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बंडा के भडराना गांव में रविवार सुबह एक भालू ने गांव में घुसकर दो महिलाओं पर हमला कर दिया, जिससे वे घायल हो गईं। ग्रामीणों ने सुबह-सुबह भालू को गांव में देखा था। ग्रामीणों की आवाज सुनकर भालू भागने लगा, तभी रास्ते में जा रहीं दो महिलाओं पर उसने हमला कर दिया। ग्रामीणों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों महिलाओं को भालू से बचाया और उसे गांव से बाहर खदेड़ा। इस घटना की सूचना वन विभाग और पुलिस विभाग को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची, जिसके बाद घायल महिलाओं को बंडा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
गजेन्द्र सिंह लोधी बंडा
बंडा के भडराना गांव में रविवार सुबह एक भालू ने गांव में घुसकर दो महिलाओं पर हमला कर दिया, जिससे वे घायल हो गईं। ग्रामीणों ने सुबह-सुबह भालू को गांव में देखा था। ग्रामीणों की आवाज सुनकर भालू भागने लगा, तभी रास्ते में जा रहीं दो महिलाओं पर उसने हमला कर दिया। ग्रामीणों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों महिलाओं को भालू से बचाया और उसे गांव से बाहर खदेड़ा। इस घटना की सूचना वन विभाग और पुलिस विभाग को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची, जिसके बाद घायल महिलाओं को बंडा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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- दमोह जिले के हिंडोरिया थाना क्षेत्र में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात रेलवे ट्रैक पर एक युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाकर उसकी शिनाख्त शुरू की। पुलिस के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, आनू फाटक के पास रेलवे के पोल क्रमांक 1139/12-14 के बीच मिले अज्ञात शव को देखकर आशंका जताई गई कि युवक चलती ट्रेन से गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद प्रधान आरक्षक प्रकाश यादव ने घटनास्थल पर आवश्यक कार्रवाई की। बाद में मृतक की पहचान सिवनी जिले के मालखेड़ा निवासी 35 वर्षीय अमित पिता रसाल सिंह बंजारा के रूप में हुई। रविवार सुबह 11 बजे प्रधान आरक्षक मयूर बड़गैया और सैनिक ग्याप्रसाद दुबे ने घटनास्थल और शव परीक्षण गृह पहुँचकर पंचनामा कार्रवाई पूरी कराई। पोस्टमार्टम के उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया गया है, वहीं पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- दमोह जिला जेल में रविवार दोपहर दो बंदियों के बीच हुए विवाद के बाद हड़कंप मच गया। इस विवाद के दौरान, एक एचआईवी पॉजिटिव बंदी ने कथित तौर पर दूसरे बंदी को नाखून मार दिया। घटना के तुरंत बाद, जेल प्रशासन द्वारा घायल बंदी को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। जिला अस्पताल में उपचार मिलने के बाद, डॉक्टरों ने उसे आगे के इलाज के लिए सागर आईआरटीसी रेफर कर दिया है।1
- बीना (सागर) के जे.पी. थर्मल पावर प्लांट सिरचौंपी में पावर प्लांट के चेयरमेन गौतम अडाणी के जन्मदिवस के अवसर पर बुधवार, 24 जून 2026 को "रक्त-क्रांति रक्तदान शिविर-76" का सफल आयोजन किया गया। सरदार पटेल स्कूल के सभागार में आयोजित इस शिविर में कुल 305 रक्तदाताओं ने निस्वार्थ भाव से रक्तदान किया, जिससे 305 यूनिट रक्त संग्रहित हुआ। इस शिविर का आयोजन जेपी थर्मल पावर प्लांट प्रबंधन और अडाणी फाउंडेशन द्वारा सिविल अस्पताल बीना, जिला अस्पताल सागर, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर के डॉक्टरों व स्टाफ, स्वास्थ्य सेवा संगठन बीना, समन्वय मंडपम एवं अन्य समाजसेवी संगठनों के सहयोग से किया गया। शिविर का शुभारंभ वाइस प्रेसिडेंट बी के पांडा, पावर प्लांट स्टेशन प्रमुख हरीश पांडे, एचआर प्रमुख प्रवीण कुमार सिन्हा, जिला अस्पताल सागर के आपातकालीन चिकित्सा अधिकारी डॉ वीरेन्द्र सिंह ठाकुर, ब्लड बैंक प्रभारी डॉ महेश जैन, डॉ अतुल जैन और स्वास्थ्य सेवा संगठन अध्यक्ष मनीष सिंघई ने मां सरस्वती के पूजन व माल्यार्पण के साथ किया। रक्तदान काउंसलर प्रीती जैन, लैब टेक्नीशियन रवि बोथ, सहायक पुष्पा कोरी, कंपाउंडर राममणि, सत्यजीत