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बीना के चंद्रशेखर वार्ड में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, भारत-ओमान रिफाइनरी क्षेत्र में लागू नो डेवलपमेंट जोन (NDZ) को किसानों के लिए एक बड़ी मुसीबत और 'काला कानून' बताया गया। किसान नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने सरकार से NDZ नियम को तत्काल समाप्त करने की मांग की, चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आमजन के सहयोग से एक व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। इस दौरान, वक्ताओं ने NDZ को किसानों के हितों के विरुद्ध और अन्यायपूर्ण करार दिया। सौरभ अचवल ने आरोप लगाया कि रिफाइनरी के 5 किलोमीटर दायरे में NDZ लागू होने से किसानों और आम नागरिकों के विकास पर रोक लग गई है, जबकि रिफाइनरी और अन्य कंपनियों के निर्माण कार्य निर्बाध रूप से जारी हैं। उन्होंने क्षेत्रीय विकास नियंत्रण समिति में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल न करने पर सवाल उठाते हुए इसे स्थानीय लोगों की आवाज दबाने जैसा बताया। पूर्व मंडी अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि NDZ नियम से 52 गांवों के हजारों किसान और परिवार प्रभावित हो रहे हैं, और इस कानून को तुरंत खत्म करने की मांग की। पूर्व जनपद अध्यक्ष इंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि किसान इस दोहरी मार झेल रहे हैं, वे न अपने घर का विस्तार कर पा रहे हैं और न ही अपनी जमीन का बेहतर उपयोग। अमर प्रताप सिंह ने NDZ को किसानों के अधिकारों का हनन बताया, जबकि शिवकुमार सिंह ठाकुर ने किसानों के साथ भेदभाव की बात कहते हुए आंदोलन को और व्यापक बनाने की चेतावनी दी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्थानीय युवाओं को रिफाइनरी में रोजगार देने का मुद्दा भी उठा, जिस पर नेताओं ने कहा कि फिलहाल NDZ उनका मुख्य विषय है, लेकिन भविष्य में रोजगार का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। इस आयोजन में सौरभ अचवल, इंदर सिंह ठाकुर, लोकेंद्र सिंह, अमर प्रताप सिंह, आशुतोष तिवारी, शिव कुमार सिंह, लक्ष्मण ठाकुर, कैलाश ठाकुर, जितेंद्र सिंह ठाकुर सहित कई किसान नेता, जनप्रतिनिधि और समाजसेवी मौजूद रहे।

2 hrs ago
user_RAJESH BABELE
RAJESH BABELE
Court reporter सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

बीना के चंद्रशेखर वार्ड में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, भारत-ओमान रिफाइनरी क्षेत्र में लागू नो डेवलपमेंट जोन (NDZ) को किसानों के लिए एक बड़ी मुसीबत और 'काला कानून' बताया गया। किसान नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने सरकार से NDZ नियम को तत्काल समाप्त करने की मांग की, चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आमजन के सहयोग से एक व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। इस दौरान, वक्ताओं ने NDZ को किसानों के हितों के विरुद्ध और अन्यायपूर्ण करार

दिया। सौरभ अचवल ने आरोप लगाया कि रिफाइनरी के 5 किलोमीटर दायरे में NDZ लागू होने से किसानों और आम नागरिकों के विकास पर रोक लग गई है, जबकि रिफाइनरी और अन्य कंपनियों के निर्माण कार्य निर्बाध रूप से जारी हैं। उन्होंने क्षेत्रीय विकास नियंत्रण समिति में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल न करने पर सवाल उठाते हुए इसे स्थानीय लोगों की आवाज दबाने जैसा बताया। पूर्व मंडी अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि NDZ नियम से 52 गांवों के

हजारों किसान और परिवार प्रभावित हो रहे हैं, और इस कानून को तुरंत खत्म करने की मांग की। पूर्व जनपद अध्यक्ष इंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि किसान इस दोहरी मार झेल रहे हैं, वे न अपने घर का विस्तार कर पा रहे हैं और न ही अपनी जमीन का बेहतर उपयोग। अमर प्रताप सिंह ने NDZ को किसानों के अधिकारों का हनन बताया, जबकि शिवकुमार सिंह ठाकुर ने किसानों के साथ भेदभाव की बात कहते हुए आंदोलन को

