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बलकासा फाटक के पास ट्रैन की चपेट में आने से युवक की मौत का मामला, तीन दिन बाद भी नहीं हुई शिनाख्त,कापरेन पुलिस मामले की जांच में जुटी। बलकासा फाटक के पास ट्रैन की चपेट में आने से युवक की मौत का मामला, तीन दिन बाद भी नहीं हुई शिनाख्त,कापरेन पुलिस मामले की जांच में जुटी।
Nitin Babar Journalist
बलकासा फाटक के पास ट्रैन की चपेट में आने से युवक की मौत का मामला, तीन दिन बाद भी नहीं हुई शिनाख्त,कापरेन पुलिस मामले की जांच में जुटी। बलकासा फाटक के पास ट्रैन की चपेट में आने से युवक की मौत का मामला, तीन दिन बाद भी नहीं हुई शिनाख्त,कापरेन पुलिस मामले की जांच में जुटी।
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- महंगाई और तेल के बढ़ते दामों के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, गैस सिलेंडर को पहनाई माला #kota #कोटा #गैस #सिलेंडर #कांग्रेस1
- अम्बेडकरनगर ब्यूरो उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ (हाफ एनकाउंटर) अब अपनी एक खास वजह से चर्चा का विषय बनी हुई है। यह चर्चा एनकाउंटर की नहीं, बल्कि पुलिस की 'जादुई' कार्यकुशलता और दरोगा जी की 'कम्प्यूटरीकृत' याददाश्त की है। मशीन फेल, दरोगा जी पास मुठभेड़ के बाद जब पुलिस ने आरोपी की तलाशी ली, तो उसकी जेबों से बरामदगी का सिलसिला शुरू हुआ। जैसे ही नोटों की गड्डी बाहर आई, मौके पर मौजूद दरोगा जी ने बिना किसी देरी के, बिजली की रफ्तार से ऐलान कर दिया—"कुल 128 नोट हैं!" वहां मौजूद लोग इस बात से हैरान थे कि जिस रद्दी और मुड़े-तुड़े नोटों को गिनने में बैंक की मशीनें भी वक्त लेती हैं, उसे दरोगा जी ने पलक झपकते ही कैसे सटीक गिन लिया। कैमरे पर 'कबूलनामा' और रटी-रटाई कहानी हैरत का सिलसिला यहीं नहीं थमा। आमतौर पर पुलिसिया पूछताछ में समय लगता है, लेकिन यहां मामला बिल्कुल 'फास्ट ट्रैक' पर था: ऑन-कैमरा कन्फेशन: पुलिस ने आरोपी से कैमरे के सामने ही सब कुछ उगलवा लिया। नपा-तुला जवाब: आरोपी को यह बखूबी याद था कि कौन सी चेन किसकी है, मोबाइल किसका है और पैसे कहां से आए। जुबान पर रटा हिसाब: बरामदगी की एक-एक चीज का विवरण पुलिस की जुबान पर इस तरह था, जैसे पहले से ही कोई स्क्रिप्ट तैयार की गई हो। चर्चा का विषय: सोशल मीडिया और स्थानीय गलियारों में लोग अब इसे 'हाइपर-एफिशिएंट' पुलिसिंग का नाम दे रहे हैं, जहां जांच और नतीजे साथ-साथ चलते हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने जिले में पुलिस की कार्यशैली पर एक नई बहस छेड़ दी है। लोग चुटकी ले रहे हैं कि अगर पुलिस इतनी ही तेज रही, तो जिले से अपराध का सफाया होने में देर नहीं लगेगी।1
- धर्मेंद्र राठौड़ के पुत्र की सगाई में जैसे ही राजेंद्र गुढ़ा नजर आए, अशोक गहलोत मुस्कुराते हुए बोले- लाल डायरी: पीछे खड़े धर्मेंद्र राठौड़ ने भी चुटकी लेते हुए कहा- अपनी सरकार बचाने वाले भी यही हैं... विधानसभा चुनाव में लाल डायरी काफी फेमस हुई थी...1
- ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने ली विकास कार्यों की मैराथन बैठक लापरवाही पर दी सख्त चेतावनी, पेयजल और सड़कों के लिए दिए विशेष निर्देश विकास कार्यों की समीक्षा की, समयबद्ध गुणवत्तापूर्ण निर्माण के दिए निर्देश कोटा, 12 मार्च। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने गुरुवार को इन्द्र विहार स्थित अपने आवास पर विभिन्न सरकारी विभागों के उच्चाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, शिक्षा विभाग, समग्र शिक्षा अभियान (समसा), जिला परिषद्, पंचायत समिति, सार्वजनिक निर्माण विभाग और जल संसाधन विभाग के अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। बैठक के दौरान मंत्री नागर ने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ फील्ड में रहकर मॉनिटरिंग करने और कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए पाबंद किया। बैठक के दौरान ऊर्जा मंत्री ने सांगोद के सौंदर्यकरण और पर्यटन की दृष्टि से एक बड़ा निर्देश दिया। उन्होंने सांगोद नगर पालिका अधिशासी अधिकारी ईओ को निर्देशित किया कि उजाड़ नदी के किनारे रिवर फ्रंट विकसित करने के लिए उपयुक्त जगह की तलाश शुरू करें। उन्होंने कहा कि रिवर फ्रंट बनने से न केवल शहर की सुंदरता बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय लोगों को भ्रमण और मनोरंजन के लिए एक बेहतर स्थान मिल सकेगा। इसके लिए उन्होंने जल्द से जल्द प्रस्ताव तैयार करने को कहा। *पेयजल संकट के लिए करें अग्रिम प्रबंध* आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए ऊर्जा मंत्री ने पेयजल आपूर्ति को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गर्मी में पानी की किल्लत न हो। इसके लिए अभी से व्यापक प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं। जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन के माध्यम से पानी की उपलब्धता नहीं है, वहां आवश्यकतानुसार टैंकरों से जलापूर्ति की योजना बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही, उन्होंने नए ट्यूबवेल और हैंडपंप की संभावना तलाशने की बात कही।ताकि भूजल स्रोतों का बेहतर उपयोग हो सके। मंत्री ने नौनेरा और अकावद पेयजल परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। मंत्री नागर ने जोर दिया कि सिंचाई और पीने का पानी वितरण प्रणाली के अंतिम छोर तक पहुंचना चाहिए। *समसा का चार्ज पीडब्ल्यूडी को दें* बैठक में शिक्षा विभाग और 'समसा' के कार्यों पर चर्चा करते हुए मंत्री नागर ने एक बड़ा प्रशासनिक निर्देश दिया। उन्होंने जिला कलेक्टर से बात कर 'समसा' के निर्माण कार्यों का चार्ज सार्वजनिक निर्माण विभाग को सौंपने की प्रक्रिया पर चर्चा की। ताकि निर्माण की गुणवत्ता और गति में सुधार हो सके। उन्होंने क्षेत्र के जर्जर स्कूलों और सरकारी भवनों की सूची तत्काल तैयार करने के निर्देश दिए ताकि केंद्र और राज्य सरकार को मरम्मत एवं नए निर्माण हेतु प्रस्ताव भेजे जा सकें। इसके अलावा, उन्होंने सड़कों के निर्माण में तकनीकी सुधार की बात करते हुए कहा कि ग्रेवल की जगह 'जीएस' का उपयोग किया जा सकता है। *विकास कार्यों में हो जनभागीदारी* ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य करते समय स्थानीय ग्रामीणों को भी शामिल करें। ग्रामीणों से उनकी प्राथमिकता पूछकर ही प्रोजेक्ट तैयार किए जाएं। ताकि सरकारी धन का सही उपयोग हो सके। फसल कटाई के सीजन को देखते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि जो विकास कार्य या सड़कों का काम फसलों की वजह से रुका हुआ था, उन्हें अब तत्काल प्रभाव से शुरू किया जाए। खेतों के रास्तों और ग्रामीण सड़कों के सुदृढ़ीकरण एवं नवीनीकरण के लिए उन्होंने 'जीरामजी' के माध्यम से भी नए प्रोजेक्ट्स की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा। *आगजनी से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड की तैनाती के निर्देश दिए* आगामी ग्रीष्म ऋतु में आगजनी की घटनाओं की आशंका को देखते हुए ऊर्जा मंत्री ने जन सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने चीफ फायर ऑफिसर राकेश व्यास को कड़े निर्देश दिए कि सांगोद, कनवास, बपावर, देवली, दीगोद और सिमलिया जैसे प्रमुख केंद्रों पर तुरंत फायर ब्रिगेड (दमकल) की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। मंत्री नागर ने कहा कि ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में