बांदा पुलिस ने पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जुआ खेल रहे तीन अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कोतवाली नगर पुलिस द्वारा देर रात गश्त के दौरान मुखबिर की सूचना पर की गई। पुलिस ने डिंगवाही गांव में नाले के पास छापेमारी कर हार-जीत की बाजी लगाकर जुआ खेल रहे इन तीनों लोगों को मौके से पकड़ा। मौके से 68,350 रुपये नकद, ताश के पत्ते और तीन मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान महेश कुमार उर्फ पुत्र धनीराम, निवासी छावनी, कोतवाली नगर बांदा; राजकिशोर पुत्र रामसेवक, निवासी करछा, थाना मटौंध बांदा; और बैजनाथ पुत्र सुखदेव, निवासी डाडीपुरवा महोखर, कोतवाली देहात बांदा के रूप में हुई है। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने बताया कि जनपद में अपराध और अपराधियों पर नियंत्रण के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है, और जुआ-सट्टा जैसी अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
बांदा पुलिस ने पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जुआ खेल रहे तीन अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कोतवाली नगर पुलिस द्वारा देर रात गश्त के दौरान मुखबिर की सूचना पर की गई। पुलिस ने डिंगवाही गांव में नाले के पास छापेमारी कर हार-जीत की बाजी लगाकर जुआ खेल रहे इन तीनों लोगों को मौके से पकड़ा। मौके से 68,350 रुपये नकद, ताश के पत्ते और तीन मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान महेश कुमार उर्फ पुत्र धनीराम, निवासी छावनी, कोतवाली नगर बांदा; राजकिशोर पुत्र रामसेवक, निवासी करछा, थाना मटौंध बांदा; और बैजनाथ पुत्र सुखदेव, निवासी डाडीपुरवा महोखर, कोतवाली देहात बांदा के रूप में हुई है। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने बताया कि जनपद में अपराध और अपराधियों पर नियंत्रण के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है, और जुआ-सट्टा जैसी अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
- जनपद बांदा के थाना बदौसा क्षेत्र के ग्राम चंदौर के पास एक भीषण सड़क हादसे में तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस मामले में क्षेत्राधिकारी यातायात सौरभ सिंह ने जानकारी देते हुए पुष्टि की है कि चंदौर के पास हुई इस सड़क दुर्घटना में तीन व्यक्तियों की मृत्यु हुई है। पुलिस बल घटनास्थल पर मौजूद है और हादसे के कारणों की गहनता से जांच की जा रही है। जांच प्रक्रिया के तहत, पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और घटना से संबंधित उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है। फिलहाल मृतकों की शिनाख्त की जा रही है और दुर्घटना में शामिल वाहनों के संबंध में भी आधिकारिक जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने मृतकों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है, और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई जारी है। सीओ ट्रैफिक सौरभ सिंह ने आम जनता से अपील की है कि सड़क पर वाहन चलाते समय यातायात नियमों का सख्ती से पालन करें और तेज रफ्तार से बचें, ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।4
- बांदा के बदौसा थाना क्षेत्र में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर हुए एक सड़क हादसे में बाइक सवार तीन युवकों की मौत हो गई। इस हादसे की जानकारी मिलने पर पुलिस, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटना में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने मृत युवकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। सदर क्षेत्राधिकारी सौरभ सिंह ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस के अनुसार, बाइक सवार युवक तेज रफ्तार में थे और सामने चल रहे एक अज्ञात वाहन से टकरा गए, जिससे यह हादसा हुआ।1
