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मध्य प्रदेश में मौसम ने आफत का रूप ले लिया है, जहां तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचाई है। इस भीषण प्राकृतिक आपदा में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। इन घटनाओं में कई लोग घायल भी हुए हैं, वहीं राज्य के कई जिलों में जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है।
KHABAR WITH KK
मध्य प्रदेश में मौसम ने आफत का रूप ले लिया है, जहां तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचाई है। इस भीषण प्राकृतिक आपदा में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। इन घटनाओं में कई लोग घायल भी हुए हैं, वहीं राज्य के कई जिलों में जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- गाडरवारा में राष्ट्रवादी किसान आर्मी के तत्वावधान में एक विशाल किसान जनक्रांति आंदोलन का शुभारंभ हो गया है।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के साईं खेड़ा नगर में अखाड़े वाले बाबा का एक महत्वपूर्ण दरबार स्थापित है, जिसका निर्माण इनायत चाचा ने करवाया था। यह स्थान भक्तों के लिए आस्था का केंद्र है। इनायत चाचा के निधन के बाद, उनके बच्चे जो मध्य प्रदेश के परासिया से आते हैं, इस दरबार में सेवा दे रहे हैं। मोहर्रम के अवसर पर इस दरबार में कौमी एकता की एक बेहतरीन मिसाल देखने को मिली, जहाँ इनायत चाचा को विशेष रूप से याद किया गया। इस दौरान, दरबार में उनके बेटों और बाबा को मानने वाले श्रद्धालुओं से भी चर्चा की गई। यह मान्यता है कि अखाड़े वाले बाबा के इस दरबार में आने वालों की मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।1
- उपयोगकर्ता ने अपनी एक नई पोस्ट साझा की है और अपने सभी दोस्तों से अपील की है कि वे इसे लाइक करें और उन्हें फॉलो करें। पोस्ट में इस अनुरोध को बार-बार दोहराया गया है।1
- Post by User32131
- विदिशा में मोहर्रम की दसवीं तारीख पर शुक्रवार को बाबड़ी वाले बाबा सहित विभिन्न सवारियाँ पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ कर्बला के लिए रवाना होंगी। इस अवसर पर, बाबड़ी वाले बाबा की सवारी सांप्रदायिक सौहार्द की एक अनूठी मिसाल पेश करेगी, क्योंकि वर्षों से एक हिंदू कुशवाहा परिवार इसकी सेवा करता आ रहा है। बड़े बाजार स्थित बाबड़ी वाले बाबा की मजार लोगों की आस्था का एक प्रमुख केंद्र है, जिसके ठीक सामने बजरंगबली मंदिर है। यहाँ दोनों धर्मों के लोग बिना किसी भेदभाव के अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं, जो विदिशा की गंगा-जमुनी तहजीब को दर्शाता है। कुशवाहा परिवार के अनुसार, उनके पूर्वजों ने बाबा की सेवा शुरू की थी और अब परिवार की पाँचवीं पीढ़ी इस परंपरा को निभा रही है। हर साल परिवार के सबसे वरिष्ठ सदस्य के सिर पर बाबा की सवारी उठाई जाती है, और फूलों तथा पारंपरिक सजावट से सजी इस सवारी को देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुँचते हैं। परिवार का कहना है कि इस आयोजन के लिए किसी भी तरह का चंदा नहीं लिया जाता है, बल्कि पूरी व्यवस्था परिवार द्वारा स्वयं की जाती है। श्रद्धालु अपनी इच्छा से सेवा और भंडारे में सहयोग करते हैं। इस साल भी सवारी के लिए मुंबई से पारंपरिक ढोल और दिल्ली से सेहरा मंगवाया गया है। परिवार के सदस्य रोहित कुशवाहा ने बताया कि यह सवारी अब केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि विदिशा की पहचान बन चुकी है, जिसमें हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय समान रूप से भाग लेते हैं। स्थानीय निवासी विनोद कुमार सोनी के अनुसार, यह परंपरा दशकों से बिना किसी रुकावट के चली आ रही है और आज भी सामाजिक एकता व भाईचारे का संदेश देती है।4
- Sagar tu udsha rod and light pink color mein background photo Sagar tu udsha4
- मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, “एक्सप्रेस” की एक रिपोर्ट का “ग्लोबल” असर सियासत में “गज़ब है भैया!” वाली स्थिति पैदा कर चुका है। मुख्यमंत्री पर सवाल उठने के बाद, आरोपों से बचने के लिए “सनातन” को ढाल बना लिया गया है।1
- https://youtu.be/2mo9WsWc7k0?si=8Amqz9Ut2ngevNlg #Narsinghpur भरत कौरव व ठेकेदार के बीच हुई बातचीत की कहानी,दोनों की जुबानी का मामला पहुंचा SP तक1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले की साईं खेड़ा परिषद में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा सौगात के रूप में दिए गए अंबेडकर भवन को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। पंद्रह साल से भी अधिक समय बीत जाने के बावजूद, यह अंबेडकर भवन अब तक दलित समाज को नहीं सौंपा गया है। इसे देखते हुए, दलितों को यह भवन तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की गई है, और इस मामले पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा क्षेत्रीय विधायक मंत्री से ध्यान देने की अपील की गई है।1