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गौ माता को राजमाता का दर्जा दिलाए जाने की मांग को लेकर यात्रा पर निकले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज का इटावा स्थित विट्ठल आश्रम पर भव्य स्वागत-सम्मान किया गया। इटावा विट्ठल आश्रम पहुंचने पर महामंडलेश्वर शिवम जी महाराज ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज की आरती उतारकर उनका अभिनंदन किया।
इटावा एक्सप्रेस etawah express
गौ माता को राजमाता का दर्जा दिलाए जाने की मांग को लेकर यात्रा पर निकले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज का इटावा स्थित विट्ठल आश्रम पर भव्य स्वागत-सम्मान किया गया। इटावा विट्ठल आश्रम पहुंचने पर महामंडलेश्वर शिवम जी महाराज ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज की आरती उतारकर उनका अभिनंदन किया।
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- गौ माता को राजमाता का दर्जा दिलाए जाने की मांग को लेकर यात्रा पर निकले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज का इटावा स्थित विट्ठल आश्रम पर भव्य स्वागत-सम्मान किया गया। इटावा विट्ठल आश्रम पहुंचने पर महामंडलेश्वर शिवम जी महाराज ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज की आरती उतारकर उनका अभिनंदन किया।1
- ज्योतिषपीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की 'गविष्टि यात्रा' शनिवार को इटावा पहुंची। गोरखपुर से प्रारंभ हुई इस 81 दिवसीय यात्रा के इटावा आगमन पर सनातन प्रेमियों, गौरक्षा कार्यकर्ताओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिनमें विशेष उत्साह देखने को मिला। मुख्य कार्यक्रम में पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए गौ संरक्षण, गौ संवर्धन और सनातन संस्कृति के संरक्षण पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने समाज से गौ सेवा और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम का समापन श्रद्धालुओं के आभार और गौ संरक्षण के संकल्प के साथ हुआ, जिसमें क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।1
- उत्तर प्रदेश के इटावा जनपद के थाना सिविल लाइन क्षेत्र में पुलिस लाइन के बास्केटबॉल मैदान में सिपाही अजीत यादव ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस और फोरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची और निरीक्षण करने के बाद मृतक सिपाही के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सिपाही अजीत यादव कानपुर देहात के निवासी थे और साल 2005 में पुलिस विभाग में भर्ती हुए थे। मृतक सिपाही के परिजनों के अनुसार, आत्महत्या के कारणों का अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है। अजीत यादव अपनी पत्नी और बच्चों के साथ पुलिस लाइन में ही रहते थे। मृतक सिपाही अजीत यादव के भाई अरविंद यादव, जो स्वयं पुलिस विभाग में दरोगा के पद पर इटावा में ही तैनात हैं, ने बताया कि आज सुबह अजीत ने बास्केटबॉल मैदान में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या के पीछे के कारणों का अभी तक कोई खुलासा नहीं हो सका है।3
- जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का सैफई पहुंचने पर पूरे सैफई परिवार और क्षेत्रवासियों द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। इस अवसर पर समाजवादी परिवार के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुष्प वर्षा, माल्यार्पण और पारंपरिक सम्मान के साथ उनका अभिनंदन किया। इस भव्य स्वागत समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जहाँ शंकराचार्य जी ने धर्म, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के दौरान पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला और लोगों ने उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर शिवपाल सिंह यादव सहित सैफई परिवार के कई सदस्य एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।1