ठाकुर, जसवंत डब्बू सेन सहित पैरामेडिकल स्टाफ ने रक्तदाताओं से रक्तदान करवाया। उल्लेखनीय है कि बीना में जून 2018 से हर माह की 1 तारीख को सिविल अस्पताल बीना में "रक्त-क्रांति" रक्तदान शिविर लगातार आयोजित किए जा रहे हैं। अब तक कुल 76 शिविरों में 2804 यूनिट से अधिक रक्त का रक्तदान किया जा चुका है। इसी अवसर पर आयोजित "रक्त-क्रांति सम्मान अलंकरण-66" कार्यक्रम में मनीष सिंघई को 106वीं बार रक्तदान करने के लिए "रक्त-क्रांति शतक रक्तवीर सम्मान" से सम्मानित किया गया, जबकि पावर प्लांट कर्मचारी आराधना शर्मा को "रक्त-वीरांगना" सम्मान प्रदान किया गया। डॉ वीरेन्द्र सिंह ठाकुर ने सिविल अस्पताल बीना की फीडिंग डेमोंस्ट्रेटर आरिफा बी को "उत्कृष्ट महिला सुरक्षा सम्मान", रक्तदाता कमल स्क्वायर को "उत्कृष्ट सुरक्षा सम्मान" और संस्कृत शिक्षक राहुल फुसकेले जैन को "उत्कृष्ट जीव-रक्षा सम्मान" प्रदान किए। जिला अस्पताल सागर एवं बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर द्वारा अडाणी फाउंडेशन जेपी पावर प्लांट सिरचौंपी बीना को "उत्कृष्ट समाजसेवा सम्मान" दिया गया, जिसे एचआर प्रमुख प्रवीण कुमार सिन्हा एवं कार्यक्रम समन्वयक पुष्पेन्द्र दांगी ठाकुर ने समस्त स्टाफ के साथ ग्रहण किया। शिविर में पावर प्लांट स्टेशन प्रमुख हरीश पांडे, मनीष सिंघई, आराधना शर्मा, राहुल फुसकेले जैन सहित अमित सरकारी, अरूण भास्कर, विवेक खरे, विशाल गौरव, राजा राजपूत, अमरपाल भारद्वाज, पुष्पेन्द्र दांगी, शुभम शुक्ला, कृष्णकांत मौर्या आदि 305 रक्तदाताओं ने अपना योगदान दिया। डॉ वीरेन्द्र सिंह ठाकुर ने सभी योग्य और सक्षम समाजसेवी जनों से अपील की कि वे अपने जन्मदिन, सालगिरह या खुशी के अवसरों पर रक्तदान शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों से रक्तदान करवाएं। उनका कहना था कि यह रक्त खून की कमी वाली गर्भवती माताओं और कुपोषित बच्चों को समय पर मिल सकेगा, जिससे उनकी जान बचाई जा सकेगी। कार्यक्रम के अंत में मानव प्रबंधन प्रमुख प्रवीण कुमार सिन्हा एवं पुष्पेन्द्र दांगी ने सभी राजनेताओं, कार्यकर्ताओं, समाजसेवियों, कर्मचारियों और रक्तदाताओं का हार्दिक आभार व्यक्त किया, "रक्त-क्रांति - सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित भविष्य" के संदेश के साथ।1
- बीना के बारधा गांव के पास शुक्रवार देर रात हुए एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जिसके बाद सिविल अस्पताल में परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर समय पर डॉक्टर उपलब्ध न होने और इलाज में घोर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए। जानकारी के अनुसार, आदर्श उर्फ सुल्तान कुर्मी (25) और माधव लोधी (30) बीना से बाजार कर अपने गांव लौट रहे थे। बारधा गांव के पास शराब दुकान के सामने सड़क किनारे खड़े दोनों युवकों को खुरई की ओर से आए एक तेज रफ्तार अज्ञात डंपर ने टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल बीना सिविल अस्पताल लाया गया, जहाँ इलाज के दौरान आदर्श की मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल माधव को सागर रेफर किया गया है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में ड्यूटी पर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था, और यदि समय पर इलाज मिलता तो आदर्श की जान बचाई जा सकती थी। इसी बात पर परिजन और ग्रामीण आक्रोशित होकर अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन करने लगे। स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब 108 एम्बुलेंस के आने में करीब डेढ़ घंटे की देरी का पता चला। नाराज भीड़ ने बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल के साथ अभद्रता की और उन पर हमला करने की कोशिश भी की, जिसके बाद डॉ. अग्रवाल को खुद को एक कमरे में बंद करना पड़ा। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अनूप यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और लोगों को समझाकर मामले को शांत कराया। कुछ देर बाद विधायक निर्मला सप्रे और भाजपा के अन्य पदाधिकारी भी अस्पताल पहुँचे, जहाँ उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया। विधायक सप्रे ने बीना के अस्पताल को केवल रेफर सेंटर बनकर रह जाने की आलोचना की और बताया कि क्षेत्र में 100 बिस्तरों वाला अस्पताल शुरू कराने के प्रयास जारी हैं। वहीं, बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने अपनी ओर से स्पष्ट किया कि घायल आदर्श की अस्पताल पहुँचने से पहले ही मौत हो चुकी थी। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात डंपर चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।1
