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अयोध्या जिले के फैजाबाद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली रामनगरी में हुई बरसात ने विकास की पूरी पोल खोलकर रख दी है। रामनगरी के विकास पर सरकार द्वारा पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है, लेकिन सड़कों पर जलभराव की स्थिति को देखकर यह सरकार की मंशा के अनुरूप दिखाई नहीं दे रहा है। बरसात के कारण सड़कों पर इस कदर पानी भर गया है कि अब अयोध्या आने वाले लोगों के लिए तंज कसते हुए कहा जा रहा है कि यदि आप यहाँ आए हैं तो पैर धुल कर चलिए, क्योंकि सरकार ने आपके लिए सड़कों पर पानी भरकर अच्छा-खासा इंतजाम कर दिया है। बरसात के बाद सड़कों पर भरा यह पानी विकास के दावों की असलियत उजागर कर रहा है।
हलचल अयोध्या समाचार
अयोध्या जिले के फैजाबाद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली रामनगरी में हुई बरसात ने विकास की पूरी पोल खोलकर रख दी है। रामनगरी के विकास पर सरकार द्वारा पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है, लेकिन सड़कों पर जलभराव की स्थिति को देखकर यह सरकार की मंशा के अनुरूप दिखाई नहीं दे रहा है। बरसात के कारण सड़कों पर इस कदर पानी भर गया है कि अब अयोध्या आने वाले लोगों के लिए तंज कसते हुए कहा जा रहा है कि यदि आप यहाँ आए हैं तो पैर धुल कर चलिए, क्योंकि सरकार ने आपके लिए सड़कों पर पानी भरकर अच्छा-खासा इंतजाम कर दिया है। बरसात के बाद सड़कों पर भरा यह पानी विकास के दावों की असलियत उजागर कर रहा है।
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- एडीए और नगर निगम के अथक प्रयासों से रामनगरी अयोध्या में ऐसा "लबालब" विकास देखने को मिल रहा है कि एक ही बारिश में चारों तरफ पानी ही पानी नजर आने लगा है। हनुमानगढ़ी और अयोध्या धाम के हर कोने में भारी जलभराव के कारण ऐसा नजारा है मानो गंगा, यमुना और सरस्वती एक साथ मिल गई हों। जिन घरों और रास्तों पर गंदा पानी भर गया है, उसे देखकर लोग इस अनोखे विकास का पूरा आनंद ले रहे हैं। हालांकि, यह भी हिदायत दी गई है कि इस पर कोई बुराई न करे और अयोध्या को बिल्कुल भी बदनाम न किया जाए। इस कथित विकास की पोल खोलते हुए जगह-जगह सड़कों का धंसना और बड़े-बड़े गड्ढे होना भी साफ नजर आ रहा है। विभागीय आश्वासन मिलने के बाद कुछ दिनों के लिए किसी एक जगह का कल्याण जरूर हो जाता है, लेकिन बाकी इलाकों की स्थिति जस की तस बनी हुई है। इस बदहाली पर फिलहाल ज्यादा बोलना या कुछ कहना ठीक नहीं है, क्योंकि लोग खुद आकर अयोध्या के इस हाल-ए-अयोध्या को देख सकते हैं और बहुत से लोगों ने तो इसे देख भी लिया होगा।2
- अयोध्या कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला रायगंज में निजी जमीन पर बिना अनुमति के जबरन निर्माण और कब्जा करने का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि रायगंज पुलिस चौकी से महज 100 कदम की दूरी पर विपक्षी लोगों द्वारा उनकी निजी जमीन में जबरन खिड़की और दरवाजा खोला जा रहा है। इसके साथ ही वहां जबरन पाढ़ बांधकर अवैध निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इस गंभीर मामले को लेकर पीड़ित ने कई बार रायगंज चौकी में शिकायत की और 14 तारीख को सुबह 10 बजे लिखित सूचना भी दी, लेकिन शिकायतकर्ता के अनुसार पुलिस द्वारा इस शिकायत पर कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। पुलिस की ओर से कोई मदद न मिलने के कारण दबंगों द्वारा लगातार निर्माण कार्य किया जा रहा है। जब पीड़ित इस निर्माण कार्य को रोकने का प्रयास करते हैं, तो विपक्षी दबंग लोग उनके साथ गाली-गलौज करते हैं और दबंगई दिखाते हुए धमकी देते हैं कि 'जाओ जो करना है कर लो कुछ उखाड़ नहीं पाओगे'।1