आग लगने पर दूर से दमकल आने में समय लगता है। जिससे भारी नुकसान होता है। ऐसे में इन क्षेत्रों में दमकल की तैनाती से त्वरित राहत मिल सकेगी। *गैस संकट पर विपक्ष को जवाब* बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए मंत्री हीरालाल नागर ने देश में चल रही गैस की किल्लत पर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि यह एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की समस्या है। जिसका समाधान निकालने के लिए केंद्र सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष केवल भ्रम फैलाने का काम कर रहा है। जबकि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत हर चुनौती का सामना करने के लिए सक्षम है। उन्होंने आश्वस्त किया कि गैस की वैकल्पिक व्यवस्था कर ली गई है और कहीं भी बड़ी कमी नहीं होने दी जाएगी। विशेष रूप से कोटा के हॉस्टल्स में गैस सप्लाई न रोकने के भी निर्देश दिए गए हैं। ताकि स्टूडेंट्स को परेशानी न हों।2
- कम बजट में भव्य शादी का सपना पूरा करे अजरा इलेक्ट्रॉनिक फर्नीचर शोरूम, कोटा कोटा। शादी के मौसम को खास और यादगार बनाने के लिए अजरा इलेक्ट्रॉनिक फर्नीचर शोरूम, कोटा की ओर से शानदार और किफायती शादी पैकेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सीमित बजट में उच्च गुणवत्ता वाले इलेक्ट्रॉनिक और फर्नीचर आइटम्स अब एक ही जगह पर मिलेंगे। शोरूम द्वारा ग्राहकों को 100 किलोमीटर तक फ्री होम डिलीवरी की सुविधा दी जा रही है। यानी गाड़ी का किराया पूरी तरह मुफ्त रहेगा और सामान सीधे आपके घर तक सुरक्षित पहुंचाया जाएगा। अजरा इलेक्ट्रॉनिक फर्नीचर शोरूम की खास बात यह है कि यहां उपलब्ध सभी इलेक्ट्रॉनिक सामान पर वारंटी व गारंटी दी जा रही है, वहीं फर्नीचर पर 5 साल तक की वारंटी उपलब्ध है। ग्राहक शोरूम पर आकर पहले सामान देख सकते हैं, गुणवत्ता से संतुष्ट होने के बाद ही खरीदारी कर सकते हैं। कम बजट, भरोसेमंद गुणवत्ता और फ्री डिलीवरी जैसी सुविधाओं के चलते यह शादी पैकेज शहरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। संपर्क करें: 📞 6378168686, 9251178686 👉 शादी की खरीदारी हो या घर सजाने का सपना—अजरा इलेक्ट्रॉनिक फर्नीचर शोरूम, कोटा पर जरूर आएं और शानदार ऑफर्स का लाभ उठाएं।1
- Post by VKH NEWS1
- महंगाई और तेल के बढ़ते दामों के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, गैस सिलेंडर को पहनाई माला कोटा के केशवपुरा चौराहे पर आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महंगाई और बढ़ते तेल के दामों के विरोध में प्रदर्शन किया। एससी कांग्रेस के प्रदेश सचिव पारस वर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सरकार का पुतला दहन किया। इस दौरान शहर जिलाध्यक्ष राखी गौतम ने गैस सिलेंडर को माला पहनाकर प्रतीकात्मक श्रद्धांजलि दी और कहा कि सिलेंडर अब आम आदमी की पहुंच से दूर हो गया है। प्रदर्शन में कई कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। #सिलेंडर #kotanews #rajasthannews #कांग्रेस #राखीगौतम1
- महज 21 साल की उम्र में श्मशान घाट में सोने से लेकर भारत के सबसे बड़े क्रिकेट सितारों को प्रशिक्षण देने तक - यह राघवेंद्र द्विवेदी की अविश्वसनीय यात्रा है। हुबली में क्रिकेट के सपने को साकार करने की कोशिश कर रहे एक युवा लड़के के लिए, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। आज, उनकी 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से फेंकी गई गेंदें ईशान किशन और अभिषेक शर्मा जैसे खिलाड़ियों को विश्व स्तर के लिए तैयार करने में मदद करती हैं। भारतीय क्रिकेट के एक गुमनाम नायक, रघु यह साबित करते हैं कि कभी-कभी सबसे बड़े चैंपियन पर्दे के पीछे रहने वाले लोग होते हैं। [क्रिकेट प्रेरणा, रघु क्रिकेट थ्रोडाउन विशेषज्ञ, टीम इंडिया प्रैक्टिस नेट, प्रेरणादायक क्रिकेट कहानी, भारत ने टी20 विश्व कप जीता]1
