गरोठ-भानपुरा क्षेत्र के ग्राम खेड़खेड़ा भाट के ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गांव में विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की अपील की है। उनका कहना है कि गांव के विकास और मूलभूत सुविधाओं जैसे सड़क, पेयजल, नाली निर्माण, साफ-सफाई, बिजली व्यवस्था और शिक्षा की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन आज भी कई समस्याएं अनसुलझी हैं। ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2018 में मतदान के दौरान भी उन्होंने अपनी समस्याओं को उठाया था। उस समय अधिकारियों ने जनगणना प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया था। हालांकि, कई साल बीत जाने के बाद भी ग्रामीणों को अब तक किसी ठोस समाधान का इंतजार है। ग्रामीण बताते हैं कि उनके गांव ने हमेशा क्षेत्र के विकास में योगदान दिया है, और वे हर चुनाव में जागरूक होकर मतदान करते हुए क्षेत्र के विकास की उम्मीद रखते हैं। ग्रामीणों का मानना है कि गांव के विकास से ही पूरे क्षेत्र का विकास संभव है, और समय पर योजनाओं का लाभ मिलने से उन्हें बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तथा युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। उन्होंने गरोठ-भानपुरा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने और खेड़खेड़ा भाट की समस्याओं को प्राथमिकता से हल करने की मांग की है। उनकी स्पष्ट मांग है कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाले विकास कार्य चाहिए। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि आने वाले समय में उनके गांव की समस्याओं पर ध्यान दिया जाएगा और खेड़खेड़ा भाट को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा।
गरोठ-भानपुरा क्षेत्र के ग्राम खेड़खेड़ा भाट के ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गांव में विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की अपील की है। उनका कहना है कि गांव के विकास और मूलभूत सुविधाओं जैसे सड़क, पेयजल, नाली निर्माण, साफ-सफाई, बिजली व्यवस्था और शिक्षा की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन आज भी कई समस्याएं अनसुलझी हैं। ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2018 में मतदान के दौरान भी उन्होंने अपनी समस्याओं को उठाया था। उस समय अधिकारियों ने जनगणना प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया था। हालांकि, कई साल बीत जाने के बाद भी ग्रामीणों को अब तक किसी ठोस समाधान का इंतजार है। ग्रामीण बताते हैं कि उनके गांव ने हमेशा क्षेत्र के विकास में योगदान दिया है, और वे हर चुनाव में जागरूक होकर मतदान करते हुए क्षेत्र के विकास की उम्मीद रखते हैं। ग्रामीणों का मानना है कि गांव के विकास से ही पूरे क्षेत्र का विकास संभव है, और समय पर योजनाओं का लाभ मिलने से उन्हें बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तथा युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। उन्होंने गरोठ-भानपुरा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने और खेड़खेड़ा भाट की समस्याओं को प्राथमिकता से हल करने की मांग की है। उनकी स्पष्ट मांग है कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाले विकास कार्य चाहिए। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि आने वाले समय में उनके गांव की समस्याओं पर ध्यान दिया जाएगा और खेड़खेड़ा भाट को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा।
- झालावाड़ पर्यटन विकास समिति ने आज जल दुर्ग गागरोन को विश्व सूची में शामिल हुए 13 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में दुर्ग परिसर में एक गोष्ठी का आयोजन किया। इस अवसर पर समिति के संयोजक ओम पाठक ने बताया कि जल दुर्ग गागरोन का ऐतिहासिक और गौरवशाली इतिहास रहा है, और यह सदियों से पर्यटन का मुख्य केंद्र रहा है। उन्होंने दुर्ग की अद्भुत विशेषता पर प्रकाश डाला कि यह विशाल दुर्ग बिना नींव के चट्टानों पर अडिग खड़ा है, जिसके कारण 21 जून 2013 को इसे विश्व विरासत में शामिल किया गया था। पाठक ने विभागीय लापरवाही पर चिंता व्यक्त की, जिसके कारण समिति के प्रयासों से आवंटित बजट का योजनाबद्ध तरीके से सदुपयोग नहीं