और व्यापक बनाने की चेतावनी दी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्थानीय युवाओं को रिफाइनरी में रोजगार देने का मुद्दा भी उठा, जिस पर नेताओं ने कहा कि फिलहाल NDZ उनका मुख्य विषय है, लेकिन भविष्य में रोजगार का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। इस आयोजन में सौरभ अचवल, इंदर सिंह ठाकुर, लोकेंद्र सिंह, अमर प्रताप सिंह, आशुतोष तिवारी, शिव कुमार सिंह, लक्ष्मण ठाकुर, कैलाश ठाकुर, जितेंद्र सिंह ठाकुर सहित कई किसान नेता, जनप्रतिनिधि और समाजसेवी मौजूद रहे।

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  • बीना (सागर) के जे.पी. थर्मल पावर प्लांट सिरचौंपी में पावर प्लांट के चेयरमेन गौतम अडाणी के जन्मदिवस के अवसर पर बुधवार, 24 जून 2026 को "रक्त-क्रांति रक्तदान शिविर-76" का सफल आयोजन किया गया। सरदार पटेल स्कूल के सभागार में आयोजित इस शिविर में कुल 305 रक्तदाताओं ने निस्वार्थ भाव से रक्तदान किया, जिससे 305 यूनिट रक्त संग्रहित हुआ। इस शिविर का आयोजन जेपी थर्मल पावर प्लांट प्रबंधन और अडाणी फाउंडेशन द्वारा सिविल अस्पताल बीना, जिला अस्पताल सागर, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर के डॉक्टरों व स्टाफ, स्वास्थ्य सेवा संगठन बीना, समन्वय मंडपम एवं अन्य समाजसेवी संगठनों के सहयोग से किया गया। शिविर का शुभारंभ वाइस प्रेसिडेंट बी के पांडा, पावर प्लांट स्टेशन प्रमुख हरीश पांडे, एचआर प्रमुख प्रवीण कुमार सिन्हा, जिला अस्पताल सागर के आपातकालीन चिकित्सा अधिकारी डॉ वीरेन्द्र सिंह ठाकुर, ब्लड बैंक प्रभारी डॉ महेश जैन, डॉ अतुल जैन और स्वास्थ्य सेवा संगठन अध्यक्ष मनीष सिंघई ने मां सरस्वती के पूजन व माल्यार्पण के साथ किया। रक्तदान काउंसलर प्रीती जैन, लैब टेक्नीशियन रवि बोथ, सहायक पुष्पा कोरी, कंपाउंडर राममणि, सत्यजीत ठाकुर, जसवंत डब्बू सेन सहित पैरामेडिकल स्टाफ ने रक्तदाताओं से रक्तदान करवाया। उल्लेखनीय है कि बीना में जून 2018 से हर माह की 1 तारीख को सिविल अस्पताल बीना में "रक्त-क्रांति" रक्तदान शिविर लगातार आयोजित किए जा रहे हैं। अब तक कुल 76 शिविरों में 2804 यूनिट से अधिक रक्त का रक्तदान किया जा चुका है। इसी अवसर पर आयोजित "रक्त-क्रांति सम्मान अलंकरण-66" कार्यक्रम में मनीष सिंघई को 106वीं बार रक्तदान करने के लिए "रक्त-क्रांति शतक रक्तवीर सम्मान" से सम्मानित किया गया, जबकि पावर प्लांट कर्मचारी आराधना शर्मा को "रक्त-वीरांगना" सम्मान प्रदान किया गया। डॉ वीरेन्द्र सिंह ठाकुर ने सिविल अस्पताल बीना की फीडिंग डेमोंस्ट्रेटर आरिफा बी को "उत्कृष्ट महिला सुरक्षा सम्मान", रक्तदाता कमल स्क्वायर को "उत्कृष्ट सुरक्षा सम्मान" और संस्कृत शिक्षक राहुल फुसकेले जैन को "उत्कृष्ट जीव-रक्षा सम्मान" प्रदान किए। जिला अस्पताल सागर एवं बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर द्वारा अडाणी फाउंडेशन जेपी पावर प्लांट सिरचौंपी बीना को "उत्कृष्ट समाजसेवा सम्मान" दिया गया, जिसे एचआर प्रमुख प्रवीण कुमार सिन्हा एवं कार्यक्रम समन्वयक पुष्पेन्द्र दांगी ठाकुर ने समस्त स्टाफ के साथ ग्रहण किया। शिविर में पावर प्लांट स्टेशन प्रमुख हरीश पांडे, मनीष सिंघई, आराधना शर्मा, राहुल फुसकेले जैन सहित अमित सरकारी, अरूण भास्कर, विवेक खरे, विशाल गौरव, राजा राजपूत, अमरपाल भारद्वाज, पुष्पेन्द्र दांगी, शुभम शुक्ला, कृष्णकांत मौर्या आदि 305 रक्तदाताओं ने अपना योगदान दिया। डॉ वीरेन्द्र सिंह ठाकुर ने सभी योग्य और सक्षम समाजसेवी जनों से अपील की कि वे अपने जन्मदिन, सालगिरह या खुशी के अवसरों पर रक्तदान शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों से रक्तदान करवाएं। उनका कहना था कि यह रक्त खून की कमी वाली गर्भवती माताओं और कुपोषित बच्चों को समय पर मिल सकेगा, जिससे उनकी जान बचाई जा सकेगी। कार्यक्रम के अंत में मानव प्रबंधन प्रमुख प्रवीण कुमार सिन्हा एवं पुष्पेन्द्र दांगी ने सभी राजनेताओं, कार्यकर्ताओं, समाजसेवियों, कर्मचारियों और रक्तदाताओं का हार्दिक आभार व्यक्त किया, "रक्त-क्रांति - सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित भविष्य" के संदेश के साथ।
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    बीना (सागर) के जे.पी. थर्मल पावर प्लांट सिरचौंपी में पावर प्लांट के चेयरमेन गौतम अडाणी के जन्मदिवस के अवसर पर बुधवार, 24 जून 2026 को "रक्त-क्रांति रक्तदान शिविर-76" का सफल आयोजन किया गया। सरदार पटेल स्कूल के सभागार में आयोजित इस शिविर में कुल 305 रक्तदाताओं ने निस्वार्थ भाव से रक्तदान किया, जिससे 305 यूनिट रक्त संग्रहित हुआ।

