प्रयागराज में उत्तर प्रदेश सरकार ने हाउस टैक्स बकाया चुकाने के लिए एकमुश्त समाधान (ओटीएस) योजना को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से नगर निगम के सभी 100 वार्डों के लगभग 90 हजार ऐसे भवन स्वामियों को राहत मिलेगी, जिनका गृहकर, जलकर और सीवर टैक्स बकाया है। योजना के अंतर्गत आवासीय, अनावासीय और मिश्रित श्रेणी की सभी संपत्तियां शामिल हैं। करदाता अपने लंबित बकाए का भुगतान अधिकतम तीन महीने में तीन किस्तों में कर सकेंगे, जिसमें पहली किस्त योजना लागू होने के 30 दिनों के भीतर और बाकी दो किस्तों का भुगतान अगले दो महीनों में करना होगा। यह सुविधा 1 अप्रैल 2026 तक के लंबित बकाए पर लागू है, जबकि नियमित रूप से टैक्स भरने वालों को इसका लाभ नहीं मिलेगा। योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं। करदाता प्रयागराज नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर 'Pay Property Tax Dues' विकल्प चुनकर या मोबाइल वॉलेट का उपयोग करके भुगतान कर सकते हैं। इसके अलावा 1. सरोजिनी नायडू मार्ग स्थित नगर निगम कार्यालय में ऑफलाइन भुगतान का विकल्प भी मौजूद है। योजना के तहत लाभार्थियों को सूचित करने की अवधि 15 अगस्त से 14 सितंबर तय की गई है, जबकि यह योजना 15 अगस्त से 15 दिसंबर तक लागू रहेगी। आवेदन करने की अंतिम तिथि 14 नवंबर निर्धारित है और आवेदनों का निस्तारण 15 दिनों के भीतर किया जाएगा। 15 दिसंबर तक सभी आवेदनों का अंतिम निस्तारण अनिवार्य किया गया है। नगर निगम क्षेत्र में कुल चार लाख भवन संपत्तियां हैं, और इस योजना से हजारों भवन स्वामियों को वित्तीय सहूलियत मिलने के साथ-साथ निकायों के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
प्रयागराज में उत्तर प्रदेश सरकार ने हाउस टैक्स बकाया चुकाने के लिए एकमुश्त समाधान (ओटीएस) योजना को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से नगर निगम के सभी 100 वार्डों के लगभग 90 हजार ऐसे भवन स्वामियों को राहत मिलेगी, जिनका गृहकर, जलकर और सीवर टैक्स बकाया है। योजना के अंतर्गत आवासीय, अनावासीय और मिश्रित श्रेणी की सभी संपत्तियां शामिल हैं। करदाता अपने लंबित बकाए का भुगतान अधिकतम तीन महीने में तीन किस्तों में कर सकेंगे, जिसमें पहली किस्त योजना लागू होने के 30 दिनों के भीतर और बाकी दो किस्तों का भुगतान अगले दो महीनों में करना होगा। यह सुविधा 1 अप्रैल 2026 तक के लंबित बकाए पर लागू है, जबकि नियमित रूप से टैक्स भरने वालों को इसका लाभ नहीं मिलेगा। योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं। करदाता प्रयागराज नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर 'Pay Property Tax Dues' विकल्प चुनकर या मोबाइल वॉलेट का उपयोग करके भुगतान कर सकते हैं। इसके अलावा 1. सरोजिनी नायडू मार्ग स्थित नगर निगम कार्यालय में ऑफलाइन भुगतान का विकल्प भी मौजूद है। योजना के तहत लाभार्थियों को सूचित करने की अवधि 15 अगस्त से 14 सितंबर तय की गई है, जबकि यह योजना 15 अगस्त से 15 दिसंबर तक लागू रहेगी। आवेदन करने की अंतिम तिथि 14 नवंबर निर्धारित है और आवेदनों का निस्तारण 15 दिनों के भीतर किया जाएगा। 15 दिसंबर तक सभी आवेदनों का अंतिम निस्तारण अनिवार्य किया गया है। नगर निगम क्षेत्र में कुल चार लाख भवन संपत्तियां हैं, और इस योजना से हजारों भवन स्वामियों को वित्तीय सहूलियत मिलने के साथ-साथ निकायों के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित सिविल लाइंस के पत्थर गिरजाघर पर भारतीय किसान यूनियन की ओर से "डेरा डालो, घेरा डालो किसान सम्मान महापंचायत" का आयोजन किया गया। युवा प्रदेश अध्यक्ष अनुज सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस महापंचायत में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों किसान ट्रैक्टरों के साथ पहुंचे। महापंचायत में किसानों