हो सका। समिति द्वारा प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के फलस्वरूप नदी पर दो पुलियों का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिनके बनने के बाद पर्यटक पूरे 12 महीने सुगमता से दुर्ग आ सकेंगे। समिति ने दुर्ग को और आकर्षक बनाने के लिए ऊंट सवारी, दुर्ग के अंदर एक संग्रहालय गैलरी और पर्यटकों को लुभाने वाले कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया। गोष्ठी में समिति के उपाध्यक्ष और इतिहासकार ललित शर्मा ने जल दुर्ग गागरोन के गौरवशाली इतिहास का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने बताया कि इस दुर्ग का निर्माण 12वीं सदी में हुआ था, जहां दो जौहर और 14 युद्ध हुए हैं। इसकी प्राकृतिक संरचना के कारण यह विश्व प्रसिद्ध है, और यूनेस्को की टीम इसे देखकर मंत्रमुग्ध हो गई थी, जिसके परिणामस्वरूप इसे 21 जून 2013 को विश्व विरासत में शामिल किया गया। शर्मा ने सुझाव दिया कि जिला प्रशासन को दुर्ग में कैफेटेरिया जैसी सुविधाएं विकसित करनी चाहिए, जिससे इसका सौंदर्य और पर्यटन अधिक विकसित हो सके। उन्होंने शासक प्रताप राव का भी उल्लेख किया, जिन्होंने राज-पाट छोड़कर भक्ति मार्ग अपनाया और संत पीपा जी के नाम से भक्ति की अलख जगाई। उन्हीं के वंशज अचल दास खींची गागरोन के ख्याति प्राप्त शासक हुए। उन्होंने यह भी बताया कि दुर्ग में आदमी की बोली बोलने वाले राय तोते विश्व प्रसिद्ध हैं। समिति के सदस्य डॉ. नंद सिंह राठौड़ ने गागरोन दुर्ग में स्थित सभी देवालयों में मूर्ति स्थापना और पूजा-अर्चना की मांग की, जिससे पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो सके। एक अन्य सदस्य भगवती प्रकाश मेहर ने झालावाड़ जल दुर्ग के प्रचार-प्रसार के लिए बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन सहित सभी सार्वजनिक स्थलों पर दुर्ग के इतिहास की जानकारी वाले पोस्ट लगाने का सुझाव दिया। गोष्ठी के बाद, समिति के सदस्यों ने दुर्ग गागरोन का अवलोकन किया और उपस्थित पर्यटकों को इससे संबंधित जानकारी प्रदान की।4
- सुसनेर के बड़ा खेड़ा रोड स्थित ईदगाह (कब्रिस्तान) में अज्ञात चोरों द्वारा बोरिंग मोटर की लगभग 100 फीट केबल चोरी किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना ने चोरों के बुलंद हौसलों को उजागर किया है, जिससे इलाके में चिंता का माहौल है। इस संबंध में, मुस्लिम समाज ने तत्काल थाना सुसनेर में एक आवेदन प्रस्तुत कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत मिलने के बाद, पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है।1
- यह घोषणा की गई है कि गौ माता से संबंधित १६ एकड़ भूमि को जिन लोगों ने कथित रूप से हड़पा है, वे कभी फलीभूत नहीं हो पाएंगे। इस संदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि ऐसी भूमि का अधिग्रहण करने वालों को इसका कोई शुभ फल प्राप्त नहीं होगा।1
- एक विशेष रिपोर्ट में यह गहरा प्रश्न उठाया गया है कि यदि वे लोग ही सुरक्षित नहीं हैं जिनके लिए हम कमा रहे हैं, तो ऐसी कमाई का क्या अर्थ। यह सवाल सीधे तौर पर व्यक्ति के अपने अस्तित्व से जुड़ा है।1
- नगर परिषद सीएमओ शर्मा ने नरबदिया नाले का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सफाई मेटों को नालों में सफाई करने के निर्देश दिए।1
- सुसनेर में, मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) हरिओम शर्मा ने नरबदिया क्षेत्र में चल रहे नाले की सफाई के कार्य का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्होंने सफाई कार्य से जुड़े मेटों को सख्त निर्देश जारी किए।1
- रामप्रसाद धनगर गुर्जर तोलाखेड़ी चंदवासा जिला मंदसौर म प्र रामप्रसाद धनगर गुर्जर तोलाखेड़ी चंदवासा1
- मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के गांधी सागर में विश्व योग दिवस को बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, पतंजलि योग समिति, गांधीसागर द्वारा शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में एक भव्य योग शिविर का आयोजन किया गया।1
- सुसनेर के नरबदिया क्षेत्र में, लगातार उठाए जा रहे जनहित के मुद्दों के बाद, सीएमओ हरिओम शर्मा ने मौके पर पहुंचकर नाला सफाई कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।1