इस शिविर का आयोजन जेपी थर्मल पावर प्लांट प्रबंधन और अडाणी फाउंडेशन द्वारा सिविल अस्पताल बीना, जिला अस्पताल सागर, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर के डॉक्टरों व स्टाफ, स्वास्थ्य सेवा संगठन बीना, समन्वय मंडपम एवं अन्य समाजसेवी संगठनों के सहयोग से किया गया। शिविर का शुभारंभ वाइस प्रेसिडेंट बी के पांडा, पावर प्लांट स्टेशन प्रमुख हरीश पांडे, एचआर प्रमुख प्रवीण कुमार सिन्हा, जिला अस्पताल सागर के आपातकालीन चिकित्सा अधिकारी डॉ वीरेन्द्र सिंह ठाकुर, ब्लड बैंक प्रभारी डॉ महेश जैन, डॉ अतुल जैन और स्वास्थ्य सेवा संगठन अध्यक्ष मनीष सिंघई ने मां सरस्वती के पूजन व माल्यार्पण के साथ किया। रक्तदान काउंसलर प्रीती जैन, लैब टेक्नीशियन रवि बोथ, सहायक पुष्पा कोरी, कंपाउंडर राममणि, सत्यजीत ठाकुर, जसवंत डब्बू सेन सहित पैरामेडिकल स्टाफ ने रक्तदाताओं से रक्तदान करवाया।

उल्लेखनीय है कि बीना में जून 2018 से हर माह की 1 तारीख को सिविल अस्पताल बीना में "रक्त-क्रांति" रक्तदान शिविर लगातार आयोजित किए जा रहे हैं। अब तक कुल 76 शिविरों में 2804 यूनिट से अधिक रक्त का रक्तदान किया जा चुका है। इसी अवसर पर आयोजित "रक्त-क्रांति सम्मान अलंकरण-66" कार्यक्रम में मनीष सिंघई को 106वीं बार रक्तदान करने के लिए "रक्त-क्रांति शतक रक्तवीर सम्मान" से सम्मानित किया गया, जबकि पावर प्लांट कर्मचारी आराधना शर्मा को "रक्त-वीरांगना" सम्मान प्रदान किया गया। डॉ वीरेन्द्र सिंह ठाकुर ने सिविल अस्पताल बीना की फीडिंग डेमोंस्ट्रेटर आरिफा बी को "उत्कृष्ट महिला सुरक्षा सम्मान", रक्तदाता कमल स्क्वायर को "उत्कृष्ट सुरक्षा सम्मान" और संस्कृत शिक्षक राहुल फुसकेले जैन को "उत्कृष्ट जीव-रक्षा सम्मान" प्रदान किए। जिला अस्पताल सागर एवं बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर द्वारा अडाणी फाउंडेशन जेपी पावर प्लांट सिरचौंपी बीना को "उत्कृष्ट समाजसेवा सम्मान" दिया गया, जिसे एचआर प्रमुख प्रवीण कुमार सिन्हा एवं कार्यक्रम समन्वयक पुष्पेन्द्र दांगी ठाकुर ने समस्त स्टाफ के साथ ग्रहण किया।

