मोहन सरकार के दावों की खुली पोल: गोपत नदी का सीना छलनी, माफिया के आगे 'सिस्टम' नतमस्तक। >सिंगरौली एसपी मनीष खत्री की चुप्पी पर उठे सवाल; जियावन पुलिस और रेत सिंडिकेट की जुगलबंदी से सरकार की साख पर बट्टा,— सी न्यूज़ विशेष | देवसर (सिंगरौली) प्रदेश की मोहन सरकार एक ओर जीरो टॉलरेंस की नीति का दावा कर रही है, वहीं सिंगरौली जिले के देवसर क्षेत्र में यह दम तोड़ती नजर आ रही है। जियावन थाना क्षेत्र की कुंदवार चौकी अंतर्गत संण्डा गौशाला के पास बहने वाली गोपत नदी इन दिनों रेत माफियाओं के लिए 'सोने की खदान' बन गई है। हैरानी की बात यह है कि पुलिस कप्तान मनीष खत्री से लेकर स्थानीय एसडीओपी तक को सूचना होने के बावजूद कार्रवाई कागजों तक सिमटी हुई है। पुलिस की 'मूक सहमति' या बड़ी सांठगांठ? स्थानीय ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि अवैध रेत के इस काले कारोबार को पुलिस का खुला संरक्षण प्राप्त है। सूत्रों की मानें तो: चौकी प्रभारी रामजी त्रिपाठी और देवसर एसडीओपी गायत्री तिवारी को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी गईं। • कार्रवाई न होना इस बात की तस्दीक करता है कि खाकी और माफिया के बीच 'तालमेल' गहरा है। • नदी के घाटों से लेकर अवैध भंडारण केंद्रों तक माफिया का राज है, जहाँ पुलिस की गाड़ी पहुँचने से पहले ही सूचना लीक हो जाती है। रात ढलते ही 'अभिनेष' सिंडिकेट का आतंक। क्षेत्र में चर्चा है कि इस पूरे अवैध नेटवर्क की कमान अभिनेष सिंह नामक युवक के हाथ में है। रात के अंधेरे में महिंद्रा युवो ट्रैक्टरों का एक बड़ा काफिला गोपत नदी में उतरता है। यह सिंडिकेट इतना रसूखदार है कि अवैध रेत की सप्लाई सरकारी और निजी दोनों प्रोजेक्ट्स में बेखौफ की जा रही है: १. सरकारी काम में सेंध: पीएम आवास योजना के तहत बनने वाले घरों में अवैध रेत खपाई जा रही है। २. ठेकेदारी में खेल: एलटी (L&T) कंपनी द्वारा निर्माणाधीन पानी की टंकियों में भी इसी अवैध रेत का उपयोग खुलेआम हो रहा है। पर्यावरण की बलि, ग्रामीणों में भारी आक्रोश। लगातार हो रहे अवैध उत्खनन से गोपत नदी का अस्तित्व खतरे में है। जलस्तर नीचे जा रहा है और नदी के किनारे कट रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि, "एक तरफ सीएम मोहन यादव पर्यावरण बचाने की बात करते हैं, दूसरी तरफ उनके अधिकारी माफिया के साथ बैठकर चाय पी रहे हैं।" "माफिया और अधिकारियों की इस जुगलबंदी ने शासन के इकबाल को खत्म कर दिया है। अगर जल्द ही एसपी मनीष खत्री ने कड़े कदम नहीं उठाए, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।" > — स्थानीय ग्रामीण (देवसर क्षेत्र) सी न्यूज़ संवाददाता के तीखे सवाल: • सवाल 1: क्या एसपी मनीष खत्री को अपने मातहतों की इस 'निष्क्रियता' की जानकारी नहीं है? • सवाल 2: जब ट्रैक्टरों के काफिले सड़कों पर दौड़ते हैं, तो पेट्रोलिंग टीम को वे नजर क्यों नहीं आते? • सवाल 3: जियावन पुलिस और एसडीओपी पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? प्रशासनिक रुख: इस मामले में जब जिम्मेदार अधिकारियों से पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो हमेशा की तरह 'जांच जारी है' का रटा-रटाया जवाब मिला। अब देखना यह है कि मोहन सरकार का डंडा इन रेत चोरों और उनके मददगारों पर कब चलता है।
मोहन सरकार के दावों की खुली पोल: गोपत नदी का सीना छलनी, माफिया के आगे 'सिस्टम' नतमस्तक। >सिंगरौली एसपी मनीष खत्री की चुप्पी पर उठे सवाल; जियावन पुलिस और रेत सिंडिकेट की जुगलबंदी से सरकार की साख पर बट्टा,— सी न्यूज़ विशेष | देवसर (सिंगरौली) प्रदेश की मोहन सरकार एक ओर जीरो टॉलरेंस की नीति का दावा कर रही है, वहीं सिंगरौली जिले के देवसर क्षेत्र में यह दम तोड़ती नजर आ रही है। जियावन थाना क्षेत्र की कुंदवार चौकी अंतर्गत संण्डा गौशाला के पास बहने वाली गोपत नदी इन दिनों रेत माफियाओं के लिए 'सोने की खदान' बन गई है। हैरानी की बात यह है कि पुलिस कप्तान मनीष खत्री से लेकर स्थानीय एसडीओपी तक को सूचना होने के बावजूद कार्रवाई कागजों तक सिमटी हुई है। पुलिस की 'मूक