ने खाद की उपलब्धता, ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित बिजली, स्मार्ट मीटरों की जांच, भूमि अधिग्रहण का उचित मुआवजा, आवारा पशुओं की समस्या, गौशालाओं के निर्माण, पशु चिकित्सकों की नियुक्ति और नगर निगम सीमा में शामिल गांवों से जुड़े टैक्स सहित कई प्रमुख मुद्दे उठाए। महापंचायत के बाद किसान प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन के साथ वार्ता की, जिसमें एडीएम (प्रशासन), डीसीपी और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान प्रशासन ने किसानों की मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए एक सप्ताह के भीतर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। भारतीय किसान यूनियन के युवा प्रदेश अध्यक्ष अनुज सिंह ने कहा कि यदि तय समय में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो संगठन किसानों के साथ मिलकर आगे की रणनीति बनाएगा और व्यापक आंदोलन शुरू करेगा।1
- प्रयागराज में उत्तर प्रदेश सरकार ने हाउस टैक्स बकाया चुकाने के लिए एकमुश्त समाधान (ओटीएस) योजना को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से नगर निगम के सभी 100 वार्डों के लगभग 90 हजार ऐसे भवन स्वामियों को राहत मिलेगी, जिनका गृहकर, जलकर और सीवर टैक्स बकाया है। योजना के अंतर्गत आवासीय, अनावासीय और मिश्रित श्रेणी की सभी संपत्तियां शामिल हैं। करदाता अपने लंबित बकाए का भुगतान अधिकतम तीन महीने में तीन किस्तों में कर सकेंगे, जिसमें पहली किस्त योजना लागू होने के 30 दिनों के भीतर और बाकी दो किस्तों का भुगतान अगले दो महीनों में करना होगा। यह सुविधा 1 अप्रैल 2026 तक के लंबित बकाए पर लागू है, जबकि नियमित रूप से टैक्स भरने वालों को इसका लाभ नहीं मिलेगा। योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं। करदाता प्रयागराज नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर 'Pay Property Tax Dues' विकल्प चुनकर या मोबाइल वॉलेट का उपयोग करके भुगतान कर सकते हैं। इसके अलावा 1. सरोजिनी नायडू मार्ग स्थित नगर निगम कार्यालय में ऑफलाइन भुगतान का विकल्प भी मौजूद है। योजना के तहत लाभार्थियों को सूचित करने की अवधि 15 अगस्त से 14 सितंबर तय की गई है, जबकि यह योजना 15 अगस्त से 15 दिसंबर तक लागू रहेगी। आवेदन करने की अंतिम तिथि 14 नवंबर निर्धारित है और आवेदनों का निस्तारण 15 दिनों के भीतर किया जाएगा। 15 दिसंबर तक सभी आवेदनों का अंतिम निस्तारण अनिवार्य किया गया है। नगर निगम क्षेत्र में कुल चार लाख भवन संपत्तियां हैं, और इस योजना से हजारों भवन स्वामियों को वित्तीय सहूलियत मिलने के साथ-साथ निकायों के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक विरोध प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद पूरे प्रदेश में विरोध की आग भड़क उठी है। इस गिरफ्तारी की खबर जैसे ही प्रयागराज पहुंची, समाजवादी पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता और स्थानीय नेता सिविल लाइन्स स्थित प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र सुभाष चौराहे पर एकत्रित हो गए। कार्यकर्ताओं ने मुख्य चौराहे को पूरी तरह से जाम कर दिया है और सड़क पर बैठकर उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सपा कार्यकर्ताओं के इस चक्काजाम के कारण चौराहे के चारों तरफ यातायात पूरी तरह से ठप हो चुका है। उग्र कार्यकर्ता सड़कों पर बैठकर राज्य और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। मौके पर मौजूद पुलिस प्रशासन स्थिति को संभालने और कार्यकर्ताओं को समझाने-बुझाने की कोशिशों में जुटा हुआ है, लेकिन आक्रोशित कार्यकर्ता अखिलेश यादव की रिहाई के बिना पीछे हटने को बिल्कुल तैयार नहीं हैं।1