शिविर में पावर प्लांट स्टेशन प्रमुख हरीश पांडे, मनीष सिंघई, आराधना शर्मा, राहुल फुसकेले जैन सहित अमित सरकारी, अरूण भास्कर, विवेक खरे, विशाल गौरव, राजा राजपूत, अमरपाल भारद्वाज, पुष्पेन्द्र दांगी, शुभम शुक्ला, कृष्णकांत मौर्या आदि 305 रक्तदाताओं ने अपना योगदान दिया। डॉ वीरेन्द्र सिंह ठाकुर ने सभी योग्य और सक्षम समाजसेवी जनों से अपील की कि वे अपने जन्मदिन, सालगिरह या खुशी के अवसरों पर रक्तदान शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों से रक्तदान करवाएं। उनका कहना था कि यह रक्त खून की कमी वाली गर्भवती माताओं और कुपोषित बच्चों को समय पर मिल सकेगा, जिससे उनकी जान बचाई जा सकेगी। कार्यक्रम के अंत में मानव प्रबंधन प्रमुख प्रवीण कुमार सिन्हा एवं पुष्पेन्द्र दांगी ने सभी राजनेताओं, कार्यकर्ताओं, समाजसेवियों, कर्मचारियों और रक्तदाताओं का हार्दिक आभार व्यक्त किया, "रक्त-क्रांति - सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित भविष्य" के संदेश के साथ।
    user_Rakesh sen
    Rakesh sen
    बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • बीना के बारधा गांव के पास शुक्रवार देर रात हुए एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जिसके बाद सिविल अस्पताल में परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर समय पर डॉक्टर उपलब्ध न होने और इलाज में घोर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए। जानकारी के अनुसार, आदर्श उर्फ सुल्तान कुर्मी (25) और माधव लोधी (30) बीना से बाजार कर अपने गांव लौट रहे थे। बारधा गांव के पास शराब दुकान के सामने सड़क किनारे खड़े दोनों युवकों को खुरई की ओर से आए एक तेज रफ्तार अज्ञात डंपर ने टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल बीना सिविल अस्पताल लाया गया, जहाँ इलाज के दौरान आदर्श की मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल माधव को सागर रेफर किया गया है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में ड्यूटी पर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था, और यदि समय पर इलाज मिलता तो आदर्श की जान बचाई जा सकती थी। इसी बात पर परिजन और ग्रामीण आक्रोशित होकर अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन करने लगे। स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब 108 एम्बुलेंस के आने में करीब डेढ़ घंटे की देरी का पता चला। नाराज भीड़ ने बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल के साथ अभद्रता की और उन पर हमला करने की कोशिश भी की, जिसके बाद डॉ. अग्रवाल को खुद को एक कमरे में बंद करना पड़ा। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अनूप यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और लोगों को समझाकर मामले को शांत कराया। कुछ देर बाद विधायक निर्मला सप्रे और भाजपा के अन्य पदाधिकारी भी अस्पताल पहुँचे, जहाँ उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया। विधायक सप्रे ने बीना के अस्पताल को केवल रेफर सेंटर बनकर रह जाने की आलोचना की और बताया कि क्षेत्र में 100 बिस्तरों वाला अस्पताल शुरू कराने के प्रयास जारी हैं। वहीं, बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने अपनी ओर से स्पष्ट किया कि घायल आदर्श की अस्पताल पहुँचने से पहले ही मौत हो चुकी थी। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात डंपर चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
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    बीना के बारधा गांव के पास शुक्रवार देर रात हुए एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जिसके बाद सिविल अस्पताल में परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर समय पर डॉक्टर उपलब्ध न होने और इलाज में घोर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए। जानकारी के अनुसार, आदर्श उर्फ सुल्तान कुर्मी (25) और माधव लोधी (30) बीना से बाजार कर अपने गांव लौट रहे थे। बारधा गांव के पास शराब दुकान के सामने सड़क किनारे खड़े दोनों युवकों को खुरई की ओर से आए एक तेज रफ्तार अज्ञात डंपर ने टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