सहमति' या बड़ी सांठगांठ? स्थानीय ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि अवैध रेत के इस काले कारोबार को पुलिस का खुला संरक्षण प्राप्त है। सूत्रों की मानें तो: चौकी प्रभारी रामजी त्रिपाठी और देवसर एसडीओपी गायत्री तिवारी को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी गईं। • कार्रवाई न होना इस बात की तस्दीक करता है कि खाकी और माफिया के बीच 'तालमेल' गहरा है। • नदी के घाटों से लेकर अवैध भंडारण केंद्रों तक माफिया का राज है, जहाँ पुलिस की गाड़ी पहुँचने से पहले ही सूचना लीक हो जाती है। रात ढलते ही 'अभिनेष' सिंडिकेट का आतंक। क्षेत्र में चर्चा है कि इस पूरे अवैध नेटवर्क की कमान अभिनेष सिंह नामक युवक के हाथ में है। रात के अंधेरे में महिंद्रा युवो ट्रैक्टरों का एक बड़ा काफिला गोपत नदी में उतरता है। यह सिंडिकेट इतना रसूखदार है कि अवैध रेत की सप्लाई सरकारी और निजी दोनों प्रोजेक्ट्स में बेखौफ की जा रही है: १. सरकारी काम में सेंध: पीएम आवास योजना के तहत बनने वाले घरों में अवैध रेत खपाई जा रही है। २. ठेकेदारी में खेल: एलटी (L&T) कंपनी द्वारा निर्माणाधीन पानी की टंकियों में भी इसी अवैध रेत का उपयोग खुलेआम हो रहा है। पर्यावरण की बलि, ग्रामीणों में भारी आक्रोश। लगातार हो रहे अवैध उत्खनन से गोपत नदी का अस्तित्व खतरे में है। जलस्तर नीचे जा रहा है और नदी के किनारे कट रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि, "एक तरफ सीएम मोहन यादव पर्यावरण बचाने की बात करते हैं, दूसरी तरफ उनके अधिकारी माफिया के साथ बैठकर चाय पी रहे हैं।" "माफिया और अधिकारियों की इस जुगलबंदी ने शासन के इकबाल को खत्म कर दिया है। अगर जल्द ही एसपी मनीष खत्री ने कड़े कदम नहीं उठाए, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।" > — स्थानीय ग्रामीण (देवसर क्षेत्र) सी न्यूज़ संवाददाता के तीखे सवाल: • सवाल 1: क्या एसपी मनीष खत्री को अपने मातहतों की इस 'निष्क्रियता' की जानकारी नहीं है? • सवाल 2: जब ट्रैक्टरों के काफिले सड़कों पर दौड़ते हैं, तो पेट्रोलिंग टीम को वे नजर क्यों नहीं आते? • सवाल 3: जियावन पुलिस और एसडीओपी पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? प्रशासनिक रुख: इस मामले में जब जिम्मेदार अधिकारियों से पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो हमेशा की तरह 'जांच जारी है' का रटा-रटाया जवाब मिला। अब देखना यह है कि मोहन सरकार का डंडा इन रेत चोरों और उनके मददगारों पर कब चलता है।
- Post by Mithilesh Kumar Yadav1
- Singrauli जब समाज बना सहारा: आर्थिक तंगी में बेटी की शादी कराई सफल, CA Manorama Shahwal1
- सबका साथ सबका विकास जय हिंद जय सिंगरौली1
- *प्रेस नोट* *जनपद सोनभद्र* *दिनांक: 26.04.2026* *🔶🔶हाईवे पर सक्रिय डीजल/स्टेपनी टायर चोरी गैंग पर सोनभद्र पुलिस का बड़ा प्रहार* *🔶🔶थाना रॉबर्ट्सगंज पुलिस द्वारा 90 लीटर चोरी का डीजल व ट्रकों के स्टेपनी टायर के साथ 03 शातिर अभियुक्त गिरफ्तार,* पुलिस अधीक्षक सोनभद्र श्री अभिषेक वर्मा के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक श्री अनिल कुमार के पर्यवेक्षण, क्षेत्राधिकारी नगर श्री रणधीर मिश्रा के नेतृत्व में जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में थाना राबर्ट्सगंज पुलिस द्वारा हाईवे पर सक्रिय डीजल चोरी करने वाले संगठित गिरोह के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही की गयी है। दिनांक 26.04.2026 को थाना रॉबर्ट्सगंज पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त एवं वांछित अभियुक्तों की तलाश में मामूर थी, तभी मुखबिर खास से सूचना प्राप्त हुई कि मु0अ0सं0 321/2026 से सम्बन्धित चोरी गया डीजल व अन्य सामान कुछ व्यक्ति टोल प्लाजा के पास झाड़ियों में छिपाकर उसकी खरीद-फरोख्त कर रहे हैं। सूचना पर तत्काल कार्यवाही करते हुए पुलिस टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 15-15 लीटर के 06 प्लास्टिक गैलनों में कुल 90 लीटर चोरी का डीजल, तीन ट्रकों के स्टेपनी टायर तथा 01 अदद ट्रक