपनी समस्याओं से संबंधित प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए, जिन्हें पुलिस अधीक्षक द्वारा अत्यंत ध्यानपूर्वक सुना गया।मामलों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने संबंधित थाना प्रभारियों एवं शाखा प्रभारियों को मौके पर जाकर त्वरित और निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी न होकर गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए, जिससे पीड़ित व्यक्ति को वास्तविक न्याय और राहत मिल सके। सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत को समयबद्ध तरीके से निस्तारित किया जाए।1
- Post by Virendra singh6
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- Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज1
- jai bajrang bali 🙏🕉🚩1
- Post by प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी1
- कौशांबी: पत्रकार उत्पीड़न मामले में मुख्यमंत्री को ज्ञापन, दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग प्रेस क्लब कौशांबी और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब कौशांबी ने किया धरना प्रदर्शन ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS बलराम साहू कौशांबी में पत्रकार उत्पीड़न का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब के बैनर तले जिले के पत्रकारों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक कड़ा ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में साफ कहा गया है कि यदि इस प्रकरण में शीघ्र न्याय नहीं मिला, तो पत्रकार समुदाय सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होगा। ज्ञापन के अनुसार, सराय अकिल थाना क्षेत्र की कनैली चौकी से जुड़े इस प्रकरण में थाना प्रभारी वीर प्रताप सिंह और चौकी प्रभारी जितेंद्र कुमार पर बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि स्थानीय पत्रकार संजय सिंह के साथ न केवल अभद्र भाषा और गाली-गलौज की गई, बल्कि उन्हें अपमानित करते हुए अमर्यादित और शर्मनाक धमकियां भी दी गईं। यह भी कहा गया कि अवैध खनन से जुड़ी खबर प्रकाशित करने से नाराज होकर पुलिसकर्मियों ने पत्रकार को हिरासत में लिया और मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। पत्रकारों ने इस घटना को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि यदि सच्चाई उजागर करने वाले पत्रकार ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो आम जनता की आवाज कौन उठाएगा। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस तरह की घटनाएं न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन हैं, बल्कि पुलिस विभाग की साख को भी गहरा आघात पहुंचाती हैं। पत्रकार संगठन ने मांग की है कि दोनों आरोपित पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए और उनके खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, पीड़ित पत्रकार को सुरक्षा मुहैया कराते हुए निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए। ज्ञापन में प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा गया है कि यदि इस मामले में लीपापोती की कोशिश की गई या कार्रवाई में देरी हुई, तो इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब के सभी पत्रकार एकजुट होकर बड़ा आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। फिलहाल, इस मामले ने जिले की कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मौके पर प्रेस क्लब के अध्यक्ष ब्रजेश गौतम, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब के अध्यक्ष अली मुक्तेदा, महामंत्री इंतेज़ार रिजवी, संस्थापक धारा सिंह, राम किशन, मो. नौसेब, पंकज केसरवानी, धर्मेंद्र सोनकर, सतेंद्र खरे, शिव शंकर मोदनवाल, अंकित मिश्रा, अयमान अहमद, शानिराज वर्मा, मेराज शेख, मो. आबिद, एनडी तिवारी, मो. बाकर समेत अन्य पत्रकार मौजूद रहे।1