- बांदा पुलिस ने पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जुआ खेल रहे तीन अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कोतवाली नगर पुलिस द्वारा देर रात गश्त के दौरान मुखबिर की सूचना पर की गई। पुलिस ने डिंगवाही गांव में नाले के पास छापेमारी कर हार-जीत की बाजी लगाकर जुआ खेल रहे इन तीनों लोगों को मौके से पकड़ा। मौके से 68,350 रुपये नकद, ताश के पत्ते और तीन मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान महेश कुमार उर्फ पुत्र धनीराम, निवासी छावनी, कोतवाली नगर बांदा; राजकिशोर पुत्र रामसेवक, निवासी करछा, थाना मटौंध बांदा; और बैजनाथ पुत्र सुखदेव, निवासी डाडीपुरवा महोखर, कोतवाली देहात बांदा के रूप में हुई है। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने बताया कि जनपद में अपराध और अपराधियों पर नियंत्रण के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है, और जुआ-सट्टा जैसी अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।1
- बुंदेलखंड की तपती धरती पर खनन सिर्फ बालू और पत्थर निकालने का काम नहीं रह गया है, बल्कि यह ताकत, दबंगई और कानून को चुनौती देने का मैदान भी बन गया है। बांदा जिले के गिरवा थाना क्षेत्र की बहादुरपुर-श्योढ़ा खदान से सामने आए एक ताजा मामले ने पुलिस और प्रशासन पर कई असहज सवाल खड़े किए हैं। ग्राम सेमरी धाम निवासी खदान कर्मचारी अर्पित सिंह, पुत्र देवेंद्र सिंह, ने आरोप लगाया है कि 13 जून की दोपहर लगभग 1:30 बजे खदान संख्या 300/316 में ड्यूटी के दौरान अभिनव सिंह, जीतू सिंह, शुभम, अनिल कुमार, राकेश, राजू और उनके अन्य साथियों ने खदान पहुंचकर उन पर दबाव बनाया। आरोप है कि वे बिना रॉयल्टी और भुगतान के अपनी गाड़ी लोड करवाना चाहते थे। जब पीड़ित अर्पित ने इसका विरोध किया, तो विवाद बढ़ गया और उसके साथ कथित तौर पर लाठी-डंडों तथा लोहे की रॉड से मारपीट की गई। अर्पित सिंह का आरोप है कि हमले में उसे गंभीर चोटें आईं और मारपीट के दौरान उसकी सोने की चेन तथा करीब एक लाख रुपये नकद भी छीन लिए गए। घटना के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। पीड़ित का यह भी दावा है कि पूरी घटना खदान में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है और उसके पास मोबाइल फोन पर मिली धमकियों के साक्ष्य भी मौजूद हैं। यदि पीड़ित के आरोप सही हैं, तो यह केवल एक कर्मचारी पर हमला नहीं, बल्कि खनन क्षेत्र में नियमों और राजस्व व्यवस्था को लागू करने का दावा करने वाली कानून व्यवस्था को खुली चुनौती है। इससे यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या अब खदानों में नियमों की जगह दबंगों की शर्तें चलेंगी और क्या सरकारी रॉयल्टी तथा वैधानिक प्रक्रिया से ऊपर कुछ लोगों की मनमर्जी खड़ी हो गई है। सबसे गंभीर प्रश्न यह है कि जब पीड़ित मेडिकल परीक्षण, सीसीटीवी फुटेज और धमकियों के कथित साक्ष्य होने की बात कह रहा है, तब भी अब तक मुकदमा दर्ज न होने की चर्चा क्यों हो रही है। सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल होने के बाद भी यदि कार्रवाई स्पष्ट दिखाई नहीं देती, तो स्वाभाविक रूप से लोगों के मन में संदेह पैदा होता है। कानून की ताकत उसकी निष्पक्षता और त्वरित कार्रवाई में निहित होती है। लेकिन जब एक घायल व्यक्ति न्याय की गुहार लगा रहा हो और प्रशासनिक मशीनरी की ओर से ठोस कार्रवाई की तस्वीर सामने न आए, तो यह स्थिति आम नागरिक के विश्वास को कमजोर करती है। यह सवाल केवल अर्पित सिंह का नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति का है जो यह भरोसा रखता है कि कानून सबके लिए बराबर है। हालांकि, न्याय का तकाजा यह भी है कि किसी को दोषी ठहराने से पहले पुलिस निष्पक्ष जांच करे और सभी पक्षों की बात सुने। लेकिन निष्पक्ष जांच का अर्थ निष्क्रियता नहीं होता। यदि आरोप झूठे हैं तो सच्चाई सामने आनी चाहिए, और यदि आरोप सही हैं तो दोषियों पर ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए जो कानून के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत करे। अब निगाहें गिरवा थाना पुलिस और जिला प्रशासन पर टिकी हैं। जनता यह जानना चाहती है कि वायरल वीडियो, मेडिकल परीक्षण और कथित साक्ष्यों के बीच सच्चाई क्या है और न्याय की प्रक्रिया आखिर किस दिशा में बढ़ रही है। क्योंकि जब खदान में लाठियां बोलें, वीडियो गवाही दे और व्यवस्था खामोश दिखाई दे, तब सवाल केवल एक घटना पर नहीं, पूरी व्यवस्था पर उठते हैं।1