- अयोध्या जिले के फैजाबाद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली रामनगरी में हुई बरसात ने विकास की पूरी पोल खोलकर रख दी है। रामनगरी के विकास पर सरकार द्वारा पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है, लेकिन सड़कों पर जलभराव की स्थिति को देखकर यह सरकार की मंशा के अनुरूप दिखाई नहीं दे रहा है। बरसात के कारण सड़कों पर इस कदर पानी भर गया है कि अब अयोध्या आने वाले लोगों के लिए तंज कसते हुए कहा जा रहा है कि यदि आप यहाँ आए हैं तो पैर धुल कर चलिए, क्योंकि सरकार ने आपके लिए सड़कों पर पानी भरकर अच्छा-खासा इंतजाम कर दिया है। बरसात के बाद सड़कों पर भरा यह पानी विकास के दावों की असलियत उजागर कर रहा है।1
- अयोध्या धाम में प्रसिद्ध अभिनेता अनुपम खेर ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास से शिष्टाचार भेंट की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रद्धा, संस्कृति और भारतीय सनातन परंपरा से जुड़ी यह भावुक मुलाकात रामनगरी की आध्यात्मिक गरिमा को और भी प्रखर करती है।1
- अयोध्या के रुदौली तहसील क्षेत्र में एक भूमि विवाद में राजस्व परिषद द्वारा जारी स्थगन आदेश का पालन न किए जाने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित ने जिलाधिकारी अयोध्या को शिकायती पत्र सौंपकर उपजिलाधिकारी रुदौली और विपक्षी दलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए न्याय की गुहार लगाई है। रुदौली तहसील के ग्राम पूरे बाबू मजरे करीमपुर निवासी पीड़ित पारस नाथ ने जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि उपजिलाधिकारी (न्यायिक) रुदौली ने 7 मार्च 2026 को एक भूमि विवाद में आदेश पारित किया था। इस आदेश के खिलाफ राजस्व परिषद में अपील दायर की गई, जिस पर परिषद ने 29 मई 2026 को स्थगन (स्टे) आदेश जारी कर दिया। प्रार्थी का आरोप है कि इस स्थगन आदेश के बावजूद उपजिलाधिकारी स्तर पर इसका अनुपालन नहीं कराया गया और विपक्षी अलगू (पुत्र रामहरक), रामकुमार, रघुवीर प्रसाद, रामेश्वर प्रसाद तथा चमरू लाल को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि स्थगन आदेश होने के बावजूद प्रार्थी के निर्माण कार्य को जबरन गिरा दिया गया, जिससे उसे भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा और उसके जानवर का भी काफी नुकसान हुआ। पीड़ित का कहना है कि विपक्षी के अधिवक्ता होने के कारण प्रशासनिक स्तर पर उनके पक्ष में एकतरफा कार्रवाई की जा रही है, जिसके चलते वह अपने हिस्से की भूमि से वंचित हो रहा है। पीड़ित ने जिलाधिकारी से मांग की है कि राजस्व परिषद के स्थगन आदेश का तत्काल अनुपालन कराया जाए और आदेश की अवहेलना करने वाले संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए।3
- अयोध्या के मिल्कीपुर अंतर्गत हैरिंग्टनगंज विकासखंड की ग्राम पंचायत जमुआ के पूरे हरिनाथपुर में अरुण कैटरर्स के घर से जमुआ नंदू का पुरवा, पाठक का पुरवा होते हुए भोजेपुर चौराहे तक जाने वाला संपर्क मार्ग इन दिनों बदहाल स्थिति में है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिनमें बरसात का पानी भर जाने से आवागमन बेहद कठिन हो गया है। जलभराव के कारण सड़क की वास्तविक स्थिति दिखाई नहीं देती, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों के अनुसार, इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, किसान, मजदूर और अन्य लोग आवागमन करते हैं। बरसात के दिनों में स्कूल जाते समय बच्चे कई बार फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे उनकी यूनिफॉर्म खराब हो जाती है और उन्हें चोटें भी आती हैं। इसके साथ ही दोपहिया वाहन चालकों को भी इस मार्ग से गुजरने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, और कई लोग