- 108 दिवसीय गौमाता रक्षा भ्रमण यात्रा के तहत जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का सैफई, इटावा में भव्य आगमन हुआ, जहाँ हजारों श्रद्धालुओं और सैफईवासियों ने उनका अभिनंदन किया। पुरुषोत्तम माह के अवसर पर मैनपुरी की सांसद एवं सपा सुप्रीमो श्री अखिलेश यादव की धर्मपत्नी श्रीमती डिम्पल यादव, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव श्री शिवपाल सिंह यादव और बदायूं के सांसद श्री आदित्य यादव सहित अनेक प्रमुख हस्तियाँ इस स्वागत में शामिल हुईं। कार्यक्रम के दौरान डिम्पल यादव और शिवपाल सिंह यादव ने पूरे विधि-विधान के साथ आरती उतारकर पूजा-अर्चना की और जगद्गुरु शंकराचार्य से आशीर्वाद प्राप्त किया। अपने संबोधन में शंकराचार्य जी ने गौसेवा के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सभी धर्मप्रेमियों से गौमाता की सेवा करने का आह्वान करते हुए कहा कि गाय भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की आधारशिला है। उन्होंने सरकार से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने पर विचार करने की अपील भी की, ताकि भविष्य में गौमाता पर होने वाले अत्याचारों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। सैफई के अलावा, इटावा जनपद में भी जगह-जगह गौरक्षक कार्यकर्ताओं, सनातन धर्म प्रेमियों और श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा और माल्यार्पण कर जगद्गुरु शंकराचार्य का उत्साहपूर्ण स्वागत किया। इस यात्रा के दौरान धार्मिक और सामाजिक संगठनों में विशेष उत्साह देखने को मिला, जो सनातन धर्म में जगद्गुरु शंकराचार्य के सर्वोच्च आध्यात्मिक स्थान और उनके आगमन को लेकर श्रद्धालुओं की गहरी श्रद्धा को दर्शाता है।4
- कॉकरोच जनता पार्टी के अध्यक्ष और मुख्य अतिथि अभिजीत को एयरपोर्ट से बाहर निकलते हुए देखा गया। वे बाबासाहेब की एक किताब अपने साथ लेकर जंतर मंतर की ओर जा रहे थे।1
- अमेरिका-ईरान तनाव के कारण संभावित ऊर्जा संकट को देखते हुए देश में ईंधन बचाने की चर्चाएं तेज़ हो गई हैं। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से पेट्रोलियम उत्पादों का संयमित उपयोग करने की अपील की है। विभिन्न जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों द्वारा भी ईंधन बचत का संदेश देने के लिए प्रतीकात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। इटावा में, गौ माता को "राष्ट्रीय माता" का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर देशभर में भ्रमण कर रहे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के आगमन पर, उनके साथ चल रहे वाहनों के बड़े काफिले को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों का कहना है कि जब देश ऊर्जा संरक्षण का संदेश दे रहा है, तब सार्वजनिक जीवन से जुड़े प्रमुख व्यक्तियों को भी ऐसे प्रयासों में सहभागिता दिखानी चाहिए। आलोचकों ने यह भी कहा है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद समय-समय पर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी की नीतियों पर मुखर टिप्पणी करते रहे हैं, ऐसे में ऊर्जा बचत संबंधी अपील के संदर्भ में उनके यात्रा प्रबंधन पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद या उनके प्रतिनिधियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक और सामाजिक विश्लेषकों का मानना है कि ऊर्जा संरक्षण जैसे विषयों पर सभी वर्गों और प्रभावशाली व्यक्तियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है और सार्वजनिक संदेश तथा व्यवहार में सामंजस्य बनाए रखना जनजागरूकता के लिए आवश्यक है।1
- ज्योतिषपीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की 'गविष्टि यात्रा' शनिवार को इटावा पहुंची, जहां सनातन प्रेमियों, गौरक्षा कार्यकर्ताओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। गोरखपुर से प्रारंभ हुई यह 81 दिवसीय गविष्टि यात्रा के इटावा आगमन पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिससे पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। मुख्य कार्यक्रम के दौरान, पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए गौ संरक्षण, गौ संवर्धन और सनातन संस्कृति के संरक्षण पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने समाज से गौ सेवा और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान भी किया। यह कार्यक्रम श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करने और गौ संरक्षण के संकल्प के साथ समाप्त हुआ। इस आयोजन में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सक्रिय रूप से सहभागिता की।1