घायलों को तत्काल बीना सिविल अस्पताल लाया गया, जहाँ इलाज के दौरान आदर्श की मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल माधव को सागर रेफर किया गया है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में ड्यूटी पर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था, और यदि समय पर इलाज मिलता तो आदर्श की जान बचाई जा सकती थी। इसी बात पर परिजन और ग्रामीण आक्रोशित होकर अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन करने लगे। स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब 108 एम्बुलेंस के आने में करीब डेढ़ घंटे की देरी का पता चला। नाराज भीड़ ने बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल के साथ अभद्रता की और उन पर हमला करने की कोशिश भी की, जिसके बाद डॉ. अग्रवाल को खुद को एक कमरे में बंद करना पड़ा।

सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अनूप यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और लोगों को समझाकर मामले को शांत कराया। कुछ देर बाद विधायक निर्मला सप्रे और भाजपा के अन्य पदाधिकारी भी अस्पताल पहुँचे, जहाँ उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया। विधायक सप्रे ने बीना के अस्पताल को केवल रेफर सेंटर बनकर रह जाने की आलोचना की और बताया कि क्षेत्र में 100 बिस्तरों वाला अस्पताल शुरू कराने के प्रयास जारी हैं। वहीं, बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने अपनी ओर से स्पष्ट किया कि घायल आदर्श की अस्पताल पहुँचने से पहले ही मौत हो चुकी थी।

पुलिस ने इस मामले में अज्ञात डंपर चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
    user_Mp news 24live
    Mp news 24live
    पत्रकार बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • सागर जिले के खिमलासा, बीना में मुहर्रम का पर्व पूरी श्रद्धा और शांति के साथ मनाया गया। हुसैन की शहादत की याद में यह पर्व गम और शोक (मातम) के साथ मनाया गया। इस दौरान सभी वार्डों से ताजिए मुख्य मार्गों से होते हुए नारायणी मंदिर के मुख्य चौराहे पर पहुंचे, जहाँ अखाड़ा प्रेमियों ने अपने हैरतअंगेज करतब पेश किए। इसके बाद सभी छोटे और बड़े ताजिए विसर्जन के लिए रवाना हुए। इस्लाम धर्म के हिजरी कैलेंडर का पहला महीना मुहर्रम, पैगंबर मुहम्मद साहब के नवासे (नाती) इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत की याद में मनाया जाता है, इसे खुशी का त्योहार नहीं माना जाता है। इतिहास के अनुसार, 680 ईस्वी में इराक के कर्बला में हुए युद्ध में इमाम हुसैन ने अत्याचारी शासक यजीद की सत्ता को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। सत्य और न्याय के लिए इमाम हुसैन और उनके 72 समर्थकों ने यजीद की विशाल सेना का डटकर मुकाबला किया और शहीद हो गए, लेकिन उन्होंने जालिम के सामने घुटने नहीं टेके। खिमलासा, बीना, में सभी समुदाय आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाने के लिए जाने जाते हैं, जहाँ हर व्यक्ति अन्य समाज और धर्म का सम्मान करता है, जिससे शांति और सौहार्द की मिसाल कायम रहती है। इस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में खिमलासा थाना प्रभारी राधेश्याम पटेल और पुलिस प्रशासन के सभी अधिकारियों की सराहनीय भूमिका रही।
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    सागर जिले के खिमलासा, बीना में मुहर्रम का पर्व पूरी श्रद्धा और शांति के साथ मनाया गया। हुसैन की शहादत की याद में यह पर्व गम और शोक (मातम) के साथ मनाया गया। इस दौरान सभी वार्डों से ताजिए मुख्य मार्गों से होते हुए नारायणी मंदिर के मुख्य चौराहे पर पहुंचे, जहाँ अखाड़ा प्रेमियों ने अपने हैरतअंगेज करतब पेश किए। इसके बाद सभी छोटे और बड़े ताजिए विसर्जन के लिए रवाना हुए।

इस्लाम धर्म के हिजरी कैलेंडर का पहला महीना मुहर्रम, पैगंबर मुहम्मद साहब के नवासे (नाती) इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत की याद में मनाया जाता है, इसे खुशी का त्योहार नहीं माना जाता है। इतिहास के अनुसार, 680 ईस्वी में इराक के कर्बला में हुए युद्ध में इमाम हुसैन ने अत्याचारी शासक यजीद की सत्ता को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। सत्य और न्याय के लिए इमाम हुसैन और उनके 72 समर्थकों ने यजीद की विशाल सेना का डटकर मुकाबला किया और शहीद हो गए, लेकिन उन्होंने जालिम के सामने घुटने नहीं टेके।