- हमीरपुर में विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर शनिवार को जिला चिकित्सालय पुरुष में एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी अभिषेक गोयल और पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक ने स्वयं रक्तदान किया, और उनके साथ कुल 19 लोगों ने रक्त दान कर समाज को मानवता का संदेश दिया। यह कार्यक्रम स्वास्थ्य विभाग और रेडक्रॉस सोसाइटी के सहयोग से आयोजित हुआ। जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने इस अवसर पर कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है, क्योंकि एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है। उन्होंने सभी स्वस्थ नागरिकों से नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करने की अपील की। पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक ने भी रक्तदान कर लोगों को प्रेरित करते हुए इसे सामाजिक जिम्मेदारी के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं और सेवा भाव का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। कार्यक्रम में आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर.एस. प्रजापति ने रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह सुरक्षित प्रक्रिया है और इससे कोई शारीरिक कमजोरी नहीं आती, उन्होंने अधिक से अधिक लोगों को इस पुनीत कार्य में शामिल होने का आह्वान किया। इस अवसर पर विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं, नियमित रक्तदाताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में "वन ड्रॉप ऑफ ह्यूमैनिटी, गिव ब्लड सेव लाइफ" का संदेश देते हुए स्वैच्छिक रक्तदान को जनआंदोलन बनाने पर विशेष जोर दिया गया। रक्तदान करने वाले अन्य प्रमुख व्यक्तियों में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राकेश कुमार, रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव मनीष शुक्ल, सभापति जयप्रकाश त्रिपाठी, अवधेश पालीवाल, सत्य प्रकाश सैनी, अनिल द्विवेदी, और वहीद खान शामिल थे। कार्यक्रम में चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों, रेडक्रॉस सोसाइटी के पदाधिकारियों, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।1
- हमीरपुर जिले के मौदहा में घरेलू कलह के चलते एक व्यक्ति अपने मासूम बेटे को लेकर पानी की टंकी पर चढ़ गया। पत्नी से विवाद के बाद उसने यह खौफनाक कदम उठाया, जिसमें उसने बच्चे को टंकी से नीचे फेंकने का भी प्रयास किया, जिससे मौके पर भारी हड़कंप मच गया। यह घटना मौदहा कोतवाली क्षेत्र के सिचौली पुरवा मोड़ स्थित पानी की टंकी पर हुई। सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी राजकुमार पांडे और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुँची। घंटों की कड़ी मशक्कत और सूझबूझ के बाद पुलिस ने पिता और पुत्र दोनों को सुरक्षित नीचे उतार लिया। पुलिस की तत्परता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। इस दौरान घटना स्थल पर ग्रामीणों और राहगीरों की भारी भीड़ मौजूद रही।1
- जिले में लगभग 26 बालू खदानें वैध रूप से संचालित हो रही हैं, लेकिन इसके बावजूद लगभग सौ अवैध खदानें भी पूरी तरह से सक्रिय हैं। स्थिति यह है कि वैध खदानों में भी नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।1
- बांदा के पावर हाउस लेवर चौराहे पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जहाँ एक चार पहिया वाहन और एक बैटरी रिक्शा के बीच जोरदार टक्कर हुई। यह टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि चार पहिया वाहन के एयरबैग तक खुल गए, वहीं बैटरी रिक्शा का अगला हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे की चपेट में एक मोटरसाइकिल भी आ गई, जो घटनास्थल पर क्षतिग्रस्त हालत में मिली। घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस और स्थानीय लोग तुरंत राहत कार्य में जुट गए। इस भीषण सड़क हादसे के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। फिलहाल, इस दुर्घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है और मामले की जांच जारी है।4