विदिशा में मोहर्रम की दसवीं तारीख पर शुक्रवार को बाबड़ी वाले बाबा सहित विभिन्न सवारियाँ पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ कर्बला के लिए रवाना होंगी। इस अवसर पर, बाबड़ी वाले बाबा की सवारी सांप्रदायिक सौहार्द की एक अनूठी मिसाल पेश करेगी, क्योंकि वर्षों से एक हिंदू कुशवाहा परिवार इसकी सेवा करता आ रहा है। बड़े बाजार स्थित बाबड़ी वाले बाबा की मजार लोगों की आस्था का एक प्रमुख केंद्र है, जिसके ठीक सामने बजरंगबली मंदिर है। यहाँ दोनों धर्मों के लोग बिना किसी भेदभाव के अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं, जो विदिशा की गंगा-जमुनी तहजीब को दर्शाता है। कुशवाहा परिवार के अनुसार, उनके पूर्वजों ने बाबा की सेवा शुरू की थी और अब परिवार की पाँचवीं पीढ़ी इस परंपरा को निभा रही है। हर साल परिवार के सबसे वरिष्ठ सदस्य के सिर पर बाबा की सवारी उठाई जाती है, और फूलों तथा पारंपरिक सजावट से सजी इस सवारी को देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुँचते हैं। परिवार का कहना है कि इस आयोजन के लिए किसी भी तरह का चंदा नहीं लिया जाता है, बल्कि पूरी व्यवस्था परिवार द्वारा स्वयं की जाती है। श्रद्धालु अपनी इच्छा से सेवा और भंडारे में सहयोग करते हैं। इस साल भी सवारी के लिए मुंबई से पारंपरिक ढोल और दिल्ली से सेहरा मंगवाया गया है। परिवार के सदस्य रोहित कुशवाहा ने बताया कि यह सवारी अब केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि विदिशा की पहचान बन चुकी है, जिसमें हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय समान रूप से भाग लेते हैं। स्थानीय निवासी विनोद कुमार सोनी के अनुसार, यह परंपरा दशकों से बिना किसी रुकावट के चली आ रही है और आज भी सामाजिक एकता व भाईचारे का संदेश देती है।
विदिशा में मोहर्रम की दसवीं तारीख पर शुक्रवार को बाबड़ी वाले बाबा सहित विभिन्न सवारियाँ पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ कर्बला के लिए रवाना होंगी। इस अवसर पर, बाबड़ी वाले बाबा की सवारी सांप्रदायिक सौहार्द की एक अनूठी मिसाल पेश करेगी, क्योंकि वर्षों से एक हिंदू कुशवाहा परिवार इसकी सेवा करता आ रहा है। बड़े बाजार स्थित बाबड़ी वाले बाबा की मजार लोगों की आस्था का एक प्रमुख केंद्र है,
जिसके ठीक सामने बजरंगबली मंदिर है। यहाँ दोनों धर्मों के लोग बिना किसी भेदभाव के अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं, जो विदिशा की गंगा-जमुनी तहजीब को दर्शाता है। कुशवाहा परिवार के अनुसार, उनके पूर्वजों ने बाबा की सेवा शुरू की थी और अब परिवार की पाँचवीं पीढ़ी इस परंपरा को निभा रही है। हर साल परिवार के सबसे वरिष्ठ सदस्य के सिर पर बाबा की सवारी उठाई जाती है,
और फूलों तथा पारंपरिक सजावट से सजी इस सवारी को देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुँचते हैं। परिवार का कहना है कि इस आयोजन के लिए किसी भी तरह का चंदा नहीं लिया जाता है, बल्कि पूरी व्यवस्था परिवार द्वारा स्वयं की जाती है। श्रद्धालु अपनी इच्छा से सेवा और भंडारे में सहयोग करते हैं। इस साल भी सवारी के लिए मुंबई से पारंपरिक ढोल और दिल्ली से सेहरा
मंगवाया गया है। परिवार के सदस्य रोहित कुशवाहा ने बताया कि यह सवारी अब केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि विदिशा की पहचान बन चुकी है, जिसमें हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय समान रूप से भाग लेते हैं। स्थानीय निवासी विनोद कुमार सोनी के अनुसार, यह परंपरा दशकों से बिना किसी रुकावट के चली आ रही है और आज भी सामाजिक एकता व भाईचारे का संदेश देती है।
- विदिशा में मोहर्रम की दसवीं तारीख पर शुक्रवार को बाबड़ी वाले बाबा सहित विभिन्न सवारियाँ पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ कर्बला के लिए रवाना होंगी। इस अवसर पर, बाबड़ी वाले बाबा की सवारी सांप्रदायिक सौहार्द की एक अनूठी मिसाल पेश करेगी, क्योंकि वर्षों से एक हिंदू कुशवाहा परिवार इसकी सेवा करता आ रहा है। बड़े बाजार स्थित बाबड़ी वाले बाबा की मजार लोगों की आस्था का एक प्रमुख केंद्र है, जिसके ठीक सामने बजरंगबली मंदिर है। यहाँ दोनों धर्मों के लोग बिना किसी भेदभाव के अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं, जो विदिशा की गंगा-जमुनी तहजीब को दर्शाता है। कुशवाहा परिवार के अनुसार, उनके पूर्वजों ने बाबा की सेवा शुरू की थी और अब परिवार की पाँचवीं पीढ़ी इस परंपरा को निभा रही है। हर साल परिवार के सबसे वरिष्ठ सदस्य के सिर पर बाबा की सवारी उठाई जाती है, और फूलों तथा पारंपरिक सजावट से सजी इस सवारी को देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुँचते हैं। परिवार का कहना है कि इस आयोजन के लिए किसी भी तरह का चंदा नहीं लिया जाता है, बल्कि पूरी व्यवस्था परिवार द्वारा स्वयं की जाती है। श्रद्धालु अपनी इच्छा से सेवा और भंडारे में सहयोग करते हैं। इस साल भी सवारी के लिए मुंबई से पारंपरिक ढोल और दिल्ली से सेहरा मंगवाया गया है। परिवार के सदस्य रोहित कुशवाहा ने बताया कि यह सवारी अब केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि विदिशा की पहचान बन चुकी है, जिसमें हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय समान रूप से भाग लेते हैं। स्थानीय निवासी विनोद कुमार सोनी के अनुसार, यह परंपरा दशकों से बिना किसी रुकावट के चली आ रही है और आज भी सामाजिक एकता व भाईचारे का संदेश देती है।4
- विदिशा के लवकुश नगर में एक शादी समारोह के दौरान हुई हर्ष फायरिंग ने खुशियों को मातम में बदल दिया। इस दर्दनाक घटना में रायसेन के 35 वर्षीय किराना व्यापारी राकेश सेन की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई। राकेश अपने भांजे की शादी में शामिल होने के लिए विदिशा आए थे। जश्न के बीच देसी कट्टे से चली गोली सीधे उन्हें जा लगी। इस मामले की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस ने मृतक के भांजे 'अन्नी' को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अब हथियार की वैधता की जांच की जा रही है। मृतक राकेश सेन अपने पीछे पत्नी और दो बेटियों को छोड़ गए हैं, जिससे शादी की खुशियां पूरी तरह से मातम में तब्दील हो गईं।1
- 'सेफ क्लिक' अभियान के तहत, पुलिस ने मुशकाबाद स्थित इंदिरा आवास आंगनबाड़ी केंद्र पर महिलाओं और किशोरियों को जागरूक किया।1
- रायसेन जिले के बरेली में किन्नरों के दो गुटों के बीच हुए विवाद के बाद एक गुट की मुखिया बॉबी नायक ने अपने साथियों के साथ रायसेन पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता से मुलाकात की। इसके बाद, बॉबी नायक गुट ने दूसरे राधिका गुट द्वारा परेशान करने और अपने कार्यक्षेत्र में 'मांगने खाने' से रोकने का आरोप लगाते हुए एक ज्ञापन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक नायक को सौंपा। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने इस मामले में किसी के साथ भी अन्याय नहीं होने देने का आश्वासन दिया है। बॉबी किन्नर और राधिका किन्नर गुटों के बीच यह विवाद 'मांगने खाने' को लेकर इतना बढ़ गया था कि मामला बरेली थाने तक पहुँच गया, जहाँ दोनों गुट अपने-अपने कार्यक्षेत्र का दावा कर रहे थे। बॉबी नायक ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि राधिका किन्नर और उसके साथी उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं और उनके क्षेत्र में 'मांगने खाने' से रोक रहे हैं। उन्होंने बरेली पुलिस पर भी राधिका किन्नर की मदद करने और एकतरफा कार्रवाई करते हुए उनके गुट को रोकने का गंभीर आरोप लगाया, जिसके कारण उनके साथ अन्याय हो रहा है। बॉबी नायक का दावा है कि उनकी नियुक्ति पूरे नियम-कानून के तहत हुई है, जिसकी सूचना थाना प्रभारी बरेली, एसडीएम बरेली और एसडीओपी बरेली को पहले ही दी जा चुकी थी। उन्होंने न्याय न मिलने पर आत्महत्या करने तक की बात कही। इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक नायक ने बताया कि बॉबी नायक गुट ने उनसे मुलाकात कर एक आवेदन दिया है। उन्होंने थाना प्रभारी बरेली को मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने आगे कहा कि बहुत जल्द दोनों गुटों के सरदारों को बुलाकर आपसी सहमति से राजीनामा कराया जाएगा।3
- एक बयान में दृढ़ता से कहा गया है कि यदि उनकी बेटी दोषी है, तो उसे भी दंडित किया जाना चाहिए। बयान देने वाले ने 'लोहा वाले' नामक शक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि उनकी बेटी वाकई कसूरवार है, तो वे उसे भी जाकर 'गिरा दें'।1
- उपयोगकर्ता ने अपनी एक नई पोस्ट साझा की है और अपने सभी दोस्तों से अपील की है कि वे इसे लाइक करें और उन्हें फॉलो करें। पोस्ट में इस अनुरोध को बार-बार दोहराया गया है।1
- भोपाल से लगे हुए बेरसिया विधानसभा क्षेत्र के लम्बाखेड़ा, शुभ सिटी और शारदा नगर इलाकों में वर्षा के पहले दिन की शुरुआत भारी बारिश के साथ हुई। इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन संगठन की तरफ से सभी किसानों को शुभकामनाएँ दी गईं। यह जानकारी एलएसबी/केएसबी लाइव न्यूज़ भोपाल से सिद्धार्थ बुंदेला की आवाज़ और छात्रसाल बुंदेला की कलम क्रांति के माध्यम से दी गई है।1
- एक उपयोगकर्ता ने अपनी नई पोस्ट साझा की है और अपने दोस्तों से इसे लाइक करने का अनुरोध किया है। उन्होंने इस नई पोस्ट को पसंद करने के लिए विशेष रूप से आग्रह किया है।1