खिमलासा, बीना, में सभी समुदाय आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाने के लिए जाने जाते हैं, जहाँ हर व्यक्ति अन्य समाज और धर्म का सम्मान करता है, जिससे शांति और सौहार्द की मिसाल कायम रहती है। इस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में खिमलासा थाना प्रभारी राधेश्याम पटेल और पुलिस प्रशासन के सभी अधिकारियों की सराहनीय भूमिका रही।
    user_हरिकृष्ण सोनी
    हरिकृष्ण सोनी
    पत्रकार बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • मध्य प्रदेश में मौसम ने आफत का रूप ले लिया है, जहां तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचाई है। इस भीषण प्राकृतिक आपदा में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। इन घटनाओं में कई लोग घायल भी हुए हैं, वहीं राज्य के कई जिलों में जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है।
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    मध्य प्रदेश में मौसम ने आफत का रूप ले लिया है, जहां तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचाई है। इस भीषण प्राकृतिक आपदा में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। इन घटनाओं में कई लोग घायल भी हुए हैं, वहीं राज्य के कई जिलों में जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है।
    user_KHABAR WITH KK
    KHABAR WITH KK
    Local News Reporter सिलवानी, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • उपयोगकर्ता ने अपनी एक नई पोस्ट साझा की है और अपने सभी दोस्तों से अपील की है कि वे इसे लाइक करें और उन्हें फॉलो करें। पोस्ट में इस अनुरोध को बार-बार दोहराया गया है।
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    उपयोगकर्ता ने अपनी एक नई पोस्ट साझा की है और अपने सभी दोस्तों से अपील की है कि वे इसे लाइक करें और उन्हें फॉलो करें। पोस्ट में इस अनुरोध को बार-बार दोहराया गया है।
    user_Monu chandel
    Monu chandel
    ट्योंडा, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • बीना के चंद्रशेखर वार्ड में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, भारत-ओमान रिफाइनरी क्षेत्र में लागू नो डेवलपमेंट जोन (NDZ) को किसानों के लिए एक बड़ी मुसीबत और 'काला कानून' बताया गया। किसान नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने सरकार से NDZ नियम को तत्काल समाप्त करने की मांग की, चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आमजन के सहयोग से एक व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। इस दौरान, वक्ताओं ने NDZ को किसानों के हितों के विरुद्ध और अन्यायपूर्ण करार दिया। सौरभ अचवल ने आरोप लगाया कि रिफाइनरी के 5 किलोमीटर दायरे में NDZ लागू होने से किसानों और आम नागरिकों के विकास पर रोक लग गई है, जबकि रिफाइनरी और अन्य कंपनियों के निर्माण कार्य निर्बाध रूप से जारी हैं। उन्होंने क्षेत्रीय विकास नियंत्रण समिति में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल न करने पर सवाल उठाते हुए इसे स्थानीय लोगों की आवाज दबाने जैसा बताया। पूर्व मंडी अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि NDZ नियम से 52 गांवों के हजारों किसान और परिवार प्रभावित हो रहे हैं, और इस कानून को तुरंत खत्म करने की मांग की। पूर्व जनपद अध्यक्ष इंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि किसान इस दोहरी मार झेल रहे हैं, वे न अपने घर का विस्तार कर पा रहे हैं और न ही अपनी जमीन का बेहतर उपयोग। अमर प्रताप सिंह ने NDZ को किसानों के अधिकारों का हनन बताया, जबकि शिवकुमार सिंह ठाकुर ने किसानों के साथ भेदभाव की बात कहते हुए आंदोलन को और व्यापक बनाने की चेतावनी दी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्थानीय युवाओं को रिफाइनरी में रोजगार देने का मुद्दा भी उठा, जिस पर नेताओं ने कहा कि फिलहाल NDZ उनका मुख्य विषय है, लेकिन भविष्य में रोजगार का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। इस आयोजन में सौरभ अचवल, इंदर सिंह ठाकुर, लोकेंद्र सिंह, अमर प्रताप सिंह, आशुतोष तिवारी, शिव कुमार सिंह, लक्ष्मण ठाकुर, कैलाश ठाकुर, जितेंद्र सिंह ठाकुर सहित कई किसान नेता, जनप्रतिनिधि और समाजसेवी मौजूद रहे।
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    बीना के चंद्रशेखर वार्ड में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, भारत-ओमान रिफाइनरी क्षेत्र में लागू नो डेवलपमेंट जोन (NDZ) को किसानों के लिए एक बड़ी मुसीबत और 'काला कानून' बताया गया। किसान नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने सरकार से NDZ नियम को तत्काल समाप्त करने की मांग की, चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आमजन के सहयोग से एक व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।