- बीना के चंद्रशेखर वार्ड में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, भारत-ओमान रिफाइनरी क्षेत्र में लागू नो डेवलपमेंट जोन (NDZ) को किसानों के लिए एक बड़ी मुसीबत और 'काला कानून' बताया गया। किसान नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने सरकार से NDZ नियम को तत्काल समाप्त करने की मांग की, चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आमजन के सहयोग से एक व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। इस दौरान, वक्ताओं ने NDZ को किसानों के हितों के विरुद्ध और अन्यायपूर्ण करार दिया। सौरभ अचवल ने आरोप लगाया कि रिफाइनरी के 5 किलोमीटर दायरे में NDZ लागू होने से किसानों और आम नागरिकों के विकास पर रोक लग गई है, जबकि रिफाइनरी और अन्य कंपनियों के निर्माण कार्य निर्बाध रूप से जारी हैं। उन्होंने क्षेत्रीय विकास नियंत्रण समिति में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल न करने पर सवाल उठाते हुए इसे स्थानीय लोगों की आवाज दबाने जैसा बताया। पूर्व मंडी अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि NDZ नियम से 52 गांवों के हजारों किसान और परिवार प्रभावित हो रहे हैं, और इस कानून को तुरंत खत्म करने की मांग की। पूर्व जनपद अध्यक्ष इंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि किसान इस दोहरी मार झेल रहे हैं, वे न अपने घर का विस्तार कर पा रहे हैं और न ही अपनी जमीन का बेहतर उपयोग। अमर प्रताप सिंह ने NDZ को किसानों के अधिकारों का हनन बताया, जबकि शिवकुमार सिंह ठाकुर ने किसानों के साथ भेदभाव की बात कहते हुए आंदोलन को और व्यापक बनाने की चेतावनी दी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्थानीय युवाओं को रिफाइनरी में रोजगार देने का मुद्दा भी उठा, जिस पर नेताओं ने कहा कि फिलहाल NDZ उनका मुख्य विषय है, लेकिन भविष्य में रोजगार का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। इस आयोजन में सौरभ अचवल, इंदर सिंह ठाकुर, लोकेंद्र सिंह, अमर प्रताप सिंह, आशुतोष तिवारी, शिव कुमार सिंह, लक्ष्मण ठाकुर, कैलाश ठाकुर, जितेंद्र सिंह ठाकुर सहित कई किसान नेता, जनप्रतिनिधि और समाजसेवी मौजूद रहे।4
- दमोह विधानसभा के ग्रामीण मंडल अभाना अंतर्गत आने वाले अथाई गाँव में रविवार सुबह 11 से 12 बजे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 135वें संस्करण का सामूहिक श्रवण किया गया। बूथ क्रमांक 281 पर आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्व वित्त मंत्री और दमोह विधायक जयंत मलैया मुख्य रूप से शामिल हुए। इस अवसर पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना। विधायक जयंत मलैया ने 'मन की बात' को देशवासियों को प्रेरित करने वाला एक महत्वपूर्ण मंच बताया, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से प्रधानमंत्री के संदेशों को आम जनता तक पहुँचाने और उन्हें अपने व्यवहार में उतारने का आह्वान किया। कार्यक्रम में रमन खत्री, दान सिंह, अजय सिंह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- दमोह जिले के नोहटा थाना क्षेत्र के ग्राम माला बमोरी में आकाशीय बिजली गिरने से एक बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में पांच लोग इसकी चपेट में आ गए। सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने एक व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया। वहीं, चार अन्य घायलों का उपचार अभी भी जारी है। स्थानीय लोगों की मदद से गंभीर रूप से प्रभावित सभी पांचों पीड़ितों को जिला अस्पताल ले जाया गया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।1