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मध्य प्रदेश के दतिया जिले के अंतर्गत आने वाले जिगना गाँव में आयोजित चुनावी चौपाल के दौरान सरकारी सिस्टम की असल सच्चाई उजागर हुई है। इस चौपाल में साफ तौर पर यह बात सामने आई है कि इस सरकार के राज में बिना पैसे दिए कोई भी काम नहीं होता है। यहाँ इकट्ठा हुए लोगों के बीच सरकारी तंत्र की इस बदहाली और बिना पैसे के काम न होने की कड़वी सच्चाई खुलकर सामने आई है।
Lakshya News
मध्य प्रदेश के दतिया जिले के अंतर्गत आने वाले जिगना गाँव में आयोजित चुनावी चौपाल के दौरान सरकारी सिस्टम की असल सच्चाई उजागर हुई है। इस चौपाल में साफ तौर पर यह बात सामने आई है कि इस सरकार के राज में बिना पैसे दिए कोई भी काम नहीं होता है। यहाँ इकट्ठा हुए लोगों के बीच सरकारी तंत्र की इस बदहाली और बिना पैसे के काम न होने की कड़वी सच्चाई खुलकर सामने आई है।
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- दतिया के रावतपुरा गांव में चुनावी माहौल को लेकर लक्ष्य न्यूज़ की टीम ने खास चर्चा की है। इस बातचीत के दौरान गांव में हुए विकास और वहां की अन्य स्थानीय परिस्थितियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई है, जिसे लक्ष्य न्यूज़ पर देखा जा सकता है।1
- झाँसी में एक लापता छात्र का शव खेत के एक कुएं में मिला है। छात्र का शव मिलने के बाद उसके परिजनों ने पुलिस पर इस मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।1
- दतिया के भाजपा कार्यालय में मोदी जी के हमशक्ल एक व्यक्ति से मुलाकात हुई, जो यहाँ होने जा रहे उप चुनाव में लोगों के बीच आकर्षण का मुख्य केंद्र बने हुए हैं। इस दौरान राजकुमार कुशवाह ने मोदी जी के इस हमशक्ल व्यक्ति से मुलाकात की। इस मुलाकात के अवसर पर मोदी जी के हमशक्ल से सवाल-जवाब भी किए गए।1
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 1,76,000 नौकरियों के लिए और पिछड़ा वर्ग के समर्थन में लाखों युवाओं ने मैदान में उतरकर 20 जुलाई 2026 को विधानसभा का घेराव किया। इस विशाल प्रदर्शन को भीम आर्मी और जयस आदिवासी संगठन का भी पूरा समर्थन मिला, जिसके बाद भारी संख्या में युवा अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए। ओबीसी महासभा की अगुवाई में हुए इस घेराव के दौरान तीन प्रमुख मांगें प्रमुखता से उठाई गईं, जिनमें 13% होल्ड हटाने, 27% आरक्षण लागू करने और पिछड़ा वर्ग की जातिगत जनगणना करवाकर उसके आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग शामिल है। आंदोलन के दौरान 'ओबीसी महासभा जिंदाबाद' के नारे गूंजते रहे, जिसमें राष्ट्रीय कर कमेटी, कार्यकारी जिला अध्यक्ष, जिला मीडिया ओबीसी महासभा पिछड़ा वर्ग, एससी और एसटी मध्य प्रदेश की सक्रिय भागीदारी रही।1
- उत्तर प्रदेश के कानपुर में रेलवे पुलिस ने ट्रेनों में जबरन वसूली करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत पुलिस ने ट्रेनों में जबरन वसूली करने वाले 9 किन्नरों को गिरफ्तार कर लिया है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक समेत छात्रों के विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रख्यात शिक्षक, वैज्ञानिक और एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के आमरण अनशन और प्रस्तावित संसद मार्च के समर्थन में आम आदमी पार्टी ने उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में पैदल मार्च निकाला। इसी कड़ी में झांसी में जिला अध्यक्ष अरशद खान के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने गांधी उद्यान पर एकत्रित होकर कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार तक जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। इस आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन में आम जनमानस ने भी जुड़कर सक्रिय भागीदारी निभाई और 'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो', 'पेपर लीक बंद करो' और 'सोनम वांगचुक संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं' जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष अरशद खान ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मशहूर शिक्षाविद सोनम वांगचुक पिछले 21 दिनों से जंतर-मंतर पर अनशन पर थे, ताकि NEET पेपर लीक के कारण मानसिक तनाव झेल रहे छात्रों को न्याय मिल सके और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपना इस्तीफा दें। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने बेशर्मी का लबादा ओढ़ रखा है और अपने नकारा शिक्षा मंत्री को बचाने के लिए सोनम वांगचुक जैसे वैज्ञानिक की जान को भी दांव पर लगा दिया। पिछले 21 दिनों के संघर्ष के बाद भी प्रधानमंत्री ने उनसे बात करना तो दूर, उनके लिए एक ट्वीट तक नहीं किया। प्रांतीय उपाध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने कहा कि 21 दिनों से अनशन के कारण कमजोर हो चुके सोनम वांगचुक को पुलिस ने जबरन उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया, ताकि उनके 'संसद मार्च' के आंदोलन को खत्म किया जा सके। वहीं, महानगर अध्यक्ष ग्यादीन कुशवाहा ने 18 जुलाई को लोकतंत्र के लिए काला दिन बताते हुए कहा कि डॉक्टरों के भेष में आई पुलिस ने सोनम वांगचुक को चादर में लपेट कर उठा लिया और शांति से प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज किया। इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी ने राष्ट्रपति महोदय को ज्ञापन सौंपकर तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है। पार्टी ने मांग की है कि देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत इस्तीफा दें, सोनम वांगचुक और युवाओं पर हुए लाठीचार्ज व जबरन कार्रवाई की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून बने और जंतर-मंतर जैसी जगहों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के संवैधानिक अधिकार की रक्षा की जाए। इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से प्रांतीय सचिव पुत्तू सिंह कुशवाहा, सचिन साहू, चौधरी परवेज, अब्दुल रहमान, रविन्द्र रायकवार, तुलसीदास कुशवाहा, सीमा कुशवाहा, भाग्यलक्ष्मी अय्यर, रिजवान खान सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- दतिया जिले में अवैध रेत परिवहन पर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े के निर्देश पर जिला प्रशासन और खनिज विभाग की टीम ने चिरगांव रोड पर औचक निरीक्षण करते हुए अवैध रेत व डस्ट का परिवहन कर रहे दो ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया है। इस कार्रवाई के दौरान हाईवे से गुजरने वाले डंपरों और अन्य वाहनों की भी सघन जांच की गई। खनिज विभाग द्वारा जब्त किए गए दोनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को भांडेर थाना पुलिस की अभिरक्षा में सौंप दिया गया है। जिला खनिज अधिकारी के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के बाद सोमवार दोपहर 02 बजे प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।1
- मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में चुनाव प्रचार तेज हो गया है, जिसके तहत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. गोविंद सिंह दतिया पहुंचे। उन्होंने जिला न्यायालय परिसर में जाकर अधिवक्ताओं से मुलाकात की और कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह के पक्ष में मतदान करने की अपील की। डॉ. गोविंद सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए योग्य और जनहित में कार्य करने वाले प्रतिनिधि का चुनाव आवश्यक है। उन्होंने अधिवक्ताओं से कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देने और अधिक से अधिक मतदान करने की अपील की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की राजनीतिक स्थिति और स्थानीय मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। इस प्रचार के बाद अब बड़ा सवाल यह है कि क्या डॉ. गोविंद सिंह की यह अपील दतिया उपचुनाव में कांग्रेस के पक्ष में माहौल बना पाएगी। इसका जवाब मतदान के दिन और चुनाव परिणामों में ही देखने को मिलेगा।1
- जालौन के कालपी में सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन ने मौके पर अवैध रूप से बनी इमारत को पूरी तरह से तोड़ दिया है।1