इस दौरान, वक्ताओं ने NDZ को किसानों के हितों के विरुद्ध और अन्यायपूर्ण करार दिया। सौरभ अचवल ने आरोप लगाया कि रिफाइनरी के 5 किलोमीटर दायरे में NDZ लागू होने से किसानों और आम नागरिकों के विकास पर रोक लग गई है, जबकि रिफाइनरी और अन्य कंपनियों के निर्माण कार्य निर्बाध रूप से जारी हैं। उन्होंने क्षेत्रीय विकास नियंत्रण समिति में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल न करने पर सवाल उठाते हुए इसे स्थानीय लोगों की आवाज दबाने जैसा बताया।

पूर्व मंडी अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि NDZ नियम से 52 गांवों के हजारों किसान और परिवार प्रभावित हो रहे हैं, और इस कानून को तुरंत खत्म करने की मांग की। पूर्व जनपद अध्यक्ष इंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि किसान इस दोहरी मार झेल रहे हैं, वे न अपने घर का विस्तार कर पा रहे हैं और न ही अपनी जमीन का बेहतर उपयोग। अमर प्रताप सिंह ने NDZ को किसानों के अधिकारों का हनन बताया, जबकि शिवकुमार सिंह ठाकुर ने किसानों के साथ भेदभाव की बात कहते हुए आंदोलन को और व्यापक बनाने की चेतावनी दी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्थानीय युवाओं को रिफाइनरी में रोजगार देने का मुद्दा भी उठा, जिस पर नेताओं ने कहा कि फिलहाल NDZ उनका मुख्य विषय है, लेकिन भविष्य में रोजगार का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। इस आयोजन में सौरभ अचवल, इंदर सिंह ठाकुर, लोकेंद्र सिंह, अमर प्रताप सिंह, आशुतोष तिवारी, शिव कुमार सिंह, लक्ष्मण ठाकुर, कैलाश ठाकुर, जितेंद्र सिंह ठाकुर सहित कई किसान नेता, जनप्रतिनिधि और समाजसेवी मौजूद रहे।
    user_RAJESH BABELE
    RAJESH BABELE
    Court reporter सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • भोपाल में हुई पहली ही बारिश ने शहर की सड़कों की व्यवस्था की पोल खोल दी है। शिव नगर के वार्ड 73 में मात्र आधे घंटे की बारिश से गलियाँ तालाब में तब्दील हो गईं, जिससे नगर निगम के सभी दावे पानी में बह गए। अब देखना यह होगा कि आगे क्या होता है।
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    भोपाल में हुई पहली ही बारिश ने शहर की सड़कों की व्यवस्था की पोल खोल दी है। शिव नगर के वार्ड 73 में मात्र आधे घंटे की बारिश से गलियाँ तालाब में तब्दील हो गईं, जिससे नगर निगम के सभी दावे पानी में बह गए। अब देखना यह होगा कि आगे क्या होता है।
    user_KHABAR WITH KK
    KHABAR WITH KK
    Local News Reporter सिलवानी, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • बीना सिरचौंपी स्थित जेपी थर्मल पावर प्लांट में गौतम अडाणी के जन्मदिवस के अवसर पर एक विशाल रक्तदान शिविर 'रक्त-क्रांति रक्तदान शिविर-76' का आयोजन किया गया। इस शिविर में 305 रक्तदाताओं ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश की, जिससे कुल 305 यूनिट रक्त का संग्रह हुआ। यह शिविर जेपी थर्मल पावर प्लांट प्रबंधन और अडाणी फाउंडेशन द्वारा सिविल अस्पताल बीना, जिला अस्पताल सागर, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर, स्वास्थ्य सेवा संगठन बीना एवं अन्य सामाजिक संगठनों के सहयोग से सरदार पटेल स्कूल के सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वाइस प्रेसिडेंट बी.के. पांडा, स्टेशन प्रमुख हरीश पांडे, एचआर प्रमुख प्रवीण कुमार सिन्हा, डॉ. वीरेन्द्र सिंह ठाकुर, डॉ. महेश जैन, डॉ. अतुल जैन और स्वास्थ्य सेवा संगठन के अध्यक्ष मनीष सिंघई ने मां सरस्वती के पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। आयोजकों ने जानकारी दी कि जून 2018 से शुरू हुए 'रक्त-क्रांति' अभियान के तहत अब तक कुल 76 रक्तदान शिविर आयोजित किए जा चुके हैं, जिनसे 2804 यूनिट से अधिक रक्त संग्रह किया जा चुका है। इस अवसर पर स्वास्थ्य सेवा संगठन के अध्यक्ष मनीष सिंघई को उनके 106वें रक्तदान के लिए 'रक्त-क्रांति शतक रक्तवीर सम्मान' से सम्मानित किया गया, जबकि आराधना शर्मा को 'रक्त-वीरांगना सम्मान' प्रदान किया गया। इनके अलावा, कई अन्य रक्तदाताओं और समाजसेवियों को भी उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। डॉ. वीरेन्द्र सिंह ठाकुर ने रक्तदान को 'महादान' बताते हुए समाज के सक्षम लोगों से अपने जन्मदिन, सालगिरह और खुशी के अन्य अवसरों पर रक्तदान शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। यह महाअभियान एक बार फिर इस बात को साबित करता है कि इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं है, और जरूरतमंदों की जिंदगी बचाने का यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणा एवं सेवा का संदेश दे रहा है।
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    बीना सिरचौंपी स्थित जेपी थर्मल पावर प्लांट में गौतम अडाणी के जन्मदिवस के अवसर पर एक विशाल रक्तदान शिविर 'रक्त-क्रांति रक्तदान शिविर-76' का आयोजन किया गया। इस शिविर में 305 रक्तदाताओं ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश की, जिससे कुल 305 यूनिट रक्त का संग्रह हुआ।