- 387 वें दिन भी जारी रहा जेके मजदूरों का धरना कोटा। जेके सिंथेटिक फैक्ट्री के पूर्व मजदूरों का अनिश्चित कालीन धरना गुरुवार को 387वें दिन भी जिला कलेक्ट्रेट गेट पर जारी रहा। सीटू के बैनर तले चल रहे इस संघर्ष में सैकड़ों मजदूर, महिलाएं और समर्थक शामिल हैं। मजदूरों की मुख्य मांग 28 वर्ष पुराना बकाया वेतन 18 प्रतिशत ब्याज सहित भुगतान करवाना है, जिसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने 2023 में फैसला दिया था, लेकिन राजस्थान सरकार अभी तक इसका पालन नहीं कर रही है। 28 वर्ष पुराना संघर्ष और सुप्रीम कोर्ट का फैसला 1997 में जेके सिंथेटिक फैक्ट्री के मालिक ने बिना मजदूरों का बकाया वेतन दिए अचानक फैक्ट्री बंद कर दी थी। इससे 4200 मजदूर बेरोजगार हो गए और परिवारों के पालन-पोषण में गंभीर संकट पैदा हो गया। लंबे संघर्ष के दौरान सैकड़ों मजदूरों की असमय मृत्यु भी हो गई। सीटू सहित मजदूर यूनियनों ने लगातार धरने, प्रदर्शन और कानूनी लड़ाई लड़ी। वर्ष 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने मजदूरों के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। कोर्ट ने राजस्थान सरकार को आदेश दिया कि फैक्ट्री की 227.17 एकड़ जमीन अधिग्रहण कर मजदूरों का बकाया वेतन (18% ब्याज सहित) भुगतान किया जाए व बंद फैक्ट्री को पुनः चालू कर मजदूरों को रोजगार दिलाया जाए। जमीन अधिग्रहण के 8 माह बाद भी भुगतान नहीं धरने के दबाव में सरकार ने 24 जून 2025 को फैक्ट्री की जमीन अधिग्रहण कर ली और इसे कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) को सौंप दिया। लेकिन अधिग्रहण के 8 माह बीत जाने के बाद भी मजदूरों को एक पैसा बकाया वेतन नहीं मिला है। इससे मजदूरों और महिलाओं में आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। ज्ञापन सौंपा आश्वासन मिला लेकिन कार्रवाई नहीं बुधवार को मजदूर प्रतिनिधि मंडल ने केडीए के मुख्य प्रबंधक को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधि मंडल में सीपीआई(एम) जिला सचिव कामरेड हबीब खान, सीटू जिला महामंत्री कामरेड उमाशंकर सहित अन्य नेता शामिल थे। मुख्य प्रबंधक ने आश्वासन दिया कि सरकार से जल्द भुगतान के आदेश जारी होंगे और वे भी कार्यवाही कर रहे हैं। मजदूर नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो जिले भर से मजदूर, किसान, महिलाएं, छात्र और नौजवान सड़कों पर उतरेंगे तथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरने पर मौजूदगी, प्रदर्शन और संबोधन सीटू मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि धरने पर यूनियन रजिस्टर में 870 मजदूरों ने उपस्थिति दर्ज कराई, जिसमें सैकड़ों महिलाएं शामिल हैं। धरने को कामरेड हबीब खान, उमाशंकर, नरेंद्र सिंह, कालीचरण सोनी, केदार जोशी, गोपाल शर्मा, अली मोहम्मद, अशोक सिंह ने संबोधित किया। धरने का संचालन कामरेड अशोक सिंह ने किया। इस दौरान मानव श्रृंखला बनाकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शन में कामरेड मोहम्मद मंसूरी, सतीश चंद त्रिवेदी, सीताराम, लक्ष्मीकांत वाजपेई, मलखान सिंह यादव, महिला नेता रेशमा देवी, कैलाशी बाई, राजकुमारी, राजू वर्मा, जाहिदा बानो, नजमा बेगम, बानोबी सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे। मजदूर नेताओं की चेतावनी मजदूर नेताओं ने कहा कि एक साल से अधिक समय से कलेक्ट्रेट गेट पर मानव श्रृंखला और धरना चल रहा है। सरकार यदि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी जारी रखती है तो आंदोलन और उग्र होगा।4