गड्ढों में वाहन फंसने या फिसलने से चोटिल हो चुके हैं। रात के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, खासकर जब किसी मरीज को अस्पताल ले जाना हो, क्योंकि पानी से भरे गड्ढों का सही अंदाजा नहीं लग पाता है। लंबे समय से सड़क की मरम्मत न होने के कारण लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों विकास तिवारी, सुमित यादव, संतराम यादव, अमन तिवारी, प्रमोद यादव और मनोज यादव ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इस जर्जर संपर्क मार्ग की शीघ्र मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि क्षेत्र के ग्रामीणों, विद्यार्थियों और राहगीरों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।1
- तीर्थ स्थलों की यात्रा पर जाने वाले लोगों के लिए एक जरूरी चेतावनी और सलाह जारी की गई है। अगर आप किसी तीर्थ स्थल की यात्रा पर जा रहे हैं, तो वहां सागर या नदी में स्नान करने से पहले विशेष सावधानी बरतें। पानी में उतरने से पहले किसी स्थानीय व्यक्ति से जानकारी अवश्य लें और केवल उसी स्थान पर स्नान करें जहां घाट बना हुआ हो। पानी की गहराई का विशेष ध्यान रखें और अपनी सेहत को देखते हुए ही सुरक्षित तरीके से स्नान करें। भूलकर भी अधिक गहराई में न जाएं। अपने जीवन की सुरक्षा के बारे में सोचते हुए अपने साथ आए दोस्तों और परिवार के सदस्यों को भी गहरे पानी में जाने से रोकें। पानी के अधिक भराव वाले स्थानों और सागर या नदी में नहाने से बचें। समझदारी अपनाकर खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखें क्योंकि 'आप सुरक्षित तो घर परिवार सुरक्षित'। यह रिपोर्ट आज सुबह टाइम्स टीम लखनऊ के लाल चंद सोनी द्वारा दी गई है।1
- उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ पोस्टर वार तेज हो गया है। राम मंदिर पर सपा नेताओं के बयानों को लेकर लगाए गए इन पोस्टरों में अखिलेश यादव से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की गई है। इन पोस्टरों में मुलायम सिंह यादव, रामगोपाल यादव और शिवपाल यादव के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए राम मंदिर मुद्दे पर सपा को घेरने की कोशिश की गई है। लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर और अयोध्या समेत प्रदेश के कई जिलों में यह पोस्टर लगाए गए हैं, जिनके जरिए सपा की राम मंदिर नीति पर सवाल उठाए गए हैं। इस पोस्टर वार से प्रदेश की सियासत में हलचल काफी बढ़ गई है और राम मंदिर मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी एक बार फिर गरमा गई है। वर्ष 2027 चुनाव से पहले इस घटनाक्रम ने धार्मिक और राजनीतिक विमर्श को एक नई हवा दे दी है।1
- उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ पोस्टर वार तेज हो गया है। राम मंदिर पर सपा नेताओं के बयानों को लेकर ये पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें अखिलेश यादव से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की गई है। इन पोस्टरों में मुलायम सिंह यादव, रामगोपाल यादव और शिवपाल यादव के पुराने बयानों का विशेष रूप से जिक्र किया गया है, जिसके जरिए समाजवादी पार्टी को राम मंदिर मुद्दे पर घेरने की कोशिश की जा रही है। यह पोस्टर वार लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर और अयोध्या समेत प्रदेश के कई जिलों में फैल चुका है, जिससे राज्य की सियासत में भारी हलचल मच गई है। इन पोस्टरों के माध्यम से राम मंदिर पर समाजवादी पार्टी की नीति पर सीधे सवाल उठाए गए हैं। इस घटनाक्रम से राम मंदिर मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी एक बार फिर गरमा गई है, जिसने साल 2027 के चुनाव से पहले राज्य के धार्मिक और राजनीतिक विमर्श को एक नई हवा दे दी है।1