यह शिविर जेपी थर्मल पावर प्लांट प्रबंधन और अडाणी फाउंडेशन द्वारा सिविल अस्पताल बीना, जिला अस्पताल सागर, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर, स्वास्थ्य सेवा संगठन बीना एवं अन्य सामाजिक संगठनों के सहयोग से सरदार पटेल स्कूल के सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वाइस प्रेसिडेंट बी.के. पांडा, स्टेशन प्रमुख हरीश पांडे, एचआर प्रमुख प्रवीण कुमार सिन्हा, डॉ. वीरेन्द्र सिंह ठाकुर, डॉ. महेश जैन, डॉ. अतुल जैन और स्वास्थ्य सेवा संगठन के अध्यक्ष मनीष सिंघई ने मां सरस्वती के पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। आयोजकों ने जानकारी दी कि जून 2018 से शुरू हुए 'रक्त-क्रांति' अभियान के तहत अब तक कुल 76 रक्तदान शिविर आयोजित किए जा चुके हैं, जिनसे 2804 यूनिट से अधिक रक्त संग्रह किया जा चुका है।

इस अवसर पर स्वास्थ्य सेवा संगठन के अध्यक्ष मनीष सिंघई को उनके 106वें रक्तदान के लिए 'रक्त-क्रांति शतक रक्तवीर सम्मान' से सम्मानित किया गया, जबकि आराधना शर्मा को 'रक्त-वीरांगना सम्मान' प्रदान किया गया। इनके अलावा, कई अन्य रक्तदाताओं और समाजसेवियों को भी उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। डॉ. वीरेन्द्र सिंह ठाकुर ने रक्तदान को 'महादान' बताते हुए समाज के सक्षम लोगों से अपने जन्मदिन, सालगिरह और खुशी के अन्य अवसरों पर रक्तदान शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।

यह महाअभियान एक बार फिर इस बात को साबित करता है कि इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं है, और जरूरतमंदों की जिंदगी बचाने का यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणा एवं सेवा का संदेश दे रहा है।
    user_Mp news 24live
    Mp news 24live
    पत्रकार बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • छतरपुर जिले में कुटनी डैम के पास एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर लगभग 20 फीट गहरी खाई में जा पलटी। इस हादसे में कार में सवार एक बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई, वहीं गाड़ी में मौजूद अन्य व्यक्तियों को भी चोटें आई हैं। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय नागरिक और पुलिस तुरंत मौके पर पहुँचे। राहत और बचाव कार्य चलाकर घायल हुए लोगों को खाई से बाहर निकाला गया और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने हादसे के कारणों की जाँच शुरू कर दी है।
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    छतरपुर जिले में कुटनी डैम के पास एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर लगभग 20 फीट गहरी खाई में जा पलटी। इस हादसे में कार में सवार एक बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई, वहीं गाड़ी में मौजूद अन्य व्यक्तियों को भी चोटें आई हैं।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय नागरिक और पुलिस तुरंत मौके पर पहुँचे। राहत और बचाव कार्य चलाकर घायल हुए लोगों को खाई से बाहर निकाला गया और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने हादसे के कारणों की जाँच शुरू कर दी है।
    user_Bhupendra Rai दबंग इंडिया
    Bhupendra Rai दबंग इंडिया
    Journalist दन्यांतिनगर, दमोह, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
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