- प्रयागराज के विकास खण्ड करछना के अंतर्गत आने वाले ग्राम सभा छोटी निरिया में एक गरीब और लाचार व्यक्ति की भूमिधरी जमीन पर भू-माफिया द्वारा अवैध कब्जा करने का मामला सामने आया है। ग्राम सभा छोटी निरिया निवासी पीड़ित उमाशंकर (पुत्र राम राज) का आरोप है कि उनकी भूमिधरी जमीन संख्या 449 की मेड़ तोड़कर भू-माफिया राजेश यादव ने अपने परिवार के लोगों रविश, रत्नेश, गणेश, दीपक और शुभ लाल के साथ मिलकर एक गिरोह बनाया और इस जमीन को अपनी जमीन में मिलाकर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। जब पीड़ित उमाशंकर ने इस अवैध कब्जे का कड़ा विरोध किया, तो भू-माफिया राजेश यादव ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और उनकी मां, बहन व बेटियों को बेहद भद्दी-भद्दी गालियां दीं। भू-माफिया के हौसले इतने बुलंद हैं कि वह पीड़ित को अपनी ही जमीन पर जोतने-बोने नहीं दे रहा है, जिससे पीड़ित परिवार को बहुत ही क्षति झेलनी पड़ रही है। इस पूरे मामले के संबंध में पीड़ित उमाशंकर ने उप जिलाधिकारी करछना से शिकायत की है। इस प्रकरण में मांग की गई है कि उच्च अधिकारी मामले को तुरंत संज्ञान में लें और त्वरित कार्रवाई करते हुए इसका निस्तारण करें ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके।3
- प्रयागराज के नैनी क्षेत्र के चाका ब्लॉक के नव नियुक्त अधीक्षक डॉ. विवेकानंद मिश्रा का स्थानीय लोगों द्वारा गर्मजोशी से भव्य स्वागत और सम्मान किया गया है। इस दौरान अमित जी एवं उनके सहयोगियों ने उन्हें फूलमालाएं पहनाकर, गुलदस्ते भेंट कर और मिठाई खिलाकर इस नई जिम्मेदारी की शुभकामनाएं दीं। सम्मान समारोह के बाद मीडिया से बातचीत में डॉ. विवेकानंद मिश्रा ने साफ कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता मरीजों को बेहतर और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना होगी। उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और विशेष रूप से महिलाओं तथा जच्चा-बच्चा की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने पर जोर दिया जाएगा ताकि किसी भी मरीज को परेशानी का सामना न करना पड़े। स्थानीय लोगों ने भी डॉ. मिश्रा के कार्यों की सराहना करते हुए उनके नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं के और बेहतर होने की उम्मीद जताई है। इस अवसर पर डॉ. संजय गौतम, श्री राम केसरवानी, अखिलेश सिंह, विजय सिंह, रंजीत यादव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।3
- उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले के कोखराज थाना क्षेत्र अंतर्गत ननमई गांव में सोमवार की रात गौवंश की हत्या कर गोमांस बेचने की सूचना मिलने के बाद माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। इस बात की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठन के कार्यकर्ता तुरंत मौके पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगे। देखते ही देखते वहां भारी संख्या में ग्रामीण भी इकट्ठा हो गए, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए कई थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी के जवानों के साथ कोखराज थानेदार तथा अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मुस्तैदी से काम लेते हुए हालात को नियंत्रित किया और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया। गांव में किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पशु चिकित्सकों की टीम को बुलाया, जिसने संदिग्ध मांस का नमूना लेकर उसे मेडिकल परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिया है। कोखराज पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि बरामद मांस किस पशु का है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और यदि गोवंश वध या किसी अन्य अवैध गतिविधि की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में शांति व्यवस्था बनी हुई है और पुलिस हर गतिविधि पर पैनी नजर रख रही है।1