का टायर बरामद किया गया। इसके अतिरिक्त अभियुक्तों के पास से मोबाइल फोन एवं नगद धनराशि भी बरामद हुई। *पूछताछ का विवरण-* पूछताछ में अभियुक्तों द्वारा स्वीकार किया गया कि वे अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर हाईवे किनारे खड़े ट्रकों से सुनसान स्थानों पर डीजल चोरी करते हैं तथा उसे स्थानीय बाजार में बेच देते हैं। साथ ही विभिन्न ट्रकों से स्टेपनी टायर चोरी कर अवैध रूप से बेचने का कार्य भी करते हैं। अभियुक्तों ने यह भी बताया कि चोरी के दौरान पकड़े जाने की आशंका होने पर वे पत्थरों से हमला कर मौके से फरार हो जाते थे, जिससे यह गैंग एक खतरनाक एवं संगठित गिरोह के रूप में कार्य कर रहा था। अभियुक्त रमेश केशरी द्वारा चोरी के माल को कम दाम में खरीदकर बाजार में अधिक दाम पर बेचने की बात स्वीकार की गयी, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि उक्त गिरोह चोरी एवं अवैध खरीद-फरोख्त की श्रृंखला के रूप में कार्यरत था। उक्त बरामदगी एवं गिरफ्तारी के आधार पर अभियुक्तगणों के विरुद्ध मु0अ0सं0 321/2026 धारा 307, 317(2) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत विधिक कार्यवाही करते हुए चालान माननीय न्यायालय किया गया है। *गिरफ्तार अभियुक्तगण का विवरण—* 1. कान्ता पटेल पुत्र त्रिवेणी पटेल निवासी ग्राम लोढ़ी थाना रावर्ट्सगंज जनपद सोनभद्र, उम्र लगभग 45 वर्ष । 2. प्रमोद उर्फ कातिया खरवार पुत्र रमाशंकर खरवार निवासी ग्राम लोढ़ी थाना रावर्ट्सगंज जनपद सोनभद्र, उम्र लगभग 20 वर्ष । 3. रमेश केशरी पुत्र स्व0 जोगेन्द्र शाव निवासी चुर्क बाजार हाल पता घसिया बस्ती के पास थाना रावर्ट्सगंज जनपद सोनभद्र, उम्र लगभग 50 वर्ष । *बरामदगी का विवरण—* * 06 प्लास्टिक गैलन में कुल 90 लीटर चोरी का डीजल * 03 ट्रकों के स्टेपनी टायर मय टायर * 01 अदद टायर * 01 अदद मोबाइल फोन (रियलमी) * 01 अदद कीपैड मोबाइल (सैमसंग) * नगद 2001/- रूपये *गिरफ्तारी/बरामदगी करने वाली पुलिस टीम—* 01. उ0नि0 उमाशंकर यादव, (चौकी प्रभारी लोढ़ी) थाना राबर्ट्सगंज जनपद सोनभद्र। 02. उ0नि0 विनोद कुमार यादव (चौकी प्रभारी चुर्क), थाना राबर्ट्सगंज जनपद सोनभद्र। 03. हे0का0 मुन्ना सिंह यादव, थाना राबर्ट्सगंज जनपद सोनभद्र। 04. का0 राम सिंह यादव, चौकी चुर्क, थाना राबर्ट्सगंज जनपद सोनभद्र।3
- Post by Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief1
- सीधी जिले के कलेक्टर विकास मिश्रा ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरिया और झगरहा पंचायत का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने जल्द ही सेमरिया और झगरहा में जनचौपाल आयोजित कर लोगों की समस्याएं सुनने की बात कही।1
- हॉट छोरी1
- सिंगरौली। एनसीएल अमलोरी परियोजना के महाप्रबंधक कार्यालय से महज 500 मीटर की दूरी पर जंगल में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद जिम्मेदारों की सुस्ती ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक आग तेजी से फैलती गई और देखते ही देखते पेड़-पौधे धू-धू कर जलने लगे। जंगल में उठती लपटों और धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई देता रहा, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई। एक स्थानीय ग्रामीण ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर सामने लाया, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है। सबसे बड़ा सवाल—जब महाप्रबंधक कार्यालय इतनी नजदीक है, तो क्या आग की सूचना समय पर नहीं मिली? या फिर जानबूझकर अनदेखी की गई? अगर यही हाल रहा, तो कभी भी बड़ा पर्यावरणीय नुकसान या जनहानि हो सकती है। ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि एनसीएल प्रबंधन सिर्फ कागजों में सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की बातें करता है, जमीनी हकीकत कुछ और ही है। यह घटना एक बार फिर एनसीएल अमलोरी की लापरवाही को उजागर करती है, जहां जिम्मेदारी लेने के बजाय चुप्पी साध ली जाती है। अब देखना होगा—प्रबंधन जागेगा या फिर आग की तरह यह मामला भी ठंडा कर दिया जाएगा?1